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  • दमोह विधानसभा उपचुनाव में 800 शिक्षक-शिक्षिकाओं की लगाई थी ड्यूटी

200 संक्रमित, 14 शिक्षकों की मौत

    दमोह विधानसभा उपचुनाव में 800 शिक्षक-शिक्षिकाओं की लगाई थी ड्यूटी 200 संक्रमित, 14 शिक्षकों की मौत

    पिछले वर्ष देवास में उपचुनाव हुए थे उसके बाद हाटपिपलिया मैं इतने हालात खराब नहीं हुए हैं जितने इस बार दमोह मे वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में दमोह विधानसभा उपचुनाव कराना जानलेवा साबित हो गया है। चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों का मैनेजमेंट देख रहे कई नेताओं के साथ 200 शिक्षक संक्रमित पाए गए हैं। इनमें अब तक 14 शिक्षकों की मौत हो चुकी है।

    उपचुनाव में दमोह जिले के 800 शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई थी। बताते हैं कि 100 शिक्षक अब भी कोरोना संक्रमित होकरे जीवन-मृत्यु की जंग लड़ रहे हैं। हम बता दें कि पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष मांडवी चौहान, पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष दमोह देवनारायण श्रीवास्तव कोरेाना संक्रमण मौत हो चुकी है। कोरोना संक्रमण से चुनावी ड्यूटी के दौरान मरे शिक्षकों के परिजनों का आरोप है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने अब तक उनकी सुध नहीं ली।

