Category: विशेष
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दुर्घटना मे घायल हुए नीलेश ठाकुर का निधन
देवास – गत दिवस राधागंज मे दौ बाइक की भिड़ंत मे पूर्व पार्षद डॉ महेन्द्र सिंह ठाकुर क़े पुत्र, नरेंद्र सिंह कँसाना क़े भतीजे, और नितिन ठाकुर क़े छोटे भाई नीलेश ठाकुर आयु 26वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे इंदौर क़े एक अस्पताल मे भर्ती कराया गया था जहाँ पऱ गुरुवार की रात क़ो नीलेश का निधन हो गया, नीलेश क़े निधन की खबर मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह नें फोन पऱ शोक सवेदना व्यक्त की, साथ ही पूर्व महापौर जय सिंह ठाकुर, जय शास्त्री, अमिताभ तिवारी, अनिल सिंह सिकरवार प्रवेश अग्रवाल , तवर सिंह चौहान , शौकत हुसैन, विक्रम मुकाती, सुधीर शर्मा, इंदर सिंह ठाकुर, अशोक गोस्वामी, मदन कहार , सुमेर सिंह ठाकुर, दिलीप सिरवाल , गिरधर गुप्ता, सलीम मामू, अभय जैन, राजू चौरसिया पोप सिंह परिहार, दिनेश बैरागी,, बबेले सा , पार्षद शीतल गेहलोत, अनिल गोस्वामी, रोहित शर्मा , जितेंद्र गोड़ , गुरु चरण सलूजा, ज्ञानू लखमानी, बंटी विजयवर्गीय, विनोद दुबे, कल्याण भूतडा,, लल्ला यादव, मुकेश यादव मोहन वर्मा इम्तियाज भल्लू,मयंक जैन उजागर सिंह, सुनील वधवानी , टिंगू शुक्ला सहित बड़ी संख्या मे राजनेताओं, व्यापारियों व गणमान्य नागरिकों नें शद्धांजलि अर्पित की
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मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ ने 22 सूत्रीय मांगों को लेकर विधायक राजे को सौंपा ज्ञापन
देवास। मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ ने अपने चरणबद्ध आंदोलन के अंतर्गत तीसरे चरण में जिलाध्यक्ष जगदीश तंवर के नेतृत्व में विधायक गायत्री राजे पवार को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। श्री तंवर ने बताया कि मप्र लघु वेतन कर्मचारी संघ विगत कई वर्षो से अपनी जायज मांगो के लिए आवाज उठाता आ रहा है, लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता है। संघ की मांग है कि भृत्य का पद नाम परिवर्तन कर कार्यालय सहायक किया जाए, पुरानी पेंशन बहाल करना ग्रेड पे में संशोधन 1300 के स्थान पर 1800 करे। प्रदेश में कार्यरत 45,000 स्थाई कर्मियों को नियमित स्थापना में लेना तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सीधी भर्ती पर रोक लगाए। आकस्मिक कार्य भारतीय सेवा के कर्मचारियों को 300 दिन का लीव सिलेंडर का लाभ दिया जाए। 2007 के बाद नियुक्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई कर्मी का दर्जा दे। आउटसोर्स ठेका प्रथा में जा रही भर्ती को पूर्णतः: समाप्त करे। अंशकालीन कर्मचारी आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका मिड डे मील रसोईया एवं कोटवार साथियों को कलेक्टर दर घोषित करे। आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित किया जाए आदि अन्य मांगे शामिल है। इस दौरान तृतीय कर्मचारी संघ अध्यक्ष अशोक वर्मा, कर्मचारी नेता मुकेश चौधरी, रामस्वरूप कहार, बनेसिंह राजपूत, विजय वर्मा, राकेश कलेशरिया, समंदर सिंह राजपूत, अक्षय शर्मा, जगदीश चौधरी, मोहन सिंह बैस, प्रेम नारायण खाटवा, उमेश चौधरी, हुकम खाकरे, पप्पू राठौर, नंदकिशोर धारीवाल आदि उपस्थित थे।
