″नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू कर किशोर न्याय समिति के समक्ष किया गया प्रस्तुत
देवास
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एम. साबिर अहमद सिद्दीकी के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तहसील सोनकच्छ के ग्राम जोबारा जागीर में दो नाबालिग बच्चों को भिक्षावृत्ति करते हुए पाए जाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया।
रेस्क्यू कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग की संरक्षण अधिकारी सुश्री दीक्षा कुशवाह, विशेष पुलिस इकाई से सुश्री संध्या दुबे तथा आस संस्था एक्सेस टू जस्टिस परियोजना जिला समन्वयक से सुश्री सरिता राजपूत की संयुक्त टीम द्वारा दोनों बच्चों को संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई की गई।
रेस्क्यू किए गए दोनों बच्चे नाबालिग एवं अनाथ हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्चों की माता का निधन हो चुका है, जबकि उनके पिता को अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म के प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें किशोर न्याय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
किशोर न्याय समिति द्वारा बच्चों के सर्वोत्तम हित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों बच्चों को बालगृह, उज्जैन में रखने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। संबंधित विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई बच्चा भिक्षावृत्ति करता हुआ अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग अथवा पुलिस को दें, ताकि बच्चों को आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराई जा सके।







