बादलों के साथ तबादलों का मौसम,                            महाराज का हेलीकॉप्टर शॉट, जिला पंचायत और सज्जन भैया, एडी एम ,सीओ  और कमिश्नर  की यादगार पारी,            एसडीएम  सोनी निकले पतली गली से,                              दीपेश का आंदोलन ,         नवागत एसडीएम प्रतिक राव, पुलिस विभाग मैं डीएसपी और सीएसपी का नाम,                न्याय विभाग ने की पौधारोपण की  शुरुआत ,                        वीर टीआई को शत शत नमन

भगत ———-बाबा प्रणाम बदरा छाए हैं।    बाबा——- सावन का महीना और बादल तो बरसेंगे ही खूब बरसने दो धरती की प्यास अभी नहीं बुझी है ।बरखा रानी खूब जम कर बरसो झूमकर बरसो।

भगत———बाबा बादलों के साथ तबादलों का भी मौसम चल रहा है।                                           बाबा ———–——————— हां बेटा यह चुनावी तबादले हैं पुलिस और प्रशासन दोनों में बादलों की गरज के साथ-साथ तबादलों की भी गरज रोज सुनाई दे रही है।

भगत —— एडीएम सीओ और कमिश्नर तीनों चले गए।                                                     बाबा—— तीनों की अच्छी पारी रही एडीएम महेंद्र कवचे धैर्य गंभीर स्वभाव के साथ आमजन की समस्या के लिए सहज सरल उपलब्ध रहते थे ।और शासन ने उनका तबादला भी पास में ही उज्जैन किया। दूसरा सीईओ प्रकाश चौहान पहले देवास एडीएम के पद पर आए थे और तबादला होने के बाद देवास सीओ जिला पंचायत का कार्यकाल अच्छा रहा ।ऐसे ही देवास कमिश्नर विशाल सिंह भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सरकार में आए थे उस समय बहुत फास्ट पारी खेली थी और भाजपा सरकार जाने के बाद इनको भी जाना पड़ा। पूर्व महापौर जय सिंह ठाकुर की नाराजगी भारी पड़ी। दूसरी बार किस्मत से वापस भारतीय जनता पार्टी सरकार बन गई और सरकार बनते ही विशाल सिंह चौहान की वापसी नगर निगम में हुई ।नगर निगम में किस्मत इतनी अच्छी की बिना परिषद के एकतरफा राज रहा ।देवास विकास के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे और एबी रोड पर दोनों और स्पोर्ट्स पार्क चामुंडा कंपलेक्स में कायाकल्प और कई उपलब्धियां रही। बस भ्रष्टाचार पर कंट्रोल नहीं कर पाए इनके विकास में कई बाहरी ठेकेदार और इंजीनियरों का भरपूर विकास हुआ और अब चुनाव में वैसे भी इनको जाना था ।चुनाव नहीं आते तो विशाल सिंह की पंचवर्षीय योजना मैं बहुत कुछ देवास वालों को और ठेकेदारों को लाभ होता ।

भगत ———एसडीएम  सोनी जी को चांदी नहीं फली। बाबा—– मां तुलजा भवानी पर चांदी चांदी का श्रृंगार अच्छा रहा लेकिन बहीखाता गोलमाल अच्छा नहीं रहा। विकास और सुंदरीकरण अच्छी बात है लेकिन पारदर्शिता अगर नहीं हो तो सारा किए कराए पर पानी फिर जाता है ।वैसे भी मां चामुंडा टेकरी पर मंदिर में दर्शन के नाम पर जूते और कहीं बार सोनी जी विवादों में रहे। आखिर में बस कांड में लोकायुक्त में उलझ ही गए ।वैसे भी इनको वर्तमान कलेक्टर बस सहन हीं कर रहे थे। और तबादला होने ही वाला था कि जाते जाते मामला उलझ गया।

