अवैध शराब के मामले में आरोपी बरी, जांच में गंभीर कमियां मिलने पर न्यायालय का फैसला

·अवैध शराब के मामले में आरोपी बरी, जांच में गंभीर कमियां मिलने पर न्यायालय का फैसला

देवास। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, देवास की अदालत ने अवैध कच्ची शराब रखने के मामले में आरोपी मोतीसिंह पिता अमरसिंह 69 वर्षीय बुजुर्ग, निवासी धारूखेड़ी, थाना बरोठा, जिला देवास को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने यह फैसला 16 अक्टूबर 2026 को सुनाया। अभियोजन के अनुसार, 29 सितंबर 2021 को पुलिस ने धारूखेड़ी रोड स्थित पुलिया के पास आरोपी के कब्जे से लगभग 60 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब बरामद होने का दावा किया था। मामले में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि जब्ती की कार्रवाई के स्वतंत्र पंच साक्षियों ने अभियोजन के मामले का पूर्ण समर्थन नहीं किया। इसके अलावा, शराब की वास्तविक मात्रा मापने की प्रक्रिया का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला, जब्त सामग्री को मौके पर सीलबंद किए जाने का प्रमाण नहीं था और थाने के मालखाना रजिस्टर की प्रति भी प्रस्तुत नहीं की गई। न्यायालय ने पुलिसकर्मियों के बयानों में महत्वपूर्ण विसंगतियों तथा जब्त सामग्री की सुरक्षित अभिरक्षा से संबंधित कमियों को भी ध्यान में रखा। इन परिस्थितियों में अभियोजन आरोपी के कब्जे से कथित अवैध शराब की बरामदगी को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा। न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी मोतीसिंह को धारा 34(2) के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र सिंह ठाकुर, नीलेश वर्मा, संतोष गुजराती, धनसिंह भण्डारी ने पैरवी की।

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