तन-मन-धन से मानव सेवा कर “नारी तू नारायणी” के कथन को साबित कर रही करिश्मा हाड़ा

देवास। “नारी तू नारायणी” इस कथन को साबित कर दिखाया है करणी कृपा फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन जयपुर की सामाजिक कार्यकर्ता करिश्मा हाड़ा ने। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान करिश्मा हाड़ा वो कार्य कर रही है जो की अनुकरणीय है और ये हमारे समाज के लिए एक मिसाल है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुं. जैनेन्द्र सिंह पवार ने बताया कि करिश्मा हाड़ा ना सिर्फ राजस्थान में बल्कि दूसरे प्रदेशों में जैसे कानपुर, लखनऊ, छत्तीसगढ़, सतना, ग्वालियर आदि में भी सहायता प्रदान कर रही है। इनका कहना है कि सेवा ही जीवन का आधार हैं। करिश्मा हाड़ा ने बताया की उनकी संस्था करणी कृपा फाउंडेशन राजस्थान के अनेक जिलों में कोरोना मरीजों को आ रही दिक्कतों में जैसे वेंटिलेटर बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां व भोजन का इंतजाम पिछले एक माह से निरंतर करते आ रही हैं, करिश्मा हाड़ा का कहना है के जिनका घर सुबह कमा कर ही चलता था आज उनके घर एक वक्त का खाना भी नहीं। करिश्मा हाड़ा सभी से निवेदन कर रही है के हो सके उतनी सहायता करे। स्वयं भी सुरक्षित रहे दूसरे को भी करे। ऐसे में हमारा छोटा सा प्रयास भी लोगों के लिए बड़ा संबल बन सकता है। इनके जीवन का परिचय इस एक पंक्ति से पता चलता है जिस दिन से चली हूं मंजिल पर नजर है, लेकिन अभी तक मील का पत्थर नहीं देखा। जिसने हर क्षेत्र में अपने काम से लोगों का दिल तो जीता ही है। साथ ही उन्हें सशक्त भी किया है। एक ऐसी नारी शक्ति जिसने अपने हौसले को उड़ान देते हुए एयर होस्टेस के रूप में देश ही नहीं बल्कि कई अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस कंपनी तक में काम करके नाम किया। वहीं जब बात चली डांस, एनसीसी, मॉडलिंग के साथ बास्केटबॉल कोर्ट की तो वहां भी अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी। करिश्मा मिस राजस्थान भी रह चुकी है। इतना ही नहीं जब बेटियों को हितों को साधने की बात आई तो भी उन्होंने आगे आकर कई सामाजिक संस्थाओं का नेतृत्व कर महिला उत्थान में हाथ बंटाया है। राजस्थान के करणी कृपा फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन करिश्मा हाड़ा आज महिलाओं के लिए तो रोल मॉडल हैं ही साथ ही प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए भी आइकोनिक हैं जो अपने दुख दर्द भूलकर गरीब को गणेश मान कर पूज रहा हो। कोविड-19 काल में जब चारो ओर दुख, दर्द, परेशानी का आलम था तो जरूरतमंदों की सेवा के लिए खुद ने दिन रात काम किया ही बल्कि लोगों को भी प्रेरित किया। उन्होंने न जाने कितनों के घर राशन, दवा आदि का इंतजाम कर इंसानियत का धर्म निभाया। देश में जब कोरोना वायरस पैर पसार रहा था और लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों में करिश्मा हाड़ा ने जरूरतमंदों की सहायता के उन्हें कोविड-19 वॉरियर्स अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। कोरोना जागरूकता को लेकर भी उनके प्रयास सराहनीय हैं। करिश्मा हाड़ा राजस्थान में कई सामाजिक संस्थाओं से तो जुड़ी हुई हैं ही साथ ही उन्होंने राज्य में बालिका विकास और प्रगति के लिए भी कई उलेखनीय कार्य किए हैं। वे निर्भया नशा मुक्ति केंद्र, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बेटी सुरक्षा दल, बेटी स्वावलंबी मिशन,किसान जाग्रति स्वरोजगार योजना सहित कई बड़ी योजनाओं की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं। भवदीय जैनेन्द्र सिंह पवार 9425047698

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