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  • निगम चुनाव में करारी हार पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफे की मांग

    निगम चुनाव में करारी हार पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफे की मांग

    जब जीत का सेहरा बांधते हैं तो हार की जवाबदारी लेना ही चाहिए और नैतिकता के नाते इस्तीफा दे देना चाहिए।

    इस समय जहां भारतीय जनता पार्टी में जीत का जश्न मनाया जा रहा है ।तो कांग्रेस में इस समय नगर निगम और परिषद के चुनाव में हार का ठीकरा शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी टिकट वितरण को लेकर उन पर ही फोड़ा जा रहा है। शहर में महापौर की सबसे दयनीय हालत में हार के बाद अगर पार्षद की स्थिति भी देखें तो वह भी उससे ज्यादा हालत खराब है। 45 में से केवल 8 पार्षद वह भी कई जगह कमजोर प्रत्याशी तो कई जगह अपने दम पर जीत कर आए हैं। कई जगह तो कांग्रेस की हालत इतनी खराब रही कि वह तीसरे नंबर पर आई।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से लेकर युवा यही कहते हैं कि टिकट वितरण में रेवड़ी की तरह अपने अपने वालों को टिकट देने से यह हालत हुई है। वरना कांग्रेस इसके पहले दो तीन बार महापौर और अपनी परिषद बना चुकी है तब और अब मैं बस अंतर टिकट का है। विरोध मनोज राजानी का चल रहा है क्या वह इस्तीफा देंगे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष से ऐसा लगता नहीं है क्योंकि मनोज राजानी जिन्होंने सत्ता पक्ष में सरकार अपने हिसाब से चलाएं पूरा जिला अपने हिसाब से चलाया और संगठन में भी जिलाध्यक्ष तक उनके समर्थक है। मनोज राजानी के साथ भाग्य रहा कि सकता जाने के बाद भी उनके नेता कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष बने रहे एक व्यक्ति दो पद मुख्यमंत्री के बाद प्रदेश अध्यक्ष कल लाभ भी अभी तक ले रहे हैं वैसे राजानी को प्रदेश में बड़ा पद मिल सकता था और वह नहीं तो पूरे जिले में जिलाध्यक्ष का पद भी उनके हाथ में ही था परंतु शहर के अंदर कोई नया नेता उभर कर सामने ना आए या विधानसभा की तैयारी के हिसाब से विरोध प्रदर्शन जो कि मनोज राजानी को सबसे अच्छा करना आता है। उस हिसाब से शहर कांग्रेस अध्यक्ष का पद लिया विपक्ष की भूमिका इन्होंने अच्छी निभाई लेकिन नगर निगम में मात खा गए। अपने हिसाब से रेवाड़ी की तरह टिकट बांटने का यह मामला इनके पास पहली बार नहीं इसके पहले भी इन्होंने टिकट दिए थे वैसे यह बात सही है कि जब किसी भी नेता का अवसर आता है तो वह टिकट अपने हिसाब से दिलाता है पूर्व महापौर जय सिंह ठाकुर हो वरिष्ठ कांग्रेस नेता शौकत हुसैन ने भी अपने समय यही सब किया। परंतु इस बार महापौर के साथ पार्षद में भी पार्टी को कोई बढ़त नहीं मिली बस पार्षद यह कह सकते हैं ना खोया न पाया।

    क्या विरोध के स्वर इस स्तर पर उभर पाएंगे कि मनोज राजानी को इस्तीफा देना पड़े क्योंकि इसके पहले पार्षद के ठीक विधायक की टिकट तक मनोज राजानी के आका पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और कमलनाथ जी ने बांटे थे तो आगे भी 1 वर्ष बाद विधानसभा है जिले में अभी तक दो गुट चलते थे परंतु अभी तो एक ही सर्वशक्तिमान कांग्रेसमें सज्जन वर्मा गुट चल रहा है दूसरागुट युवा लाबी का थोड़ा बहुत दम भरता है और अंतिम समय में असफल हो जाता है ऐसे में मनोज राजानी का इस्तीफा मांगना विरोध करना अपनी जगह है परंतु देना उनके स्वयं विवेक पर है देवास विधानसभा सामने है अभी महापौर की 45000 की लीड को देखकर भी यदि कोई विधानसभा की तैयारी करें तो उसे कड़ी मेहनत करना होगी आज और कल में समय बदलते देर नहीं लगती आज परिस्थितियां अलग है कल अलग होगी उस हिसाब से देवास विधानसभा के साथ पूरे जिले की एक तैयारी और संगठन को मजबूत बनाने के लिए युवा लॉबी जो लगातार प्रयास कर रही है उसका भी विशेष ध्यान रखना होगा। बहरहाल अभी तो मनोज राजानी के इस्तीफे की बात जोर पकड़ रही है।

