भारतीय जनता पार्टी की सूची आखिर जारी हो ही गई इंतजार करते-करते कई समीकरण बदले बिगड़े परंतु अभी तो कई नामी नेताओं को ऐसा झटका लगा कि वह कभी सोच भी नहीं सकते कि ऐसा हो सकता है । सबसे पहले बात करते हैं पूर्व महापौर सुभाष शर्मा जिनकी बहू रीता शर्मा का नाम महापौर के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा था परंतु महापौर तो ठीक उनके छोटे पुत्र विमल शर्मा का नाम अपने घरेलू वार्ड से भी कट गया और विरोधी रवि जैन को टिकट मिल गया। ऐसे ही दूसरा नाम भाजपा जिला अध्यक्ष राजू खंडेलवाल की पत्नी पूर्णिमा खंडेलवाल का था महापौर में नाम कटने के बाद शायद उन्होंने खुद ने ही पार्षद टिकट लेने से मना कर दिया। तीसरा महापौर के प्रबल दावेदार भाजपा जिला महामंत्री राजेश यादव की पत्नी रंजीता यादव का नाम तो नहीं हुआ वरन राजेश यादव ने 12 नंबर से पार्षद का टिकट ले ही लिया ।क्या वे अब भारतीय जनता पार्टी जिला महामंत्री पद से इस्तीफा देंगे। ऐसे ही महापौर के प्रबल दावेदार धर्मेंद्र सिंह बेस ने पूरे प्रयास किए परंतु अंतिम समय वार्ड 40 से टिकट ले लिया पार्षद का। ऐसे कई महापौर के दावेदार नाम पार्षद की लिस्ट में पांचवें नंबर तक नहीं आया उनके नाम लेने से मतलब भी नहीं अब बात करते हैं प्रमुख पार्षद जिनका नाम कट गए पहले राजेश यादव जो लगातार तीन बार जीत चुके थे उनका नाम कट गया ऐसे ही मनोज राय और वार्ड एक से पूर्व पार्षद देवेंद्र , रूपेश वर्मा ,राज वर्मा, सुनील योगी सहित कई पार्षदों के टिकट कट गए । महापौर के दावेदार अपनी पत्नी को टिकट दिलाना चाहते थे वे मैदान में है राजेश यादव धर्मेंद्र सिंह बेस और रवि जैन जिनका मकसद अब सभापति का पद है देखना है कितने भारतीय जनता पार्टी समर्थक पार्षद जीतते हैं और इनका सपना पूरा होता है । भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व में कई पार्षदों पर फिर विश्वास जताया है जिनको बीच में टिकट नहीं मिला था उसमें है अर्पणा आशुतोष जोशी उदयसिंह फुलेरी के बेटे महेश और रामेश्वर दायमा के बेटे विजय पंडित के बेटे अजय पंडित की पत्नी सपना को रितिका विनय और चार बार चुनाव हारने के बाद एक बार चुनाव जीतने वाले संतोष पंचोली को फिर राज परिवार ने विश्वास कर मौका दिया है। अजय तोमर की भी वापसी हुई है पिंकी संजय दायमा ,राजीव खंडेलवाल ग्रुप से। संघ के शीतल गहलोत, वार्ड क्रमांक 21 से वर्षों से मेहनत कर रहे वार्ड के ही जमीनी कार्यकर्ता को छोड़ पूर्व सांसद राज्यपाल श्री थावर चंद गहलोत जी के एक समर्थक को टिकट मिल गया है । ऐसे ही मीडिया के खबरची सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के खास शंभू अग्रवाल को भी मौका मिला है जबकि वे महापौर प्रत्याशी के प्रबल विरोधी रहे हैं कोरोना भंडारे का लाभ भी मिला है ।वार्ड केइस तरह और भी नाम है बहुत कुछ है इस बार के चुनाव में मिलते हैं कल कलयुग टाइम्स खास खबर में आज के लिए इतना ही ।
भाजपा की सूची में कई नामी नेताओं को झटका महापौर के दावेदारों को पार्षद तक का टिकट नहीं पूर्व के कई पार्षद के टिकट काटे तो सांसद से लेकर राज्यपाल की सिफारिश तक टिकट और जिला पदाधिकारी को भी मिला टिकट क्या वह देंगे इस्तीफा
