भगत… और फिर हमारा शहर शराब कांड के कारण बदनाम हो गया है।
बाबा… पहले मालवा की कहावत थी पग पग रोटी डग डग नीर, अब यह बदल गई है चारों ओर हर मार्ग पर पीने की प्याऊ तो नहीं मिलेगी लेकिन मदिरा की दुकान जरूरत नहीं जाएगी। और फिर जहां पर नहीं है वहां पर नेताजी के पट्ठे के शराब के पट्टे वाली जगह पर सरलता से उपलब्ध हो जाएगी। और अब चंदाना और बिंजाना मैं तो हद हो गई इतनी मौत के बाद भी सरकार और सरकारी तंत्र अभी तक जांच तक सीमित हे क्षेत्र की बीट अधिकारी और जिलाधिकारी सुरक्षित है।
- भगत … पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मामला उठाया तो और गरमा गया है।
बाबा….. बेटा पूर्व केंद्रीय मंत्री तो यहां कांग्रेस के इसी क्षेत्र के पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री बघेल के श्रद्धांजलि के आयोजन में आए थे और जब उनको सक्रिय बोलेंगे कांग्रेस जिला अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी ने बताया तो तुरंत उन्होंने गांव की ओर रुख कर दिया । अच्छी बात है किसी समय उनके ही समर्थक इस क्षेत्र के विधायक थे और अब विपक्ष के हैं मामला फिर बढ़कर उठाना ही था और पुराना वाला मामला भी है आपस का खैर यहां पर बहुत ही दर्दनाक मौत का मामला है इसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच होना चाहिए और विपक्ष प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिला अध्यक्ष और स्थानीय के कांग्रेसी नेता तो कम से कम किसी के दर्द के आंसू पोछने के लिए तो चले गए और जनता की आवाज तो उठाई साथ में मीडिया ने भी इसे बड़े स्तर पर उठाया तब यह मामला सरकार के सामने आया अभी तक सत्ता पक्ष नेता वहां पर पीड़ित के यहां नहीं पहुंचे हैं उनका कोई आर्थिक मदद नहीं कोई दर्द को बांटने वाला नहीं प्रभारी मंत्री जो कि इसी विभाग के हैं अभी वर्तमान में प्रभारी कलेक्टर कमिश्नर दलीप सिंह ने वही किया जो प्रशासन को करना चाहिए। परंतु यह बात भी देखने में आई थी वहां की बीट अधिकारी आबकारी विभाग राजश्री खन्ना का कार्यकाल वैसे भी केवल ठेकेदार की मदद करना ही था। जबकि अन्य अधिकारी है वह भी अपना कार्य करते हैं लेकिन इतना ठेकेदार के दबाव में नहीं रहते हैं। राजश्री के साथ जिलाधिकारी पर भी कार्रवाई होना चाहिए और तब तक तो कम से कम सत्ता पक्ष प्रभारी मंत्री जिनका विभाग यही है विधायक से लेकर ऊपर तक पीड़ित परिवार की मदद करना चाहिए नहीं आर्थिक सहायता कर सकते तो उनके बीच पहुंचना तो चाहिए जब विपक्ष पहुंच गया और मामला प्रदेश स्तर पर पहुंच गया उसके बाद भी किस बात का इंतजार है मनोज बाबू।
