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  • बादलों के साथ तबादलों का मौसम,                            महाराज का हेलीकॉप्टर शॉट, जिला पंचायत और सज्जन भैया, एडी एम ,सीओ  और कमिश्नर  की यादगार पारी,            एसडीएम  सोनी निकले पतली गली से,                              दीपेश का आंदोलन ,         नवागत एसडीएम प्रतिक राव, पुलिस विभाग मैं डीएसपी और सीएसपी का नाम,                न्याय विभाग ने की पौधारोपण की  शुरुआत ,                        वीर टीआई को शत शत नमन

    बादलों के साथ तबादलों का मौसम,                            महाराज का हेलीकॉप्टर शॉट, जिला पंचायत और सज्जन भैया, एडी एम ,सीओ  और कमिश्नर  की यादगार पारी,            एसडीएम  सोनी निकले पतली गली से,                              दीपेश का आंदोलन ,         नवागत एसडीएम प्रतिक राव, पुलिस विभाग मैं डीएसपी और सीएसपी का नाम,                न्याय विभाग ने की पौधारोपण की  शुरुआत ,                        वीर टीआई को शत शत नमन

    भगत ———-बाबा प्रणाम बदरा छाए हैं।    बाबा——- सावन का महीना और बादल तो बरसेंगे ही खूब बरसने दो धरती की प्यास अभी नहीं बुझी है ।बरखा रानी खूब जम कर बरसो झूमकर बरसो।

    भगत———बाबा बादलों के साथ तबादलों का भी मौसम चल रहा है।                                           बाबा ———–——————— हां बेटा यह चुनावी तबादले हैं पुलिस और प्रशासन दोनों में बादलों की गरज के साथ-साथ तबादलों की भी गरज रोज सुनाई दे रही है।

    भगत —— एडीएम सीओ और कमिश्नर तीनों चले गए।                                                     बाबा—— तीनों की अच्छी पारी रही एडीएम महेंद्र कवचे धैर्य गंभीर स्वभाव के साथ आमजन की समस्या के लिए सहज सरल उपलब्ध रहते थे ।और शासन ने उनका तबादला भी पास में ही उज्जैन किया। दूसरा सीईओ प्रकाश चौहान पहले देवास एडीएम के पद पर आए थे और तबादला होने के बाद देवास सीओ जिला पंचायत का कार्यकाल अच्छा रहा ।ऐसे ही देवास कमिश्नर विशाल सिंह भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सरकार में आए थे उस समय बहुत फास्ट पारी खेली थी और भाजपा सरकार जाने के बाद इनको भी जाना पड़ा। पूर्व महापौर जय सिंह ठाकुर की नाराजगी भारी पड़ी। दूसरी बार किस्मत से वापस भारतीय जनता पार्टी सरकार बन गई और सरकार बनते ही विशाल सिंह चौहान की वापसी नगर निगम में हुई ।नगर निगम में किस्मत इतनी अच्छी की बिना परिषद के एकतरफा राज रहा ।देवास विकास के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे और एबी रोड पर दोनों और स्पोर्ट्स पार्क चामुंडा कंपलेक्स में कायाकल्प और कई उपलब्धियां रही। बस भ्रष्टाचार पर कंट्रोल नहीं कर पाए इनके विकास में कई बाहरी ठेकेदार और इंजीनियरों का भरपूर विकास हुआ और अब चुनाव में वैसे भी इनको जाना था ।चुनाव नहीं आते तो विशाल सिंह की पंचवर्षीय योजना मैं बहुत कुछ देवास वालों को और ठेकेदारों को लाभ होता ।

    भगत ———एसडीएम  सोनी जी को चांदी नहीं फली। बाबा—– मां तुलजा भवानी पर चांदी चांदी का श्रृंगार अच्छा रहा लेकिन बहीखाता गोलमाल अच्छा नहीं रहा। विकास और सुंदरीकरण अच्छी बात है लेकिन पारदर्शिता अगर नहीं हो तो सारा किए कराए पर पानी फिर जाता है ।वैसे भी मां चामुंडा टेकरी पर मंदिर में दर्शन के नाम पर जूते और कहीं बार सोनी जी विवादों में रहे। आखिर में बस कांड में लोकायुक्त में उलझ ही गए ।वैसे भी इनको वर्तमान कलेक्टर बस सहन हीं कर रहे थे। और तबादला होने ही वाला था कि जाते जाते मामला उलझ गया।