भगत—- , नवागत एसडीएम प्रतिक राव ने कलेक्टर शैली में कार्य शुरू किया है।                         भगत—– फ्रेश अधिकारी की बात ही अलग होती है फिर कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पसंद है कलेक्टर ने प्रतिक राव पर भरोसा जताया है और उन्होंने जमीन पर कार्य भी शुरू कर दिया है कलेक्टर तो अपनी कार्यशैली के कारण कम समय में ही पूरे जिले में अपनी अलग छवि बना चुके हैं  ।अब डबल इंजन प्रशासन का कार्य देवास में देखने को मिल सकता है  एसडीएम अगर ईमानदारी से कार्य करें कलेक्टर के पास समस्या और विकास कार्य के लिए भी समय मिले ।कुछ नया करने को समय मिले सबसे पहले एसडीएम ने आम जनता को ऑफिस ऑफिस की समस्या जो सबसे ज्यादा तहसील कार्यालय एसडीएम कार्यालय में ही आती है ।आम गरीब इधर उधर ना भटके सीधे उसका काम हो अधिकारी जब सीधे सहज तरीके से मिलने लगेंगे तो अधीनस्थ तो उसी शैली में कार्य करेंगे और कुछ ना कुछ तो जनता का फायदा होगा। भले ही सरकार ने लोक सेवा गारंटी योजना शुरू कर दी है ।लेकिन आम आदमी अभी भी छोटी सी समस्या के लिए भी ऑफिस ऑफिस के चक्कर लगाता नजर आता है ।और फिर मजबूरी में जनसुनवाई में छोटी समस्या भी कलेक्टर के सामने लंबी लाइन लगाए खड़ी होती है ।यह सब तहसील और एसडीएम कार्यालय में ही हल हो सकती है । प्रदेश के कई एसडीएम कार्यालय में एसडीएम ने तो कार्यालय के बाहर बोर्ड लगा रखा है कि मैं क्या आपकी मदद कर सकता हूं ।लेकिन देवास में कलेक्टर गुप्ता जी से मिलना आसान था सोनी जी से कठिन। खेर अब यहां पर बदलाव निश्चित है। सोनकच्छ एसडीएम के बाद अब देवास एसडीएम कार्यालय में भी जनता दरबार लग सकता है।

भगत— सज्जन भैया को जिला पंचायत से फिर झटका लगा। बाबा——— जिला पंचायत जीतने के बाद सज्जन भैया और उनके समर्थक इसको बहुत बड़ी जीत मान रहे थे और उसी हिसाब से खुशियां भी मनाई थी लेकिन भैया की किस्मत में जिला पंचायत पदाधिकारी का बिगाड़ ही लिखा है शायद। सबसे पहले गंगाबाई , फिर नारायण सिंह चौधरी और इसके बाद महिला जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन शिव हाडा और अब लीला भैरू सिंह अटारीया ने तो इनका साथ छोड़ा तो छोड़ा पार्टी ही बदल दी। मतलब अब तक के सबसे ज्यादा कांग्रेस के जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं और उसमें विधायक सज्जन वर्मा की भूमिका अहम रही है परंतु किस्मत में शायद इनके जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं है।

भगत—— राजनीति लड़ाई व्यक्तिगत हो गई है। बाबा—— वैसे दोनों एक दूसरे के बहुत खास है लेकिन राजनीतिक महत्वाकांक्षा और स्वार्थ के कारण व्यक्तिगत विवाद बढ़ रहे हैं जो गलत है। हाटपिपलिया विधानसभा में भी यही हाल है। पहले कांग्रेस भाजपा और अन्य दल आपस में केवल राजनीति चुनाव में ही लड़ते थे ।अब अपने दल में भी व्यक्तिगत और आमने-सामने भी राजनीति छोड़ व्यक्तिगत लड़ाई अच्छे संकेत नहीं हैं । राजनीति में कोई किसी का स्थाई दोस्त दुश्मन नहीं होता आगे देखना है क्या समीकरण बनेंगे।

