Category: विशेष

  • प्रभु राम चैधरी जैसे व्यक्ति का स्वास्थ्य मंत्री होना प्रदेश के माथे पर कलंक-कांग्रेस

    देवास। अपने अल्प प्रवास पर पहली बार देवास आए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चैधरी ने इतना गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती ।आज जब ऑक्सीजन की कमी के चलते देवास ही नहीं पूरे देश में हजारों व्यक्ति काल के गाल में समाते चले जा रहे हैं जब वह कह रहे हैं कि ऑक्सीजन से नहीं मरीजों की भागदौड़ के कारण एवं पैनिक हो जाने से उनकी मृत्यु हो रही है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी व प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मांग की है कि ऐसे अल्प ज्ञानी स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल ही मंत्री पद से बर्खास्त करें । स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए उन्हें इतना भी ज्ञान नहीं है कि आज कोरोनावायरस संक्रमण ने इतने ज्यादा पेर पसार लिए है कि प्रदेश के अस्पतालों में ना तो बेड मिल रहे हैं ना दवाइयां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान खुद इस विषय में असफल साबित हुए हैं वे दवाइयों की कालाबाजारी रोकने में जहां नाकाम हुए हैं वहीं प्रदेश के अस्पतालों में व्यवस्था करने में भी अक्षम सिद्ध हुए हैं जहां तक ऑक्सीजन सप्लाई की बात है केंद्र सरकार न्यायालय एवं मीडिया के कारण इसके लिए पहल कर रही है। वही स्थानीय स्तर पर लोग आगे आकर ऑक्सीजन में मदद कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकार ने जो काम कोरोनावायरस संक्रमण से लड़ने के लिए करना था उसमें सरकार पूरी तरह असफल हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री का बयान इतना निंदनीय है कि जिसकी जितनी भर्तस्ना की जाए कम है ।

  • समय की मांग जिले मे हेल्प डेस्क अति आवश्यक जिला प्रशासन जनप्रतिनिधि और विपक्ष ध्यान दें

    समय की मांग जिले मे हेल्प डेस्क अति आवश्यक जिला प्रशासन जनप्रतिनिधि और विपक्ष ध्यान दें

    अभी तक जिले में सबसे ज्यादा कोरोना आपदा में आमजन को समस्या आ रही है कि वह कहां जाए सीधा उसे बेड मिलेगा नही, ऑक्सीजन सिलेंडर कहां मिलेगा इंजेक्शन कहां मिलेगा दवाई कहां मिलेगी और अन्य समस्या के लिए दर-दर भटक रहा है।

    सोशल मीडिया पर कभी सही जानकारी कभी गलत होने पर उसकी समस्या और बढ़ती जा रही है। सबसे पहले तो कोरोना नाम का डर उसे और डरा देता है सबसे पहले आवश्यकता होती है कि घर पर ही उपचार हो जाए। इसके लिए वह किस डॉक्टर से मिले और कौन आसानी से उपलब्ध हो जाएगा इसकी जानकारी उसके पास नहीं होती है। अब शुरू होता है समस्या बढ़ने का सिलसिला, सोशल मीडिया और कुछ अज्ञानी लोगों के चक्कर में वह दर-दर भटक कर अंत में काल के ग्रास में चले जाता है।

    सबसे पहले वह घर पर उपचार नहीं मिलने के कारण सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल के चक्कर केवल भर्ती होने के लिए ही काटता है। अगर उसका प्राथमिक उपचार ही अच्छा हो जाए तो इतनी दिक्कत ही नहीं पहली बार में ही पता चल जाए कि इस अस्पताल में जगह खाली है या उस अस्पताल में, यह ऑक्सीजन इस कॉलोनी में इस व्यक्ति के पास मिलेगी, इंजेक्शन भी इन मेडिकल पर मिल सकता है उसके घर के आसपास के मेडिकल के नंबर उसके घर के आसपास के डॉक्टर के नंबर और भोजन से लेकर अन्य सभी सुविधाएं के केवल मोबाइल नंबर ही उपलब्ध हो जाए तो आधी समस्या वैसे ही समाप्त हो जाएगी। अभी तक जो दिक्कत आ रही है उसमें मरीज को भर्ती कराने की ऑक्सीजन की ओर इंजेक्शन की।

