भगत ……. बाबा प्रणाम आचार संहिता की शुभकामनाएं। बाबा ……..बेटा प्रणाम पूरे देश में चुनावी माहौल है आचार संहिता के पहले बहुत कुछ हो गया।
भगत ……….सांसद का टिकट भी नहीं कटा। बाबा………. बेटा बोल ना कि सब का रिपोर्ट कार्ड बोलता है देवास में बड़े लंबे समय बाद हमारे देवास विधानसभा के स्थानीय को मौका मिला और उन्होंने पूरे 5 वर्ष कट्टर हिंदुत्व के साथ सीधा जनता से संपर्क रखना और बेदाग छवि के कारण केंद्र में पहली सूची में ही इनका नाम देकर विरोधियों को झटका दिया है। वैसे सांसद ने नेताओं को विरोधी बहुत बना लिए हैं यही कारण रहा की इतनी शिकायत सहित प्रदेश में किसी की नहीं होगी जितनी देवास जिले के सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की हुई लेकिन काम काम आया विकास कार्य में तो कुछ बड़ा नहीं कर पाए लेकिन संगठन के सिद्धांत नीति पर खरे उतरने के साथ सीधे आम जनता से जुड़े होने से सर्वे रिपोर्ट में पहले ही पायदान में निकल गए। फिर इनका टिकट का इतना आत्मविश्वास था की टिकट मिलने के पहले ही देवास सांसद चुनाव कार्यालय बनकर फ्लेक्स लग गया था।
भगत…………… कांग्रेस से राजेंद्र मालवीय भी कमजोर नहीं है। बाबा……….. हां बेटा सही बात है भले ही मोदी लहर के कारण भाजपा थोड़ी मजबूत नजर आ रही है ।लेकिन संसद का देवास शाजापुर का टिकट है जिसमें राजेंद्र मालवीय को कांग्रेस ने बहुत सोच समझकर टिकट दिया है सरल स्वभाव के और एक ही समाज के होने के साथ राजेंद्र मालवीय गुट बाजी से दूर होने के कारण पूरी कांग्रेस कार्य करेगी यह बात अलग है कि देश में भी मोदी लहर का सामना इनको करना है। परिणाम जो भी हो राजेंद्र मालवीय के पास खोने को को कुछ नहीं है ।अब वर्षों बाद देवास जिले में आमद होने के कारण इनको कुछ लाभ तो मिलेगा ही सही इनके पिता भी सरल स्वभाव के थे और उनको भी देवास से दो बार टिकट मिल चुका है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के गढ़ में हार जीत अलग मामला है । सबसे बड़ी बात की जब कोई दावेदार जो हर चुनाव में विधानसभा से लेकर लोकसभा में बड़ी-बड़ी दावेदारी करते हैं तब टिकट की दावेदारी मैं पीछे हट रहे थे तब राजेंद्र मालवीय ने उत्साह के साथ टिकट लिया और अब उतने ही उत्साहित होकर चुनाव लड़ रहे हैं।
भगत…… बाबा कलेक्टर एसपी के तबादले की बात करने वाले मायूस नजर आ रहे हैं। बाबा …….हां बेटा देवास जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता के तबादले की चर्चा तो कुछ अधिकारी और नेता पिछले 6 माह से कर रहे हैं। लेकिन बेटा नेताजी की रिपोर्ट कार्ड की तरह कलेक्टर का रिपोर्ट कार्ड भी ऊपर जाता है और हमारे देवास के कलेक्टर इसमें सबसे ऊपर ही है तो अपनी कार्य शैली और सक्रियता के कारण। पूरे प्रदेश में शायद ही किसी कलेक्टर ने उद्योगपति से सी एस आर से इतना कार्य कराया हो आखिर पहले यह सब कहां जाता था कागज पर या किसी की जेब में ।और फिर पूरे वर्ष भर हर समय हर परिस्थिति में आपदा में मौके पर पहुंचने के साथ उसे सरलता से निपटाने के साथ कहीं नेताओं के विवाद भी मौके पर निपटा दिए और कई अधीनस्थ को बचा भी लिया। जिले में लगता है कि कलेक्टर है फिर अभी आचार संहिता में विकास कार्य और अन्य बातें नही विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक निपटने के साथ जिला कलेक्टर के सामने लोकसभा चुनाव भी ईमानदारी और शांतिपूर्वक से निपटने की चुनौती रहेगी। रही बात उनके तबादले की तो चुनाव बाद भी उनका प्रयास विफल ही रहेगा। दूसरा बेटा एसपी संपत उपाध्याय का 2023 कार्यकाल जरूर सट्टा अवैध कारोबार के खुलेआम चलने के कारण चर्चा में रहा लेकिन वर्ष 2024 में पूरा विभाग का सिस्टम ही बदल गया है लगता है। एसपी उपाध्याय के साथ एडिशनल एसपी जयवीर भदोरिया की शानदार एंट्री ऐसी रही की 2024 में वापस अपराधियों को मालूम भी पड़ गया कि पुलिस क्या है और थोड़ा सा अब लग रहा है कि पुलिस है। वरना 2023 में तो प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सट्टा जुआ अवैध शराब और अवैध कारोबार पूरे जिले में होने का उठाया था। पुलिस अधीक्षक के साथ अभी दमदार एडिशनल एसपी जयवीर भदोरिया सहित अच्छी टीम है ।