  • कक्षा दसवीं सीबीएसई में दियांशी ने 97.4 अंक प्राप्त कर जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त किया

    कक्षा दसवीं सीबीएसई में दियांशी ने 97.4 अंक प्राप्त कर जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त किया

    देवास। सीबीएसई बोर्ड द्वारा कक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षाओं का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। जिसमें जिले के कई बच्चों ने अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। त्रिलोक नगर इटावा निवासी दियांशी राजेन्द्र गुप्ता ने कक्षा दसवीं सीबीएसई में 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपने परिवार व जिले का नाम देश सहित प्रदेश में गौरवान्वित किया। कुं. दियांशी की उपलब्धि पर विद्यालय प्राचार्य सिस्टर निशा, माता गायत्री गुप्ता, कुरूप अंकल, देवराज गोस्वामी, मिश्रीलाल कुमावत, रेखा बाई गुप्ता सहित विद्यालय शिक्षकों एवं परिवारजनों ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

  • कालापाठा के पास डंपर और आईसर की हुई आमने सामने भिड़ंत आईसर चालक हुआ घायल

    कालापाठा के पास डंपर और आईसर की हुई आमने सामने भिड़ंत आईसर चालक हुआ घायल

    सुन्द्रेल बिजवाड (दीपक शर्मा) इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे 59 ए पर कालापाठा से आगे अंकित ढाबे के पास छोटी पुलिया पर डंपर और आईसर की आमने सामने भिड़ंत हो गई बिजवाड़ चौकी के हेड साहब मोहन सिंह राणा ने बताया कि इंदौर साईट से आ रहा डंपर mp13 H1197और हरदा साईट से जा रही आईसर Mp09 GG1126 की आमने-सामने भिड़ंत हो गई आईसर चालक विजय पिता सूरज राजपूत 40 वर्ष निवासी आंवली जिला उज्जैन घायल होगा वही डंपर चालक महेश पिता रमेश भिलाला सिमरथी धामनोद को भी हल्की चोट आई है उपचार के लिए कन्नौद हॉस्पिटल भेज दिया है

  • अमर बलिदानी श्री चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर नमन कार्यक्रम में भ्रष्टाचार मुक्त और राष्ट्रवादी विचारों को जन जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प

    अमर बलिदानी श्री चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर नमन कार्यक्रम में भ्रष्टाचार मुक्त और राष्ट्रवादी विचारों को जन जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प

    देवास अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद स्मृति समिति द्वारा मध्यप्रदेश की धरती के लाल युवाओ के प्रेरणास्त्रोत राष्ट्र नायक अमर बलिदानी चन्द्रशेखर आजाद जी की 116 जन्म जयंती पर नमन कार्यक्रम आयोजित किया गया , समिति के सरंक्षक दिलीप सिंह जाधव ओर सयोंजक गुरुचरण चौधरी के नेतृत्व में राष्ट्र भक्तो ने आजाद जी प्रतिमा पर दुग्धाभिषेक कर पुष्पो के द्वारा नमन प्रस्तुत किया गया । आजादी के अमृत महाउत्सव वर्ष के अवसर पर संचालक मनीष पारीक ने आजाद जी के जीवन पर आधारित घटनाओ से राष्ट्रभक्तो को अवगत कराया एवम समिति के सदस्यों एवम कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्र भक्तो ने भारत भूमि को भ्र्ष्टाचार मुक्त ओर राष्ट्रवादी विचारो को जन जन तक पहुचाने का संकल्प लिया । इस अवसर पर प्रमुख रूप से यशवन्त राव व्यायाम शाला के अशोक गायकवाड़ ,मोहन पहलवान ,संजय पानसरे ,सहित पहलवान एवम समिति के महेश मीठे ,बाड़ा देशमुख ,भावेश , कीर्ति चौहान ,निर्माण सोलंकी ,अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर बाजपाई ,पुस्तकालय सचिव लोकेंद्र शुक्ला ,आनंद सोलंकी ,विश्वास झाला ,उमेश जोशी सहित राष्ट्रभक्त युवा खिलाड़ी एवं पहलवान तथा समिति के सदस्य उपस्थित थे । मनीष पारीक संचालक दिलीप सिंह जाधव सरंक्षक गुरुचरण चौधरी सयोंजक