भगत ———महाराज ने हेलीकॉप्टर शॉट मार दिया। बाबा———— हमारे देश में किसान और श्रमिक पूरी राजनीति उलटफेर कर देते हैं फिर देवास तो औद्योगिक क्षेत्र है । यहां पर श्रमिकों का बोलबाला है कई परिवार उद्योग से जुड़े हैं देवास में गजरा गियर का गियर उद्योगपति बदल रहे थे कई नेता अपनी राजनीति चमकाने श्रमिकों के बीच आ गए थे और गेट के ताले लग गए बस शहर में माहौल बनना शुरू हो गया दूसरा काम हो तो थोड़ा समय लगता है शहर में माहौल बनने में लेकिन श्रमिक अगर सड़क पर आ जाए तो और वह भी चुनाव का समय व्हाट्सएप सोशल मीडिया के युग में माहौल तेजी से बनता है। और बने बनाए माहौल एंट्री मार दी विधायक पुत्र महाराज विक्रम सिंह पवार ने और सारा श्रेय ले गए एंट्री में सबसे अच्छा स्वयं अपने हाथ से ताले खुलवाने वाला अंदाज श्रमिक  को भा गया उदास मुरझाए चेहरे खुशी से खिल उठे और महाराज को नया राजनीति का राज मिल गया है।

भगत—- ——–पुलिस में भी और अधिकारी के तबादले होना है। बाबा————————-बेटा कुछ टीआई जिन को 3 वर्ष हो गए थे अपनी पसंद की जगह चले गए कुछ को दूर जाना पड़ा अब नंबर सीएसपी विवेक सीह और डीएसपी यातायात किरण शर्मा दोनों ही अपनी मनपसंद जगह जाने के प्रयास में है विवेक सिंह 3 वर्ष ही रहे हैं और अच्छा कार्यकाल रहा किरण शर्मा ने देवास में रिकॉर्ड बना लिया सूबेदार से देवास में अपनी पारी की शुरुआत करने के साथ वापस बीएसपी तक का सफर और डीएसपी ही नहीं पुलिस विभाग में अपना एक तरफा कार्य चलाया इसलिए नीचे से ऊपर तक चर्चित है चुनाव का समय है नहीं तो किरण शर्मा की पंचवर्षीय योजना देवास में ही पूरी करते ।अब उज्जैन के लिए प्रयासरत है ,जहां से अगला बदली में देवास में पूर्व पदस्थ सूबेदार हरिनारायण बाथम की वापसी हो सकती है ।पूर्व में पदस्थ पवन बागड़ी तो दूसरी बार वापस आ गए हैं। अब बाथम की वापसी की ज्यादा संभावना है। किरण  काका जाना चुनाव मजबूरी है और अब देवास में सिविल लाइन थाना नाहर दरवाजा और बैंक नोट प्रेस थाना भी खाली होने जा रहा है जहां पर पुलिस से ज्यादा राजनीति भारी है।

   भगत ——और विभाग हे जहां 3 वर्ष से ज्यादा अधिकारी को हो गए हैं।                                   बाबा ———हां बेटा महिला बाल विकास अधिकारी रेलम बघेल और लोक निर्माण विभाग खाद्य विभाग आरटीओ सहित कई विभाग में अधिकारी के साथ इंजीनियर और अधीनस्थ अधिकारी तो एक दशक से ज्यादा टिके हुए है। जिसमें देवास नगर निगम में तो कई इंजीनियर नियुक्ति के समय से यहीं पर फेवीकोल का जोड़ लगाकर चिपक से गए हैं वैसे कई विभाग है लेकिन महिला बाल विकास और नगर निगम स्वास्थ्य विभाग जनता से ज्यादा जुड़ा है बाकी चुनाव आयोग जाने । महिला बाल विकास अधिकारी के पास तो एक जिला और आ गया है यानी 2 जिले एक अधिकारी के पास है ऐसे ही स्वास्थ्य और सुरक्षा अधिकारी के पास भी 3 जिले हैं ।

