भगत –बाबा प्रणाम नववर्ष की बधाई। बाबा –बेटा प्रणाम नव वर्ष की हार्दिक बधाई ।
भगत — बाबा देवास में बहुत कुछ नया हो रहा है l बाबा –हां बेटा मेरा देवास कुछ बदल रहा है बहुत कुछ हो गया है देवास मेंl
भगत –पहली बार एसडीएम और तहसीलदार पर एक साथ कार्रवाई हुई है।
बाबा –हां कलेक्टर ऋषव गुप्ता अभी लगातार फार्म पर चल रहे हैं और इस बार तो उन्होंने अपने ही एसडीएम और तहसीलदार पर कार्यवाही कर यह संकेत दिया है कि काम सभी को करना है वरना दंड भुगतने के लिए भी तैयार रहें। एसडीएम और तहसीलदार के पहली बार एक साथ 1 माह का वेतन काटने से अधीनस्थ और कर्मचारी तो अब लापरवाही करने से पहले 10 बार सोचेंगे।
भगत—- एसडीएम देवास मां चामुंडा टेकरी के कार्य को लेकर भी चर्चा में रहते है। बाबा– देवास में मां चामुंडा टेकरी पर पहले चांदी कांड में एसडीएम चर्चा में है इसके पूर्व जूते पहनकर मां के प्रांगण में जाने में चर्चा में आए उसके बाद अन्न क्षेत्र जो नीचे शंख द्वार के पास में था l जहां पर देवास के व्यापारी समाजसेवी आपस में मिलकर अन्न क्षेत्र चलाते थे अब वह जिला प्रशासन अकेले चला रहा है क्या बुरा था की समाजसेवी और व्यापारी लगभग 50% खर्चा वहन करते थे और देवास में दूर-दूर से आने वाले दर्शनार्थियों में भोजन के कारण नाम चलता था। अब टेकरी पर ऊपर आमजन कम ही भोजन कर पाते हैं भोजन क्वालिटी उत्तम है लेकिन वह जगह और समाजसेवी को एसडीम की छोटी सी हठधर्मिता ने सबको इस सेवा से दूर कर दिया इस नवरात्रि पर्व पर मां चामुंडा टेकरी पर मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा के दर्शन करने के साथ अन्य मंदिर मैं भी दर्शन लाभ होते हैं लेकिन प्रशासन ने कुछ मंदिरों को बंद कर जबरन पंगा ले लिया और जहां तक भोजनालय की बात है तो नवागत कलेक्टर गुप्ता जो अभी कठिन से कठिन समस्या का समाधान आसानी से निकाल रहे हैं वह अन्न क्षेत्र से वापस समाजसेवी और व्यापारियों को जोड़ सकते हैं उनसे और कार्य भी ले सकते हैं जिस तरह मेहनत कर दिल से भोजनालय में देवास के दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु सेवा देते थे और निस्वार्थ सेवा की एक टीम बन गई थी वह वापस बन सकती है।
भगत —भगवान काका युवक कांग्रेस के आंदोलन में । बाबा— हां बेटा था तो यह युवक कांग्रेस का आंदोलन लेकिन इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भगवान काका ने बेहोशी की शानदार एक्टिंग कर देवास विधानसभा दावेदार के होश उड़ा दिए। पुतला दहन के दौरान थोड़ी सी झुमा झटके में भगवान काका ने अपने जो तेवर दिखाए कि कांग्रेसियों का जोश और बढ़ गया काका को देखकर। भगवान काका कि तरफ से कुछ दावेदारों ने ध्यान हटाने का प्रयास भी किया। लेकिन पूरा श्रेय भगवान काका ले गए। अब देवास के विधानसभा के दावेदारों में नाम और प्रबलता के साथ जुड़ गया है भगवान सिंह चावड़ा और सब तरफ से मामला फिट नजर आ रहा है ।इसकी चर्चा अगली बार में करेंगे अभी तो इतनी सी बात की दादा ने बेहोश होकर दावेदारों के होश उड़ा दिए हैं।