  • मठ मंदिरों की सुरक्षा एवं महंत के हत्यारों पर कार्यवाही को लेकर दशनाम गोस्वामी समाज ने सौंपा ज्ञापन

    मठ मंदिरों की सुरक्षा एवं महंत के हत्यारों पर कार्यवाही को लेकर दशनाम गोस्वामी समाज ने सौंपा ज्ञापन

    मठ मंदिरों की सुरक्षा एवं महंत के हत्यारों पर कार्यवाही को लेकर दशनाम गोस्वामी समाज ने सौंपा ज्ञापन देवास। मठ मंदिरों की सुरक्षा एवं ग्राम भुतेश्वर थाना पीपलरावां के महंत के हत्यारों पर कार्यवाही कर गिरफ्तार किए जाने की मांग को लेकर दशनाम गोस्वामी समाज ने शुक्रवार को नारेबाजी कर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि जिले के ग्राम भुतेश्वर थाना पीपलरावां जिला देवास में स्थित प्राचीन भुतेश्वर मंदिर में श्री मदनपुरी गोस्वामी जो कि विगत कई वर्षो से पूजा-अर्चना हेतु करते आ रहे थे। मंदिर के नाम से करीबन 48 बीघा जमीन भी है। जिस पर मंदिर समिति का अधिकार एवं कब्जा है, परन्तु ग्राम के ही कुछ अधर्मी व्यक्तियों ने उपरोक्त जमीन पर अवैधानिक रूप से कब्जा कर रखा था। उक्त जमीन पर मंदिर समिति की जो भी फसल होती है उसको खराब करने हेतु अपने मवेशी छोडक़र कई सालो से उक्त जमीन की फसलो को नुकसान पहुंचाया जाता रहा है। दिनांक 21 जुलाई ग्राम भुतेश्वर में स्थित मंदिर की सभा मंडप में बकरी के आ जाने पर महंत ने नाराजगी जताई तो दो दर्जन से ज्यादा लोगों ने महंत एवं उनके परिवार पर डंडो व धारदार हथियार सहित कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जब उन्हें स्वजन बचाने आये तो उनके साथ भी डंडो एवं धारदार हथियारो से मारपीट की। जिसमे महंत मदनपुरी जी को अत्यधिक गंभीर चोटे आयी। परन्तु जिला अस्पताल आते आते बीच रास्ते में ही पुजारी मदनपुरी जी की मृत्यु हो गयी एवं महंत मदनपुरी जी के पुत्र का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पीपलरावां पुलिस ने 25 लोगों पर नामजद प्रकरण दर्ज किया है, जिसमे 04 महिलाये एवं अन्य ग्रामीण है, परन्तु पुलिस द्वारा हत्यारो की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। दशनाम गोस्वामी समाज शिव पुजक है एवं शिव मंदिरो कि पूजा-अर्चना एवं मंदिर की जमीन से ही अपना जीवन यापन करते है, परन्तु इस प्रकार से यदि अधर्मी व्यक्तियों द्वारा उपरोक्त मंदिर समिति की जमीन पर अवैधानिक रूप से कब्जा किया जाएगा तो मठ मंदिरों के पुजारी एवं उनके परिवारों के जीवन यापन करना मुश्किल हो जाएगा। जिन मंदिरों पर दशनाम गोस्वामी समाज के पुजारी, अन्य महंत एवं उनके परिवार और मंदिरों की सुरक्षा के उचित प्रबंध किए जाए। दशनाम गोस्वामी समाज ने मांग की है कि ग्राम भुतेश्वर में हुई महंत के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। साथ ही मृतक महंत जी के परिवार के सदस्यों की जान माल की सुरक्षा की जाकर मंदिर की पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी मृतक महंत के परिवार को सौंपी जाए। इस दौरान नारायण गिरी गोस्वामी, जुगनू गोस्वामी, अनिल गोस्वामी, राजेन्द्र पुरी गोस्वामी, सोनू गोस्वामी, महेश पुरी गोस्वामी, नितिन गिरी गोस्वामी, अभिषेक गोस्वामी, विकास गिरी गोस्वामी, अजय गोस्वामी, विशाल गोस्वामी, देवपुरी गोस्वामी, भैरू पुरी गोस्वामी, प्रकाश पुरी गोस्वामी, राकेश पुरी गोस्वामी, राहुल गोस्वामी, राकेश गिरी गोस्वामी, कन्हैया पुरी गोस्वामी, विष्णुपुरी गोस्वामी, प्रवीण गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।  