    भगत—- , नवागत एसडीएम प्रतिक राव ने कलेक्टर शैली में कार्य शुरू किया है।                         भगत—– फ्रेश अधिकारी की बात ही अलग होती है फिर कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पसंद है कलेक्टर ने प्रतिक राव पर भरोसा जताया है और उन्होंने जमीन पर कार्य भी शुरू कर दिया है कलेक्टर तो अपनी कार्यशैली के कारण कम समय में ही पूरे जिले में अपनी अलग छवि बना चुके हैं  ।अब डबल इंजन प्रशासन का कार्य देवास में देखने को मिल सकता है  एसडीएम अगर ईमानदारी से कार्य करें कलेक्टर के पास समस्या और विकास कार्य के लिए भी समय मिले ।कुछ नया करने को समय मिले सबसे पहले एसडीएम ने आम जनता को ऑफिस ऑफिस की समस्या जो सबसे ज्यादा तहसील कार्यालय एसडीएम कार्यालय में ही आती है ।आम गरीब इधर उधर ना भटके सीधे उसका काम हो अधिकारी जब सीधे सहज तरीके से मिलने लगेंगे तो अधीनस्थ तो उसी शैली में कार्य करेंगे और कुछ ना कुछ तो जनता का फायदा होगा। भले ही सरकार ने लोक सेवा गारंटी योजना शुरू कर दी है ।लेकिन आम आदमी अभी भी छोटी सी समस्या के लिए भी ऑफिस ऑफिस के चक्कर लगाता नजर आता है ।और फिर मजबूरी में जनसुनवाई में छोटी समस्या भी कलेक्टर के सामने लंबी लाइन लगाए खड़ी होती है ।यह सब तहसील और एसडीएम कार्यालय में ही हल हो सकती है । प्रदेश के कई एसडीएम कार्यालय में एसडीएम ने तो कार्यालय के बाहर बोर्ड लगा रखा है कि मैं क्या आपकी मदद कर सकता हूं ।लेकिन देवास में कलेक्टर गुप्ता जी से मिलना आसान था सोनी जी से कठिन। खेर अब यहां पर बदलाव निश्चित है। सोनकच्छ एसडीएम के बाद अब देवास एसडीएम कार्यालय में भी जनता दरबार लग सकता है।

    भगत— सज्जन भैया को जिला पंचायत से फिर झटका लगा। बाबा——— जिला पंचायत जीतने के बाद सज्जन भैया और उनके समर्थक इसको बहुत बड़ी जीत मान रहे थे और उसी हिसाब से खुशियां भी मनाई थी लेकिन भैया की किस्मत में जिला पंचायत पदाधिकारी का बिगाड़ ही लिखा है शायद। सबसे पहले गंगाबाई , फिर नारायण सिंह चौधरी और इसके बाद महिला जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन शिव हाडा और अब लीला भैरू सिंह अटारीया ने तो इनका साथ छोड़ा तो छोड़ा पार्टी ही बदल दी। मतलब अब तक के सबसे ज्यादा कांग्रेस के जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं और उसमें विधायक सज्जन वर्मा की भूमिका अहम रही है परंतु किस्मत में शायद इनके जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं है।

    भगत—— राजनीति लड़ाई व्यक्तिगत हो गई है। बाबा—— वैसे दोनों एक दूसरे के बहुत खास है लेकिन राजनीतिक महत्वाकांक्षा और स्वार्थ के कारण व्यक्तिगत विवाद बढ़ रहे हैं जो गलत है। हाटपिपलिया विधानसभा में भी यही हाल है। पहले कांग्रेस भाजपा और अन्य दल आपस में केवल राजनीति चुनाव में ही लड़ते थे ।अब अपने दल में भी व्यक्तिगत और आमने-सामने भी राजनीति छोड़ व्यक्तिगत लड़ाई अच्छे संकेत नहीं हैं । राजनीति में कोई किसी का स्थाई दोस्त दुश्मन नहीं होता आगे देखना है क्या समीकरण बनेंगे।