भगत –एसपी भी बदल गए। बाबा— पहले ही बोल दिया था थोड़ा समय राजे कोटे में ज्यादा मिल गया ।एक दो महीने और ज्यादा लेने के बाद भी कहीं दूसरी जगह मौका नहीं मिला ।अब लूप लाइन में ग्वालियर जा रहे हैं सुलझे हुए अधिकारी होने के बाद भी देवास की राजनीति में और पुलिस के कुछ अधिकारियों में उलझ कर रहे गए ।खातेगांव कांड से लेकर देवास में लगातार गोलीकांड और बच्चा चोरी कांड और बहुत से कांड चर्चा में रहे शहर में खुलेआम सट्टा और यातायत विभाग द्वारा वसूली में मात्र मधुमिलन चौराहे का वसूली पॉइंट बंद करा सके। तो इनके नेतृत्व में कहीं अच्छे कार्य भी हुए कहीं अंधे कत्ल और अपराधों का खुलासा हुआ तो अभी अंतिम जाते समय कंजर सुधार का प्रयास भी शुरू ही किया था कि विदाई हो गई खैर व्यक्तिगत रूप से डॉक्टर शिव दयाल सिंह एक अच्छे अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं लेकिन कार्यप्रणाली में राजनेताओं के मजे रहे पूरा कार्यकाल राजनेताओं के हिसाब से चला अब नए वाले क्या करते हैं देखना है लेकिन शहर में आपको तो कुछ नया ही रहा है । भगत अभी तो बहुत तबादले और बाकी है। बाबा सभी अधिकारी से स्वेच्छा से अपनी मनपसंद जगह तलाश रहे हैं नहीं तो चुनाव में तो जाना ही पड़ेगा वहां मनमर्जी की जगह नहीं मिलेगी ।
भगत —- प्लेक्स की आंधी आई है। बाबा —–जन्मदिन के पहले ही समर्थक उन्होंने अपना सारी ताकत फ्लेक्स में लगा दी ,तो फ्लेक्स पर दूसरा सबसे बड़ा विरोधियों के लिए झटका विकास कार्य का पूरा लेखा-जोखा रहा ।जिसे देखकर उनकी नींद उड़ गई भारी नेता के भारी विकास कार्य देखकर फ्लेक्स भी इनका वजन नहीं उठा पा रहे हैं। नवरात्रि पर्व पर वैसे भी फ्लेक्स की बाढ़ आई जाती है परंतु इस बार विरोधी और दूसरे नेता राजनेता राजे के जन्मदिन के कारण अपने फ्लेक्स कहीं लगा ही नहीं पाए। राजे के जन्मदिन के बाद सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और जिला अध्यक्ष जिला महामंत्री के ही फ्लेक्स हिंदू नव वर्ष की बधाई देते नजर आ रहे हैं। अब यह बात अलग है कि जिला प्रशासन के अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे की फ्लेक्स अवैध है वैध । जो भी हो जन्मदिन के पहले ही राजे के फ्लेक्स पूरे शहर में चर्चा का विषय रहे।
भगत —विरोध तो शराब की दुकानों का भी बहुत हो रहा है। । बाबा —देवास में शराब की दुकान का विरोध तो बहुत होता है लेकिन कुछ समय विरोध होने के बाद नेताजी शांत हो जाते हैं और दुकान वही की वही चलती रहती है अभी देवास के जागरूक पार्षद प्रतिनिधि पिंटू देशमुख और रूपेश वर्मा मुकेश फुलेरी और राज वर्मा ने केला देवी चौराहे पर लगने वाली शराब की दुकान का विरोध किया है। और चेतावनी भी दी रहे कि अगर 10 दिन में नहीं सकती तो आम जनता को लेकर खड़े हो जाएंगे । सही बात भी है