Category: विशेष

  • लोकप्रिय साप्ताहिक स्तम्भ-नारद संहिता
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-महेश दीक्षित

    लोकप्रिय साप्ताहिक स्तम्भ-नारद संहिता ————————————- -महेश दीक्षित

    ————————- नड्डा की नसीहत के मायने

    भाजपा के राष्ट्रीयअध्यक्ष जेपी नड्डा हाल ही में भोपाल आए और मप्र भाजपा कोर कमेटी की बैठक में सत्ता-संगठन में समन्वय को लेकर पार्टी के नेताओं को नाराजगी भरे लहजे में तमाम नसीहतें देकर चले गए। नड्डा की नसीहतों के पार्टी में अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। नड्डा नसीहत में यह स्पष्ट कर गए कि मैं न विधानसभा चुनाव की पार्टी स्तर पर तैयारियों को लेकर खुश हूं, और न मप्र भाजपा संगठन के जिम्मेदार नेताओं की कार्यशैली से संतुष्ट हूं। ऐसे में राजनीतिक विज्ञानी तो नड्डा की नसीहतों का यही निष्कर्ष निकाल रहे हैं कि, मप्र भाजपा संगठन में जल्द कुछ बदलाव होने वाला है। हालांकि प्रदेश में कोई भी बदलाव अब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद ही होगा।

    — खतरे में मंत्रीजी की सियासत


    सरकार में सबसे कद्दावर और एक समय सरकार के सबसे बड़े संकट मोचक के रूप में उभरे मंत्रीजी इन दिनों खुद को मुसीबत में अनुभव कर रहे हैं। उन्हें विधानसभा चुनाव के पहले अपनी सियासत पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। दरअसल कोर्ट की तलवार तो इन मंत्री के निर्वाचन पर पहले से ही लटक ही रही है। इसके साथ उनके राजनीतिक विरोधियों ने उनकी चारित्रिक रूप से घेराबंदी शुरू कर दी है। वो यह कि, स्त्रैण होने के आरोप लगाकर मंत्रीजी की चारित्रिक हत्या कर दी जाए। हालांकि मंत्रीजी इन संकटों से मुक्ति के लिए प्रदेश के सिद्ध शक्तिपीठों पर टोने-टोटके और पूजा-अनुष्ठान करा रहे हैं। देखना यह है कि, टोने-टोटके मंत्रीजी को मुसीबतों से मुक्ति दिला पाते हैं या नहींं। —

    भाजपा में जीतू का भेदिया

    कांग्रेस से भाजपा में आए एक अमानुष (कुछ अलग दिखने वाले) नेताजी की निष्ठाएं भी जट हैं। वे भाजपा में आकर भी अपने कांग्रेसी आंका जीतू भिया के प्रति वफादार बने हुए हैं। ये अमानुष नेताजी ट्वीटर के जरिए कांग्रेसी आंका जीतू भिया के दाएं-बाएं वाले दूसरे नेताओं पर तो हर दिन जमकर राजनीतिक बाण चला रहे हैं। लेकिन जीतू भिया के मामले में दरियादिल बनेे हुए हैं। इस वजह से भाजपा में इन नेताजी की निष्ठाएं संदिग्ध होती जा रही है। उन पर जीतू का भेदिया होने के आरोप लग रहे हैं। प्रदेश भाजपा के मुखिया तक भी इन नेताजी की शिकायत पहुंची है। नारदजी कहते हैं कि, भाजपा में स्वीकार्यता नहीं हो पाने से नेताजी की स्थिति घर के रहे न घाट के जैसी होती जा रही

    । — बुंदेलखंड में तीन भाजपा

    मप्र कांग्रेस में तो जितने नेता हैं उतनी कांग्रेस हैं, ऐसा कहा जाता है। लेकिन भाजपा के संदर्भ में यह बात सुनने में जरा अटपटी लगती है। जी हां, बुंदेलखंड में तीन अलग-अलग भाजपाएं चल रही हैं। गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह और गोविंद राजपूत तीनों भाजपा सरकार में मंत्री हैं, पर तीनों अपने-अपने ढंग से बुंदेलखंड में भाजपा को चला रहे हैं। गोपाल सागर भाजपा, भूपेंद्र शिवराज भाजपा और गोविन्द सिंधिया भाजपा चला रहे हैं। तीनों मंत्रियों की अलग-अलग भाजपा में कार्यकर्ता चक्करघिन्नी और पार्टी डैमेज हो रही है। नारदजी कहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की यह बंदरबांट भाजपा सेहत के लिए शुभ संकेत तो कतई नहीं है।

