भगत….. बाबा प्रणाम देवास में शराब करने पूरे प्रदेश में हमारा नाम खराब कर दिया।
बाबा….. सही कह रहा है तू इतने लोगों की मौत के बाद भी इन लोगों को शर्म नहीं आई ।चले जाते अगर उनके घर पर और घुटने भी टेक देते तो हम किसी के घर जब दुख आता है तो सारी बात सुन लेते हैं ।तो यह अफसर शाह और सरकार क्यों नहीं सुनती क्यों अहंकार में चूर थी आखिर वही हुआ हो गई इज्जत दो अन्नी की।
भगत…. कलेक्टर ऋतु राज जो ऋतु के अनुसार बदलते थे उनका तबादला तो ठीक है एसपी था किसी को हजम नहीं हो रहा है।
बाबा… वैसे भी कलेक्टर ऋतुराज सिंह वर्क फ्रॉम होम वाले थे। जनसुनवाई में देख लो कितनी जनसुनवाई में यह नजर तक नहीं आए डिप्टी कलेक्टर ए डी एमऔर अन्य अधिकारी ही जनसुनवाई लेते थे मुख्यमंत्री का जन विश्वास भी इन्होंने औपचारिक आसपास ही मना लिया । और जिले के कई मुद्दे हैं फिर खुला खाता था बाकी सब जनता जानती है पटाखे कांड से बच गए । क्योंकि बिहार के मजदूर का कोई आवाज उठाने वाला नहीं और भगवान का तो न्याय है वर्क फ्रॉम होम के आदि छुट्टी पर गए थे और ईश्वर ने सीधा छुट्टी पर पहुंचा दिया लूप लाइन मे । रे कलेक्टर भगवान ने अवसर दिया था कुछ अच्छा देवास में कर जाने का लेकिन थोड़ा बहुत छोड़ दे तो कुछ खास नहीं कर गए परंतु खास कर गए वह है पुलिस विभाग के पुनीत गहलोत जो कहेंगे गेहूं के साथ धुन की तरह पीस गए।
परंतु एस पी पुनीत गहलोत एक अलग व्यक्तित्व थे जिनके जाने के बाद सबको झटका लगा पुलिस विभाग में ऐसे अधिकारी बहुत कम आते जो अपने अधीनस्थ के अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित करने के साथ दिन-रात जमीन पर मेहनत करते अपराध कम करने के साथ आम जनता को जागरूक सजक सतर्क करने और तीसरे नेत्र सीसीटीवी का सही उपयोग से लेकर इतना सारा उनके लिए लिखने को है कि प्रदेश में ऐसे अधिकारी का सम्मान होना चाहिए जो कि उनके साथ उनका भी निपटा दिया। प मुख्यमंत्री ने कम से कम इनका एक दो महीने बाद या पहले ही स्थानांतरण कर देना था ऐसा जहरीली शराब का बोझ कम से कम उनके लायक तो नहीं है एसपी पुनीत गहलोत हम तो आपकी कार्यप्रणाली से पूर्ण रूप से सलूट करते हैं और कहेंगे ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना और फिर तुमको एक बार और मौका जरूर मिलेगा यहां नहीं तो और कहीं सही इससे भी अच्छा कार्य करोगे।
भगत….. कांग्रेस जिला अध्यक्ष शहर अध्यक्ष भारी पड़े।
बाबा….. पहली बार सरकार को झुकना पड़ा जो प्रशासन यह मानने को तैयार नहीं था कि जहरीली शराब है या शराब के कारण मौत हुई है। केवल अपने जमीन आंदोलन के कारण सच सामने आ गया और झूठ को झुकना पड़ा। दोनों ही नेता मनीष चौधरी और प्रयास गौतम का वैसे तो पहले से ही प्रयास पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को जोड़ने का है और सच के लिए लड़ने का है लेकिन मौका अच्छा मिला सबसे बड़ी बात यह सब पूर्व विधायक स्वर्गीय राजेंद्र सिंह बघेल की पुण्यतिथि पर हुआ ।