    भगत ———महाराज ने हेलीकॉप्टर शॉट मार दिया। बाबा———— हमारे देश में किसान और श्रमिक पूरी राजनीति उलटफेर कर देते हैं फिर देवास तो औद्योगिक क्षेत्र है । यहां पर श्रमिकों का बोलबाला है कई परिवार उद्योग से जुड़े हैं देवास में गजरा गियर का गियर उद्योगपति बदल रहे थे कई नेता अपनी राजनीति चमकाने श्रमिकों के बीच आ गए थे और गेट के ताले लग गए बस शहर में माहौल बनना शुरू हो गया दूसरा काम हो तो थोड़ा समय लगता है शहर में माहौल बनने में लेकिन श्रमिक अगर सड़क पर आ जाए तो और वह भी चुनाव का समय व्हाट्सएप सोशल मीडिया के युग में माहौल तेजी से बनता है। और बने बनाए माहौल एंट्री मार दी विधायक पुत्र महाराज विक्रम सिंह पवार ने और सारा श्रेय ले गए एंट्री में सबसे अच्छा स्वयं अपने हाथ से ताले खुलवाने वाला अंदाज श्रमिक  को भा गया उदास मुरझाए चेहरे खुशी से खिल उठे और महाराज को नया राजनीति का राज मिल गया है।

    भगत—- ——–पुलिस में भी और अधिकारी के तबादले होना है। बाबा————————-बेटा कुछ टीआई जिन को 3 वर्ष हो गए थे अपनी पसंद की जगह चले गए कुछ को दूर जाना पड़ा अब नंबर सीएसपी विवेक सीह और डीएसपी यातायात किरण शर्मा दोनों ही अपनी मनपसंद जगह जाने के प्रयास में है विवेक सिंह 3 वर्ष ही रहे हैं और अच्छा कार्यकाल रहा किरण शर्मा ने देवास में रिकॉर्ड बना लिया सूबेदार से देवास में अपनी पारी की शुरुआत करने के साथ वापस बीएसपी तक का सफर और डीएसपी ही नहीं पुलिस विभाग में अपना एक तरफा कार्य चलाया इसलिए नीचे से ऊपर तक चर्चित है चुनाव का समय है नहीं तो किरण शर्मा की पंचवर्षीय योजना देवास में ही पूरी करते ।अब उज्जैन के लिए प्रयासरत है ,जहां से अगला बदली में देवास में पूर्व पदस्थ सूबेदार हरिनारायण बाथम की वापसी हो सकती है ।पूर्व में पदस्थ पवन बागड़ी तो दूसरी बार वापस आ गए हैं। अब बाथम की वापसी की ज्यादा संभावना है। किरण  काका जाना चुनाव मजबूरी है और अब देवास में सिविल लाइन थाना नाहर दरवाजा और बैंक नोट प्रेस थाना भी खाली होने जा रहा है जहां पर पुलिस से ज्यादा राजनीति भारी है।

       भगत ——और विभाग हे जहां 3 वर्ष से ज्यादा अधिकारी को हो गए हैं।                                   बाबा ———हां बेटा महिला बाल विकास अधिकारी रेलम बघेल और लोक निर्माण विभाग खाद्य विभाग आरटीओ सहित कई विभाग में अधिकारी के साथ इंजीनियर और अधीनस्थ अधिकारी तो एक दशक से ज्यादा टिके हुए है। जिसमें देवास नगर निगम में तो कई इंजीनियर नियुक्ति के समय से यहीं पर फेवीकोल का जोड़ लगाकर चिपक से गए हैं वैसे कई विभाग है लेकिन महिला बाल विकास और नगर निगम स्वास्थ्य विभाग जनता से ज्यादा जुड़ा है बाकी चुनाव आयोग जाने । महिला बाल विकास अधिकारी के पास तो एक जिला और आ गया है यानी 2 जिले एक अधिकारी के पास है ऐसे ही स्वास्थ्य और सुरक्षा अधिकारी के पास भी 3 जिले हैं ।