  • विद्यालय के पालकों ने ली तिरंगा फहराने की शपथ

    विद्यालय के पालकों ने ली तिरंगा फहराने की शपथ

         देवास। शासकीय माध्यमिक विद्यालय महाकाल कॉलोनी में 22 जुलाई को भारतीय तिरंगा  अंगीकरण दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। प्रधानाध्यापक महेश सोनी ने बताया कि संविधान सभा द्वारा 22 जुलाई 1947 को भारतीय तिरंगा अंगीकृत किया गया था उसी उपलक्ष में यह आयोजन किया गया। श्रीमती अर्चना वर्मा ने 11 अगस्त से 17 अगस्त तक आयोजित होने वाले तिरंगा अभियान की विस्तृत जानकारी दी और सभी पालकों ने शपथ ली कि वे अपने अपने घरों में एवं संस्थान में भारतीय तिरंगा पूरे मान-सम्मान एवं श्रद्धा के साथ फहराएंगे। श्रीमती नाजमा खान ने संचालन किया।आभार सूर्यबाला बघेल ने माना।

  • विद्यालय के पालकों ने ली तिरंगा फहराने की शपथ

    विद्यालय के पालकों ने ली तिरंगा फहराने की शपथ

    देवास। शासकीय माध्यमिक विद्यालय महाकाल कॉलोनी में 22 जुलाई को भारतीय तिरंगा अंगीकरण दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। प्रधानाध्यापक महेश सोनी ने बताया कि संविधान सभा द्वारा 22 जुलाई 1947 को भारतीय तिरंगा अंगीकृत किया गया था उसी उपलक्ष में यह आयोजन किया गया। श्रीमती अर्चना वर्मा ने 11 अगस्त से 17 अगस्त तक आयोजित होने वाले तिरंगा अभियान की विस्तृत जानकारी दी और सभी पालकों ने शपथ ली कि वे अपने अपने घरों में एवं संस्थान में भारतीय तिरंगा पूरे मान-सम्मान एवं श्रद्धा के साथ फहराएंगे। श्रीमती नाजमा खान ने संचालन किया।आभार सूर्यबाला बघेल ने माना।

  • वफादारी, धैर्य का मिला फल अग्रवाल को, राजे ने टिकट दिलाने के साथ कमजोर प्रत्याशी को बना दिया सबसे मजबूत, कुशल प्रबंधन कड़ी मेहनत और जीत के जुनून ने दिला दी ऐतिहासिक जीत , विरोधियों को दी हर चाल पर शह और मात

    वफादारी, धैर्य का मिला फल अग्रवाल को, राजे ने टिकट दिलाने के साथ कमजोर प्रत्याशी को बना दिया सबसे मजबूत, कुशल प्रबंधन कड़ी मेहनत और जीत के जुनून ने दिला दी ऐतिहासिक जीत , विरोधियों को दी हर चाल पर शह और मात