वह भी दबंग बेदाग और सच का साथ देने वाले नेता थे। राजपूत धर्मशाला मैं उनकी कड़ी मेहनत रही है। और देखिए उसी दिन केंद्रीय मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष देवास में थे शहर कांग्रेस अध्यक्ष जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने मौके पर चौका का मार दिया । खैर यह तो राजनीतिक बात है लेकिन संवेदनाएं मर गई है। सत्ता पक्ष चाहता तो बहुत कुछ वहां पर हो जाता और बहुत से नेट नहीं तो उनके समर्थक तो चले ही जाते परंतु इतना कहा अभी भी बहुत कुछ हो सकता है नहीं तो कांग्रेस तो अगली कार्रवाई के लिए भी तैयार है।
भगत … महिला आबकारी अधिकारी भी।
बाबा… आबकारी विभाग में और भी अधिकारी है जो दिन-रात मेहनत करते हैं लेकिन मैडम दोनों केवल आर्थिक लाभ के अलावा कोई मतलब ही नहीं था फिर बीच में एक पुरुष अधिकारी घिरा गए। देवास में आबकारी विभाग के साथ पुलिस विभाग में भी कई महिला अधिकारी केवल आर्थिक आधार पर ही कार्य कर रही है उनके क्षेत्र में यदि नए अधिकारी बिना बताए चेक करे तो अधिकारियों की पोल खोल सकती है।
भगत…. जो ठेकेदार दूसरों को झूठे केस में प्रकरण दर्ज करते थे आज स्वयं पिंजरे में है। बाबा…. ईश्वर का न्याय है आपसे बाद कोई है जो न्याय करता है कैसा लगता है किसी को झूठे प्रकरण में मात्र अपना ठेका बचाने के लिए फ़साना वह तो मजदूर गरीब था, थोड़ा पानी पिया याद रब को किया भूख भी मिट गई प्यास भी मिट गई। लेकिन तुम्हारी पैसे कमाने की और झूठे प्रकरण और झूठी दुनिया में ईश्वर ने दर्पण दिखा दिया । अभी और न्याय बाकी है देखते रहे कितने झूठे सोने की चैन पहने चैन गवा रहे है।
भगत.. नगर निगम में भी एक पार्षद ने अधिकारी की पिटाई कर दी।
बाबा… हां बाबा अभी तो वह चर्चित अधिकारी और चर्चित पार्षद का नाम भी आ रहा है आगे आगे देखो क्या होता है पहले रसलपुर मामले के बाद अब उज्जैन रोड वाले पार्षद ।
भगत … शहर कोतवाली ने आखिर पकड़ी ही लिया आरोपी।
बाबा… नहीं तो शून्य की खोज की तरह हमेशा इस पर शंका का उस पर शंका और पूरी जांच चलती ही रहती कोतवाली पुलिस शशिकांत
चौरसिया ने द एंड कर दिया । सिविल लाइन पुलिस देखती रह गई। बस अब पुलिस कप्तान चले गए नहीं तो 30 किलोमीटर दूर से आरोपी को पकड़ कर ले यह प्रेस नोट भी बनता ही सही फिर भी कोतवाली ने अपना काम ईमानदारी से और सबसे बड़ी बात की दिनभर की इधर की उधर की बात को वही विराम करते हुए मुख्य आरोपी तक पहुंच गई। इतना बड़ा सच सामने आया कि यदि यही सब चलता रहा तो कितने लोग मारे जाते एक छोटे से लालच में कितना बड़ा अपराध कर दिया।
अभी तो बहुत कुछ बाकी है लेकिन निशाना सही दिशा में लगा और अब जांच में आँच नहीं आएगी ।

भगत….. बाबा प्रणाम देवास में शराब करने पूरे प्रदेश में हमारा नाम खराब कर दिया।