भले ही विरोध कोई भी करे लेकिन यह चौराहा बहुत व्यस्त चौराहा है जहां पास में देवास का सबसे प्रसिद्ध केला देवी मंदिर है तो मां शारदा देवी मंदिर भी यहां पर औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण महिलाओं को सबसे ज्यादा कार्य पड़ता है। जिला प्रशासन द्वारा इस मुद्दे को व्यक्तिगत मुद्दा ना लेते हुए दुकान यहां से कहीं और शिफ्ट की जाना चाहिए थोड़े से राजस्व के पीछे कई बुराइयां छिपी है ।अब पार्षद प्रतिनिधि की भी बात है कि वे आगे आंदोलन करते हैं या जिले में कई जगह दुकानें हटाने के नाम पर कई बड़े नेताओं ने आंदोलन किए और दुकान आज भी वही की वही ताजा उदाहरण पाल नगर चौराहा बाईपास पर नेताजी बड़े वाले थे दुकान वही की वही है।
भगत— इस बार बोरिंग पर भी प्रतिबंध लग गया है। बाबा — कलेक्टर ने का दर्द समझा जमीन का पेट जब चाहे जब चीर देने वाले ट्यूबवेल खनन संचालकों पर नकेल कसी है ।देवास में भूजल स्तर बहुत नीचे चले गया है आज समय है बोरी बांध और तालाब पर जल सहेजने की लेकिन लोग सहजता से एक बटन दबाकर पानी चाहते हैं और मेहनत करने वाले किसान को भी इसका आदि बना दिया है आज समय है बड़े तालाब निर्माण के साथ छोटे तालाब भी जगह-जगह निर्माण करें और बारिश का पानी सहेजें उसके लिए गांव-गांव में और शहर के आसपास क्षेत्र में भी बोरी बांध बनाए जाए जो बहुत ही सस्ते दर पर बन सकते हैं लेकिन हमें आधुनिक सुविधाओं ने प्रकृति से दूर कर दिया है आज हम से पानी भी बहुत दूर चले गया है अब जल सहेजने के लिए यह सब करना ही होगा ट्यूबवेल खनन संचालक इसके बाद भी नहीं मानेंगे वे पिछले दरवाजे से बोरिंग परमिशन लेकर या अवैध रूप से निश्चित बोरिंग ग्रामीण क्षेत्र में करेंगे ।कुछ विभागों में यह परमिशन आर्थिक आय का साधन भी बन जाएगी जिला प्रशासन को इस मामले में सख्त होना पड़ेगा।
भगत ——- खेल मैदान पर ही क्यों मेला लगता है। बाबा —देवास के एक खेल मैदान को मुख्यमंत्री के आयोजन में बलि चढ़ा दिया अभी भी वहां की हालत बमुश्किल सुधरे हैं दूसरा आईटीआई मैदान पर सबकी नजर रहती है कभी यहां पर शासकीय मेला लगता है तो कभी नेता मेला लगाते हैं और खेल मैदान का सत्यानाश कर जाते हैं देवास में फिर एक मेला लग रहा है आईटीआई ग्राउंड पर जहां पिछली बार भी आबकारी विभाग को ठेंगा दिखाकर खुलेआम आम जनता से प्रवेश शुल्क लिया गया था जबकि प्रवेश शुल्क मनोरंजन कर में आता है लेकिन आबकारी विभाग को कुछ ना देकर सीधा मेले के ठेकेदार द्वारा वसूल किया गया था दूसरा यहां मेले में व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रहती पार्किंग में पूरी सड़क जाम करने के साथ ध्वनि प्रदूषण अलग से सहना पड़ता है आसपास की जनता को ।एक तरफ नगर निगम लाखों रुपए लेकर झूला और अन्य दुकाने नीलाम करता है वही कुछ ठेकेदार सीधे आर्थिक लाभ से अपनी जेब गर्म करते हैं। इसका कोई विरोध नहीं करता क्योंकि नेता आपस में सब एक है।