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शहर की होनहार बालिका खुशबू शर्मा ने महाविद्यालय की गोल्ड मेडलिस्ट में दर्ज कराया नाम, राज्यपाल के हाथों होगी सम्मानित
– जबलपुर विश्वविद्यालय एग्रीकल्चर विषय में उच्च अंक प्राप्त कर जिले का नाम किया गौरवान्वित देवास। कृषि महाविद्यालय बारा सिवनी (बालाघाट) जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर से बीएससी कृषि विषय में कमलाकुंज कॉलोनी निवासी कृभको में बीज इकाई कार्यालय में पदस्थ सुनील शर्मा की बालिका खुशबू शर्मा ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विश्वविद्यालय की गोल्ड मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले सहित अपने परिवार का नाम प्रदेशभर में गौरवान्वित किया। शहर की होनहार बालिका खुशबू शर्मा का विश्वविद्यालय कुलपति एवं राज्यपाल द्वारा 16 फरवरी को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय के पं. श्रीकांत मिश्रा ने 5 हजार रूपए, जेएनकेवीवी के पेंशनर्स परिषद जबलपुर ने 15 हजार रूपए भेंट कर पुरस्कृत किया। बालिका के पिता ने बताया कि जिले के ग्राम जामगोद जागीर से निकलकर देवास में पढ़ाई करते हुए खुशबू ने कक्षा 10वीं सीबीएसई में 91.2 प्रतिशत, 12वीं में 90.6 प्रतिशत प्राप्त कर प्रावीण्य सूची में अपना नाम दर्ज करवाया था। वह भविष्य में प्रशासनिक सेवा आईएएस/आईपीएस/आईएफएस की तैयारी कर देश सेवा करना चाहती है। खुशबू की सफलता पर भोपाल कृभको के उप महाप्रबंधक जेपी सिंह, इंदौर, देवास के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक जीपी शर्मा, जयप्रकाश पाटीदार, राहुल पाटीदार, सेवानिवृत्त सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. मोहम्मद अब्बास, कृषि उप संचालक आरपी कनेरिया, सरपंच बाबूसिंह, ग्राम जामगोद सरपंच पप्पू डॉन, दिगपाल सिंह जामगोद, प्रगतिशील कृषक धर्मेन्द्र सिंह राजपूत, मुकेश नावदा, त्रियोगी नारायण शर्मा, अनिल शर्मा, बद्रीनारायण शर्मा, संदीप शर्मा, गंगाराम पाटीदार, सिया सरपंच श्री चौहान, जगन्नाथ पाटीदार, देवकरण पाटीदार, गोपाल पाटीदार, महेश पाटीदार, जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र सिंह तालोद, गुलशर खां सहित स्नेहीजनों एवं परिवारजनों ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।
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आरटीओ पहुंची ग्रामीण क्षेत्र में चेकिंग अभियान में , वाहन चालकों में हड़कंप