दूसरी बात की चंद लोगों के लिए कई नेता आम जनता की नजर में प्रशासन की नजर में और सरकार की नजर में बुरे बन रहे हैं छोड़ दीजिए इन चंद अवैध शराब के कारोबारी को अपने हाल पर एक बार ईमानदारी से इन पर कार्रवाई करवा दो फिर अपने आप में भी आत्मविश्वास बढ़ेगा और जनता के बीच अलग छवि बनने के बाद प्रदेश स्तर पर नाम चलेगा लेकिन केवल कुछ उंगली पर गिने चुने अवैध कारोबारी हर विधानसभा क्षेत्र में अपने नेता को चर्चित कर रहे हैं अभी तो चर्चा बस इतनी सी है कि बस बहुत हो गया अब आग लगने पर कुआं खोदने की कार्रवाई की बजाय इन क्षेत्र के अधिकारी और ब्लैककर और जवाबदार पर कड़ी कार्रवाई करना चाहिए और इसकी प्रशासनिक जांच की जगह न्यायिक जांच की मांग विपक्ष ने करना चाहिए नहीं तो सत्ता पक्ष ही करवा सकते हैं फिलहाल फिरोज पुलिस वाले कांड के बाद देवास का शराब कांड पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
भगत…. डीजे वाले पर भी किसी का अंकुश नहीं है अभी ऐतिहासिक विसर्जन समारोह में हद कर दी।
बाबा….. जब ऐतिहासिक विसर्जन समारोह बोल रहे हो तो सफल तो रहा ही है। फिर इस बार समिति ने ग्यारस की बजाय बारस को तिथि के चक्कर में एक दिन बढ़ा दिया था थोड़ा सा विरोध था लेकिन जो होता अच्छे के लिए होता है ग्यारस के दिन को पानी बरसा और दूसरे दिन बारस को बारिश रुक गई और इस बार नवदुर्गा विसर्जन में प्रतिमा भी 115 हो गई। कोई लड़ाई झगड़ा विवाद नहीं लेकिन पति-पत्नी की झगड़े की तरह डीजे साउंड अपनी भूमिका निभा गया। डीजे तो बजेगा ही सही उसे कौन रोक सकता है और हम रोकना भी नहीं चाहते किसी का रोजगार है और जब पूरा देश युवाओं को रोजगार देने के लिए दिन-रात प्रयासरत है तो हम डीजे वालों को बंद करने के पक्ष में नहीं है लेकिन डीजे वाले बाबू थोड़ा सा अपना और अपने परिवार के साथ हम भी एक परिवार ही है सबका ध्यान रखो अटैक के साथ सर दर्द और कितनी बीमारी इतना तेज बजाओगे तो हम कहां जाएंगे स्वयं विधायक राजे जिन्होंने इस आयोजन के लिए बहुत अच्छी शुरुआत की थी वह भी वहीं से लौट गई क्योंकि डीजे बर्दाश्त नहीं होता है सांसद सोलंकी जरूर आगे मंच तक गए युवा है । अब कोई भी नेता बर्दाश्त कर लेगा लेकिन तुमको बंद नहीं कर पाएगा अपील जरूर कर सकता है तुमसे लेकिन जो बंद कर सकते हैं उनके कार्यालय तो ठीक सामने ही है कुछ फिट की दूरी पर कलेक्टर कार्यालय से लेकर कोतवाली तक लेकिन वह भी इसलिए चुप रहे की एक बड़ा हिंदू धर्म का आयोजन है क्यों जरा से डीजे के लिए हम अच्छे दूध में नींबू का कार्य करें लेकिन तुमने डीजे बाबू दूध में नींबू निचोड़ दिया इतने बड़े आयोजन को कई लोग डीजे की आवाज के कारण बाहर से ही चले गए और जो थे वह भी परेशान रहे कुछ युवा समझ नहीं पा रहे हैं रोज डीजे बजाओ घर में बजाओ जन्मदिन पर शादी ब्याह शब्द और बजाओ परंतु इतनी मधुर धुन की कोई सुन तो तुम्हारे प्रति धारणा अच्छी हो और हमारे धर्म के प्रति भी अच्छी जैसे मधुर भजन गीत दूर से सुनकर ऐसा लगता है क्यों ना हम भी जाकर उनके पास बैठे हैं या सुन कितना अच्छा लगता है और लोग भी अच्छा ही बोलते हैं अभी तो तुम लोगों को बद्दुआ ही मिलती है हम लोग तुम्हारे रोजगार के कारण कुछ नहीं बोलते और प्रशासन नेताजी के कारण और नेताजी तुम्हारे रोजगार और आपसी संबंध के कारण ।