    — दिग्विजय के भरोसे कांग्रेस

    दिग्विजय सिंह यानी मिस्टर बंटाढार के नारे के सहारे भाजपा ने 2003 में वर्षों का अपना सत्ता का वनवास खत्म किया था…और तब से अब तक मप्र की सत्ता में काबिज बनी हुई है… अब कांग्रेस उन्हीं मिस्टर बंटाढार दिग्विजय के सहारे आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने के लिए जोर मार रही है…दिग्विजय के सहारे कांग्रेस की नैय्या पार लगेगी या नहीं, यह तो विधानसभा चुनाव में ही पता चलेगा…लेकिन राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि कांग्रेस ने दिग्विजय को मैदान में उतारकर फिर भाजपा की सत्ता की राह जरूर आसान कर दी है…नारदजी कहते हैं कि कांग्रेस को हराने के लिए भाजपा की जरूरत ही नहीं है, उसके लिए दिग्विजय ही काफी हैं…इसीलिए भाजपाई भी बोल रहे हैं-जय मिस्टर बंटाढार की…! -Email id-maheshdixit66@gmail.com/(mb)-9893566422

  • भारतीय जनता पार्टी कार्यकाल में अभी तक 17 एसपी बदले, कुछ बदलने लगे तो वे ही  बदल गए ,अब नवागत एसपी संपत उपाध्याय  से जनता को कुछ उम्मीद, सत्ताधारी नेता भी निष्पक्ष कार्य करने दे

    भारतीय जनता पार्टी कार्यकाल में अभी तक 17 एसपी बदले, कुछ बदलने लगे तो वे ही बदल गए ,अब नवागत एसपी संपत उपाध्याय से जनता को कुछ उम्मीद, सत्ताधारी नेता भी निष्पक्ष कार्य करने दे

    किसी भी जिले में कलेक्टर और एसपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है वह चाहे तो जिले में बहुत कुछ बदल सकते हैं ।और इनके कार्य पर सरकार की छवि आम जनता के बीच बनती है। जिले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता को भी कुछ समय हुआ है उन्होंने अपना जलवा दिखा दिया है ।अब पुलिस महकमे में भी बदलाव आया है और नवागत एसपी संपत उपाध्याय को देवास से कुछ करने का मौका मिला है। जैसा की आम जनता जब भी कोई अधिकारी आता है। उसे एक उम्मीद बन जाती है कि अब कुछ अच्छा होगा नया होगा और होता भी है ।और कई बार वह निराश भी हो जाती है ।अगर अधिकारी अच्छा करता है तो वह जनता की नजर में हीरो बन जाता है ।कुछ समय के लिए ही सही एक अलग छवि आम जनता के साथ पुलिस विभाग में भी याद के रूप में रह जाती है। अब बात करें आम जनता ने प्रदेश में 2003 में सरकारी इसलिए बदली की कुछ बदलेगा। सन 2003 मैं पुलिस अधीक्षक डी सी सागर को सरकार ने ज्यादा नहीं मौका दिया इसके पूर्व कांग्रेस सरकार में वे जरूर एनकाउंटर नरेंद्र कंजर और सीधे जनता से रूबरू होने के लिए पहचाने जाते रहे आज भी प्रदेश में उच्च अधिकारी होने के साथ कई बार उन के डांस सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होते हैं। इनके बाद राजेंद्र कुमार चौधरी के कार्यकाल में कुछ खास नहीं रहा। तीसरे अंशुमन यादव जरूर ईमानदारी के कारण जाने जाते रहे और बहुत कुछ करने का प्रयास किया । एक अधिकारी अच्छा था तो उसके बाद फिर उम्मीद विपरीत की रहती है ऐसे ही आईपी कुलश्रेष्ठ आर्थिक लाभ में नंबर वन फिर डॉक्टर मयंक जैन का कार्यकाल भी टाइमपास रहा और डीआईजी में पदोन्नत होने के बाद लोकायुक्त के घेरे में आ गए। मयंक जैन के बाद एसपी साजिद फरीद सापू का कार्यकाल यादगार रहा ईमानदार छवि के साथ दबंग खासकर देवास के कई राजनेता इनको नहीं भूल सकते कांग्रेस या भाजपा सभी को जेल का वह दिन आज भी याद आता होगा । फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई और एसपी गौरव राजपूत ने भी दबंगई दिखाने का प्रयास करें परंतु एक भारतीय जनता पार्टी नेता के चुनाव में स्वागत सत्कार के कारण इनको देवास से जाना पड़ा। इसके बाद एस पी सिंह भी शुभ लाभ में लगे रहे देवास में सब कुछ चला इसके बाद अनिल शर्मा अनिल माहेश्वरी और अभय सिंह शशिकांत शुक्ला के लंबे अंतराल के बाद पुलिस अधीक्षक अंशुमान सिंह का जरूर नाम इमानदारी और कुछ बदलने के प्रयास के रूप में लिया जाता है। इसके बाद एसपी अनुराग शर्मा चुनावी माहौल में अपनी सेवानिवृत्ति का समय पास करने के लिए आए सरकार बदल गई उनको भी बदलना पड़ा मात्र कुछ माह की सरकार में भी कांग्रेस ने अनुराग शर्मा के बाद एसपी चंद्रशेखर मालवीय को मौका दिया उन्होंने पूरा मंत्री सज्जन वर्मा धर्म निभाया और जाना थी उनके ही कारण पड़ा विवादों में घिरे रहे। इसके बाद महिला एसपी कृष्णा वैली को क्षेत्रीय भाषा से लेकर देवास पुलिस विभाग को समझने में ही समय लग गया और इस बीच सरकार बदल गई फिर भारतीय जनता पार्टी सरकार में डॉक्टर शिव दयाल सिंह को दायित्व मिला डॉक्टर साहब की डॉक्टरी यहां पर कुछ खास नहीं कर पाई एक अच्छे अधिकारी होने के बाद भी देवास में वही सब कुछ चला जो नेताओं ने चलाया इनके बारे में यही कहा जा सकता है कुछ तो मजबूरी रही होगी वरना…..। खैर यह की भारतीय जनता पार्टी के अब तक एसपी बदलने की बात अभी तो देवास के नवागत पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय जिनका कार्यकाल देखते हुए यही कहा जा रहा है कि देवास में बहुत कुछ बदला जा सकता है। वर्षों से पदस्थ स्थानों पर पुलिसकर्मी और खुलेआम शहर के चारों ओर वसूली पॉइंट के साथ पूरे जिले में चल रहा है सट्टा, चौकी पर भी राजनीति के साथ आर्थिक आधार पर विवादित चौकी प्रभारी लिखने का बहुत कुछ है और आम जनता के लिए करने को भी बहुत कुछ है आम जनता का दर्द जो समझ कर उसको दूर करने का प्रयास करता है वह आम जनता की नजर में नायक तो ईश्वर के यहां भी अलग स्थान है। सत्ताधारी नेता से भी एक अपील कि वह अब चुनावी समय है कम से कम अब अपने समर्थकों को कह दे कि अपराधी और अपराधों से दूर रहे सट्टा बाजार और अन्य अपराध करने वाले आम जनता में अच्छा संदेश नहीं देते सरकार बदनाम होने के साथ नेताजी आप भी बदनाम होते हो। अगर एसपी कुछ अच्छा करे तो साथ निभाए विकास के साथ शहर को स्वस्थ और सुरक्षित माहौल भी आवश्यक है ।