————- आज देवास जिले में परिवहन विभाग द्वारा सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती जया वसावा दल के साथ जिले के कन्नौद, खातेगॉव एवं कमलापुर मार्ग पर चैकिंग अभियान चलाया। जिसमें ओव्हरलोड वाहनों पर कार्यवाही की गई। साथ ही चैकिंग के दौरान बिना पंजीयन, ओवर हाईट, बिना फिटनेस एवं बिना वैध दस्तावेजों के रेती परिवहन करते हुए पाए गए ट्रेक्टर वाहनों पर भी कार्यवाही की गई। चैकिंग के दौरान 12 वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही करते हुए 32 हजार रूपये का शमन शुल्क वसूल किया गया। कार्यवाही में 4 ट्रेक्टर ट्रालियों को जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में रखा गया। चैकिंग अभियान समस्त वाहन स्वामियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने वाहनों के वैध दस्तावेज वाहन के साथ रखकर तथा निर्धारित क्षमता से नियमानुसार माल का परिवहन करके ही अपनी वाहनों का संचालन करें, अन्यथा उनके विरूद्ध नियमानुसार चालानी कार्यवाही की जायेगी। अचानक आरटीओ के ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचने से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया कई वाहन चालक आसपास की सड़कों से गुजरते देखे गए और कई ने अपने वाहन बंद कर दिए।
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देवास जिले में वर्ष की प्रथम ‘’नेशनल लोक अदालत’’ 11 फरवरी को ———— जिले के समस्त न्यायालयों में आयोजित होगी ‘’नेशनल लोक अदालत
———— देवास/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्रभात कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में 11 फरवरी 2023 शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों में वृहद स्तर पर इस वर्ष की प्रथम ’नेशनल लोक अदालत’ का आयोजन किया जा रहा है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती निहारिका सिंह ने बताया कि 11 फरवरी 2023 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत देवास मुख्यालय एवं तहसील सोनकच्छ, बागली, कन्नौद, खातेगांव एवं टोंकखुर्द के न्यायालयों में आयोजित की जा रही है। नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित एवं वादपूर्व समझौता योग्य आपराधिक, सिविल, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण मामले, विद्युत चोरी प्रकरण, चैक बाउन्स, बैंक रिकवरी, श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, भू-अर्जन, नगर निगम के जलकर एवं संपत्तिकर, बीएसएनएल के प्रकरण आदि विषयक प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों एवं प्रिलिटिगेशन प्रकरणों, नगर निगम के जलकर एवं संपत्तिकर के प्रिलिटिगेषन प्रकरणों एवं बैंक रिकवरी के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार विशेष छूट दी जाएगी। पक्षकार संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर नेशनल लोक अदालत में राजीनामा कर प्रकरण का निराकरण करा सकते हैं। लोक अदालत में ’’न तुम जीते न मैं हारा’’ की भावना के साथ राजीनामा के आधार पर मामले का शीघ्र और बिना किसी व्यय के निराकरण होता है इससे पक्षकारों के बीच का प्रेम और स्नेह बना रहता है। नेशनल लोक अदालत में दीवानी एवं चैक अनादरण से संबंधित प्रकरणों में न्यायशुल्क की राशि की नियमानुसार वापसी होती है जिससे पक्षकारों को अतिरिक्त लाभ होता है। अतः अधिक से अधिक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठायें।
