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*तो क्या 6 महीने के लिए टाल दिए जाएंगे 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव? – अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)*
ब जिस तेजी से केंद्र की मोदी सरकार वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर आक्रामक नजर आ रही है, उससे ये अनुमान लगाना आसान हो गया है कि *बहुत जल्द इससे जुड़ी सुगबुगाहट, वास्तविकता का रूप ले सकती है.* जिस तरह विशेष संसद के पहले दिन पीएम मोदी ने पुराने संसद में कई भावुक बयान दिए, और नए संसद को 2047 के विकसित भारत से जोड़ते हुए, 75 सालों की यात्रा को एकसाथ मिलकर आगे बढ़ाने की बात कही, उससे उन कयासों को और मजबूती मिल गई है जो अब तक मीडिया और सियासी गलियों में ही गोते खा रहे थे. पीएम मोदी ने जिस तरह इस विशेष सत्र को ऐतिहासिक निर्णयों वाला बताया, बहुत संभव है कि उन्होंने देश को वन नेशन वन इलेक्शन का तोहफा देने का भी मूड बना लिया हो. चूंकि पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में कमेटी का गठन पहले ही किया जा चुका है तो सरकार का पक्ष अपने आप साफ़ हो जाता है, लेकिन क्या केंद्र के लिए ये सब कुछ इतना आसान होगा? क्या ऐसी भी कोई सम्भावना है कि केंद्र आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों तक के लिए टाल दे? चूंकि फिलहाल तेलंगाना, मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में से सिर्फ मध्य प्रदेश में ही बीजेपी की सरकार है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि केंद्रीय नेतृत्व के भरसक प्रयास को भी प्रदेश में बीजेपी की वापसी के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. कुछ पार्टी के अंदरूनी कलेश के कारण और कुछ केंद्र की मेहरबानियों के कारण, और ऐसी स्थिति सिर्फ मध्य प्रदेश में नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में बनी हुई है, जहां बीजेपी शासन में है. ऐसे समय में सत्ता पक्ष के लिए सबसे अच्छा यही फार्मूला हो सकता है कि पहले वन नेशन वन इलेक्शन को प्लेटफार्म पर लाया जाए और फिर राज्यों के विधानसभा चुनावों का समीकरण तैयार किया जाए. लोकसभा चुनाव 2024 में फ़िलहाल लगभग 6 महीने से अधिक का समय है यानि इतना ही समय केंद्र के पास भी वन नेशन वन इलेक्शन का मसौदा तैयार करने, लागू करने और प्रदेशों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर बनी मतदाताओं की नाराजगी को कम करने का है. क्योंकि फ़िलहाल केंद्र सरकार, महंगाई, बेरोजगारी, असहिष्णुता जैसे मुद्दों पर घिरी हुई है. और देश का एक बड़ा धड़ा इंडिया गठबंधन के जरिए विपक्षी खेमे में जाता नजर आ रहा है. इन सब से पार पाने का सबसे सटीक तरीका वन नेशन वन इलेक्शन हो सकता है लेकिन इसको धरातल पर लाने वाली मुश्किलों से कैसे पार पाया जाएगा, यह अधिक विचारणीय है. फिर क्या इसके लिए सभी दल राजी हो जाएंगे? लेकिन फिर अन्य राज्यों में चल रही सरकारों का क्या होगा? यदि राजनीतिक दलों के स्तर पर सब सही भी रहता है तो आप इतने बड़े स्तर पर सरकारी मशीनरी का बंदोबस्त कैसे करेंगे? इसके इतर वोटर आखिर किस मुद्दे पर वोट डालेंगे, चूंकि केंद्र और राज्यों के मुद्दे अलग-अलग होते हैं, और राष्ट्रीय विषयों को प्रदेश व शहर या क्षेत्रीय विषयों से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा जा सकता तो एक मतदाता किस आधार पर केंद्र और राज्य सरकारों का चुनाव करेगा? इतना ही नहीं आप क्षेत्रीय पार्टियों के अस्तित्व को फिर कैसे देखेंगे? इसके लिए लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 में विभिन्न संसोधनों और लोकसभा व विधानसभा की प्रक्रियाओं में संसोधन को भी अंजाम देना होगा. लेकिन विधि आयोग के अनुसार इन संसोधनों के लिए राज्यसभा के भी 50 फीसदी मतों की जरुरत पड़ेगी. ऐसे ही तमाम प्रश्न और हैं और किये जा सकते हैं जिनका जवाब मोदी सरकार को खोजना होगा, और ऐसा सिर्फ सर्वसम्मति से ही संभव है शायद इसीलिए सत्ता पक्ष के कड़क लहजे में अब थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है. अंतिम फैसला जो भी हो, ऊपर से देखने और सुनने में वन नेशन वन इलेक्शन जितना कलेक्टिव और प्रोग्रेसिव लगता है, जमीनी स्तर पर इसे लागू करना उतना ही पेंचीदा और मुश्किल मालूम पड़ता है.