    भगत ——————–न्यायालय विभाग ने पौधारोपण का श्रीगणेश कर दिया है। बाबा————— हमारे देश में न्यायालय पर आज भी आम जनता का पूरा भरोसा है ।अब आधुनिक युग में समय के हिसाब से फास्ट हो गया है ।तो सबसे बड़ी बात सेवा के क्षेत्र में भी न्यायाधीश अग्रणी है विधिक सहायता सेवा के माध्यम से देवास मैं दिव्यांगों को ट्राईसाईकिल से लेकर कई सेवा कार्य किए हैं ।तो इस बार पौधारोपण का श्री गणेश भी शंकरगढ़ से आयोजन के साथ किया गया जिसमें जिला न्यायधीश के विचार अच्छे लगे जिले के समस्त न्यायधीश अभिभाषक और समाजसेवी स्कूल संचालकों से सफल रहा। सबसे बड़ी बात यह रही कि यहां औपचारिकता नहीं थी यहां जमीन पर कार्य करते देखा गया न्यायालय परिवार का सेवा क्षेत्र में आना और सब को प्रोत्साहित करना  और अच्छी बात है । सबसे बड़ी बात है न्यायधीश परिवार ने यहां न्याय वाटिका बना ली है  निश्चित ही आगे एक अच्छी वाटिका के रूप में बनेगी और सबसे बड़ी बात अब शंकरगढ़ पहाड़ी जिसको कभी खदान संचालकों ने खोद खोद कर आधा कर दिया था और यदि खदान पर रोक नहीं लगती तो पहाड़ी कब समतल होकर कॉलोनी में बदल जाती पता ही नहीं चलता जैसा आज नई पीढ़ी को पता नहीं कि कल यह क्या था कभी हरे-भरे बागान जहां थे वहां अच्छी कॉलोनी बस गई है पहाड़ी पर्वत जिनको हमारे धर्म में पूजा इसलिए जाता था कि यह बच्ची रहे भगवान श्री कृष्ण ने पर्वत इसीलिए उठाया था लेकिन अब धीरे-धीरे पहाड़ी पर्वत कट गया या वहां भी किसी संस्थान में कब्जा कर होटल और अन्य उपयोग में ले लिया गौ माता और अन्य पशुओं के चारे से लेकर उनका संरक्षण करने वाली पहाड़ियां अपना अस्तित्व खोती जा रही है न्यायालय परिवार के कदम पढ़ने के बाद वहां अब पूर्ण सुरक्षित है और भविष्य उज्जवल है विषय यहां पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी बहुत कुछ कर रहे हैं उस पर न्यायालय भी साथ हो तो बात क्या है ।अब जिले में पौधारोपण अनिवार्य कर देना चाहिए स्वच्छता मिशन की तरह पौधारोपण अभियान संकल्प लेकर चलना चाहिए । कलयुग टाइम पौधारोपण करने वालों का सम्मान करने के साथ उनको हाईलाइट भी करेगा। 


    भगत —–—-दीपेश ने कर्मचारियों की सहानुभूति ले ली।                                                  बाबा—-–—– इन मीन साडे तीन नगर निगम में कांग्रेस के पार्षद उंगलियों पर गिने जाने वाले हैं ।लेकिन दम हौसले बुलंद है। जिसमें दीपेश कानूनगो कांग्रेस ने भले ही विपक्ष नेता ना बनाए हो लेकिन वे अपने दम पर नगर निगम में विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं ।इस बार कर्मचारियों के वेतन का मामला था ।एक दो रोज और हो जाते तो मिलना तो था ही। बस राजनीति की बात यह है कि दीपेश हो गई मन में और बैठ गए कर्मचारियों के लिए कर्मचारियों के लिए किसी पार्षद में कम से कम इतना तो किया सबसे बड़ा भूख हड़ताल 1 दिन भूखे रहना अनशन करना कर्मचारियों की सहानुभूति मिल गई। और मजबूरी, या मर्जी से  ही सही सारे कांग्रेसियों को दीपेश के मंच पर आना ही पड़ा। अब यह बात अलग है कि वेतन तो दीपेश बैठा था उसी दिन शाम को मिलना था। परंतु पर्दे के पीछे कुछ दीपेश विरोधी की भी चली और वेतन दूसरे दिन मिला । दूसरा दीपेश द्वारा पूर्व मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलना भी चर्चा में रहा।

    भगत ——नेमावर में टीआई वीरगति को प्राप्त हुए। बाबा —–हां बेटा पुलिस विभाग में ही नहीं आम जनता के लिए भी यह दुखद हादसा रहा। अपने कर्तव्य को निभाते हुए टी आई श्री राजाराम वास्कले वीरगति को प्राप्त हुए उनको शत-शत नमन  जय हिंद जय भारत।