कुछ क्षेत्र जरूर कमजोर है पुलिस अधीक्षक ने 2024 में जरूर थोड़ी सी सख्ती के साथ पुलिस विभाग में फेरबदल भी किया है जिसमें नेतागिरी का कम हस्तक्षेप है। वरना पहले एक आरक्षक का तबादला भी बिना नेतागिरी के बड़े मुश्किल से हुआ होगा। खैर पुलिस अधीक्षक के पास सब आचार संहिता और अच्छा समय है देवास की पूरे प्रदेश में एक अच्छी छवि बनाने के लिए प्रशासनिक क्षेत्र में जिला कलेक्टर ने कई विभागों में अच्छे कार्य कर देवास का नाम प्रदेश में रोशन किया है। तो पुलिस अधीक्षक के खाते में सिविल लाइन थाना और कुछ उपलब्धि आ रही है लेकिन उससे ज्यादा इन सटोरियों ने और अपराधियों ने देवास को चर्चित कर दिया था।
भगत …….भैया आप बड़े दिनों बाद नजर आएंगे। बाबा…… समझ गया टिकट भैया और समर्थकों की रणनीति के कारण ही मिला है तो भैया तो नजर आएंगे ही परंतु भैया का विधानसभा क्षेत्र वर्तमान विधायक ने अच्छी तरह संभाल लिया है। जहां अब वापसी के बहुत कम चांस है ऐसा ना हो कि राजेंद्र मालवीय के लिए यह क्षेत्र सुरक्षित हो जाए समझ गया ना। भगत राहुल गांधी जी भी काकड़ बाहर से निकल गए। बाबा शहर में आकर करते भी क्या विजयगंज मंडी जिले का आखिरी छोर जहां पर कांग्रेसियों ने स्वागत सत्कार कर्मचारी का पूरी की फिर देवास में बदल तो कुछ नहीं वही पुराने अध्यक्ष और वही पुरानी टीम अब उनके नेतृत्व में ही लोकसभा लड़ना है।
भगत…. पूरे प्रदेश में दिग्गज कांग्रेसी भाजपा में आ रहे हैं। बाबा…….. देवास जिले में पहले भैया के आका का प्लान फेल रहा भाजपा में जाते-जाते वापस उनकी तो निशुल्क घर वापसी हो गई लेकिन कई नेता अभी भी आ रहे हैं। कई नेता के आने-जाने से फर्क नहीं पड़ता लेकिन इंदौर के संजय शुक्ला और विशाल पटेल से जरुर थोड़ा सा फर्क पड़ेगा ।खुले रूप से किसी भी नेता का विरोध करने के साथ दोनों का क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है संजय शुक्ला का तो पूरा परिवार ही भारतीय जनता पार्टी में है और अब उनके आने के बाद पूरा परिवार भाजपा में हो गया विधानसभा क्षेत्र क्रमांक एक और तीन के साथ मालवा क्षेत्र में परिवार व्यावसायिक क्षेत्र के साथ सामाजिक क्षेत्र में लोकप्रिय है हालांकि संजय शुक्ला हारने के बाद भाजपा में आए हैं इसी तरह हारने के बाद ही विशाल पटेल जो की कलोता समाज में अपना अच्छा वर्चस्व रखते हैं और मालवा क्षेत्र में कलोता समाज का बड़ा वोट बैंक होने के साथ प्रभावशाली नेता रहे हैं। देवास में भी पूर्व मंत्री दीपक जोशी के भारतीय जनता पार्टी में आने की खबर खूब चली लेकिन अंतिम समय में मामला उलझ गया सब समझदार है इस बारे में बस इतना ही कहेंगे कि दीपक जोशी भारतीय जनता पार्टी में चुनाव हारने के बाद कांग्रेस में गए थे और कांग्रेस ने इनको अपने वर्षों से क्षेत्र में कार्य कर रहे कार्यकर्ता के टिकट काटकर मौका दिया था। ऐसे में इनकी भारतीय जनता पार्टी में घर वापसी से ना ज्यादा कांग्रेस को फर्क नहीं पड़ने वाला था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी में कई नेताओं ने इनका खुलकर विरोध किया अब देखना है कि दीपक जोशी लोकसभा में कितनी सक्रियता से कांग्रेस में कार्य करते हैं या भाजपा में वापसी के लिए औपचारिक मुंह दिखाई।
भगत ….भारतीय जनता पार्टी में बागी नेताओं की भी घर वापसी हो गई है।