    इन परिजनों का आरोप है कि पीडि़त शिक्षक को अस्पतालों में बेड तक नहीं मिले। मजबूरन कई शिक्षकों को जबलपुर और सागर जाकर इलाज कराना पड़ रहा है। अध्यापक संगठन के प्रांताध्यक्ष आरिफ अंजुम ने आरोप लगाया कि दमोह जिले में अब तक 45 शिक्षकों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है, जिसमें चुनाव ड्यूटी में सबसे ज्यादा शिक्षकों की मौत हुई है। ऐसे शिक्षकों को कोरोना योद्धा के तहत 50 लाख रुपए की राशि और अनुकंपा नीति का लाभ दिया जाएं। डीईओ एचएन नेमा ने बताया कि 43 शिक्षकों की कोरोना से मौत की जानकारी मिली है। लेकिन चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होने से मौत का कोई रिकार्ड नहीं है। मतदान के दिन ही मौत हो गई बटियागढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला पिपरिया घनश्याम में पदस्थ शिक्षक जमना प्रसाद की मतदान वाले दिन 17 अप्रैल को मौत हो गई। उनकी पत्नी रामदुलारी ने बताया चुनावी काम के लिए कलेक्टोरेट में उनकी डयूटी लगी थी, तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और मतदान के दिन ही उनकी मौत हो गई। छह शिक्षक जिनकी चुनाव ड्यूटी में कोरोना से मौत हो गई जानकारी के अनुसार दमोह विधानसभा उपचुनाव के दौरान चुनाव ड्यूटी करते हुए कर्ई शिक्षक कोरोना संक्रमित हो गए या फिर उनकी संक्रमण से मौत हो गई। इनमें शिक्षक लालसिंह ठाकुर, हरिराम प्रजापति, बृजकिशोर समदरिया, अरविंद जैन, जमना प्रसाद और भरत कुमार चौरसिया की चुनाव के दौरान ड्यूटी लगी और कोरोना संक्रमित होने के बाद इनकी मौत हो गई। इनमें से किसी की मतदान के दिन, तो किसी की मतदान के बाद कोरोन संक्रमण से मौत होने की जानकारी है। इन 8 शिक्षकों को भी नहीं बचा पाए डॉक्टर प्राइमरी स्कूल बरी कनौरा में पदस्थ शिक्षक दिनेश प्रधान की भी मौत हो गई। इनकी ड्यूटी मतदान केंद्र-133 में थी लेकिन 12 अप्रैल को तबीयत बिगडऩे के बाद इनकी मौत हो गई। शिक्षक बृजलाल अहिरवार, रसीद खां, ज्ञानेश्वर सिंह ठाकुर, आनंदीलाल करपेती, डालचंद्र साहू और हरिचरण तिवारी ने चुनावी प्रशिक्षण लिया था, वहीं संक्रमित हुए व दम तोड़ दिया। शिक्षक सीताराम ठाकुर की ड्यूटी चुनाव सामग्री वितरण में लगी थी। हमीदिया और जेपी के कई डाक्टर संक्रमित इधर राजधानी के सबसे पुराने सरकारी अस्पताल हमीदिया और जयप्रकाश अस्पताल (जेपी) के कई डॉक्टर्स एवं स्टॉफ के अन्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इससे अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज में परेशानी का सामना करना पड रहा है। जेपी अस्पताल के करीब 20 स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। इनमें 8 डॉक्टर, 16 नर्स और बाकी वार्डबाय ड्रेसर व अन्य कर्मचारी हैं। इसी तरह से हमीदिया अस्पताल के 200 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हैं। इसमें कंसलटेंट, जूनियर डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। एम्स और दूसरे अस्पतालों का भी यही हाल है। हमीदिया अस्पताल में तो 30 गंभीर मरीजों वाले वार्ड भी एक नर्स के हवाले हैं। जेपी अस्पताल में भी ऐसी ही स्थिति है। हालांकि, एम्स में स्टाफ पर्याप्त है, इसलिए इतनी दिक्कत नहीं है। जिन स्वास्थ्यकर्मियों को अभी कोरोना हुआ है उन्हें टीका का दूसरा डोस लगे हुए कम से कम एक महीने हो चुके हैं। 95 फीसद को टीका लगा है। हालांकि अच्छी बात यह है कि इनमें से कोई भी गंभीर स्थिति में नहीं है। ज्यादातर होम आइसोलेशन में हैं। जेपी अस्पताल में कुल 64 डॉक्टरों में से 8 फिलहाल कोरोना से संक्रमित हैं। इनमें हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ केके देवपुजारी, डॉ वायपी पटेल, कोरोना वार्ड के प्रभारी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ योगेंद्र श्रीवास्तव, डॉ वीके दुबे भी शामिल हैं। इनके संक्रमित होने से मेडिसिन विभाग में अब सिर्फ एक डॉक्टर बचे हैं। इसी तरह से हड्डी विभाग में भी सिर्फ एक विशेषज्ञ हैं। अस्पताल में कुल 130 स्टाफ नर्स हैं। इनमें करीब 15 पहले से ही किसी न किसी कारण से छुट्टी पर थीं। 16 स्टाफ नर्स कोरोना से संक्रमित हो गई हैं। ऐसे में वार्ड में भर्ती गैर कोरोना मरीजों के इलाज में दिक्कत आती है। सिर्फ एक नर्स के भरोसे ही पूरा वार्ड रहता है। हमीदिया अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 680 बिस्तर मिलाकर कुल 1347 बिस्तर हो गए हैं। लेकिन 113 स्टाफ नर्स कोरोना से फिलहाल संक्रमित हैं और छुट्टी पर हैं। कुल 667 नर्सिंग स्टाफ यहां पर है। संक्रमितों के अलावा कुछ पहले से छुट्टी पर हैं। इस वजह से वार्ड में ड्यूटी में परेशानी आ रही है। कोविड ब्लॉक 2 में 30-30 मरीजों वाले वार्ड हैं जहां सिर्फ एक नर्स की ड्यूटी लगाई जा रही है, जबकि सामान्य अन्य दिनों में दो से तीन नर्स रहती हैं। हमीदिया अस्पताल की नर्सिंग अधीक्षक रामरती यादव ने बताया कि अप्रैल के पहले हफ्ते से ही 100 से ज्यादा नर्सिंग स्टाफ संक्रमित हैं। इनमें जितने स्वस्थ होते हैं लगभग उतने ही नए संक्रमित हो जाते हैं। इसी तरह से कंसल्टेंट, जूनियर डॉक्टर और सीनियर रेजीडेंट मिलाकर करीब 80 डॉक्टर संक्रमित हैं।

  • ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायकों ने 10 मई से दी आंदोलन की चेतावनी

कोरोना योद्धा के नाम पर दोहरी नीति का आरोप लगाया

26 अप्रेल को आदेश जारी होने के बाद भी अमल नही होने से नाराज

मैदानी अमले को नाराज कर मौत के मुंह मे धकेलने का षड्यंत्र

    ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायकों ने 10 मई से दी आंदोलन की चेतावनी कोरोना योद्धा के नाम पर दोहरी नीति का आरोप लगाया 26 अप्रेल को आदेश जारी होने के बाद भी अमल नही होने से नाराज मैदानी अमले को नाराज कर मौत के मुंह मे धकेलने का षड्यंत्र

    देवास। कोरोना योद्धा के नाम पर अधिकारियों की दोहरी नीति के विरोध में पंचायत सचिव रोजगार सहायको ने 9 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। मांगो का निराकरण नहीं हुआ तो काम बंद-कलम बंद, कार्यालय बंद विरोध करेंगे। उक्त आशय की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मेन्द्र जोशी, देवास जिला अध्यक्ष आनंद सिंह ठाकुर, सचिव संगठन के ब्लॉक टोंकखुर्द अध्यक्ष मनोहर सायल, कन्हैयालाल पटेल देवास, भंवरसिंह यसोना सोनकच्छ, जगदीश जाट राजेश तिवारी, ईश्वर सिंह चौहान, सुलतान सिंह सिसोदिया, विनोद महेंदीया,विजय माली,राजेश बागवान, विश्वास बघेल, ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि प्रमुख सचिव पंचायत एवम ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 26 अप्रेल को पंचायत सचिव/सहायक सचिव समेत ग्रामीण विकास के अमले को जिलावार कोरोना योद्धा के अंतर्गत पात्रकर्मी के रूप में आदेश जारी करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद प्रदेश भर से 10-12 कलेक्टरो द्वारा पूर्व में जारी आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार आदेश निरस्त करने के लिए भोपाल स्तर से वीडियो कॉन्फ्रेंस में निर्देश दिए गए हैं। कोरोना योद्धा के अंतर्गत पंचायत सचिव एवम ग्राम रोजगार सहायकों के आदेश निरस्त होने से पूरे प्रदेश की 23,000 ग्राम पंचायतों में हड़कंप का माहौल निर्मित होकर,प्रदेश संगठन के आव्हान पर इस भीषण महामारी के दौर में ग्रामीण विकास के इस अमले को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी है, पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों का कहना है कि कोरोना योद्धा के पात्रकर्मी होने के बावजूद पात्रता के आदेश निरस्त कर दबाव डाल कर पंचायत सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों से इस भयावह स्थिति में भी गाँव मे सेनिटाईजेशन, दवाइयों का वितरण, बीमारो का सर्वे ,वेक्सीनेशन का प्रचार इत्यादि कोविड सम्बंधित कार्य इस दौरान प्रदेश भर में सेकड़ो पंचायत सचिव/ग्राम रोजगार सहायक और उनके परिवार संक्रमण के शिकार हो गए हैं,प्रदेश भर में 25 से अधिक पंचायत सचिवों की मौत संक्रमण और कोविड के कारण हो चुकी है, पंचायत सचिवों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश भर के बड़े अधिकारी वल्लभ भवन से लेकर जिला पंचायतो, कलेक्टर कार्यालयो तक एसी रूम में बैठकर तुगलकी फरमान जारी कर सरकार को बदनामी के दावानल में झोंकने का षड्यंत्र कर रहे हैं। जिससे मैदानी अमले में आक्रोश व्याप्त हैं। पंचायत सचिवों और सहायक सचिवो को मौत के मुँह में धकाया जा रहे है। नाराज पंचायत सचिव एवम सहायक सचिवो ने आंदोलन की राह पकडकर चेतावनी दी है कि 9 मई तक यथावत कोरोना योद्धा कल्याण के आदेश विधिवत पात्रकर्मी के रूप मे जारी नही किये गए तो 10 मई से काम बंद, कलम बन्द, कार्यालय बन्द, फोन बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पंचायत सचिवों ने कहा है कि प्रदेश भर में हाल ही में कोविड ड्यूटी के दौरान मृत हुए पंचायत सचिवों एवम ग्राम रोजगार सहायको के परिवारो को तत्काल 50-50 लाख का कंपनसेशन कोरोना योद्धा कल्याण मद से किया जावे और जिन अधिकारियों की ग़लत बयानी और तुगलकी फरमान से यह स्थिति आंदोलन के रूप में निर्मित हुई है। इसकी सूक्ष्म जांच की जाए। इस आशय का ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, प्रमुख सचिव पंचायत, आयुक्त पंचायत राज एवम प्रदेश भर के जिला पंचायत सीईओ एवम कलेक्टरो को दिया गया है।