  • जाम गोद में मिली एक अज्ञात महिला की लाश

    जाम गोद में मिली एक अज्ञात महिला की लाश

    आज सुबह जामगोद में मिली महिला की लाश मिलने से गांव में सनसनी मच गई। जाम गोद गांव में से कुछ दूरी पर सड़क के पास एक महिला की लाश मिलने की सूचना पर  मौके पर सीएस विवेक सिंह चौहान एफएसएल की टीम पहुंची शव को जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है महिला के सीधे हाथ में आर पार चाकू है पेट पर चाकू लगा है और पेट पर उल्टे चाकू के निशान है संभवत किसी ने दुष्कर्म कर हत्या कर दी।

  • विज्ञान प्रदर्शनी में बीएड एवम डाइट के विद्यार्थियों ने किया श्रेष्ठ प्रदर्शन

    विज्ञान प्रदर्शनी में बीएड एवम डाइट के विद्यार्थियों ने किया श्रेष्ठ प्रदर्शन

    देवास। उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में बीएड एम डाइट के विद्यार्थियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। डीपीसी श्री प्रदीप जैन ने बताया कि विज्ञान क्लब स्पर्धा में पीजीबीटी देवास के ऋतुराज पाटीदार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया , डाइट के विद्यार्थियों में उज्जैन की दिशा वाडिया प्रथम एवं मयूर सोलंकी देवास द्वितीय स्थान पर रहे। TLM स्पर्धा में में डाइट के विद्यार्थियों में हरदा के योगेश मालवीय प्रथम एवं देवास के रोहित वर्मा द्वितीय स्थान पर रहे,Bed देवास की आयुषी चंदोकेर प्रथम स्थान पर रही। तात्कालिक भाषण स्पर्धा में B.Ed देवास के उपेंद्र सिंह राठौर प्रथम स्थान पर रहे। प्रश्न मंच स्पर्धा में पन्ना डाइट के अनुज सेन प्रथम एवं B.Ed ग्वालियर के काजी हिदायत उल्ला प्रथम रहे। डाइट प्राचार्य राजेंद्र सक्सेना एवं B.Ed कॉलेज प्राचार्य श्रीमती उमा श्रीवास्तव ने सभी विजेता प्रतियोगिताओं के उज्जवल भविष्य की कामना की।

  • ‘‘अवैध गौ-मांस का परिवहन करने वाले आरोपी को हुआ 1 वर्ष का सश्रम कारावास

    ‘‘अवैध गौ-मांस का परिवहन करने वाले आरोपी को हुआ 1 वर्ष का सश्रम कारावास

    अवैध मास का परिवहन करने वाले को न्यायालय ने कारावास की सजा सुनाई इस संबंध राजेंद्र सिंह भदौरिया, जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा बताया गया कि दिनांक 3. जून.2016 एवं 4. जून.2016 की दरमियानी रात को निरीक्षक उमराव सिह थाना प्रभारी बीएनपी एवं सहायक उपनिरीक्षक एस.एस. मीणा, ड्राईवर के साथ गश्त के दौरान आवास नगर तुलजा बिहार होते हुये मक्सी बायपास रोड चौराहे पर पहुॅचने के बाद थाना बीएनपी के आरक्षकों को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि राबडिया तरफ से एक स्कॉर्पियों एम.पी.04 एच.बी.1170 में कुछ व्यक्ति गौंमास लेकर आ रहे है। उक्त सूचना की तस्दीक हेतु हमराह फोर्स को लेकर सियापुरा राबडिया रोड पर आनंदपुर डुगरिया फाटा पहुॅचकर नाकाबंदी करते हुये गाडी आने का इंतजार किया थोडी देर बाद एक फोर व्हीलर गाडी राबडिया तरफ से आती दिखी जो पुलिस को देखकर कुछ दूरी पहले ही गाडी को रोककर उसमें बैठे व्यक्ति उतरकर जंगल की तरफ भागते हुये नजर आये हमराह स्टाफ की मदद से 01 व्यक्ति को पकडा गया। उससे उसका नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम सुभाष पिता ओमप्रकाश बताया और गाडी में दरवाजा खोलकर तस्दीक की तो उसमें रखे बोरों में करीब 02 किंवटल पशु मांस मय पैरों के खुर, खाल सहित होना पाये गये। आरोपी से पूछने पर उसने बताया कि मांस गाय एवं केडों का होना बताकर मांस को बेचने हेतु इन्दौर ले जाना बताया। उक्त अरोपी के विरूद्ध म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेघ अधिनियम 2004 एवं म.प्र. कृषक पशु परिरक्षण अधि. 1959 के तहत मामला थाना बीएनपी पर पंजीबद्ध किया गया। एवं अन्य आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।     माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जिला देवास द्वारा निर्णय पारित कर आरोपी सुभाष पिता ओमप्रकाश कुमावत, उम्र 32 साल नि0 आडा कांकड अर्जुन नगर देवास को धारा 5/9 म.प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधि. 2004 में दोषी पाते हुये 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 5000/- रूपये के अर्थदण्ड से तथा धारा 08/11 म.प्र. कृषक पशु परिरक्षण अधि. 1959 में दोषी पाते हुये 06 माह के सश्रम कारावास व 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।   उक्त प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन का सफल संचालन श्रीमती अलका राणा, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, जिला देवास द्वारा किया गया एवं उक्त प्रकरण में आरक्षक आलोक कानूनगो का विषेष सहयोग रहा।    