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भाजपा की विकास यात्रा, अंगूर की बेटी महंगी, चतुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष, मेयर इन काउंसिल के सदस्यों की नाराजगी, नई परिषद में नगर निगम में पी सी घटी, ठेकेदार फिर भी दूर, पूर्व कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला याद आए, नए टी आई ( बाबा और भगत) बुधवार 8 फरवरी
भगत -बाबा प्रणाम। दादा भाजपा विकास यात्रा निकाल रही है।
बाबा –प्रणाम बेटा, हां बेटा भाजपा कार्यकाल में विकास तो हुआ है लेकिन नेताजी का भी विकास हुआ है। कुछ अधिकारियों की चल निकली है। मामा जी आप भले ही मंच से अधिकारियों पर अंकुश लगाना चाह रहे हैं ,वह भी चुनावी वर्ष के दौरान तो जनता सब समझती है मामा जी पहले ही आप ऐसे हो जाते । जितना विकास कार्य हुआ है यदि पूरा इमानदारी से हो जाता तो बात कुछ और होती ।फिर कहीं विधानसभा में रिकॉर्ड विकास कार्य हुआ है काम खुद बोलता है। मामा जी अच्छा गणित लाए विकास यात्रा विधायक की और पूरा प्रशासन उसे सफल बनाने में लगेगा पूरे प्रदेश में तो विकास यात्रा सफल होगी ही हींग लगे न फिटकरी रंग चोखा चोखा की तरह भाजपा विधायक को सबसे ज्यादा लाभ है पूरी तैयारी मेहनत स्वयं करना पड़ती अब साथ में पूरा प्रशासन शासन है यह श्री गणेश से चुनाव प्रचार अभियान का इसके बाद स्वयं चुनाव लड़ना है इसमें विधायक को मालूम भी पड़ जाएगा कहां कमी है और कहां वे अच्छी स्थिति में है कई विधायकों को पहले दूसरे दिन में ही विरोध के कारण दिन में तारे नजर आ गए हैं पूरे प्रदेश में कई विधायक का खुलकर विरोध हुआ तो कई विधायक का पलक पावडे बिछा कर स्वागत जिसने पूरे 4 साल मेहनत की उनको जनता दिल से स्वीकार कर रही है तो आम जनता को कोरोना काल से लेकर अभी तक याद न करने वाले विधायक जब क्षेत्र में जा रहे हैं तो विरोध तो होगा ही ।फिर भी अभी प्यारे प्रशासन शासन साथ है तो सरकारी नजरिए से विकास यात्रा सफल एक मान लो । जबकि आम जनता केवल अपने बीच लोकप्रिय हमेशा रहने वाले विधायक को ही स्वीकार कर रही है विकास कार्य का प्रचार करना नहीं पड़ता है विकास तो खुद बोलता है।
भगत –ग्रामीण क्षेत्र में भीड़ कम है।
बाबा –मामाजी के अधिकारी वर्ग को यह नहीं मालूम कि यह शादी विवाह का सीजन हे और गांव में शादी ब्याव नहीं छोड़ सकते आने जाने का बहुत महत्व है। नेताजी की यात्रा में नहीं आए तो चलेगा परंतु बेयजी ब्यानजी और रिश्तेदारों से बुरे नहीं बन सकते इसलिए थोड़ी सी भीड़ ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई दे रही है अधिकारी भी रुचि नहीं ले रहे हैं कई आयोजन अधिकारी नदारद है।
भगत —सीता मैया का बजट किसी को समझ में आया किसी को पल्ले ही नहीं पड़ा।