  • श्री कृ ष्ण ने कर्म भक्ति  के साथ प्रकृति का संरक्षण करना सिखाया है-वंदना श्री

    श्री कृ ष्ण ने कर्म भक्ति के साथ प्रकृति का संरक्षण करना सिखाया है-वंदना श्री

    देवास। श्रीकृष्ण की लीलाओं में सबसेे बड़ी गोवर्धन लीला है। इस लीला के पीछे अनेक उद्ेश्य छिपे हुए हैं। श्री कृष्ण ने मनुष्य को प्रकृति से प्रेम करना सिखाया है। पृथ्वी पर प्रकृति सुदृढ रहेगी तभी अच्छी वर्षा होगी। इसीलिए श्री कृष्ण ने गोकुल वासियों से इंद्र की पूजा बंद करवाकर गिरिराज की पूजा करवाई, क्योंकि गिरिराज प्रकृति का संरक्षण करते हैं। कथा में गोवर्धन की विविधता का चित्रण किया तथा दृश्य के माध्यम से गोवर्धन की पूजा दिखाई। गो का एक अर्थ है इंद्रिया अर्थात इंद्रियों का वर्धन करना, दूसरा अर्थ ज्ञान अर्थात ज्ञान का संवर्धन करना। गो का एक अर्थ बुद्धि और स्वच्छता भी है। और गो का एक अर्थ प्रकृति भी है। इसीलिए गो अर्थात गाय माता में समूचे देवताओं का वास भी माना जाता है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन लीला के माध्यम से मनुष्य को प्रकृति के साथ जीना सिखाया। यह शाश्वत विचार कैलादेवी मंदिर में हो रही श्रीमद भागवत में बृज रत्न वंदना श्री ने व्यक्त करते हुए किये। कथा में गोवर्धन लीला के दृश्यमय वर्णन के साथ भगवान गोवर्धन की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई साथ ही छप्पन भोग लगाया गया। लगाए हुए भोग को कलाकारों ने समस्त श्रोताओं को प्रसाद के रूप में दिया। कृष्ण लीला में चीरहरण का चित्रण करते हुए महिलाओं को नदी की मर्यादा के बारे में बताया। रास लीला में बृज के कलाकारों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। श्रीकृष्ण की रास लीला का यह सुंदर दृश्य अद्भुत दिखाई दे रहा था, श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए थे, कृष्ण के मथुरा जाने का प्रसंग इतना मार्मिक था कि श्रोताओं की आंखों से अश्रुधारा बह गई। कथा में कंस वध, उद्धव के ज्ञान के अहंकार का मर्दन तथा कृष्ण का सांदिपनी आश्रम उज्जैन में विद्याअध्ययन का वर्णन किया गया। कथा में विशेष रूप से इंदौर के समाज सेवी प्रेमचंद गोयल, खरगोन से विनोद महाजन, सत्येन्द्र जोशी, महेश अग्रवाल, संघ के प्रमुख कैलाश चंद्रावत, दिनेश तजेरा, मोहन विश्वकर्मा, धनेन्द्रसिंह, कालूसिंह चौधरी, सुंदरलाल शर्मा, कैलाश मिश्रा, राजेश तिवारी, अनिलसिंह, अखिलेश सेंगर, जुझारसिंह राठौर, वैश्य समाज से अशोक सोमानी, अमित गुप्तप्ता, सचिन मंगल, देविलाल पोरवाल, पवन गोयल, रजनीश पोरवाल, भानु अग्रवाल तथा पार्षद अजय तोमर, प्रवीण वर्मा, मुकेश ठाकुर, विक्रम जाट, गोपाल खत्री, संजय ठाकुर, अकिला ठाकुर, रितु सावनेर आदि उपस्थित थे। व्यसपीठ की पूजा मन्नुलाल गर्ग एवं परिवार ने की। कथा में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष उपस्थित थे।

