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  • ‘‘लूट सहित हत्या करने वाले आरोपगीण को हुआ आजीवन कारावास

    ‘‘लूट सहित हत्या करने वाले आरोपगीण को हुआ आजीवन कारावास

    टोंक खुर्द लूट कांड जो बहुत चर्चित रहा था उसमें न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है इस संबंध में श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया, प्रभारी उप संचालक अभियोजन/जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला देवास द्वारा बताया गया कि -फरियादी राहुल उर्फ रामकुमार सोनी ग्राम टोंककला में रहता है ।तथा सुनारी का काम करता है। दिनांक 25.02.2019 को वह तथा उसके अंकल सुरेष सोनी अपनी-अपनी मोटर सायकलों से काठ बड़ौदा गांव का हाट करके अपने गावं टोंककला आ रहे थे। उसके तथा अंकल सुरेष सोनी के पास अलग-अलग बैग थे जिनमें सोने चांदी के जेवर भरे हुये थे। वे दोनों जैसे ही ग्राम रंधनखेड़ी के 02 कि.मी. आगे टोंककला की तरफ आये तभी करीब शाम 07.00 बजे उसके पीछे चल रहे अंकल सुरेष सोनी की आवाज आयी तो उसने अपनी मोटर सायकल रोक दी व पीछे पलटकर देखा तो 04-05 लोग एकमत होकर लूट करने के लिये उसके अंकल सुरेष के साथ पत्थरों द्वारा तथा धारदार हथियारों से मारपीट कर रहे थे। उसनेे जाकर बीच बचाव किया तो उक्त चार पांच बदमाषों ने उसके उपर भी पत्थरों व धारधार हथियारों से हमला कर दिया। जिससे उसे भी चोटे आयी और खून बहने लगा। अंकल सुरेष सोनी नीचे जमीन पर गिर गये थे और उन्हें दोनों हाथों में, चेहरे पर तथा पीठ पर गंभीर चोटे लगी होकर खून बह रहा था तथा वही पर बोहोष हो गये थे। उक्त बदमाष अंकल का बैग जिसमें चांदी की रकमें भरी थी छिनकर ले गये थे। उक्त सभी बदमाष रंधनखेड़ी तरफ भाग गये है। फिर उसने अपने पिताजी व डायल 100 को फोन कर मौके पर बुलाया। फिर उसके पिता जी उन दोनों को इलाज के लिये देवास ले जा रहे थे, तब उसकेे अंकल सुरेष सोनी की रास्ते में मृत्यु हो गयी थी। फरियादी की सूचना पर से थाना टांकखुर्द पर रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट पर से मामला पंजीबद्ध कर विवेचना मे ंलिया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीष जिला देवास (समक्षः-श्रीमती सोनल पटेल) के द्वारा निर्णय पारित कर आरोपीगण क्रमषः (1) सुनील पिता सोवान अलावा, नि. खाकरिया खोदरा थाना टांडा जिला धार (2) बनसिंह उर्फ वंषी पिता तेरसिंह वारिया नि. ग्राम खटबेड़ी थाना गंधवानी, जिला धार (3) मगन पिता केषु अमलिया, नि. खाकरिया खोदरा थाना टांडा जिला धार (4) रणजीत पिता भंवरसिंह भिलाला, नि. ग्राम घटबोरी थाना बाग, जिला धार (5) महेष उर्फ दिनेष पिता बेरंग भूरिया, नि. नाहवेल थाना बाग, जिला धार को दोषी पाते हुए धारा 302,396 भादंसं में प्रत्येक को आजीवन कारावास व 1000-1000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया तथा धारा 397 भादंसं में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास से एवं धारा 323 भादंसं में 03-03 माह के सश्रम कारावास से दंडित किया गया।  उक्त प्रकरण गंभीर जघन्य सनसनीखेज की श्रेणी में चिन्हित था।   उक्त प्रकरण में शासन की और से कुषल पैरवी श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया, प्रभारी उप संचालक/जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला देवास जिला देवास द्वारा की गई। कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक रमेष बर्डे का सहयोग रहा।                                                                                                                                                                  

  • चर्चा का विषय बन गया है अब हर घर में यह विषय, मंदिरों पर यह फ्लेक्स क्यों लगाना पड़ रहा है?

