भारतीय जनता पार्टी कार्यकाल में अभी तक 17 एसपी बदले, कुछ बदलने लगे तो वे ही बदल गए ,अब नवागत एसपी संपत उपाध्याय से जनता को कुछ उम्मीद, सत्ताधारी नेता भी निष्पक्ष कार्य करने दे

किसी भी जिले में कलेक्टर और एसपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है वह चाहे तो जिले में बहुत कुछ बदल सकते हैं ।और इनके कार्य पर सरकार की छवि आम जनता के बीच बनती है। जिले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता को भी कुछ समय हुआ है उन्होंने अपना जलवा दिखा दिया है ।अब पुलिस महकमे में भी बदलाव आया है और नवागत एसपी संपत उपाध्याय को देवास से कुछ करने का मौका मिला है। जैसा की आम जनता जब भी कोई अधिकारी आता है। उसे एक उम्मीद बन जाती है कि अब कुछ अच्छा होगा नया होगा और होता भी है ।और कई बार वह निराश भी हो जाती है ।अगर अधिकारी अच्छा करता है तो वह जनता की नजर में हीरो बन जाता है ।कुछ समय के लिए ही सही एक अलग छवि आम जनता के साथ पुलिस विभाग में भी याद के रूप में रह जाती है। अब बात करें आम जनता ने प्रदेश में 2003 में सरकारी इसलिए बदली की कुछ बदलेगा। सन 2003 मैं पुलिस अधीक्षक डी सी सागर को सरकार ने ज्यादा नहीं मौका दिया इसके पूर्व कांग्रेस सरकार में वे जरूर एनकाउंटर नरेंद्र कंजर और सीधे जनता से रूबरू होने के लिए पहचाने जाते रहे आज भी प्रदेश में उच्च अधिकारी होने के साथ कई बार उन के डांस सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होते हैं। इनके बाद राजेंद्र कुमार चौधरी के कार्यकाल में कुछ खास नहीं रहा। तीसरे अंशुमन यादव जरूर ईमानदारी के कारण जाने जाते रहे और बहुत कुछ करने का प्रयास किया । एक अधिकारी अच्छा था तो उसके बाद फिर उम्मीद विपरीत की रहती है ऐसे ही आईपी कुलश्रेष्ठ आर्थिक लाभ में नंबर वन फिर डॉक्टर मयंक जैन का कार्यकाल भी टाइमपास रहा और डीआईजी में पदोन्नत होने के बाद लोकायुक्त के घेरे में आ गए। मयंक जैन के बाद एसपी साजिद फरीद सापू का कार्यकाल यादगार रहा ईमानदार छवि के साथ दबंग खासकर देवास के कई राजनेता इनको नहीं भूल सकते कांग्रेस या भाजपा सभी को जेल का वह दिन आज भी याद आता होगा । फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई और एसपी गौरव राजपूत ने भी दबंगई दिखाने का प्रयास करें परंतु एक भारतीय जनता पार्टी नेता के चुनाव में स्वागत सत्कार के कारण इनको देवास से जाना पड़ा। इसके बाद एस पी सिंह भी शुभ लाभ में लगे रहे देवास में सब कुछ चला इसके बाद अनिल शर्मा अनिल माहेश्वरी और अभय सिंह शशिकांत शुक्ला के लंबे अंतराल के बाद पुलिस अधीक्षक अंशुमान सिंह का जरूर नाम इमानदारी और कुछ बदलने के प्रयास के रूप में लिया जाता है। इसके बाद एसपी अनुराग शर्मा चुनावी माहौल में अपनी सेवानिवृत्ति का समय पास करने के लिए आए सरकार बदल गई उनको भी बदलना पड़ा मात्र कुछ माह की सरकार में भी कांग्रेस ने अनुराग शर्मा के बाद एसपी चंद्रशेखर मालवीय को मौका दिया उन्होंने पूरा मंत्री सज्जन वर्मा धर्म निभाया और जाना थी उनके ही कारण पड़ा विवादों में घिरे रहे। इसके बाद महिला एसपी कृष्णा वैली को क्षेत्रीय भाषा से लेकर देवास पुलिस विभाग को समझने में ही समय लग गया और इस बीच सरकार बदल गई फिर भारतीय जनता पार्टी सरकार में डॉक्टर शिव दयाल सिंह को दायित्व मिला डॉक्टर साहब की डॉक्टरी यहां पर कुछ खास नहीं कर पाई एक अच्छे अधिकारी होने के बाद भी देवास में वही सब कुछ चला जो नेताओं ने चलाया इनके बारे में यही कहा जा सकता है कुछ तो मजबूरी रही होगी वरना…..। खैर यह की भारतीय जनता पार्टी के अब तक एसपी बदलने की बात अभी तो देवास के नवागत पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय जिनका कार्यकाल देखते हुए यही कहा जा रहा है कि देवास में बहुत कुछ बदला जा सकता है। वर्षों से पदस्थ स्थानों पर पुलिसकर्मी और खुलेआम शहर के चारों ओर वसूली पॉइंट के साथ पूरे जिले में चल रहा है सट्टा, चौकी पर भी राजनीति के साथ आर्थिक आधार पर विवादित चौकी प्रभारी लिखने का बहुत कुछ है और आम जनता के लिए करने को भी बहुत कुछ है आम जनता का दर्द जो समझ कर उसको दूर करने का प्रयास करता है वह आम जनता की नजर में नायक तो ईश्वर के यहां भी अलग स्थान है। सत्ताधारी नेता से भी एक अपील कि वह अब चुनावी समय है कम से कम अब अपने समर्थकों को कह दे कि अपराधी और अपराधों से दूर रहे सट्टा बाजार और अन्य अपराध करने वाले आम जनता में अच्छा संदेश नहीं देते सरकार बदनाम होने के साथ नेताजी आप भी बदनाम होते हो। अगर एसपी कुछ अच्छा करे तो साथ निभाए विकास के साथ शहर को स्वस्थ और सुरक्षित माहौल भी आवश्यक है ।

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