    जिला प्रशासन जिला चिकित्सालय में अलग एक हेल्पडेस्क लगा सकता है जहां पर अधिकारी कर्मचारी आम जनता को इतनी सी जानकारी दे दे और डॉक्टर मेडिकल गैस वाले और अन्य सुविधा वाले के नंबर भी सोशल मीडिया पर सीधे बांट सकते है देखना आधी समस्या हल हो जाएगी जिला प्रशासन के साथ भारतीय जनता पार्टी हो या विपक्ष में कांग्रेस अन्य दल भी यह सहायता शिविर जिला चिकित्सालय में लगा सकते हैं। अगर जिला चिकित्सालय में बेड उपलब्ध नहीं है तो किसी निजी चिकित्सालय में आसानी से भर्ती कराया जा सकता है कहां कितने बेड उपलब्ध है यह सब जानकारी सहायता केंद्र पर आसानी से आमजन को दी जा सकती है आम जनता जब सीधे रूबरू सहायता केंद्र वालों से मिलती है तो इसे आदि राहत तो वही मिल जाती है यह सब हेल्प डेस्क के फोन नंबर पर नहीं मिल सकती आम आदमी केवल सरल सीधी भाषा में ही समझता है फोन पर इतनी बातों में कर पाता है ना समझ सकता है क्या जिला प्रशासन देवास के जनप्रतिनिधि और विपक्ष अभी वर्तमान में चली आ रही समस्या के निदान के लिए एक छोटा सा कार्य जो वह आसानी से कर सकता है क्या हेल्पडेस्क सहायता केंद्र अति शीघ्र खोल सकता है नहीं तो आमजन दर-दर भटक रहा है और समस्या बढ़ती जा रही है केवल सरल सा उपाय है वह तो कर सकता है।

  • छोटी सी उम्र में विशाल प्रजापति (नेता) बन रहे युवाओ के लिए आदर्श

    छोटी सी उम्र में विशाल प्रजापति (नेता) बन रहे युवाओ के लिए आदर्श

    देवास। ऐसे तो कई ऐसे महापुरूषो के नाम है जो युवाओ के लिए आदर्श है। जिन्हें युवा हर वर्ष उनकी जन्म जयंती पर पूजकर स्मरण करते है । महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी को आदर्श मानकर उनके पद चिन्हों पर चलकर देवास शहर में छोटी सी उम्र में कई धार्मिक और सामाजिक कार्य करने वाले विशाल प्रजापति जो युवाओ के लिए आदर्श बनते जा रहे है । विशाल पिछले 5 वर्षों से सेकड़ो युवाओ के साथ मिलकर धार्मिक और सामाजिक कार्य कर रहे है। फिलहाल ये अखण्ड हिन्दू सेना मध्यप्रदेश के प्रांत मीडिया प्रभारी के दायित्व पर है । फिलहाल लॉक डाउन में देवास शहर और अन्य जिलों में भी जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है उन्हें ऑक्सीजन की व्यवस्था करवा रहे है । इतनी सी उम्र मे इतने सामाजिक कार्य करना जो कि युवाओ के प्रति आदर्श दायक है। विशाल प्रजापति से सिख लेकर ऐसे युवा जो दिनभर मोबाईल, टीवी और अन्य ऐसे कार्य मे लगे रहते है जो कि नुकसान दायक है ।उन सबको छोड़कर समाजहित के कार्य मे योगदान देना चाहिए।

  • पूर्व विधायक सांसद द्वारा दी गई राशि को लेकर लोगो को दिग्भ्रमित कर रहे है। अब वे सोनकच्छ से विधायक नहीं बन पायगे  ,राजानी

    पूर्व विधायक सांसद द्वारा दी गई राशि को लेकर लोगो को दिग्भ्रमित कर रहे है। अब वे सोनकच्छ से विधायक नहीं बन पायगे ,राजानी

