देवास। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध ड्रग्स एंड सनफार्मा मजदूर संघ ने सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड देवास में पॉकेट यूनियन और प्रबंधन द्वारा वर्षों से किये जा रहे आर्थिक एवं मानसिक शोषण को रोकने और वेतन वृद्धि समझौता जल्दी से जल्दी संपन्न करवाए जाने को लेकर गुरुवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में बताया कि सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड देवास में वेतनवृद्धि समझौता 13 माह से लंबित है जिसके कारण श्रमिकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है जिसे जल्दी से जल्दी प्रबंधन और संघ से चर्चा कर संपन्न करवाया जावे। सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड देवास में दो संघ है जिसमे हमारे संघ ” ड्रग्स एंड सनफार्मा मजदूर संघ के पास बहुसंख्यक श्रमिकों की सदस्यता है जो की 533 एवं 51 % से कई अधिक है फिर भी कारखाना प्रबंधन संघ से समझौते पर कोई चर्चा नहीं कर रहा है इसलिए संघ मांग करता है की पहले कारखाने में चुनाव कराये जाए और जितने वाले संघ से वेतन वृद्धि समझौता करवाया जाये । पॉकेट यूनियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल एम्प्लोयी यूनियन पिछले समझौते दिसंबर 2016 से ” मजदूर हित विरोधी समझौता ” करने के कारण श्रमिकों का विश्वास खो चूका है जिसके कारण श्रमिकों द्वारा पॉकेट यूनियन की मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही मध्यप्रदेश औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 की धारा 16 बी 3 के अंतर्गत की गयी थी जिसमे माननीय औद्योगिक न्यायलय इंदौर द्वारा प्रकरण क्रमांक 07 / MPIRI 2018 में दिनांक 04/10 12019 को पंजीयक महोदय व्यावसायिक पंजीयक संघम.प्र . शासन भोपाल को आदेशित किया था जिसमे आज दिनांक तक पंजीयक महोदय द्वारा जानबूझकर प्रबंधन और पॉकेट यूनियन के इशारे पर आदेश नहीं किया जा रहा है, जिससे की वर्तमान में भी प्रबंधन और पॉकेट यूनियन अपना एकाधिकार बनाये रख सके और श्रमिकों का शोषण कर सके। कारखाना प्रबंधन द्वारा पिछले समझौते से चले आ रहे हर वर्ष जून की वेतन में मिलने वाले 1500 रु का एजुकेशन भत्ता एवं 3000 रु का मेडिकल भत्ता भी इस वर्ष नहीं दिया गया जो प्रबंधन और पॉकेट यूनियन की मिलभगत से किया गया है जिसे तत्काल श्रमिकों दिलवाया जावे। संघ ने मांग की है कि सनफार्मा प्रबंधन द्वारा पॉकेट यूनियन के इशारे अपना एकाधिकार बनाये रखने के लिए जिन 25 श्रमिकों को नौकरी से निकला है उन्हें तत्काल नौकरी पर लिया एवं 4 श्रमिकों का स्थानांतरण किया गया है उन्हें निरस्त करवाया जावे। अतः श्रीमान से निवेदन है कारखाना प्रबंधन से चर्चा कर हमारे संघ से वेतनवृद्धि समझौता सम्पन्न करवाया जावे, क्यूकि पॉकेट यूनियन के पास सदस्य संख्या नहीं है अन्यथा किसी प्रकार की न्याय व्यवस्था भंग होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी कारखाना प्रबंधन , श्रम विभाग एवं प्रशासन की रहेगी। ज्ञापन के दौरान संगठन के पदाधिकारी ओर मजदूर उपस्थित थे।