बाबा — सिर में दर्द हो रहा है तो पैर में मार लो सिर का दर्द कुछ देर के लिए कम हो जाएगा। सीता मैया का केंद्रीय बजट इस बार थोड़ा लग रहा साइकिल खेल खिलौने और ऑटोमोबाइल से लेकर मोबाइल तक सस्ते होंगे तो अंगूर की बेटी और सिगरेट महंगी कर अच्छा ही किया ।विलासिता की वस्तु पर चाहे कितना टैक्स लगा दो ।लेकिन आम जनता को दिन रात उपभोग में आने वाली सामग्री पर राहत दोगे तो बजट अच्छा ही होगा। सबसे ज्यादा तकलीफ में मध्यम वर्ग है जिसके लिए बजट में बहुत कम स्थान रहता है ।या तो गरीब वर्ग या उच्च वर्ग इस बार मध्यमवर्गीय कभी थोड़ा सा ध्यान रखा गया है ।500000 से बढ़ा का टैक्स छूट 700000 कर दी है। वैसे कर्मचारी और आम जनता के लिए ठीक है लेकिन इससे व्यापार व्यवसाय पर भी प्रभाव पड़ेगा 500000 के बाद 200000 छूट पाने के लिए कर्मचारी या आम आदमी कहीं नहीं कहीं पर निवेश करने के साथ दान से लेकर सभी जगह हाथ पैर चला कर टैक्स बचाता था। अब पूरे दो लाख की बचा लेगा तो बाजार में पैसा घूमेगा कैसे ।सेवा कार्य होम लोन बच्चों की ट्यूशन फीस बीमा एफडी अब आवश्यकता नहीं तो सीधे वह दो लाख भी बचाकर बाजार में निवेश करने से भी बचेगा। उद्योगपति व्यापारी के लिए वही की वही बात है कान इधर से पकड़ो या उधर से खरबूजा छुरी पर गिरे या खरबूजे पर छुरी कटना खरबूजे को ही है। विकास कार्य के लिए बजट अच्छा रखा गया है तो शिक्षा के क्षेत्र में जरूर निराशा रही है फिर हमारी सकारात्मक सोच रहती है हम ऑडिटर तो है नहीं कि हर बात में कुछ न कुछ गलती निकाल ले ।इस बार बजट पर विपक्ष ने भी ज्यादा लोड नहीं लिया या लेने जैसी बात नहीं होगी ।भगत — बाबा हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा में इस बार राजानी ने खेल खेल दिया ।
बाबा –इसी को कहते राजनीति अभी तक शहर कांग्रेस अध्यक्ष को दरकिनार कर अपने दम पर विधानसभा की दावेदारी करने वाले दोनों दावेदार प्रदीप चौधरी और प्रवेश अग्रवाल को शहर कांग्रेस के मंच पर लाकर अपना प्रभाव दिखा दिया कि आखिर संगठन संगठन है उससे बाहर कैसे जाओगे और अब तो टिकट मिलना है जिसमें शहर और जिले के बिना चाहे कितनी ही मेहनत कर लो टिकट आसानी से नहीं मिल सकता मौके का लाभ राजानी ने उठाया और इतने दिनों तक अपने दम पर आयोजन करने वाले प्रदीप चौधरी और प्रवेश अग्रवाल को शहर कांग्रेस यानी मनोज रजनी के कैंप में आना ही पड़ा। अब दोनों आयोजन करेंगे तो मजबूरी का नाम ही सही मनोज राजानी तो रहेंगे ही और यही राजानी चाहते भी थे कांग्रेस की राजनीति में चाणक्य कहे जाने वाले राजानी ने भी दो नेताजी को तो अपने पाले में ले लिया। लेकिन राजानी के विरोधी की संख्या भी कम नहीं है और कुछ विरोधी भी कम नहीं है।
भगत — मेयर इन काउंसिल की बैठक का बहिष्कार। बाबा —बेटा नगर निगम में इस समय इंजीनियर और अधिकारियों का ही राज है 2 वर्ष एक तरफा राज करने वाले अधिकारी इंजीनियर पार्षदों को कुछ नहीं समझ रहे हैं और पार्षदों के आक्रोश का पहला ट्रेलर तो शीतल गहलोत ने दिखा दिया दूसरा वैसा नहीं दिखा सकते तो कम से कम अपना विरोध तो दर्ज कर सकते हैं और सत्ता के सिरमोर कहे जाने वाले कुछ नेता नगर निगम में हाथ पैर नहीं चला पा रहे हैं या यूं कहें की मजबूरी इतने हैं कि चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं मेयर इन काउंसिल में विधायक राजे के खास गणेश पटेल धर्मेंद्र सिंह बैंस विनय सांगते और अजय पंडित को मजबूर होना पड़ा समझदार महापौर प्रतिनिधि जिन्होंने अभी तक कई विवादित मामले बढ़ते बढ़ते सुलझा लिए उन्होंने बाकी सदस्य को तो फोन करके मना लिया यह चार महारथी अब ज्यादा विरोध करते उससे पहले ही कुछ बातें मान ली गई है और ज्यादा विरोध करते भी तो अचानक विकास यात्रा आ गई रोज शाम को नगर निगम में बैठने की बजाए विकास यात्रा में लगे रहो उसके बाद फिर जताना विरोध।