    देवास = कुछ दिनों पूर्व ,पूर्व विधायक श्री राजेंद्र वर्मा ने पूर्व मंत्री एवं सोनकच्छ क्षेत्र से विधायक श्री सज्जन सिंह वर्मा से मांग की थी कि वे सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र के लिए अपनी विधायक निधि से 50 लाख की राशि स्वीकृत करें, इस पर श्री वर्मा ने तत्काल ही पत्र जारी कर 50 लाख की राशि की स्वीकृति सोनकच्छ विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी कर दी इतना ही नहीं उन्होंने पिछले दिनों देवास विधानसभा के लिए भी 10 लाख एवं आज ही आष्टा विधानसभा के लिए 25 लाख की राशि अपनी विधायक निधि से देने की पेशकश की है । शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने बताया कि सांसद श्री महेंद्र सिंह सोलंकी ने 11 अप्रैल को अपने पूरे देवास शाजापुर संसदीय क्षेत्र के लिए मात्र 30 लाख की राशि विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी की है जिसमे देवास जिले के लिए 10 लाख जो की उट के मुंह में जीरे के समान है । इसी के साथ ही राजानी ने कहा कि पूर्व विधायक श्री राजेंद्र वर्मा लगातार लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे है मेरा उनसे कहना है कि वह योग से पहले विधायक बन चुके हैं लेकिन अब सोन्कच्छ क्षेत्र से विधायक नहीं बन पायगे और आप ही नहीं आप की पार्टी भी आगे प्रदेश में अब अपनी सरकार नहीं बना पाएगी लोगों ने तो पिछले विधानसभा चुनाव में ही शिवराज सिंह की सरकार को नकार दिया था लेकिन हमारे ही कुछ लोग दोगले निकले और एक बार फिर से शिवराज सिंह को सरकार बनाने का मौका मिल गया मेरा उन से अनुरोध है कि वर्तमान विधायक श्री सज्जन सिंह वर्मा से तो उन्होंने मांग कर ली के 50 लाख की आर्थिक सहायता अपनी विधानसभा के लिए दे अब वे अपने सांसद श्री सोलंकी से मांग कर ले की देवास शाजापुर संसदीय क्षेत्र के लिए एक करोड़ रुपए की राशि तत्काल जारी कर दें जिससे कि कोरोना जेसी भयंकर बीमारी से लोगों को राहत प्रदान की जा सके बार-बार झूठ बोलने से झूठा सच नहीं हो जाता है ।

  • सावधान                                                     देरी से बढ़ता संक्रमण, 40 प्रतिशत फेफड़ों में नुकसान लेकर पहुंच रहे मरीज

-मरीज शरीर में आक्सीजन स्तर के कमी से भी अंजान रहते हैं-

    सावधान देरी से बढ़ता संक्रमण, 40 प्रतिशत फेफड़ों में नुकसान लेकर पहुंच रहे मरीज -मरीज शरीर में आक्सीजन स्तर के कमी से भी अंजान रहते हैं-