  • (नारद संहिता) ——————————— -महेश दीक्षित ——————————– पीएमओ करा रहा मप्र का सर्वे!               ‘नदी का घर’ क्यों चर्चाओं में         ‘, भाजपा नेत्री  परिदृश्य में कहां खो गई ?                      होशंगाबाद में ‘शर्मास’ बनाम ‘शर्मा                                  शायद टिकट मिल जाए, विधायक बन जाएं..!

    (नारद संहिता) ——————————— -महेश दीक्षित ——————————– पीएमओ करा रहा मप्र का सर्वे! ‘नदी का घर’ क्यों चर्चाओं में ‘, भाजपा नेत्री परिदृश्य में कहां खो गई ? होशंगाबाद में ‘शर्मास’ बनाम ‘शर्मा शायद टिकट मिल जाए, विधायक बन जाएं..!

    ——————————– पीएमओ करा रहा मप्र का सर्वे! भाजपा हाईकमान और पीएमओ आगामी विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। भाजपा हाईकमान ने चुनाव को लेकर पार्टी और सरकार की जमीनी हकीकत जानने के लिए जो सर्वे कराया था, उसमें पार्टी की जो निगेटिव रिपोर्ट सामने आई, उसके बाद भाजपा हाईकमान ने तो मप्र का रिमोट अपने हाथ में ले ही लिया है। इसके बाद पीएमओ ने भी अपने भरोसेमंद अफसरों की टीम को मध्यप्रदेश में उतार दिया है। बताते हैं पीएमओ के अफसर प्रदेश के जिलों में जा-जाकर अफसरों से पार्टी और सरकार की जमीनी हकीकत जान रहे हैं। इसके साथ पीएमओ के अफसर प्रशासनिक मशीनरी को पीएमओ का संदेश समझा रहे हैं। नारदजी कहते कि, जिस तरह से दिल्ली हाईकमान ने मप्र में पार्टी का स्टेयरिंग संभाला है, उससे तो लगता है कि भाजपा ने ऐन-केन-प्रकारेण मप्र को जीतने की ठान ली है।

    — ‘नदी का घर’ क्यों चर्चाओं में ! आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मध्यप्रदेश में भाजपा का स्टेयरिंग भले ही ‘शाह’ ने अपने हाथ में ले लिया हो… भले ही चुनाव प्रबंधन संयोजक के साथ सात-सात प्रभारी मप्र भाजपा के सिर पर बिठा दिए गए हों…टिकट भले ही दिल्ली से तय हों.. लेकिन न जाने क्यों भाजपा के टिकट के दावेदारों को यह लगता है कि टिकट तो ‘नदी का घर’ में निवासरत ‘गुरूजी’ की कृपा और सहमति से ही तय होंगे। इसलिए टिकट के दावेदार इन दिनों भोपाल-दिल्ली भाजपा मुख्यालय की परिक्रमा करने के साथ ‘नदी का घर’ को ‘प्रणाम’ करने पहुंच रहे हैं। नारदजी बता दें कि, ये गुरु जी मप्र भाजपा के पुराने सिद्ध रह चुके हैं। इनके खास शिष्य भाजपा संगठन के एक ‘बड़े पदाधिकारी’ के तौर पर जाने जाते हैं। नारदजी को भाजपा के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने बताया कि भाजपा संगठन के बड़े भाईसाब पार्टी सम्मत जो भी फैसले लेते हैं, उसके पहले ‘गुरूजी’ की सहमति लेते रहे हैं।