  • अंडर ब्रिज निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रहे विद्युत पोल को हटाए जाने को लेकर किया आंदोलन, क्या सत्ता पक्ष नेता ध्यान देंगे

    अंडर ब्रिज निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रहे विद्युत पोल को हटाए जाने को लेकर किया आंदोलन, क्या सत्ता पक्ष नेता ध्यान देंगे

    सबसे पहले तो ओवर ब्रिज बनने में कई साल लग गए और लंबे समय बाद उसका लोकार्पण हुआ तो अभी भी वहां रात में अंधेरा रहता है और अब दूसरी जनता के लिए सौगात है लेकिन वह भी कछुआ गति से कार्य चलने के कारण विपक्ष को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है मेंढकी रोड रेल्वे ओव्हर ब्रिज के पास काफी लम्बे समय से अंडर ब्रिज का निर्माण कार्य प्रगति पर है, लेकिन ब्रिज का कार्य कछुए की चाल की तरह चलने से रहवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ब्रिज निर्माण के लिए कई बार आंदोलन भी किया गया। तब जाकर निर्माण कार्य प्रारंभ हो सका। ब्रिज निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे विद्युत पोल को हटाए जाने की मांग को लेकर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि एवं नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि राहुल पवार के साथ रहवासियों ने सोमवार को आंदोलन किया। रहवासियों ने बताया कि अंडर ब्रिज सीधा बनना था, लेकिन विद्युत पोल के कारण ब्रिज के रोड को मोड़ दिया गया। ब्रिज के उस तरफ भी ब्रिज के बीच में एक विद्युत पोल आ रहा है। उसके कारण भी निर्माण कार्य बाधित होगा। विद्युत विभाग की तानाशाही के कारण पोल को हटाया नही गया। जिससे सीधे अंडर ब्रिज को मोडक़र बनाया जा रहा है। हमारी मांग है कि पोल हटाया जाए, जिससे अंडर ब्रिज का कार्य शीघ्र पूर्ण हो और रहवासियों का आवागमन सुगम हो। समस्या उत्पन्न कर रहे इन दो विद्युत पोलों को हटाए जाने को लेकर हमने एक माह पूर्व भी विद्युत मण्डल को अवगत कराया था, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। मण्डल के अधिकारियों का कहना है कि हमारे पास पोलों को हटाने का बजट नहीं है। पार्षद प्रतिनिधि पवार ने कहा कि शीघ्र विद्युत पोल को हटाया नहीं गया तो हमारे द्वारा विद्युत मंडल का घेराव कर तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित थे। सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक ब्रिज के आंदोलन ने कांग्रेसी नेता राहुल पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ऊपर ब्रिज बनने से लेकर उसकी समस्याओं और लोकार्पण तक राहुल पवार लगातार सक्रिय रहे तो अब अंडर ब्रिज भी राहुल पवार को ही मौका दे रहा है क्या सत्ता पक्ष नेता इस ओर कोई पहल नहीं कर सकते सांसद विधायक ना सही उनके प्रतिनिधि ही कभी दोहरा तो कर सकते हैं निरीक्षण तो कर सकते हैं उच्च स्तर पर संपर्क कर ठेकेदार से बात कर कार्य तेज गति से चलवा सकते हैं वहीं मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी अधिकारियों से भी बात कर समस्या हल करवा सकते हैं। इस क्षेत्र में कई सत्तापक्ष के नामी नेता है लेकिन अभी तक राहुल पवार ने ही ब्रिज के मुद्दे को दमदार इसे उठाया है और अभी भी लगातार आवाज उठा रहे हैं।