    एक साधे सब सधे और सब साधे सब जाय, जिसको सार्थक किया देवास की राजनीति में भाजपा के नेता दुर्गेश अग्रवाल ने ।अभी यह नाम आम जनता के सामने महापौर चुनाव में उभर कर आया है गीता दुर्गेश अग्रवाल की ऐतिहासिक जीत के बाद ।वैसे है नाम पुराना नहीं है राज परिवार से ढाई दशक से अधिक समय तक जुड़े दुर्गेश अग्रवाल पर देवास विधायक गायत्री राजे पवार और महाराज ने जब जोखिम के साथ दाव लगा दिया जब पूरे देवास में टिकट मिलने के बाद यह कहा जा रहा था कि यह सबसे ज्यादा वोटों से हारेंगे ।

    और विरोध भी इतना ज्यादा था कि अगर कोई और विधायक या जनप्रतिनिधि होता तो दुर्गेश अग्रवाल का टिकट वापस हो जाता, वह इतना विरोध देखकर डर कर भी वापस ले लेते। लेकिन राज परिवार का आत्मविश्वास जिसे उस समय ज़िद कहां जा रहा था और यहां तक कहा जा रहा था कि इस बार सीट गई कांग्रेस के पाले में ।

    अब सबसे पहले हम बात करते हैं दुर्गेश अग्रवाल की स्वर्गीय महाराज तुकोजीराव पवार के साथ जुड़े अग्रवाल एक छोटी सी किराने की दुकान आवास नगर में चलाते थे। तब महाराज से जुड़ने के साथ इन्होंने केवल महाराज गुट के अलावा किसी और से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया तो कांग्रेस कार्यकाल में विरोध प्रदर्शन मैं भी आवास नगर में इनकी प्रमुख भूमिका रही। चक्का जाम से लेकर कई प्रमुख आंदोलन पूर्व क्षेत्र से होते रहे फिर वोटर लिस्ट से लेकर सारे जमीनी कार्य बिना दिखावे के अग्रवाल करते रहे ।

    और अभी भी जब सब महाराज और राजे के सामने टिकट के लिए शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे तब वे धैर्य के साथ केवल समय का इंतजार कर रहे थे अब शक्ति के सामने अगर शक्ति प्रदर्शन उनके ही समर्थक कर रहे थे तो क्या राजे को यह नहीं मालूम कि इनकी हकीकत क्या है दुर्गेश के धैर्य और वफादारी का फल टिकट के रूप में मिला ।

    तो उसके बाद पूरे शहर में यही लग रहा था कि गीता अग्रवाल के लिए मंजिल आसान नहीं परंतु राजे और महाराज जिनको अभी राजनीति में आए 7 वर्ष से ज्यादा नहीं हुआ। उनके सामने थी एक बड़ी चुनौती की टिकट तो दिला दिया अब जिताना भी है। फिर क्या दिन और रात क्या बारिश क्या गर्मी राजे और महाराज जब मैदान में पूरी तरह उतर गए तो उनके समर्थक स्वाभाविक है कितने दिल से जुड़े हैं कि वह भी स्वयं ही कार्य करने लग जाते हैं ।इसका छोटा सा उदाहरण अभी 1 वर्ष पूर्व मनोज चौधरी हाटपिपलिया विधानसभा में देखने को मिला है जहां भी राजे की भूमिका महत्वपूर्ण रही है इस बार मनोज को वह लाभ नहीं मिलेगा।

    अब राजे का प्रबंधन देखिए सभी समाज सभी वर्ग की अलग-अलग बैठक के बाद उनसे सतत संपर्क दूरभाष पर या रूबरू उसके बाद आम जनता से जनसंपर्क । राजे ने तीन अलग-अलग भाग में चुनाव अभियान की रणनीति रखी पहले में स्वयं को रखा दूसरे में महाराज विक्रम सिंह पवार और तीसरे में दुर्गेश अग्रवाल और पूरी टीम। महापौर गीता अग्रवाल को सीधा आम जनता से जनसंपर्क के लिए स्वतंत्र किया। जीत के लिए राजे और महाराज का जुनून देखते ही बनता था जिस तरह राजा युद्ध क्षेत्र में लड़ाई लड़ने जा रहे हैं उसी तरह इन्होंने मैदान संभाल लिया और इनका जुनून कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाता रहा ।सीधा जनता से संपर्क गीता अग्रवाल के लिए लाभदायक रहा मीडिया मैं भी डिबेट व अन्य जगह से उन्होंने अपने आप को दूर रखा विरोधियों ने बहुत विरोध प्रचार किया लेकिन परवाह नहीं केवल आम जनता से सीधा संपर्क ऐतिहासिक जीत का कारण बना । आम जनता ने मैं सीधा एक संदेश था यह टिकट पैलेस का है शहर की जनता ने विकास को भाजपा को और वोट दिया।