    भाजपा नेत्री परिदृश्य में कहां खो गई? मप्र भाजपा की दो सुदर्शना नेत्रियां, जिन्हें संगठन के जिम्मेदार भाईसाबों ने सिर-आंखों पर बैठा रखा है। जिनका अपने क्षेत्र में कोई राजनीतिक जनाधार और प्रभाव नहीं है, फिर भी पार्टी ने कई-कई दायित्व और पद सौंप रखे हैं। अचानक ये नेत्रियां भाजपा संगठन के नए परिदृश्य से कहां नदारद हो गईं? यह सवाल विस्मय के साथ भाजपा के नेता-कार्यकर्ता एक-दूसरे से पूछ रहे है। दरअसल, मप्र भाजपा संगठन के कार्यक्रमों, आयोजनों और बैठकों में हमेशा अपनी मौजूदगी से केन्द्रीय मंत्रियों, संघ-संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने वाली ये ‘सुदर्शना नेत्रियां’ मोदी और शाह की हाल ही में हुई भोपाल यात्राओं के दौरान नदारद रहीं। कहां नदारद रहीं? यह तो नेत्रियां ही बता सकती हैं। हां, इतना जरूर है कि, दोनों नेत्रियों को संगठन में ज्यादा तवज्जो दिए जाने को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं ने भाजपा हाईकमान में शिकायत की थी। नारदजी कहते हैं कि भाजपा के नए परिदृश्य में नेत्रियों का नदारद होना इसी का ‘साइड इफेक्ट’ हो सकता है।

    — होशंगाबाद में ‘शर्मास’ बनाम ‘शर्मा’ आगामी विधानसभा चुनाव में होशंगाबाद विधानसभा सीट से भाजपा किसको अपना उम्मीदवार बनाएगी? इस सवाल को लेकर यदि कोई सबसे ज्यादा परेशान हैं, तो होशंगाबाद की राजनीति के शर्माएदार ‘शर्मास बंधु’। क्योंकि पांच बार के एमएलए और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरण शर्मा को तो चाहने पर भी इस बार पार्टी उम्मीदवार नहीं बनाएगी, यह तय हो चुका है। हालांकि, सीताशरण के वारिस के तौर पर उनके भतीजे पीयूष शर्मा, जो कि मप्र तैराक संघ के अध्यक्ष हैं, टिकट के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। लेकिन पीयूष शर्मा की राह में डा.राजेश शर्मा, जो कि प्रदेश के जानेमाने चिकित्सक हैं, बड़ा रोड़ा बन रहे हैं। नारदजी को पता चला है कि भाजपा हाईकमान के सर्वे में डा. राजेश शर्मा को होशंगाबाद सीट पर सबसे प्रभावी और जिताऊ नेता बताया गया है। अब देखना यह है कि ‘शर्मास’ बनाम ‘डा.शर्मा’ में पार्टी किस पर भरोसा जताती है। —

    शायद टिकट मिल जाए, विधायक बन जाएं..! मध्यप्रदेश कांग्रेस में जिस भी नेता को देखो वो इस मुगालते में है, जैसे कांग्रेस सरकार बनने वाली है। जिस भी नेता को देखो, जो जरा भी सक्षम है, कोई सीधे, तो कोई अपने आंका के जरिए टिकट के लिए दावेदारी कर रहा है। प्रदेश की 230 सीटों में से कुछ सीटों को छोड़ दें, हर सीट पर कई-कई नेता टिकट मांग रहे हैं। कहने का मतलब है-हर सीट पर ‘एक अनार, सौ बीमार’ की स्थिति है। मजेदार बात तो यह है कई सीटों पर तो एक से ज्यादा नेताओं ने इस उम्मीद से चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है कि, जैसे उनका टिकट फायनल हो चुका है, बस उनके नाम की अधिकृत घोषणा होना बाकी है। नारदजी को कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया कि, इनमें कई तो ऐसे आधारहीन अचम्भे नेता हैं, जिन्हें अपने ही क्षेत्र में कोई नहीं पहचानता। पर, इस प्रत्याशा में दावेदारी कर रहे हैं, शायद किस्मत चमक जाए…टिकट मिल जाए, विधायक बन जाएं…! —- Email id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422