  • कलेक्टर श्री गुप्ता ने एक आरोपी को छ: माह के लिए किया जिलाबदर, अवैध शराब परिवहन में पकड़ाए वाहन राजसात

    कलेक्टर श्री गुप्ता ने एक आरोपी को छ: माह के लिए किया जिलाबदर, अवैध शराब परिवहन में पकड़ाए वाहन राजसात

    ————- देवास,  कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आरोपी माखनसिंह पिता देवीसिंह उम्र 39 साल निवासी ग्राम सम्मसखेड़ी थाना पीपलरावां को छ: माह के लिए जिलाबदर किया है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने आदेश दिया है कि आरोपी आदेश प्राप्ति से 24 घण्टे के भीतर जिला देवास एवं उसके आस पास के सीमावर्ती जिलों इन्दौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खण्डवा, खरगोन की राजस्व सीमाओं से बाहर चला जाए तथा जिला दंडाधिकारी न्यायालय की बिना पूर्व अनुज्ञा के प्रवेश नहीं कर सकेगा। न्यायलय कलेक्टर देवास ने अवैध शराब परिवहन में पकड़ाए वाहनों को राजसात करने के जारी किए आदेश ————      देवास,  न्यायालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कार्यालय देवास द्वारा पुलिस अधीक्षक देवास एवं जिला आबकारी अधिकारी के प्रतिवेदन पर अवैध शराब परिवहन में पकड़ाए वाहनों को राजसात करने के आदेश दिए गए हैं। जारी आदेशानुसार वाहन स्वामी शाहिद उर्फ साईद उर्फ जर्सी पिता शाकीर कुरैशी निवासी मोहसीनुपरा देवास, जयेश पिता मनोहरलाल नागर उम्र 17 वर्ष निवासी जेतपुरा देवास, वाहन स्वामी लोकेंद्र पिता राम सिंह निवासी ग्राम बिजेपुर, अंबाराम पिता दगड़ू उम्र 46 साल निवासी ग्राम बजरंगगढ़ थाना बागली, वाहन स्वामी सुनील पिता अंबाराम डोडवा निवासी बजरंगगढ़ ग्राम थनगरखेड़ थाना बागली के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक देवास द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया कि थाना प्रभारी सिविल लाइन थाना देवास द्वारा आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत 29-10-2022 को प्रताप नगर देवास से होण्डा साइन मोटर साइकिल रजिस्ट्रेशन क्रमांक एमपी 09 एमटी 6174 से कुल 60 लीटर कच्ची हाथ भट्टी मदिरा अवैध रूप से परिवहन करते हुए पाए जाने पर आरोपी शाहिद उर्फ साईद उर्फ जर्सी पिता शाकीर कुरैशी देवास से जप्त कर गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में आबकारी अधिनियम की धारा 47 (क) के अंतर्गत राजसात करने संबंधी प्रस्ताव प्रेषित किया गया। इसी प्रकार जिला आबकारी अधिकारी, देवास के प्रतिवेदन अनुसार 17.12.2022 को मुखबीर की सूचना के आधार बायपास चौराहा के पास एक दो पहियां वाहन मोटरसाईकल जिसका रजिस्ट्रेशन क्रमांक MP 41 बी 5004 से 53.64 बल्क लीटर विदेशी मदिरा अवैध रूप से परिवहन करते पाये जाने पर जप्त तथा आरोपी जयेश पिता मनोहरलाल नागर, उम्र 17 वर्ष, जाति धाकड़, निवासी जेतपुरा, देवास को गिरफ्तार किया गया। उक्त जप्त वाहन का वाहन स्वामी लोकेन्द्रसिंह पिता राम सिंह सोलंकी, निवासी ग्राम बिजेपुर, जिला देवास है, प्रतिवेदित किया गया है। अतः उक्तानुसार जप्त सामग्री को आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 47 (क) के अन्तर्गत राजसात करने संबंधी प्रस्ताव प्रेषित किये गये हैं। इसी प्रकार जिला आबकारी अधिकारी, देवास के प्रतिवेदन अनुसार 07-11-2022 से प्रतिवेदित किया है कि उपनिरीक्षक आबकारी वृत्त – कन्नौद, जिला देवास द्वारा दिनांक 30.10.2022 को मुखबीर की सूचना के आधार पर बागली से कांटाफोड़ मार्ग पर एक मोटरसाईकल जिसका रजिस्ट्रेशन क्रमांक MP 41 NF 3306 से 55 लीटर हाथभट्टी मदिरा अवैध रूप से परिवहन करते पाये जाने पर जप्त की गयी तथा आरोपी अम्बाराम पिता दगड़ू, उम्र 46 साल, निवासी ग्राम बजरंगगढ़, थाना बागली, जिला देवास को गिरफ्तार किया गया। उक्त जप्त वाहन का वाहन स्वामी सुनील पिता अम्बाराम डोडवा, निवासी 19 बजरंगगढ़, ग्राम थनगरखेड़, थाना बागली, जिला देवास है, प्रतिवेदित किया गया है। अतः उक्तानुसार जप्त सामग्री एवं वाहन को आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 47 (क) के अन्तर्गत राजसात करने संबंधी प्रस्ताव प्रेषित किये गये हैं। न्यायालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक देवास के प्रतिवेदन पर जप्त वाहन एमपी 09 एमटी 6174 तथा कच्ची हाथ भट्टी मदिरा तथा जिला आबकारी अधिकारी देवास के प्रतिवेदन पर दो पहिया वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 41 बी 5004 से विदेशी मदिरा और मोटर साइकिल रजिस्ट्रेशन नंबर  एमपी 41 एनएफ 3306 से हाथ भट्टी मदिरा जप्त की गई। जप्त वाहनों एवं मदिरों पर कार्रवाई करते हुए आबकारी अधिनियम के अंतर्गत राजसात करने के आदेश जारी किए गए हैं।