भगत– नगर निगम में पी सी के भी नए रेट आ गए हैं। बाबा –सही बात है बेटा सबसे पहली बात तो हम आम जनता को समझा दे उनको पीसी का मतलब नगर निगम में ठेकेदार द्वारा अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक को दी जाने वाली आर्थिक राशि है सीधे भाषा में रिश्वत। जो नगर निगम में पहले 25 से 30% पहुंच गई थी पूरे प्रदेश में देवास नगर निगम का नाम आता था और ठेकेदारों ने देवास नगर निगम में काम करना बंद कर दिया था अब ठेकेदारों के लिए अच्छी खबर यह है कि नगर निगम की पीसी नई परिषद में घट गई है ऊपर 4% दूसरे नंबर पर 3% और फिर इंजीनियर और एक –एक परसेंट सब मिलाकर 10 से 15% मैं ठेकेदार का काम हो जाएगा इसमें अभी कमिश्नर विशाल सिंह ने अपने आप को दूर रखा है बड़े-बड़े काम की बात अलग है नगर निगम में पीसी कम होने के बाद अब ठेकेदार की संख्या बढ़ना चाहिए ।लेकिन ठेकेदार के साथ एक समस्या और है कि उनका समय पर पेमेंट नहीं होता है जिसके कारण वे अगला कार्य लेने से डरते हैं जबकि बड़े ठेकेदार कुछ इंजीनियरों के चहेते होने के कारण सीधा लाभ ले लेते हैं अब अगर नगर निगम मैं जनप्रतिनिधि को काम कराना है तो ठेकेदारों के लिए पीसी घटाने के प्रोत्साहन के साथ समय पर पेमेंट का पक्का विश्वास दिलाना होगा ।वरना नगर निगम में छोटे-छोटे काम करने वाले ठेकेदार धीरे-धीरे दूसरे विभागों में नजर आएंगे अभी तक कुछ ठेकेदार के हाथ पैर तो क्या सिर भी कढ़ाई में है।
भगत –बाबा पीसी तो पूरे देश में चल रही है हर विभाग में है।
बाबा –सही बात है बेटा ऊपर से पैसा लेकर आओ तभी से शुरू हो जाता है खेल अब यह शिष्टाचार बन गया है बस यह जरूर है कि दूसरे विभागों में यह 8 से 10% है बस नगर निगम नहीं हद कर दी थी । लोक निर्माण विभाग प्रधानमंत्री सड़क और सिंचाई विभाग में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग पी सी है। भगत —सबसे बड़ा खेल कोटेशन में होता है। बाबा –अभी नई परिषद में तो कमिश्नर विशाल सिंह ने स्पष्ट कोटेशन का मना कर दिया है बहुत आवश्यक कार्य होने पर सीधे कमिश्नर की परमिशन पर ही कोटेशन से कार्य होंगे इससे कई ठेकेदारों और इंजीनियर को पहुंचा है। नगर निगम ने बंद कर दिया लेकिन कई विभागों में अभी भी जारी है । नवागत कलेक्टर के आने से कई विभाग संभल संभल कर कार्य कर रहे हैं इसमें सीधे जांच के घेरे में आ जाते हैं इंजीनियर और साहब।भगत —कलेक्टर का अभी तक वही जुनून जोश है। बाबा– सही बात है छुट्टी के दिन भी यदि जिले का राजा काम करेगा तो नीचे सबको मजबूरी में ही सही काम तो करना है, फिर अभी आकस्मिक निरीक्षण जारी है ।पता नहीं कलेक्टर का मन कब किधर चले जाए उसी और आकस्मिक निरीक्षण हो जाए। किसी को पता भी नहीं चलता कि साहब आज क्या करेंगे। बस यही सस्पेंस और छोटा सा डर अधीनस्थ का काम इमानदारी से चला रहा है। भले ही थोड़ा सा ही सही व्यवस्था में कुछ सुधार तो हो रहा है धीरे-धीरे ही सही बदलाव तो हो रहा है ।आमजन में कुछ माह में ही कलेक्टर की छवि अलग बन गई है। अब कुछ और अधिकारियों ऐसे मिल जाए तो देवास जिला कुछ अलग ही नजर आएगा। मामा जी कुछ अधिकारी और ऐसे अंतिम दौर में ही भेज दो।