भगत… विधायक राजे की ओर से सुनने में आ रहा है कि अगली बार डीजे की व्यवस्था में सुधार होगा।
बाबा…. हां बेटा मीडिया ने और कुछ नेताओं ने पहले भी विरोध किया था लेकिन स्वयं उनको महसूस हो गया और इतना बड़ा आयोजन मात्र डीजे के कारण चर्चा में रहे तो अगली बार से अच्छे गीत संगीत और मधुर धुन पर बैंड और झांझ मजीरे बजाने की बात कही जा रही है तो विधायक जी अच्छा निर्णय है पूरा एमजी रोड भले ही अभी वर्तमान में व्यवस्था से परेशान है कम से कम अगर ऐसे आयोजन को एक अच्छे स्वरूप में बदल दिया तो आपके प्रति उनकी नाराजगी भी बदल जाएगी।
भगत …. एमजी रोड अंग्रेजी नाम है हिंदी नाम उसका महात्मा गांधी मार्ग है।
बाबा….. अभी तो लोग निकलने के पहले ही बोलते हैं की मजबूरी का नाम एमजी रोड। फिर दर्द सहते सहते महात्मा गांधी की तरह सत्याग्रही बन गए क्योंकि रोड का नाम ही तो वह है। फिर भी इतना दर्द सहने के बाद जब थोड़ा सा घंटा घर से जनता बैंक तक जाते हैं और रोड अच्छी बनती दिख रही है तो थोड़ी सी राहत जरूर मिलती है अच्छा होता है विधायक जी पहले ही व्यापारी अधिकारियों की बैठक लेकर रोड निर्माण होता खैर अब तो बहुत कुछ हो चुका है लेकिन अगले निर्णय पर जनप्रतिनिधि को आम जनता को और अधिकारियों को विश्वास में लेकर कार्य करना चाहिए अभी तो कम से कम बाद में ही सही डीजे वाली अगर समस्या हल हो जाती है तो यह भी बड़ी राहत है क्योंकि अब शादी ब्याह सामने है और सड़क पर ही यार की शादी होगी और दम यारो दम मैं कितनों का ही दम निकाल देंगे डीजे वाले। फिर आपने जिला चिकित्सालय में संसाधन तो बहुत कर दिए विकास भी बहुत किया लेकिन चिकित्सक और स्टाफ में बिल्कुल भी सुधार नहीं आया है तो थोड़े से कान के दिल के दिमाग के डॉक्टर बढ़ा दीजिए पेशेंट डीजे वाले बाबू के कारण वहां भर्ती होगा तो रात तो मिलेगी की शासन प्रशासन में अच्छी डॉक्टर की व्यवस्था कर रखी है।
भगत …. जिला चिकित्सालय में नेताजी को अपने प्रतिनिधि जरूर नियुक्त करना चाहिए।
बाबा…. शासन की तरफ से वालों की बात नहीं हो रही है विधायक चाहे पांचो विधानसभा के हो अपने एक ऐसी सेवाभावी व्यक्ति को नियुक्ति करना चाहिए जो जनता क्या दर्द समझे क्योंकि यहां पर जिला कलेक्टर एसडीएम और सभी अधिकारी दौरा करने के बाद समझा समझा कर थक गए।
लेकिन ना डॉक्टर अपना व्यवहार बदल रहे हैं ना स्टाफ उल्टा एक अच्छी शासकीय व्यवस्था से आम जनता का विश्वास उठ रहा है जुगनू की तरह चमकने वाले विकास कार्य केवल दिखाई देते हैं काम के नहीं।
भगत …. पुलिस विभाग मैं जरूर व्यवस्था में परिवर्तन हुआ है।