  • एसडीएम ,तहसीलदार को झटका, कांग्रेसी नेता ने दावेदार के उड़ाए होश, शराब व्यापारी सब पर भारी , बोरिंग परमीशन, राजे फ्लेक्स, आईटीआई ग्राउंड पर मेला,  टेकरी पर अन्न क्षेत्र

    एसडीएम ,तहसीलदार को झटका, कांग्रेसी नेता ने दावेदार के उड़ाए होश, शराब व्यापारी सब पर भारी , बोरिंग परमीशन, राजे फ्लेक्स, आईटीआई ग्राउंड पर मेला, टेकरी पर अन्न क्षेत्र

    भगत –बाबा प्रणाम नववर्ष की बधाई। बाबा –बेटा प्रणाम नव वर्ष की हार्दिक बधाई  ।

    भगत — बाबा देवास में बहुत कुछ नया हो रहा है l बाबा –हां बेटा मेरा देवास कुछ बदल रहा है बहुत कुछ हो गया है देवास मेंl

    भगत –पहली बार एसडीएम और तहसीलदार पर एक साथ कार्रवाई हुई है।

    बाबा –हां कलेक्टर ऋषव गुप्ता अभी लगातार फार्म पर चल रहे हैं और इस बार तो उन्होंने अपने ही एसडीएम और तहसीलदार पर कार्यवाही कर यह संकेत दिया है कि काम सभी को करना है वरना दंड भुगतने के लिए भी तैयार रहें। एसडीएम और तहसीलदार के पहली बार एक साथ 1 माह का वेतन काटने से अधीनस्थ और कर्मचारी तो अब लापरवाही करने से पहले 10 बार सोचेंगे।

    भगत—- एसडीएम देवास मां चामुंडा टेकरी के कार्य को लेकर भी चर्चा में रहते है। बाबा– देवास में मां चामुंडा टेकरी पर पहले चांदी कांड में एसडीएम चर्चा में है इसके पूर्व जूते पहनकर मां के प्रांगण में जाने में चर्चा में आए उसके बाद अन्न क्षेत्र जो नीचे शंख द्वार के पास में था l जहां पर देवास के व्यापारी समाजसेवी आपस में मिलकर अन्न क्षेत्र चलाते थे अब वह जिला प्रशासन अकेले चला रहा है क्या बुरा था की समाजसेवी और व्यापारी लगभग 50% खर्चा वहन करते थे और देवास में दूर-दूर से आने वाले दर्शनार्थियों में भोजन के कारण नाम चलता था। अब  टेकरी पर ऊपर आमजन कम ही भोजन कर पाते हैं भोजन क्वालिटी उत्तम है लेकिन वह जगह और समाजसेवी को एसडीम की छोटी सी हठधर्मिता ने सबको इस सेवा से दूर कर दिया इस नवरात्रि पर्व पर मां चामुंडा टेकरी पर मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा के दर्शन करने के साथ अन्य मंदिर मैं भी दर्शन लाभ होते हैं लेकिन प्रशासन ने कुछ मंदिरों को बंद कर जबरन पंगा ले लिया और जहां तक भोजनालय की बात है तो नवागत कलेक्टर गुप्ता जो अभी कठिन से कठिन समस्या का समाधान आसानी से निकाल रहे हैं वह अन्न क्षेत्र से वापस समाजसेवी और व्यापारियों को जोड़ सकते हैं उनसे और कार्य भी ले सकते हैं जिस तरह मेहनत कर दिल से भोजनालय में देवास के दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु सेवा देते थे और निस्वार्थ सेवा की एक टीम बन गई थी वह वापस बन सकती है।