    चर्चा का विषय बन गया है अब हर घर में यह विषय, मंदिरों पर यह फ्लेक्स क्यों लगाना पड़ रहा है?

    देश में कई मंदिरों पर यह फ्लेक्स लग गया है ।और मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर आखिर यह फ्लेक्स लगाना क्यों पड़ा ।आज ऐसी परिस्थितियां क्यों निर्मित हो गई कि हमें यह निवेदन मंदिरों पर करना पड़ रहा है। आजादी के नाम पर कितना कुछ केवल चंद युवतियों -महिलाएं ने कर दिया की मजबूरी में और सख्त रवैया के साथ यह फ्लेक्स देश के कई मंदिरों के साथ अब देवास के खेड़ापति मंदिर पर लगने के बाद चर्चा का विषय बन गया है। सनातन धर्म में नारी शक्ति को पहला स्थान दिया गया है। यहां नारी को देवी का स्वरूप भी मानते हैं। नारी के बिना घर संसार अधूरा है। जिस घर मे नारी होती है वह घर संस्कार और संस्कृति में फलफूलता है। यहां नर के पहले नारी का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। यहां तक की सनातन धर्म मे भगवान भी अपनी अर्धांगिनी के साथ पूजे जाते है। हमारे धार्मिक त्यौहार आयोजनों में पति पत्नी को एक साथ बैठकर बराबरी से पूजा पाठ करने का विधान है। लेकिन आज ऐसा क्या हुआ जो, हमारे धर्म से मिली आज़ादी से कुछ नारीयो ने अपना मूलस्वरूप ही बदल लिया। आज फैशन के नाम पर अंगप्रदर्शन का दिखावा ज्यादा हो चुका है। नारी को श्रगार करने का पूरा अधिकार है। लेकिन आज श्रंगार कम और दिखावा ज्यादा हो गया है। हमारी महिला शक्ति आखिर किस विचार की शिकार हो गई है। फैशन के नाम पर रोज नित नए डिजाइनर नारी के कपड़ो को क्यो छोटा करते जा रहे है। अब समय आ गया है कि इस पर समाज को हर परिवार को गहरा विचार करने की आवश्यकता है। ताकि आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बने वरना आज छोटे कपड़ो के लिये विचार हो रहा है… हो सकता है भविष्य में पूरे ही कपड़े नही पहनने पर समाज को विचार करना पड़े। आज इस विषय पर नई पीढ़ी मैं भी 90% युवती अपने पारंपरिक पहनावे के साथ आधुनिक पहनावे में भी सुसज्जित सम्मान के साथ पहने जाने वाले कपड़े को बढ़ावा दे रही है । मात्र 10% के कारण यह सब माहौल बिगड़ रहा है ।आजादी के नाम पर यह कैसी आजादी। सबसे ज्यादा फिल्म और विदेशी संस्कृति के कारण यह सब आया था ।लेकिन आज् विदेश में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है ।तो देश में कुछ चंद 10% के कारण मंदिर में यह बोर्ड लगाना पड़ रहा है।

    इस संबंध में महिला जनप्रतिनिधि क्या कहती है । सबसे पहले प्रतिपक्ष नेता अहिल्या पवार नगर निगम अहिल्या पवार का कहना है कि हमें सादगी पूर्ण और हमारी सनातन संस्कृति के अनुरूप ही कपड़े पहनना चाहिए। हमारे व्यक्तित्व को सादगी पूर्ण कपड़े और महत्वपूर्ण बनाते हैं।

    , इस पर भारतीय जनता पार्टी पदाधिकारी अनीता राजपूत —-इस तरह के फ्लेक्स को एक अच्छी पहल बताती है और कहती है कि पूरे देश में हर मंदिर पर इस तरह के फ्लेक्स लगना चाहिए।

    युवा खिलाड़ी और गायक निकिता मारु कहती है— मेरी यह बात है कि लड़की अपनी हिंदू सभ्यता में ही रहे और ऐसी वेशभूषा से दूर रहे ताकि कोई गलत नज़रिए से न देख सके मंदिर जैसी पवित्र जगह पर ये गलत है सही बात लिखी हे इसमें।

