भारतीय जनता पार्टी में महापौर के प्रबल दावेदार पूजा रवि जैन का टिकट अंतिम समय में कटने के बाद रवि जैन नाराज थे और कई विरोधियों के प्रयास थे कि उनको निर्दलीय चुनाव लड़ाया जाए । पर्दे के पीछे कई प्रयासरत थे और माना जा रहा था कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं ।
राज परिवार के खास रवि जैन के समर्थकों मे भारी निराशा थी और अंदर ही अंदर भारी विरोध हो रहा था। लेकिन आज इन सब अटकलों पर विराम लग गया जब देवास विधायक राजे रवि जैन के कार्यालय पर पहुंचने के बाद पूरा मामला ही पलट गया है ।
अब रवि जैन की पत्नी पूजा जैन नहीं वह स्वयं वार्ड क्रमांक 26 मोती बंगला से पार्षद का चुनाव लड़ेंगे। रवि जैन ने श्रीमंत गायत्री राजे पवार के साथ वार्ड 26 से नामांकन भर कर सारी संभावनाओं को भी समाप्त कर दिया कि वह नाराज है और कुछ कर सकते हैंऔर संभवत अगर भारतीय जनता पार्टी की परिषद बनती है सभापति का राजे के खेमे में इनका दावा ही बनता है अब सबसे बड़ी बात यह है कि ये जिस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं वह पूर्व महापौर सुभाष शर्मा का क्षेत्र है जिनकी बहू रीता शर्मा का भी महापौर टिकट के लिए दावा था लेकिन उनका नाम नहीं हो सका यहां तक तो ठीक था उसके बाद वार्ड 26 से सुभाष शर्मा जी के पुत्र विमल शर्मा प्रबल दावेदार थे और सारी तैयारियां कर रखी थी यहां से लगातार सुभाष शर्मा दो बार चुनाव जीते हैं एक बार निर्दलीय और एक बार भारतीय जनता पार्टी से यहां तक कि अपने समर्थक को उन्होंने निर्दलीय चुनाव जिताया है अब रवि जैन के सामने चुनौती बन गई है कि वह विरोधी सुभाष शर्मा के वार्ड से चुनाव लड़ने जा रहे हैं । अब देखना है कि कांग्रेसी यहां से किसे लड़ाते हैं पूरे देवास शहर की नजर महापौर चुनाव के साथ पार्षद के कुछ सीट पर रहेगी तो उसमें मोती बंगला रवि जैन का वार्ड 26 मुख्य रहेगा ।जहां मुकाबला रोचक होने की संभावना है इस वार्ड से निर्दलीय भी सबसे ज्यादा फॉर्म भरते हैं। अभी भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छी खबर यह है कि बहुत जल्द उन्होंने एक रूठे को मना लिया है।