भगत ——————–न्यायालय विभाग ने पौधारोपण का श्रीगणेश कर दिया है। बाबा————— हमारे देश में न्यायालय पर आज भी आम जनता का पूरा भरोसा है ।अब आधुनिक युग में समय के हिसाब से फास्ट हो गया है ।तो सबसे बड़ी बात सेवा के क्षेत्र में भी न्यायाधीश अग्रणी है विधिक सहायता सेवा के माध्यम से देवास मैं दिव्यांगों को ट्राईसाईकिल से लेकर कई सेवा कार्य किए हैं ।तो इस बार पौधारोपण का श्री गणेश भी शंकरगढ़ से आयोजन के साथ किया गया जिसमें जिला न्यायधीश के विचार अच्छे लगे जिले के समस्त न्यायधीश अभिभाषक और समाजसेवी स्कूल संचालकों से सफल रहा। सबसे बड़ी बात यह रही कि यहां औपचारिकता नहीं थी यहां जमीन पर कार्य करते देखा गया न्यायालय परिवार का सेवा क्षेत्र में आना और सब को प्रोत्साहित करना  और अच्छी बात है । सबसे बड़ी बात है न्यायधीश परिवार ने यहां न्याय वाटिका बना ली है  निश्चित ही आगे एक अच्छी वाटिका के रूप में बनेगी और सबसे बड़ी बात अब शंकरगढ़ पहाड़ी जिसको कभी खदान संचालकों ने खोद खोद कर आधा कर दिया था और यदि खदान पर रोक नहीं लगती तो पहाड़ी कब समतल होकर कॉलोनी में बदल जाती पता ही नहीं चलता जैसा आज नई पीढ़ी को पता नहीं कि कल यह क्या था कभी हरे-भरे बागान जहां थे वहां अच्छी कॉलोनी बस गई है पहाड़ी पर्वत जिनको हमारे धर्म में पूजा इसलिए जाता था कि यह बच्ची रहे भगवान श्री कृष्ण ने पर्वत इसीलिए उठाया था लेकिन अब धीरे-धीरे पहाड़ी पर्वत कट गया या वहां भी किसी संस्थान में कब्जा कर होटल और अन्य उपयोग में ले लिया गौ माता और अन्य पशुओं के चारे से लेकर उनका संरक्षण करने वाली पहाड़ियां अपना अस्तित्व खोती जा रही है न्यायालय परिवार के कदम पढ़ने के बाद वहां अब पूर्ण सुरक्षित है और भविष्य उज्जवल है विषय यहां पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी बहुत कुछ कर रहे हैं उस पर न्यायालय भी साथ हो तो बात क्या है ।अब जिले में पौधारोपण अनिवार्य कर देना चाहिए स्वच्छता मिशन की तरह पौधारोपण अभियान संकल्प लेकर चलना चाहिए । कलयुग टाइम पौधारोपण करने वालों का सम्मान करने के साथ उनको हाईलाइट भी करेगा। 


भगत —–—-दीपेश ने कर्मचारियों की सहानुभूति ले ली।                                                  बाबा—-–—– इन मीन साडे तीन नगर निगम में कांग्रेस के पार्षद उंगलियों पर गिने जाने वाले हैं ।लेकिन दम हौसले बुलंद है। जिसमें दीपेश कानूनगो कांग्रेस ने भले ही विपक्ष नेता ना बनाए हो लेकिन वे अपने दम पर नगर निगम में विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं ।इस बार कर्मचारियों के वेतन का मामला था ।एक दो रोज और हो जाते तो मिलना तो था ही। बस राजनीति की बात यह है कि दीपेश हो गई मन में और बैठ गए कर्मचारियों के लिए कर्मचारियों के लिए किसी पार्षद में कम से कम इतना तो किया सबसे बड़ा भूख हड़ताल 1 दिन भूखे रहना अनशन करना कर्मचारियों की सहानुभूति मिल गई। और मजबूरी, या मर्जी से  ही सही सारे कांग्रेसियों को दीपेश के मंच पर आना ही पड़ा। अब यह बात अलग है कि वेतन तो दीपेश बैठा था उसी दिन शाम को मिलना था। परंतु पर्दे के पीछे कुछ दीपेश विरोधी की भी चली और वेतन दूसरे दिन मिला । दूसरा दीपेश द्वारा पूर्व मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलना भी चर्चा में रहा।

भगत ——नेमावर में टीआई वीरगति को प्राप्त हुए। बाबा —–हां बेटा पुलिस विभाग में ही नहीं आम जनता के लिए भी यह दुखद हादसा रहा। अपने कर्तव्य को निभाते हुए टी आई श्री राजाराम वास्कले वीरगति को प्राप्त हुए उनको शत-शत नमन  जय हिंद जय भारत।

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