बाबा… बेटा एक अकेला चना की तरह पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने पहले तो सही में अपने आप को स्वयं दिन रात काम में झोंक दिया और फिर धीरे-धीरे सुधार लाए हैं अच्छे अधिकारियों पुलिसकर्मी का सम्मान किया तो जो कार्य नहीं करते थे वह भी धीरे-धीरे बदलने लगे। फिर कई बार थाने के टी आई बदल दिए। कहीं नामी पुलिसकर्मी जो अंगद की तरह एक ही जगह पर जमे रहते थे उन तक के पैर उखाड़ दिए। उनके कार्य तो प्रदेश में प्रेरणा दायक है बस डीजे और थोड़ा शराब बेचने वालों पर कार्रवाई करने में पीछे रहे बाकी तो कार्यकाल नंबर वन है चलता है आगे 50 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा आपके आसपास से ही अवैध शराब विक्रेता और डीजे वाले तो थाने के सामने से और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने से कुछ मिनट की दूरी पर से शान से डीजे बजाते निकलते हैं उनका प्रेस नोट जारी कर सकते हैं कि थाने के सामने से ही जा रहा था तो पकड़ लिया।
भगत…. बाबा आप आज डीजे के पीछे ही पड़ गए हैं।
बाबा…. सब लाचार हो सकते हम नहीं बेटा केवल रोजगार के कारण इतना जरूर है कि बजाओ लेकिन धीमे बजाओ अभी तो इन्होंने हमारे कान बजा दिए है। दिल अलग धड़क रहा है फिर सर दर्द में जयसवाल की दवाई वह भी अवैध मिलेगी तो और अब तो जहरीले का डर कहां जाए बेटा इसलिए डीजे की आवाज मधुर होना ही चाहिए और कम होना ही चाहिए नहीं तो फिर बंद कर देना चाहिए।
भगत…… नगरी विभाग के सीएस के वीडियो की पूरे प्रदेश में चर्चा है।
बाबा….. बेटा नगर निगम और नगर पालिका नगर परिषद के सीएमएचओ ने कहीं खरीदी और ऐसे भी कारनामे कर दिए कि नगरी प्रशासन प्रमुख सचिव को समझाना पड़ा कि अब जो हो गया सो हो गया अब आती मत करना वैसे यह हर विभाग में चल रहा है जो पकड़ा जाए वह कर बाकी सब साहूकार।
भगत…. देवास कमिश्नर में तो बहुत कुछ बचा दिया।
बाबा….. यह अच्छे दिन ही कहेंगे कि देवास में पुलिस अधीक्षक और कमिश्नर दलीप सिंह और अभी तो जिला पंचायत सीईओ भी बहुत अच्छा करेंगे फिलहाल तो कमिश्नर दलीप सिंह की बात है तो स्थानीय नेताओं को जरूर थोड़ी सी दिक्कत आई होगी । परंतु देवास नगर निगम की बचत और वहां पर व्यवस्था में बदलाव आम जनता के लिए अच्छा है नहीं तो नगर निगम में पदाधिकारी बनने के बाद या अधिकारी बनने के बाद कहा जाता है कि या यूं कहे सच है श्वास ही व्यक्ति स्वयं की लेता है बाकी सारा खर्चा नगर निगम का।
भगत …पानी का जल संकट भी सामने खड़ा है।
बाबा….. हमने अपने लाभ के लिए पेड़ गाजर मूली की तरह काट दिए और चारों ओर कॉलोनी सीमेंट कंक्रीट का जाल फिर खदान से दोहन और जलाशय की जगह मार्केट फिर जल संकट तो आएगा ना खैर निपट भी लेंगे परंतु अभी जल बचाने की आवश्यकता है और कहीं से भी आप बताने पर नेताजी अधिकारी कैसे व्यवस्था करेंगे इसकी अभी से तैयारी करना चाहिए।
देवास में जल संरक्षण के लिए बुद्धिजीवी सुनील चतुर्वेदी और डा समीरा नईम और पूरी टीम कार्य कर रही है अभी कौन बनेगा करोड़पति में हमारे देवास की सुनील चतुर्वेदी जी का सम्मान उनकी इतने वर्षों की मेहनत है अब हमको बूंद बूंद सहेज कर रखना है और आने वाले जल संकट से निपटना है अभी तो आज के लिए इतना ही जय हिंद डीजे वाले बाबा थोड़ा धीरे बजाओ।