    भगत —भगवान काका  युवक कांग्रेस के आंदोलन में । बाबा— हां बेटा था तो यह युवक कांग्रेस का आंदोलन लेकिन इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भगवान काका ने बेहोशी की शानदार एक्टिंग कर देवास विधानसभा दावेदार के होश उड़ा दिए। पुतला दहन के दौरान थोड़ी सी झुमा झटके में भगवान काका ने अपने जो तेवर दिखाए कि कांग्रेसियों का जोश और बढ़ गया काका को देखकर। भगवान काका कि तरफ से कुछ दावेदारों ने ध्यान हटाने का प्रयास भी किया। लेकिन  पूरा श्रेय भगवान काका ले गए। अब देवास के विधानसभा के दावेदारों में नाम और प्रबलता के साथ जुड़ गया है भगवान सिंह चावड़ा और सब तरफ से मामला फिट नजर आ रहा है ।इसकी चर्चा अगली बार में करेंगे अभी तो इतनी सी बात की दादा ने बेहोश होकर दावेदारों के होश उड़ा दिए हैं।

    भगत –एसपी भी बदल गए। बाबा— पहले ही बोल दिया था थोड़ा समय राजे कोटे में ज्यादा मिल गया ।एक दो महीने और ज्यादा लेने के बाद भी कहीं दूसरी जगह मौका नहीं मिला ।अब लूप लाइन में ग्वालियर जा रहे हैं सुलझे हुए अधिकारी होने के बाद भी देवास की राजनीति में और पुलिस के कुछ अधिकारियों में उलझ कर रहे गए ।खातेगांव कांड से लेकर देवास में लगातार गोलीकांड और बच्चा चोरी कांड और बहुत से कांड चर्चा में रहे शहर में खुलेआम सट्टा और यातायत विभाग द्वारा वसूली में मात्र मधुमिलन चौराहे का वसूली पॉइंट बंद करा सके। तो इनके नेतृत्व में कहीं अच्छे कार्य भी हुए कहीं अंधे कत्ल और अपराधों का खुलासा हुआ तो अभी अंतिम जाते समय कंजर सुधार का प्रयास भी शुरू ही किया था कि विदाई हो गई खैर व्यक्तिगत रूप से डॉक्टर शिव दयाल सिंह एक अच्छे अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं लेकिन कार्यप्रणाली में राजनेताओं के मजे रहे पूरा कार्यकाल राजनेताओं के हिसाब से चला अब नए वाले क्या करते हैं देखना है लेकिन शहर में आपको तो कुछ नया ही रहा है । भगत अभी तो बहुत तबादले और बाकी है। बाबा सभी अधिकारी से स्वेच्छा से अपनी मनपसंद जगह तलाश रहे हैं नहीं तो चुनाव में तो जाना ही पड़ेगा वहां मनमर्जी की जगह नहीं मिलेगी ।

    भगत —- प्लेक्स की आंधी आई है। बाबा —–जन्मदिन के पहले ही समर्थक उन्होंने अपना सारी ताकत फ्लेक्स में लगा दी ,तो फ्लेक्स पर दूसरा सबसे बड़ा विरोधियों के लिए झटका विकास कार्य का पूरा लेखा-जोखा रहा  ।जिसे देखकर  उनकी नींद उड़ गई भारी नेता के भारी विकास कार्य देखकर फ्लेक्स भी इनका वजन नहीं उठा पा रहे हैं। नवरात्रि पर्व पर वैसे भी फ्लेक्स की बाढ़ आई जाती है परंतु इस बार विरोधी और दूसरे नेता राजनेता राजे के जन्मदिन के कारण अपने फ्लेक्स कहीं लगा ही नहीं पाए। राजे के जन्मदिन के बाद सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और जिला अध्यक्ष जिला महामंत्री के ही फ्लेक्स हिंदू नव वर्ष की बधाई देते नजर आ रहे हैं। अब यह बात अलग है कि जिला प्रशासन के अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे की फ्लेक्स अवैध है वैध । जो भी हो जन्मदिन के पहले ही राजे के फ्लेक्स पूरे शहर में चर्चा का विषय रहे।