  • पुलिस कर्मी द्वारा मारपीट एवं अभद्रता के खिलाफ पत्रकारों ने एकजुट होकर सौंपा ज्ञापन

    पुलिस कर्मी द्वारा मारपीट एवं अभद्रता के खिलाफ पत्रकारों ने एकजुट होकर सौंपा ज्ञापन

    देवास। पुलिस कर्मी द्वारा पत्रकार धीरज सेन के साथ रसलपुर बाईपास चौराहे पर गुरुवार शाम को अभद्रता एवं मारपीट की गई थी, इसके विरोध में शुक्रवार को शहर के पत्रकारों ने एकजुट होकर एसपी कार्यालय पर सीएसपी विवेक सिंह चौहान और डीएसपी किरण शर्मा को ज्ञापन सौंपा। प्रेस क्लब देवास, मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ, युवा प्रेस क्लब, यूनाइटेड प्रेस क्लब के बैनर तले पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शिकायत की गई कि प्रेसजगत कोरोना के संकटकाल में, लाकडाउन का पालन करवाने में पुलिस प्रशासन की मुस्तेदी, सक्रियता की लगातार सराहना कर रहा है । दिनरात एक जर रहे पुलिस जवानों का सकारात्मक खबरों का प्रकाशन, प्रसारण कर होंसला अफजाई कर रहा है । प्रशासनिक व्यवस्थाओ में सहयोग कर रहा है। इसके बावजूद 6 मई गुरुवार को शाम 7 बजे के लगभग युवा पत्रकार धीरज सेन के साथ रसलपुर बायपास चौराहे पर पुलिसकर्मी द्वारा गालीगलौच एवम मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि में पत्रकार हूँ तथा प्रेस कार्ड भी दिखाया, हेलमेट एवम दो मास्क भी पहन रखे थे। इसके बावजूद उक्त पुलिसकर्मी द्वारा गालिया देते हुए डंडे से मारपीट की गयी। धीरज सेन के हाथ में चोट लगी है। पूर्व में भी पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार व गाली गलोच हो चुकी है। उपरोक्त पुलिसकर्मी के खिलाफ निलंबन तथा किट जमा करवाने की कार्रवाई की मांग की गई। सीएसपी ने शीघ्र ही मामले की जाँचकर कार्यवाही के लिये आश्वस्त किया। ज्ञापन के दौरान वरिष्ठ पत्रकार अनिल राज सिंह सिकरवार, अतुल बागलीकर, चेतन राठौड़ शेखर कौशल, आनंद सिंह ठाकुर, विनोद जैन, अमित बागलीकर, सिद्धार्थ मोदी, जितेंद्र पुरोहित, राजेश पाठक, जगदीश सेन, खूबचंद मनवानी, राजेश मालवीय, दिनेश टेलर, अमित व्यास, मयूर व्यास, बाबू भाटिया, राजेन्द्र चौरसिया, फरीद खान, मुर्तजा सैफी, राम माल्या, राम मीणा, राजेन्द्र सिंह पवार, शहजाद कौसर, कैलाश चौहान, रघुनंदन समाधिया, अमित शर्मा, राजेश पवार, शाहिद खान, दीपेश जैन, अर्पित साहू सहित बड़ी संख्या पत्रकार उपस्थित थे।