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सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक मैसेज गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए कलेक्टर ने किया प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
देवास जिले में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक मैसेज, संबंधी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी ————- जिले में इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म का कोई भी व्यक्ति दुरुपयोग नहीं करेगा ————- धार्मिक भावनाओं को भड़काने, विद्वेश फैलाने, साम्प्रदायिकता को ठेस पहुंचाने एवं सामाजिक सौहार्द ध्वस्त करने की भावना वाले मैसेज कोई भी लाइक या फारवर्ड नहीं करेगा ————- ग्रुप एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में धार्मिक भावनाओं को भड़काने के संदेशों को रोके ———— देवास 21 सितम्बर 2023/ देवास जिले में आगामी त्यौहारों में सामुदायिक एवं धार्मिक सद्भावना तथा लोक परिशांति बनाये के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने देवास जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक मैसेज, संबंधी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने संबंधी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गुप्ता ने आदेश जारी किये है कि कोई भी व्यक्ति विभिन्न इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया के प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, व्हाट्स एप, ट्वीटर, एस. एम. एस., इन्स्टाग्राम इत्यादि संसाधनों का दुरुपयोग धार्मिक भावनाओं को भड़काने, जातिगत विद्वेश फैलाने, साम्प्रदायिकता को ठेस पहुंचाने एवं सामाजिक सौहार्द ध्वस्त करने के लिये नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति उपरोक्त वर्णित सोशल मीडिया में किसी भी प्रकार के पोस्ट, संदेश, चित्र, ऑडियो या वीडियो सम्मिलित हैं, जिसमें धार्मिक भावनाओं को भड़काने, जातिगत विद्वेश फैलाने, साम्प्रदायिकता को ठेस पहुंचाने एवं सामाजिक सौहार्द ध्वस्त करने वाली भावनायें भड़क सकती हैं, को प्रसारित नहीं करेगा या नहीं भेजेगा। सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक भावनाओं को भड़काने, जातिगत विद्वेश फैलाने, साम्प्रदायिकता को ठेस पहुंचाने एवं सामाजिक सौहार्द ध्वस्त करने की भावना भड़कती हों, को लाइक या फारवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने की दशा में संबंधित के तहत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 तथा अन्य अधिनियमों के अन्तर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगा। उल्लेखनीय है कि आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए आगमी माह में गणेश उत्सव, नवदुर्गा मिलाद-उन-नबी, दशहरा, दीपावली आदि अन्य त्यौहारों पर फेसबुक, व्हाट्स एप, ट्वीटर, एस. एम. एस. इन्स्टाग्राम आदि के माध्यमों से सूचनाओं का आदान प्रदान किया जायेगा तथा कुछ शरारती असामाजिक तत्वों के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक व आपत्तिजनक संदेशों/सूचनाओं का अनावश्यक आदान- प्रदान कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने, जातिगत विद्वेश फैलाने, साम्प्रदायिकता को ठेस पहुंचाने एवं सामाजिक सौहार्द ध्वस्त करने की स्थिति उत्पन्न की जा सकती है। ऐसी परिस्थितियों में किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। अतः इन परिस्थितियों में शांति, सुरक्षा व्यवस्था एवं सौहार्द पूर्ण वातावरण बनाये रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जाना अपरिहार्य है।
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देवास जिले के बीमित किसान भाई फसल नष्ट होने की स्थिति में अपनी शिकायत टोलफ्री नंबर 18002091111 पर 72 घंटे के अंदर कराए, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए आधार बैंक से लिंक होना आवश्यक
————- देवास 20 / उप संचालक कृषि ने बताया कि मौसम की अनिश्चिता को दृष्टिगत रखते हुए संपूर्ण जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत बीमित कृषक अपनी फसल नष्ट होने की स्थिति में फसल बीमा कंपनी एस.बी.आई जनरल इंन्श्योरेन्स कंपनी का टोलफ्री नंबर 18002091111 पर 72 घंटे के अंदर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि किसी कारणवश टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज होने में कठिनाई आती है तो संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय में जाकर अपना आवेदन देकर उसकी पावती उस कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही मोबाइल पर नेशनल क्राप इंश्योरेन्स पोर्टल ऐप के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में आगामी किश्त का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने ईकेवायसी व अपने आधार को बैंक खाते से लिंक करवा लिया हैं ————- देवास जिले के शेष किसान भाई 30 सितम्बर के पूर्व अपने खाते को आधार से लिंक करवा लें अथवा अपना नया खाता पास के पोस्ट ऑफिस में खुलवा लें ———— देवास 20 सितम्बर 2023/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में आगामी किश्त का लाभ उन्ही जिले के उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके द्वारा ईकेवायसी व अपने आधार को बैंक खाते से लिंक करवा लिया है। जिला स्तर पर ऐसे शेष किसान हितग्राहियों को जिले से सूचना जारी कर अवगत कराया गया है। शेष किसान भाई 30 सितम्बर के पूर्व अपने खाते को आधार से लिंक करवा लें अथवा अपना नया खाता पास के पोस्ट ऑफिस में खुलवा लें। जिससे उनके खाते में इस योजना की आगामी किश्त प्राप्त हो सके। साथ ही जिनके द्वारा अपना ईकेवायसी नहीं कराया गया है, वे भी अपने इकेवायसी करवा लें। जिससे जिले में अधिक से अधिक हितग्राहियों को इस योजना का लाभ प्राप्त हो सके। सूचना कोटवार के माध्यम से प्राप्त किये जा सकेंगे। प्रत्येक पंचायत स्तर पर सीएससी सेंटर द्वारा हेल्प डेस्क सेन्टर प्रारंभ किया गया है, जहां आकर संबंधित हितग्राही इस कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करा सकेंगे। जिन हितग्राहियों का ईकेवायसी अथवा आधार बैंक खाते से लिंक नहीं होगा वे हितग्राही आगामी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किश्त एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किश्त प्राप्त करने से वंचित हो जायेंगे।