    शिक्षित और घरेलू महिला के मुद्दे पर विरोधियों ने खूब प्रचार किया उसका लाभ उल्टा पड़ गया गीता अग्रवाल की सरल छवि भी प्लस प्वाइंट रही पैलेस ने विरोधियों की हर चाल को उसी अंदाज में नाकाम किया । इस बार सबसे बड़ा नकारात्मक पॉइंट यह भी था कि बहुत से पार्षद के दावेदारों को टिकट नहीं मिलने के कारण वे निर्दलीय लड़ रहे थे यह राजनीति में सबसे ज्यादा नुकसानदायक रहता है परंतु पहली बार ऐसा हुआ की निर्दलीय नाराज तो थे बगावत की परंतु अपने स्वयं के लिए की। पार्टी का उन्होंने साथ दिया अपने लिए वोट मांगने के साथ भाजपा की दुर्गेश अग्रवाल के लिए भी वोट मांगे और कहीं पर नहीं मांगे तो विरोध भी नहीं किया कुछ ने विरोध किया तो वह स्वयं निपट गए निर्दलीय को इस बार जनता ने बहुत कम मौका दिया जहां बहुत कमजोर प्रत्याशी थे वहीं निर्णय लिया है ,परंतु वहां से महापौर के अच्छे वोट मिले। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष राजू खंडेलवाल का घोषणा पत्र में फोटो नहीं देने का मुद्दा भी कांग्रेस ने उठाया परंतु वह मुद्दा भी ज्यादा नहीं चला । राजे द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूर्व मंत्री कैलाश विजय वर्गीय को लाने के साथ कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के सारे प्रयास किए मुख्यमंत्री की बैठक में देवास शहर के पैकिंग के प्लाट की समस्या का पूर्ण निदान का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा। ऐसे कई मुद्दे भुनाने के साथ देवास विकास सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा रहा। अब जबकि पूरे प्रदेश में देवास महापौर गीता अग्रवाल दूसरे नंबर पर सर्वाधिक वोट लाने वाली महापौर रही है जितनी भारतीय जनता पार्टी में महापौर की लीड है उतने मत कांग्रेस के प्रत्याशी को नहीं आए हैं यह कांग्रेस के लिए सोचने वाली बात है। जबकि कांग्रेस से बगावत कर शिवा चौधरी अपनी बहू मनीषा चौधरी को सम्मानजनक मत लाए हैं। इतना ही नहीं पार्षद में भी भारतीय जनता पार्टी के पहली बार 32 पार्षद एक साथ और कुछ निर्दलीय जो भाजपा समर्थित है अगर जोड़ ले तो भारतीय जनता पार्टी ने इस बार देवास में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं अब जहां भारतीय जनता पार्टी का अगला मिशन वह उसी दिन से शुरू कर देती है जिस दिन महापौर का चुनाव संपन्न होता है मिशन 2023 की तैयारी शुरू कर दी है तो कांग्रेसमें अब देवास से लड़ने के लिए हरदम तैयार रहने वाले दावेदार को एक बार सोचना चाहिए कि अभी तो महापौर के लिए ही इतने मत की लीड है तो अगली तैयारी विरोध में ऐसी हो कि सामना कर सके क्योंकि विधानसभा में ग्रामीण क्षेत्र और जुड़ जाएगा और मतदाता भी ज्यादा होंगे बरहाल राजे के कुशल प्रबंधन का लोहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर संगठन तक मान चुका है की कुछ तो बात है राज परिवार में।