    भगत —विरोध तो शराब की दुकानों का भी बहुत हो रहा है। । बाबा —देवास में शराब की दुकान का विरोध तो बहुत होता है लेकिन कुछ समय विरोध होने के बाद नेताजी शांत हो जाते हैं और दुकान वही की वही चलती रहती है अभी देवास के जागरूक पार्षद प्रतिनिधि पिंटू देशमुख और रूपेश वर्मा मुकेश फुलेरी और राज वर्मा ने केला देवी चौराहे पर लगने वाली शराब की दुकान का विरोध किया है। और चेतावनी भी दी रहे कि अगर 10 दिन में नहीं सकती तो आम जनता को लेकर खड़े हो जाएंगे । सही बात भी है भले ही विरोध कोई भी करे लेकिन यह चौराहा बहुत व्यस्त चौराहा है जहां पास में देवास का सबसे प्रसिद्ध केला देवी मंदिर है तो मां शारदा देवी मंदिर भी यहां पर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण महिलाओं को सबसे ज्यादा कार्य पड़ता है। जिला प्रशासन द्वारा इस मुद्दे को व्यक्तिगत मुद्दा ना लेते हुए दुकान यहां से कहीं और शिफ्ट की जाना चाहिए थोड़े से राजस्व के पीछे कई बुराइयां छिपी है ।अब पार्षद प्रतिनिधि की भी बात है कि वे आगे आंदोलन करते हैं या जिले में कई जगह दुकानें हटाने के नाम पर कई बड़े नेताओं ने आंदोलन किए और दुकान आज भी वही की वही ताजा उदाहरण पाल नगर चौराहा बाईपास पर नेताजी बड़े वाले थे दुकान वही की वही है।

    भगत— इस बार बोरिंग पर भी प्रतिबंध लग गया है। बाबा — कलेक्टर ने का दर्द समझा जमीन का पेट जब चाहे जब चीर देने वाले ट्यूबवेल खनन संचालकों पर नकेल कसी है ।देवास में भूजल स्तर बहुत नीचे चले गया है आज समय है बोरी बांध और तालाब पर जल सहेजने की लेकिन लोग सहजता से एक बटन दबाकर पानी चाहते हैं और मेहनत करने वाले किसान को भी इसका आदि बना दिया है आज समय है बड़े तालाब निर्माण के साथ छोटे तालाब भी जगह-जगह निर्माण करें और बारिश का पानी सहेजें उसके लिए गांव-गांव में और शहर के आसपास क्षेत्र में भी बोरी बांध बनाए जाए जो बहुत ही सस्ते दर पर बन सकते हैं लेकिन हमें आधुनिक सुविधाओं ने प्रकृति से दूर कर दिया है आज हम से पानी भी बहुत दूर चले गया है अब जल सहेजने के लिए यह सब करना ही होगा ट्यूबवेल खनन संचालक इसके बाद भी नहीं मानेंगे वे पिछले दरवाजे से बोरिंग परमिशन लेकर या अवैध रूप से निश्चित बोरिंग ग्रामीण क्षेत्र में करेंगे ।कुछ विभागों में यह परमिशन आर्थिक आय का साधन भी बन जाएगी जिला प्रशासन को इस मामले में सख्त होना पड़ेगा।

    भगत ——- खेल मैदान पर ही क्यों मेला लगता है। बाबा —देवास के एक खेल मैदान को मुख्यमंत्री के आयोजन में बलि चढ़ा दिया अभी भी वहां की हालत बमुश्किल सुधरे हैं दूसरा आईटीआई मैदान पर सबकी नजर रहती है कभी यहां पर शासकीय मेला लगता है तो कभी नेता मेला लगाते हैं और खेल मैदान का सत्यानाश कर जाते हैं देवास में फिर एक मेला लग रहा है आईटीआई ग्राउंड पर जहां पिछली बार भी आबकारी विभाग को ठेंगा दिखाकर खुलेआम आम जनता से प्रवेश शुल्क लिया गया था जबकि प्रवेश शुल्क मनोरंजन कर में आता है लेकिन आबकारी विभाग को कुछ ना देकर सीधा मेले के ठेकेदार द्वारा वसूल किया गया था दूसरा यहां मेले में व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रहती पार्किंग में पूरी सड़क जाम करने के साथ ध्वनि प्रदूषण अलग से सहना पड़ता है आसपास की जनता को ।एक तरफ नगर निगम लाखों रुपए लेकर झूला और अन्य दुकाने नीलाम करता है वही कुछ ठेकेदार सीधे आर्थिक लाभ से अपनी जेब गर्म करते हैं। इसका कोई विरोध नहीं करता क्योंकि नेता आपस में सब एक है।