  • गुजराती मित्र मंडल संगठन युवा अपनी जान की परवाह ना कर आपदा में दे रहे सेवा

    गुजराती मित्र मंडल संगठन युवा अपनी जान की परवाह ना कर आपदा में दे रहे सेवा

    गुजराती मित्र मंडल संघ संगठन सेवा का पर्याय बन गया है ।संगठन के पदाधिकारियों द्वारा ऐसी आपदा के समय आमजन की हर स्तर पर मदद की जा रही है और सबसे बड़ी बात जब पूरे शहर में ऑक्सीजन की किल्लत चल रही थी तब गरीब वर्ग को ऑक्सीजन बड़ी मुश्किल से मिल रही थी तब गुजराती मित्र मंडल संघ द्वारा गरीब वर्ग को ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध कराने के साथ उनके साथ भी खड़ा रहा। संगठन  के अध्यक्ष हरिओम गुजराती ने बताया कि सेवा ही उनका उद्देश है ,और खासकर गरीब वर्ग में जिनको ज्यादा ही दिक्कतों का सामना करना पड़ता है हम उस वर्ग में जाकर सेवा कर रहे हैं और हमें सभी का अच्छा सहयोग मिल रहा है हमारा संगठन किसी भी आपदा में ऐसे ही साथ खड़ा रहेगा। अपने लिए तो सभी जीते हैं लेकिन दूसरो के लिए जीना भी एक अलग सुकून देता है। शाम गांव भानोली में  गुजराती मीत्रमण्डल संघ संगठन देवास के ( प्रमुख ) हरी ओम गुजराती सम्मान भी किया गया । गुजराती मित्र मंडल संगठन अभी लगातार सेवा में समर्पित है। जिस किसी को भी ऑक्सीजन नहीं मिल रही हो वह गुजराती मित्र मंडल के अध्यक्ष   मोबाइल नंबर 6268408478पर फोन कर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर सकते हैं। कलयुग टाइम ऐसे युवाओं का सम्मान करने के साथ एक सलूट भी करता है जो आपदा के समय अपनी जान की परवाह न कर सेवा दे रहे हैं।

  • जन सुविधा के लिए कोविड की जॉच के लिये  पांच नये कोविड सेन्टर खोले गये ,गठित दलो को दवाई वितरण के लिये दी गई

    जन सुविधा के लिए कोविड की जॉच के लिये पांच नये कोविड सेन्टर खोले गये ,गठित दलो को दवाई वितरण के लिये दी गई

    कोविड की जॉच के लिये नये कोविड सेन्टर खोले गये गठित दलो को दवाई वितरण के लिये दी गई देवास/ नगर निगम आयुक्त विशालसिह चौहान ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु चलाया गया किल कोरोना अभियान मे गठित दलो से किये गये कार्यो की जानकारी ली। जिसमे दल प्रभारियो द्वारा वार्डो मे मे घर-घर सम्पर्क कर सर्दी, खॉसी, बुखार होने पर व्यक्तिो से जानकारी लेकर प्रथम तौर पर संक्रमण रोकथाम हेतु दवाई वितरण की जा रही है। दवाई वितरण के साथ ही मास्क एवं सेनेटाईजर का कार्य भी दल द्वारा किया जा रहा है। कलेक्टर एवं निगम प्रशासक चन्द्रमौली शुक्ला, आयुक्त श्री चौहान ने बताया कि जन सुविधा के लिये किल कोरोना अभियान हेतु 5 नये कोविड सहायता केन्द्र भी खोले जा रहे है। जो कि 1 संजीवनी क्लीनिक मेंढकी, नागदा, बालगढ, नम्बर 2 यु.पी.एच.सी. बावडिया, ईटावा एवं नगर निगम कार्यालय के सामने कोविड सहायता केन्द्र शीघ्र खोले जाने की व्यवस्था की गई है। जिसमे सर्दी, खॉसी, बुखार जैसे सिमटेम्स होने पर इन कोविड सेन्टरो पर जाकर अपना उपचार कराने के साथ ही ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेबल आदि की जॉच करा सकते है। प्रशासक व आयुक्त ने नागरिको से अपील की है कि वे थोडा सा भी सिमटेम्स जैसे बुखार, सर्दी, खॉसी जैसी समस्या होने पर इन स्थानो पर जाकर अपनी कोविड जॉच अवश्य करावें तथा बिना कार्य के अपने घरो से न निकले एवं आवश्यक कार्य होने पर मास्क पहनकर ही अपने घरो से निकले व सोशल डिस्टेंस का पालन अवश्य कर संक्रमण से बचे।

