सस्ते दाम पर मोबाइल और लैपटॉप बेचने का झांसादेकर फर्जी आईडी बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

देवास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार; करीब 10 लाख रुपए की साइबर ठगी का खुलासा
देवास। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथी अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंटरव्यू के नाम पर फर्जी आईडी तैयार करते थे और सस्ते दामों में मोबाइल व लैपटॉप बेचने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरोह द्वारा देश के अलग-अलग स्थानों पर लोगों के साथ विभिन्न प्रकार से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया गया। अब तक सामने आई 8 घटनाओं में करीब 10 लाख रुपए की ठगी किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस द्वारा आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि गिरोह द्वारा 398 सील किए गए सिम कार्ड अलग-अलग कंपनियों के नाम से जारी कराए गए थे। इस संबंध में थाना आईजीआई एयरपोर्ट दिल्ली में वर्ष 2025 में अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने गिरोह के विरुद्ध अपराध क्रमांक 835/2026, धारा 318(4), 66(ए) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड एवं अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस द्वारा जब्त सामग्री के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ये आरोपी गिरफ्तार
अजय पिता रामसाद परमार, उम्र 35 वर्ष, निवासी 105 अमृत पार्क, मल्हार रोड, देवास।
अजय पिता बन्नूलाल बागवान, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम खजूरिया, तहसील तराना, जिला उज्जैन।
निखिल पिता विष्णु प्रसाद बागमिया, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम एनाबाद, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास।
अभिषेक पिता कमल कुमावत, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम खजूरिया, तहसील तराना, जिला उज्जैन।
विशाल पिता मेहरखान सिंह गौड़, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम एनाबाद, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास।
राजकुमार उर्फ छोटे पिता वर्कत सिंह गौड़, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम एनाबाद, तहसील सोनकच्छ, जिला देवास।
अंकित पिता संतोष कुमावत, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम खजूरिया, तहसील तराना, जिला उज्जैन।
मोबाइल फोन और सिम कार्ड सहित सामग्री जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड एवं अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की जांच के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
इनका रहा सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र अमित सोलंकी, उप निरीक्षक गौरव नगावत, सर्जन हितेंद्र चंद्रवंशी, प्रधान आरक्षक अजय बैस, जितेंद्र, घनश्याम बामनिया, संजय, आरक्षक रणवीर सिकरवार तथा साइबर सेल से सचिन चौहान एवं शिवप्रताप सिंह सेंगर का सराहनीय योगदान रहा।
देवास पुलिस की साइबर अपराध के विरुद्ध कार्रवाई जारी है।
