- नवरात्रि पर्व को लेकर निगम की तैयारियाँ तेज, मीना बाजार का निर्माण कार्य प्रारंभ, झूले लगने शुरू, पार्षद द्वारा दुकान मनमाने रेट में देने का आरोप क्या एक अच्छा मेला कुछ लोगों के कारण मेला हो जाएगा,
यहां की नगरी कहां बसी इसी तरह देवास में मीना बाजार का हाल हुआ है ।पहले सबसे अच्छा देवास के शिवाजी पार्क में लगता था । जो बहुत ही शानदार राहत था कि मां चामुंडा टेकरी पर एक ठेकेदार को लाभ देने के चक्कर में रोपवे का स्थान पुलिस लाइन राधागंज की जगह एक अच्छे पार्क को रोपवे के सुपर्द कर दिया। अब उसके बाद मीना बाजार मीना बाजार नहीं रहा कभी आईटीआई और खेल मैदान उसके बाद पटरी पर बीमा रोड के पास फिर निजी कॉलोनी में और अब फिर पुलिस लाइन में चला गया है। जहां पर इस बार नगर निगम ने लगता है पूरी व्यवस्था ठेकेदार को ही दे दी है। सबसे पहले हम नगर निगम की खबर देखें वह यह है कि
शारदीय नवरात्रि पर्व के प्रथम दिवस 11 अक्टुबर से नगर निगम द्वारा आयोजित 90 वी दशहरा कृषिकला एवं औद्योगिक प्रदर्शनी (मीना बाजार) की तैयारियाँ युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दी गई हैं।
स्थानिय पुलिस ग्राउंड मुख्य मीना बाजार स्थल पर दुकानों के निर्माण कार्यो के साथ झूले लगाने का कार्य प्रारंभ हो गया है साथ ही मुख्य मार्गों पर आकर्षक प्रकाश व्यवस्था (डेकोरेटिव लाइट) लगाने का कार्य भी निगम के विद्युत विभाग द्वारा प्रारंभ किया गया है।
महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल ने इस संबंध में निगम के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी 8 अक्टुबर तक मीना बाजार की साज-सज्जा एवं लगने वाले बाजार की सभी व्यवस्थाएँ विद्युत, सफाई, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जावे, ताकि मीना बाजार में नवरात्रि पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
महापौर ने कहा कि नवरात्रि में देवास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, इसलिए शहर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा एवं मल्टी कलर के आकर्षक झण्डे भी मुख्य मार्गो पर लगाये जाने का कार्य भी बुधवार 7 अक्टुबर से लगाये जावेगें।
अब हम बात करेंगे ठेकेदार की तो देवास के प्रतिपक्ष नेता प्रतिनिधि राहुल पवार ने सोशल मीडिया पर मुद्दा उठाया है कि ठेकेदार द्वारा दुकान 15 से 18000 रुपए में दी जा रही है तो क्या आम व्यापारी यह दुकान ले सकता है क्योंकि स्वस्थ मनोरंजन के लिए यह मेला लगाया जाता है और सबसे बड़ा की दूर-दूर से कलाकार खासकर हस्तशिल्प से लेकर सभी तरह के छोटे दुकानदार को यहां पर मौका मिलता है और आम जनता भी यहां पर इसलिए ज्यादा जाती है कि उसे कुछ नया मिलेगा जो परंपरागत वस्तुएं बाजार में आसानी से नहीं उपलब्ध होती वह यहां पर मिल जाती है फिर छोटे-मोटे व्यापारी का यहां पर व्यापार चल जाता है अब चुकी पहले वर्षों पहले राजाओं द्वारा लगाया जाता था उनका उद्देश्य भी दूर-दूर से आने वाले ग्रामीण का स्वास्थ्य मनोरंजन और आसपास के छोटे-मोटे कलाकार और वस्तुओं के कारीगर को मौका देना होता था पहले यह दुकान बहुत सस्ते और कहीं दुकान तो फ्री में मिल जाती थी झूला भी सामान्य रेट पर तो जनता पर भी उतना ही दबाव आता था लेकिन अब राजा महाराजा के बाद परंपरा तो कायम है देवास में राजतंत्र लोकतंत्र में भी मजबूत है ।
इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम के हाथ में चाबी दी है। परंतु नगर निगम पिछले चार-पांच वर्षों से नई जगह ही नहीं ढूंढ़ पा रही है वह आग लगने पर कुआं खोदने की कहावत चरितार्थ करती है जब भी मीना बाजार करीब आया कि अधिकारी इंजीनियर जगह ढूंढने निकले और नहीं मिली तो फिर पुलिस से मांगना पड़ी अब पुलिस भी क्या करें देना पड़ी जनता का मामला है और जनप्रतिनिधि का दे दी जगह है जहां सबसे ज्यादा सुरक्षा तो रहेगी लेकिन आसपास के रहवासी शोरगुल से परेशान तो होंगे कि परंतु झूले और 10 दिन के कार्यक्रम में वह सब भूल जाएंगे।
अगर नगर निगम दुकान लगता है तो जनता को दो से ₹5000 में मिल जाती और झूले का रेट भी उसको अच्छा मिलता अब ठेकेदार अपनी मनमर्जी चलाएंगे नगर निगम महापौर सभापति और सत्ता पक्ष नेता और पार्षद को इस और विशेष और ध्यान देना चाहिए। क्योंकि नगर निगम 10 लाख की तो लाइट की लगा कर देगा यदि ठेकेदार सब कर रहा है तो ठेकेदार ही लगाए लाइट और अन्य पानी की व्यवस्था भी वही करें लेकिन सब करेंगे नगर निगम अधिकारी और मजे ठेकेदार के फिर अभी बहुत कुछ हो सकता है बस निगम के जनप्रतिनिधि और अधिकारी को इस और ध्यान देना चाहिए और सबसे बड़ी बात स्थानीय कलाकार को भी मौका देना चाहिए क्योंकि हम तो स्थानीय नेता को चुनते हैं।तब निगम द्वारा भी हमारे सभी स्थानिक कलाकार को ही मौका देना चाहिए वह भी किसी प्रदेश लेवल के कलाकारों से कम नहीं है। नगर निगम का यह एक अच्छा आयोजन क्यों केचंद लोगों के कारण विवाद में रहे।