  • जज्बे को सलाम, 18 वर्ष के अनुज ने अपने प्रयासों से बचाई कई जिंदगी

    जज्बे को सलाम, 18 वर्ष के अनुज ने अपने प्रयासों से बचाई कई जिंदगी

    देवास। एक ओर कई लोग इस आपदा को अवसर में बदलने के लिए कालाबाजारी कर रहे है वहीं दूसरी ओर मात्र 18 वर्ष के अनुज प्रजापति निस्वार्थ भाव से लोगो की हरसंभव मदद कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले जब देवास में ऑक्सिजन की भारी कमी के चलते मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जिससे कई मौते भी हुई ऐसे में उन परिवारों की उम्मीद बनकर सामने आए प्रजापति ने अपने सोशल मीडिया पर आश्वस्त करते हुए लिखा की संकट की इस घड़ी में आप घबराए नहीं अपितु हमसे संपर्क करें। इसके बाद अपने संपर्कों के माध्यम से इंदौर में ऑक्सिजन की व्यवस्था करने में जुट गए। जिससे देवास से आने वाले मरीजों के परिवारजनों को काफी राहत मिली। जिससे कई जिंदगियां बच पाई। प्रभारी मंत्री से भी की मुलाकात जब सिलेंडर एवं ऑक्सिजन की कमी दिखी तो अनुज देवास की प्रभारी मंत्री उषा ठाकुर से उनके निवास पर जाकर निवेदन किया एवं जल्द समस्या का निराकरण करने की बात कही। ब्लड प्लाज़्मा ओर भोजक की भी व्यवस्था अपनी संस्था स्वामी विवेकानंद के माध्यम से शहर में ब्लड की व्यवस्था के साथ ही प्लाज़्मा भी कोरोना मरीजों को दिलवा रहे है साथ ही गरीब बस्तियों में जाकर भोजन पैकेट भी लगातार वितरित कर रहे है। कई जिलों में भी दे रहे सेवाएं सामाजिक कार्य करते हुए कई संस्थानों का भी साथ मिला जिससे देवास सहित इंदौर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर में भी सोशल मीडिया के माध्यम से हरसंभव मदद कर रहे है। अनुज बताते है कि जब देश संकट में हो तो प्रत्येक नागरिक को सिपाही की भूमिका निभानी चाहिए। आज जब हमे यह मौका मिला है तो हम पूरी निष्ठा के साथ निस्वार्थ भाव से मा भारती के चरणों में अपना सर्वस्व अर्पित कर समाज को इस संकट से निकालेंगे। अनुज कहते है की मा ने बचपन से सिखाया है कि जब देश संकट में हो तब अपने प्राणों की चिंता नहीं करते अपितु उस संकट से निपटने के लिए कार्य करते है इसी प्रण को लेकर अनुज दिन रात समाज हित में लगे रहते है। जब तक ऐसे कोरोना योद्धा हमारे बीच है तब तक डरने की बात नहीं है,देश को भारी संकट से निकालने के लिए हम भी बेहवजह बाहर न निकलें एवं मास्क का उपयोग करे देश को इस संकट से निकालने हेतु अपना छोटा सा योगदान अवश्य दे।