  • पुलिस विभाग में टीआई के तबादलों में देवास में भारी फेरबदल एक दर्जन से अधिक टीआई का तबादला और उनकी जगह कई पुराने चेहरों की वापसी, कई चर्चित टीआई को मिली मनचाही जगह( विधानसभा चुनाव 2023)

    पुलिस विभाग में टीआई के तबादलों में देवास में भारी फेरबदल एक दर्जन से अधिक टीआई का तबादला और उनकी जगह कई पुराने चेहरों की वापसी, कई चर्चित टीआई को मिली मनचाही जगह( विधानसभा चुनाव 2023)

    देवास पुलिस विभाग के लिए आज का दिन तबादले के नाम जाने जाएगा। जिसमें आगामी चुनाव को लेकर कई टी आई ने मनचाही पोस्टिंग करा ली है। तो कई टी आई असफल रहे जिनको दूर भेजा गया है। सबसे पहले हम बात करें देवास में सर्वाधिक टीआई और थाने पर पदस्थ रहने वाले उमराव सिंह को मनचाही जगह इंदौर शहर मिल गई है। दूसरे मुकेश इजारदार जो एसआई से वापस देवास में थानेदार बन कर आए और अच्छी पारी खेली उनको उज्जैन ।शैलेंद्र मुकाती को भी उज्जैन मिला है तीसरे सज्जन सिंह मुकाती को भोपाल देवास में लंबे समय तक रही निता देरवालको सोनकच्छ के पास ही सीहोर जिला मिला है ।मनिता राय को उज्जैन अविनाश सेघर उज्जैन ।देवास में प्रधान आरक्षक से टी आई तक तक का अच्छा कार्यकाल बिताने वाले रमेश कलथीया को उज्जैन ,महेंद्र गॉड को ग्वालियर, सिविल लाइन में एक ही थाने पर अच्छी पारी खेलने वाले संजय सिंह को मनचाही जगह इंदौर, छोटेलाल कटारे इंदौर कुंवर लाल झाबुआ गोपाल सूर्यवंशी इंदौर ,अमित सीह जादौन बुरहानपुर और देवास में सबसे चर्चित वीडियो वायरल वाले योगेंद्र यादव को उज्जैन भेजा गया है । आगामी 2023 विधानसभा चुनाव को लेकर अधिकांश टीआई ने अपनी मनमर्जी की जगह हासिल कर ली है ।

    अब हम बात करते हैं ,उनकी जो पहले देवास में टीआई और ऐसा ही रह चुके हैं ।वह भी वापस देवास में चुनाव 2023 के हिसाब से आ रहे हैं। सबसे पहले तहजीब काजी जिनका देवास में अच्छा कार्यकाल रहा और इंदौर में भी चर्चित रहे इंदौर से देवास आ गए हैं ।दूसरा अमित सोलंकी जो देवास में एसआई रहते हुए ही थाने के प्रभारी रहे हैं ।वह उज्जैन से देवास आ रहे है। OP अहीर उज्जैन से देवास, वापस आ रहे हैं। रविंद्र यादव भी उज्जैन से वापस देवास आ रहे हैं। विक्रम सिंह इवने(का.नि.) उज्जैन से देवास वापस आ रहे हैं । और टीआई आशीष राजपूत,मुरैना से देवास संजय मिश्रा,शिवपुरी से देवास ,सुरेखा निमोदा (का.नि.) नर्मदापुरम से देवास मंजू यादव,इंदौर शहर से देवास तहजीब काजी, शशिकांत चौरसिया,इंदौर शहर से देवास देवास में अनिता देअरवाल,इंदौर शहर से देवास अभिनव शुक्ला,धार से देवास हिना डाबर,खण्डवा से देवास अजय सिंह गुर्जर(का.नि.) इंदौर ग्रामीण से देवास श्याम चन्द्र शर्मा उज्जैन से देवास चंद्रकला अर्वे, महिला सुरक्षा इन्दौर से देवास प्रदीप राय(का.नि.), PTC भोपाल से देवास और इस तरह आगामी विधानसभा चुनाव 2023 के हिसाब से देवास में लंबे समय मनचाही जगह पदस्थ रहने वाले टीआई ने पोस्टिंग भी मनचाही जगह करा दी है तो बाहर से कुछ टीआई नेताओं की पसंद के हैं तो कुछ चुनावी हिसाब से समय पास के लिए देवास आ गए हैं ।जिस तरह देवास के टीआई मजबूरी में तबादला करा कर बाहर गए हैं।