राजनीति में कब क्या हो जाए कह नहीं सकते कल तक पूरे देवास में रवि जैन की पत्नी पूजा जैन की हवा थी और आमजन में यह धारणा भी थी कि एक अच्छे व्यक्ति को टिकट मिल रहा है ।और अचानक आज दोपहर में रवि जैन का टिकट कटने से भारतीय जनता पार्टी ही नहीं कांग्रेस भी अचंभित है कि अचानक एक रात में क्या हो गया। तो पर्दे के पीछे की कहानी यह है कि देवास विधायक राजे ने तो पूजा जैन गीता अग्रवाल और अपने समर्थकों के नाम दिए थे जिसमें अंतिम समय में उनके समर्थकों में रवि जैन विरोधी एक साथ हो गए और दूसरी ओर संगठन के कुछ रवि विरोधी भी इस बात पर तैयार हो गए कि भले ही हमें मत दो परंतु पूजा का टिकट भी काट दो ।रातो रात टिकट कटने का यही कारण रहा वहीं दूसरी और भारतीय जनता पार्टी में जमीनी कार्य करने वाली महिला नेत्री मैं से भी किसी का नाम ना हो कर राजे के कट्टर समर्थक दुर्गेश अग्रवाल की पत्नी गीता अग्रवाल का का नाम हो गया। अब इन को जिताने की पूरी मेहनत राज परिवार को और उनके समर्थकों को करना होगी वरना दुर्गेश अग्रवाल अपने क्षेत्र से पार्षद नहीं जीता सकें उल्टा उन्होंने जिनको भी टिकट दिलाया वह हार गया ।
दुर्गेश अग्रवाल पूर्व में प्राधिकरण उपाध्यक्ष रहने के साथ और संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं दुर्गेश अग्रवाल के साथ बुराइयां बहुत है तो अच्छा यह भी है कि उन्होंने अभी तक किसी का बुरा नहीं किया बस यही पॉइंट उनके लिए प्लस है । तो दूसरा देवास में विधायक सांसद भाजपा के होने के साथ प्रदेश में और केंद्र में सरकार हे बाकी मेहनत संगठन को करना है एक घरेलू महिला को टिकट देने के साथ पूरा दारोमदार राज परिवार पर आ जाता है अब राज परिवार मैं महाराज और प्रदेश मुखिया को देवास सीट जिताने के लिए मेहनत करना पड़ेगी और एक और प्लस पॉइंट के कांग्रेस से भी इस बार मनोज राजानी और प्रदीप चौधरी ने टिकट लेने से मना कर दिया है दो दमदार प्रत्याशी अचानक बाहर हो गए हैं उधर भी यही हाल है तो इधर भी यही हाल है बस इधर सत्ता है और सबसे बड़ा राज परिवार है । अब निर्दलीय कोई दमदार प्रत्याशी चुनाव लड़ता है तो चुनाव रोचक होंगे नहीं तो महापौर से ज्यादा रोचक चुनाव कई क्षेत्र में पार्षद के होंगे । अभी तक कांग्रेस से तीन बार महापौर जीते हैं एक बार निर्दलीय एक ही बार भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी जीता है क्या राजपरिवार यह जीत कायम रख पाएगा ।
