मदद करने वालों को मिलेंगे 25 हजार और पुलिस नहीं करेगी परेशान
देवास वैसे भी मानवता के नाते यदि कोई व्यक्ति सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होकर सहायता मांगे तो इससे बड़ा कोई धर्म नहीं है और परोपकार नहीं है हमको मदद सहायता करनी ही चाहिए और अब आप मदद करते हैं तो सरकार द्वारा आपको पुरस्कार भी किया जाएगा मध्य प्रदेश सरकार द्वारा’राहवीर योजना” अन्तर्गत दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के तहत सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पीड़ित किसी व्यक्ति को यदि कोई व्यक्ति अस्पताल तक पहुंचाता है तो उसे पुलिस द्वारा अनावश्यक पूछताछ नहीं की जायेगी।
शासन की “राहवीर” योजना अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति जिसने किसी मोटर वाहन से जुड़ी गम्भीर दुर्घटना के पीड़ित को तत्काल सहायता प्रदान करके दुर्घटना के स्वर्णिम समय (Golden hour) के भीतर चिकित्सा सहायता प्रदान करके तथा दुर्घटना के स्वर्णिम समय के भीतर उपचार प्रदान करने के लिये अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई हो वह इस योजना के लिये पात्र होगा। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार “गोल्डन ऑवर’’ का अर्थ है किसी दर्दनाक चोट के बाद एक घंटे तक चलने वाली वह अवधि, जिसके दौरान तत्काल चिकित्सा देखभाल प्रदान करके मृत्यु को रोकने की सबसे अधिक संभावना होती है।
ऐसी दुर्घटना को गम्भीर दुर्घटना माना जायेगा। जिसमें पीड़ित की प्रमुख सर्जरी हो, पीड़ित कम से कम 3 दिवस तक अस्पताल में भर्ती हो। मस्तिष्क की गम्भीर चोट, रीढ़ की हड्डी की चोंटे, उपचार के दौरान पीड़ित की मृत्यु यदि एक राहवीर मोटर वाहन से जुड़ी एक गंभीर दुर्घटना के लिये एक या एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाता है, तो “राहवीर” योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा पुरस्कार राशि 25 हजार रुपए दी जायेगी।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि तथा समय पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को उपचार नहीं मिलने के कारण दुर्घटना से होने वाली मृत्यु दर में उत्तरोत्तर वृद्धि देखने को मिल रही है। प्रायः यह देखने में आता है कि किसी भी मार्ग पर दुर्घटना होने पर दुर्घटना के उपरान्त उस मार्ग से निकलने वाले राहगीर कई बार रूककर मदद तो करते हैं किन्तु दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को खुद अस्पताल तक पहुंचाने में यह सोचकर संकोच करते हैं कि कहीं पुलिस केस में उनका नाम दर्ज होने पर उन्हें अनावश्यक पुलिस थाने अथवा न्यायालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे। लेकिन अब राहवीर योजना लागू की गई है। इस योजना के अन्तर्गत सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पीड़ित किसी व्यक्ति को यदि कोई अस्पताल तक पहुंचाता है तो उसे पुलिस द्वारा अनावश्यक पूछताछ नहीं की जायेगी।