भगत –औद्योगिक थाने में नए टी आई चानना आ गए हैं।
बाबा –चंबल क्षेत्र में डकैतों को पानी पिलाने वाले इन काउंटर और कई तरह से अपराधों पर अंकुश करने वाले अजय चानना को बदले में उनको बहुत लंबे लूप लाइन में रहने के बाद मिला थाना।
भगत –कोतवाली थाना भी खाली हो गया है।
बाबा –शहर में कोतवाली थाना महत्वपूर्ण है और इस समय यहां पर आने के लिए देवास में अच्छी पारी खेल चुके उमराव सिंह और बागली से दीपक यादव का नाम चल रहा है ।पुलिस अधीक्षक के खास माने जाते हैं दीपक यादव, फिर भी संजू ,मनोज ,रवि, भी फार्म पर चल रहे हैं । पैलेस के साथ इनके खास होना भी जरूरी है। कोतवाली में जो भी आ जाए कुछ कार्य चलते रहेंगे जिनको अब बंद करना मुश्किल है। कुछ विद्वान के काम बेधड़क चल रहे हैं।
भगत —विद्वान तो सब पर भारी है उधर कोई हाथ नहीं डालता।बाबा —समझ गया बेटा ढाई अक्षर प्रेम का जो समझ गया वही पार पा गया फिर विद्वान कहना ही ठीक है अभी दूसरा नाम लो तो पहले ही विवाद चल रहा है देश में ।बस ढाई अक्षर का मतलब समझ जाओ वही बहुत है पुलिस की मजबूरी का नाम भी ढाई अक्षर ही है।
भगत — बाबा पर्वत पर एडवेंचर होगा।
बाबा –हां बेटा देवास के लिए अच्छी बात है यहां पर मेले खेल महोत्सव के साथ अब शंकरगढ़ पहाड़ी का एडवेंचर भी रोमांचित करता है देवास शंकरगढ़ पहाड़ी कभी खदान संचालकों का खजाना थी और पांच 10 वर्ष अगर शासन ध्यान नहीं देता तो पहाड़ी इतिहास में कई गुम हो जाती जिस तरह नजूल वाले कहीं सरकारी जमीन घुमाकर कॉलोनाइजर को भेंट कर चुके हैं ऐसे ही यह पहाड़ी खुदने के बाद नई पीढ़ी को याद नहीं रहती कि यहां भी कुछ था पूर्व कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला डीएफओ मिश्रा कमिश्नर और जनप्रतिनिधि की मेहनत रंग लाई है डीएफओ मिश्रा ने तो लगातार पौधारोपण और इस पहाड़ी को जीवित रखने के लिए बहुत कुछ किया है उस तरह जिस तरह बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना यानी यह जमीन वन विभाग की नहीं होने के बाद भी वन विभाग ने यहां बहुत कुछ किया कलेक्टर अगर कुछ अच्छा करके जाए नाम तो रह जाता है चंद्रमौली शुक्ला की मेहनत रंग ला रही है नवागत कलेक्टर और कमिश्नर भी इसे आगे बढ़ा रहे हैं नहीं तो पूर्व कलेक्टर जाने के बाद नए कलेक्टर कुछ योजनाओं पर ध्यान नहीं देते परंतु गुप्ता कुछ अलग मिजाज के हैं। देवास में एडवेंचर के लिए आसपास के शहरों से भी जनता आती है यहां व्यापार व्यवसाय बढ़ने के साथ आसपास के क्षेत्र की रौनक भी बढ़ गई है जमीन के दाम तो आसमान छू रहे हैं। आम आदमी की दिनभर आपाधापी की दौड़ और तनाव में जीवन में स्वस्थ मनोरंजन और खुशी देता है एडवेंचर। देवास के युवा खिलाड़ियों के लिए तो यह उपहार है ।खासकर सेना पुलिस की तैयारी करने वाले और कुछ अलग करने वाले युवा के लिए शंकरगढ़ पहाड़ी।