    इस संबंध में महिला पार्षद रितु सवनेर के स्पष्ट विचार है —इस विषय में मंदिर समिति ने जो जन जागरण चलाया है उसका मैं सम्मान करती हूं एवं उससे सहमत हूं क्योंकि इसमें जो कुछ भी लिखा गया है वह हमारे समाज की भलाई के लिए ही लिखा गया हम लोगों की संस्कृति ऐसी नहीं है जिसमें हम फटे और अश्लील कपड़े पहन कर भगवान के मंदिर में जाएं यह बात महिला पुरुष बच्चे युवा सभी पर लागू होती है इस तरह के नियम अगर बनाए जाते हैं इसमें कोई बुराई नहीं है इसमें हम लोगों की ही कमजोरी है जो हम लोग अपने धर्म संस्कृति के प्रति जागरूक नहीं हैं हमें अपने धार्मिक स्थलों में अपनी मान मर्यादा का स्वयं ध्यान रखना चाहिए।

    इस फ्लेक्स के संबंध में महिला पार्षद आस्था पिंटू देशमुख कहती है कि ऐसे फ्लेक्स सभी जगह लगाना चाहिए यह एक अच्छी पहल है और नारी शक्ति को सबसे पहले अपने पहनावे पर ध्यान देना चाहिए अपने संस्कार अपनी संस्कृति पर।

    इस तरह नारी शक्ति के विचारों में ज्यादा समर्थन में ही है परंतु अभी सवाल यह उठता है कि हमें इतना मजबूर क्यों होना पड़ेगी मंदिर में यह सब लगाना पड़ेगी मंदिर अच्छी जगह है जहां पर हम जाएं तो हमारी सनातन संस्कृति के पहनावे के साथ जाएं और मंदिर ही क्यों हम हर जगह पहनाने का ध्यान रखिए चाहे स्कूल हो कॉलेज हो या घर या शादी विवाह हम अपने व्यक्तित्व को निखारे । और व्यक्तित्व का निखार अच्छे पहनावे से ही आता है। अब धीरे-धीरे फिर हम सनातन संस्कृति की ओर जा रहे हैं। अब ऐसे कपड़े पहनने वाले की ना कोई इज्जत होती ना कोई सम्मान केवल वह अपनी नजर में और फैशन की दुनिया में जरूर अभिमान के साथ घूम सकती है। लेकिन सादगी से कपड़े पहनने वाली का हर जगह सम्मान और सुरक्षा मिलती है। अब जो नहीं बदले वह 10% जल्द बदल जाए तो ठीक है ।वरना उनको छोड़ो उनके हाल पर । ना हमारे मंदिर में इनको जगह दो ना हमारे घरों में जगह ।इनकी जगह सादगी वालों को संस्कार वालों को बढ़ावा दो । देवास में खेड़ापति मंदिर समिति को साधुवाद जिन्होंने एक अच्छी पहल की ऐसा अब सभी मंदिरों में फ्लेक्स लग जाए तो बहुत जल्द बदलाव आ जाएगा सबसे पहले देव प्रबंध समिति को मां चामुंडा टेकरी और अन्य देव स्थान पर ऐसे फ्लेक्स लगाना चाहिए और अगर इसी जगह पर इस तरह के कपड़ों के साथ कई बार अन्य लड़कों के साथ भी कहीं लड़की दिखाई देती है तो उनको भी सार्वजनिक रुप से सत्कार करना चाहिए हमारे देवस्थल धर्मस्थल पर अब यह सब नहीं चलेगा ।खेड़ापति मंदिर से एक अच्छी पहल कई महिलाएं और युवतियों ने नाम नहीं देने का निवेदन करते हुए इसका भरपूर समर्थन किया है।

  • औदुम्बर महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं कर्यकारिणी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम

    औदुम्बर महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं कर्यकारिणी का शपथ ग्रहण कार्यक्रम