    देवास। जिले में कोरोना कहर बरपा रहा है। लगातार बड़ी संख्या में मरीज सामने आ रहे हैं। इसमें सबसे चिंता की बात हैं कि ज्यादातर मरीजों के फेफड़ों में ज्याादा संक्रमण सामने आ रहा है। इलाज में देरी भी संक्रमण की बड़ी वजह है। पहले मरीज अपने स्तर पर इलाज करता है। इसके बाद जब फायदा नहीं होता है तो अस्पताल में पहुंचता है। ऐसी में मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। ज्यादातर मरीजों के फेफड़ों में 30 से लेकर 40 प्रतिशत संक्रमण सामने आ रहा है। इससे मरीजों को आक्सीजन पर रखने की जरूरत पड़ रही है। आक्सीजन डिमांड ज्यादा होने का भी यह सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों का मानना है कि मरीज लक्ष्णों को अनदेखा करते हैं और जब अस्पताल पहुंचते तो संक्रमण फेफड़ों तक चला जाता है। लक्ष्णों को नजर अंदाज नहीं करें। डॉक्टरों से संपर्क जांच करवाए। जांच और इलाज में देरी से लोगों की जान को खतरा होता है। देरी से फेफड़ों में ज्यादा नुकसान हो सकता है। इससे मरीज के जीवन को बचाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। -दूसरा बड़ा कारण..,हैप्पी हाइपोक्सिया, शरीर में कम होती आक्सीजन से लोग अंजान होते हैं- – जिले में तेजी से कोरोना संक्रमण और मौत का सिलसिला जारी है, लेकिन सबसे ता की बात है कि ज्यादार मरीज अब हैप्पी हाइपोक्सिया स्टेज का शिकार भी हो रहे हैं यानी मरीज के शरीर में ऑक्सीजन के लेवल का पता ही नहीं चल पाता है और वह गंभीर संक्रमण की स्थिति में चला जाता है। इस स्टेज में मरीज के शरीर में ऑक्सीजन का लेवल 70 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद भी वह सामान्य रहता है। खुद को स्वस्थ्य महसूस करता है। जब 30 से 40 प्रतिशत स्तर पर पहुंचता है तो मरीजों को बीमारी का अहसास होता है। ऐसी परिस्थित में मरीज को संभालना मुश्किल होता है और उसका जीवन संकट में चला जाता है और उसकी मौत भी हो जाती है। -इसलिए चिंता, क्योंकि इसमें व्यक्ति स्वास्थ्य महसूस करता है- कोविड को छोड़कर दूसरी बीमारियों की बात करें तो मरीज को घबराहट, सांस लेने में दिक्कत, थकावट सहित अन्य शारीरिक दिक्कतें होती है, इसमें मरीज खुद को अस्वस्थ महसूस करता है, लेकिन अभी कोरोना कोरोना मरीज में आक्सीजन लेवल 70 प्रतिशत से कम होने पर भी इम्युनिटि अच्छी होने पर वह खुद को स्वस्थ महसूस करता है। ऐसे में हालात बिगड़ने पर उसकी जान पर आ जाती है। -कितना होना चाहिए आक्सीजन लेवल- 95 से 100 प्रतिशत तक आक्सीजन लेवल होना चाहिए। एक स्वस्थ आदमी में आक्सीजन का स्तर 95 प्रतिशत से ऊपर होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति का 90 से 94 प्रतिशत है तो वह गंभीर स्थिति होती है। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर स्तर 90 से नीचे चला जाता है तो अति गंभीर की स्थिति हो जाती है। ऐसे में फेफड़ों में दिक्कत होना शुरू हो जाती है। शरीर में कार्बन डाइआक्साइड बढ़ने लगती है। इससे शरीर के अंग पर प्रभाव होता है कि जो जानलेवा साबित होता है। इसलिए आक्सीजन स्तर की जांच करते रहिए। असामान्य स्थिति होने पर तुंरत डॉक्टर से संपर्कर करें। -40 प्रतिशत तक फेफड़ों में संक्रमण आ रहा है- हैप्पी हाइपोक्सिया में मरीज शरीर में कम होती आक्सीजन से अंजान होता है। तो उसके लिए घातक साबित होती है। मरीज अपने स्तर और अन्य स्थानों पर इलाज के चक्कर में देर हो जाते हैं। देरी से आने की उनकी स्थिति गंभीर होती है। ऐसी हालात में उसे बचाना मुश्किल होता है। कई लोग 30 से 40 प्रतिशत ऑक्सीजन लेवल पर अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में रिकवर करना बहुत ही मुश्किल होता है। इस अवस्था में कोरोना बहुत खतरनाक होता है। अगर वह समय पर डॉक्टर की सलाह माने और अस्पताल पहुंचे तो उसे बचा सकते हैं। अभी जो लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं उनके फेफड़ों में 30 से 40 प्रतिशत संक्रमण सामने आ रहा है।

    डॉक्टर बीआर शुक्ला, कोविड वार्ड प्रभारी

  • गांव से किसानों ने आकर शहर में श्मशान घाट में ट्रैक्टर ट्राली से लकड़ी कंडे की मदद

    गांव से किसानों ने आकर शहर में श्मशान घाट में ट्रैक्टर ट्राली से लकड़ी कंडे की मदद

    हम शहरी क्षेत्र में रहने के बाद भी अपनी समस्या हल नहीं कर पाए और ग्रामीण किसान अपनी समस्या के साथ हमारी समस्या हल करने तक गांव से शहर में आ रहे हैं ऐसा ही कोरोला आपदा में जब शहर के शमशान घाट पर शवो के दाह संस्कार के लिए लाइन लगाना पड़ रही है और लकड़ी कंडे तक की समस्या आ रही है तब भारतीय किसान संघ देवास आगे आया और कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव से लकड़ी कंडे इकट्ठे कर देवास स्थित श्मशान घाट में तीन तालीट्राली पहुंचाई जिसमें मुख्य योगदान जिला सह मंत्री शेखर जी पटेल एवं उनके साथियों का रहा ग्राम समितियों से इकट्ठा करो पुनीत कार्य में भाग लिया विस्तृत जानकारी हेतु भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष गोवर्धन पाटीदार एवं जिला प्रचार प्रमुख आनंद मेहता का सहयोग रहा। एक सलूट सभी ग्रामीणों को और भारतीय किसान संघ को जिन्होंने अपनी समस्या के बावजूद शहर वासियों के लिए इस आपदा के समय गांव गांव से लकड़ी कंडे इकट्ठे कर शहर में पहुंचा रहे हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में कई अवसरवादी मौके का फायदा उठाकर महत्वपूर्ण इंजेक्शन ब्लैक मैं बेच रहे हैं और भी कई जगह आपदा को अवसर बना लिया है।