कलेक्टर श्री ऋतु राज सिंह ने आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और राशन सामग्री की अफरा-तफरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
गंभीर मामलों में चोरबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम, 1980 के तहत दोषियों को निरुद्ध करने की भी होगी कार्रवाई
देवास, 14 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्री ऋतु राज सिंह ने जिले में गेहूं, एलपीजी, शक्कर, नमक सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हितग्राहियों को वितरित की जाने वाली शासकीय राशन सामग्री की अफरा-तफरी एवं व्यपवर्तन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत अधिसूचित आवश्यक वस्तुओं से संबंधित नियंत्रण आदेशों का उल्लंघन तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को रियायती दर पर अथवा निःशुल्क वितरित की जाने वाली शासकीय राशन सामग्री का व्यपवर्तन, अफरा-तफरी या खुर्द-बुर्द किया जाना दंडनीय है। ऐसे मामलों में संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में उपलब्धu भौतिक स्टॉक और पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक के अंतर को समाप्त करने के लिए ऑनलाइन भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा चुकी है। इसका उद्देश्य दुकानों में उपलब्ध राशन सामग्री का सही हिसाब सुनिश्चित करना तथा पात्र परिवारों के लिए आवश्यकतानुसार राशन का आवंटन और वितरण सुचारू रूप से करना है।
इसके बावजूद कुछ उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं, प्रबंधकों एवं संचालकों द्वारा ऑनलाइन भौतिक सत्यापन पूर्ण होने के बाद भी बार-बार खाद्यान्न एवं राशन सामग्री की अफरा-तफरी किए जाने के मामले सामने आए हैं। इस प्रकार की गतिविधियां राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के उद्देश्यों तथा पात्र परिवारों की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। शासन की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों को उनके लिए निर्धारित राशन सामग्री वास्तविक रूप से उपलब्ध हो और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।
गंभीर मामलों में दोषियों को निरुद्ध करने की भी होगी कार्रवाई
आदेश में उल्लेख किया गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आवंटित राशन सामग्री के परिवहन, भंडारण अथवा वितरण के दौरान उसका व्यपवर्तन करने से आम नागरिकों के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में चोरबाजारी निवारण और आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम, 1980 के अंतर्गत भी कार्रवाई का प्रावधान है। उक्त अधिनियम की धारा 3(1) के तहत आवश्यक वस्तुओं की सतत आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को ऐसी गतिविधियों से रोकने के लिए आवश्यक परिस्थितियों में निरुद्ध करने के आदेश पारित किए जा सकते हैं। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट को भी इस संबंध में कार्रवाई करने की शक्ति प्राप्त है।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए हैं कि अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत की जाने वाली कार्रवाई के साथ-साथ शासकीय राशन सामग्री के गंभीर व्यपवर्तन एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित करने के मामलों में संबंधित दोषियों के विरुद्ध चोरबाजारी निवारण और आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम, 1980 के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। आवश्यक परिस्थितियों में दोषियों को निरुद्ध करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए, जिससे ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगे और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए दोनों अधिनियमों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। की गई कार्रवाई की जानकारी आयुक्त-सह-संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण को मासिक रूप से प्रेषित करना भी सुनिश्चित करें।