    देवास औदुम्बर समाज के  श्री जगदीश कानूनगो एवं नयन कानूनगो ने बताया कि औदुम्बर ब्राह्मण समाज महासभा देवास के सम्पन्न चुनाव में श्री राधेश्याम  जौशी निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुवे। निर्वाचन के पश्चात श्री राधेश्याम जोशी द्वारा अपनी कार्यकारणी का गठन कि इस कार्यकारणी में अध्यक्ष, श्री राधेश्याम जोशी, कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रकाश दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अशोक चौधरी, उपाध्यक्ष श्री भावेश कानूनगो एवं श्रीमती दीप्ती कानूनगो कोषाध्यक्ष श्री राधेश चौधरी,  श्री आशुतोष जोशी, प्रधानमंत्री  श्री दिलीप उपाध्याय, श्रीमती अनुराधा दुबे, महामंत्री  श्री सुदर्शन दुबे, श्री दिलिप कानूनगो, संयुक्त महामंत्री   श्री अनिल दुबे, श्री नयन कानूनगो, संयुक्त मंत्री श्रीमती रीना जोशी, श्री रोहन कानूनगो, संगठन मंत्री श्रीमती कोमल दुबे, श्री हरीश चौधरी, प्रबंधक श्री महेश जोशी, श्री चंद्रशेखर दुबे उत्सव मंत्री श्री जगदीश कानूनगो, श्रीमती अर्चना वैध एवं श्रीमती सुनीता जोशी उत्सव समिति में श्रीमती विनीता जोशी, श्रीमती मेघा दुबे, श्रीमती चिंतामणी उपाध्याय, प्रचार मंत्री  श्री विकास उपाध्याय, श्रीमती गरिमा शर्मा, कार्यकारणी सदस्य श्री श्रीराम पुराणिक,  श्री मनीष जोशी,  श्री कुलदीप चौधरी, श्री धर्मेश जोशी, श्री विजय जोशी, श्री वीरेंद्र जोशी, श्री अक्षय कानूनगो, श्री विष्णु पुराणिक, श्री अभिजीत चौधरी, श्रीमती प्रीति दुबे, श्रीमती सुषमा चौधरी, श्रीमती वर्षा दुबे, श्रीमती रत्ना कानूनगो, श्रीमती ज्योति जोशी, श्री दर्पण उपाध्याय रहेंगे। शपथ विधि कार्यक्रम के प्रारभ में अतिथियों द्वारा दीप प्रवज्जलन किया गया। स्वागत भाषण श्री दिलीप उपाध्याय ने दीया।  नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों को इंदौर के वरिष्ठ नागरिक मंच अध्यक्ष श्री जगदीश जोशी एवं देवास सहकार्य मित्र मंडल के अध्यक्ष श्रवण कानुनगो  एवं श्रीमती  कौशल दुबे अध्यक्ष औदुम्बर महासभा उज्जैन द्वारा शपथ दिलाई गई।    इस अवसर पर पूर्व इंदौर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री सतीश जोशी, श्री अखिलेश द्विवेदी, श्री आशुतोष शर्मा, श्री  प्रदीप जोशी,  श्री मन्नालाल पाठक, उज्जैन, श्री संजय उपाध्याय धार, श्री कृष्णकान्त दुबे, सोनकच्छ,  श्री रमेशचंद्र कानूनगो, नेवरी, श्री ओम प्रकाश चौधरी भोरासा, डा श्याम सुन्दर चौधरी, श्री महेन्द्र उपाध्याय, श्री किशोर दुबे , सतीश दुबे, श्री ओम चौधरी, सर्व ब्राह्मण समाज देवास के अध्यक्ष श्री दिनेश मिश्रा एवं पूर्व अध्यक्ष श्री संजय  शुक्ला तथा श्री नागेश द्विवेदी, श्री सुनील चौधरी, श्री योगेश द्विवेदी, श्री सतीश दुबे इंदौर श्री मणिशंकर पाठक, उज्जैन श्री दिलीप दुबे, इंदौर श्री अशोक दुबे सोनकच्छ, श्री चंद्रशेखर जोशी, इंदौर सहित कई गणमान्य समाज जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रुप से अशोक कुमार चौधरी एवं भावेश कानुनगो ने किया तथा आभार श्री सुदर्शन दुबे ने ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन  में राष्ट्रगान श्रीमती अनुराधा दुबे एवं श्रीमती कोमल दुबे द्वारा करवाया गया।