बाबा…… भारतीय जनता पार्टी में अपनी ही पार्टी के खिलाफ लड़ने वाले बागी को ज्यादा समय दूर नहीं रखा है। अभी नगर निगम में अपने ही पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भाजपा नेताओं को फिर वापस पार्टी में ले लिया है। सबसे ज्यादा अभी देवास विधायक राजे समर्थक है। जिनकी घर वापसी अच्छे समय पर हुई है ।क्योंकि लोकसभा में भाजपा ज्यादा से ज्यादा लीड बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ऐसे समय में राजे ने अपने समर्थकों को वापस से सम्मान बुलाया है। मुख्य रूप से राजेश यादव जो पहले भारतीय जनता पार्टी से पार्षद रह चुके हैं । फिर अजय पाटीदार से लेकर सभी निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले को वापस ले लिया है जिसमें अभी 3 पार्षद भी है। पिंटू देशमुख पहली बार पार्षद बने हैं तो राज वर्मा और रुपेश वर्मा दो बार संगठन से बगावत कर चुके हैं। रही बात राजे समर्थक की जिनकी शिकायत के बाद संगठन ने बाहर किया था परंतु राजे ने बहुत कम शिकायत की थी जो वैसे ही पार्टी में है चाहे रवि जैन के सामने लड़ने वाले या अन्य क्षेत्र के बागी उम्मीदवार।
भगत …..दिलीप बांगर और लकी मक्कड़। बाबा …भारतीय जनता पार्टी में दमदार चाणक्य दिलीप बांगर को कहा जाता है जो कांग्रेस के कार्यकाल में भी दमदारी के साथ आंदोलन कर अपना वर्चस्व स्थापित करने के साथ नगर निगम में भी अधिकारी और नेताओं के नाक में चने चबाने के साथ दमदारी से क्षेत्र में काम करने वाले दिलीप बांगर की वापसी इस बार सांसद और जिला अध्यक्ष खेमे से हुई है। इसी तरह कांग्रेस के भी दमदार नेता लकी मक्कड़ इनको दमदार इसलिए कहना होगा कि भाजपा के अयोध्या कहे जाने वाले क्षेत्र से इन्होंने निर्दलीय अच्छा प्रदर्शन कर क्षेत्र में पकड़ बनाई है समाजसेवी होने के कारण इनका क्षेत्र में अलग प्रभाव है तो शहर में भी और इस बार कांग्रेस में अपनी लगातार उपेक्षा के साथ भारतीय जनता पार्टी के सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी से खास लगाव इनको भारतीय जनता पार्टी में ले आया है। फिर यूं कहे की राजानी पीड़ित में से एक नाम चला गया।
भगत ……….भाजपा गढ़ से तो राहुल पवार भी जीते हैं।
बाबा….. हां बेटा भाजपा की अयोध्या कहीं जाने वाली कॉलोनी में एक और कांग्रेस के नेता राहुल पवार लगातार चुनाव जीते हैं मनोज राजानी समर्थक राहुल पवार की माता श्री को प्रतिपक्ष नेता का दायित्व भी मिला है और राहुल ने अभी सद्बुद्धि यज्ञ नगर निगम में कर अधिकारी जनप्रतिनिधि से देवास नगर निगम में विकास और सुधार की बात कही है। जबकि एक माह पहले यही सद्बुद्धि यज्ञ भारतीय जनता पार्टी के कुछ पार्षदों ने रखा था लेकिन निरस्त करना पड़ा और भाजपा पार्षद नगर निगम के अधिकारी में विवाद के बाद अधिकारी कर्मचारियों ने सद्बुद्धि यज्ञ का लाभ उठाया अब राहुल पवार सद्बुद्धि किसको देने के लिए यज्ञ कर रहे हैं या तो वही समझ सकते हैं।
भगत…. दीपेश कानूनगो को पैदल चलवा दिया।
बाबा ……कांग्रेस में भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्र से ही जीत कर आए कांग्रेसी पार्षद दीपेश कानूनगो को भले ही मनोज राजानी शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रतिपक्ष नेता नहीं बनाया हो लेकिन अभी भी वह अपने आप को प्रतिपक्ष नेता मानकर कुछ न कुछ प्रयास कर बने रखना चाहते हैं और इस बार तो हद हो गई उनके समर्थक और राजानी जी के शुभचिंतक की सलाह के चक्कर में पैदल यात्रा उज्जैन तक की हो गई और यह मामला कुछ खास नहीं रहा। ठीक है दीपेश कोई बात नहीं अपने प्रयास करते रुको हर आंदोलन में हिट हो जरूरी तो नहीं।
..भगत……………सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी गबन और मुख्य चिकित्सा विभाग। बाबा…… सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी गबन कांड देवास जिला कलेक्टर की सक्रियता से सामने आ गया और कार्रवाई भी हो गई वरना कई बार ऐसे कितने ही मामले आए और गए परंतु अधिकारियों का साहस देखिए किस तरह के कार्य कागज पर ही कर देते हैं इसी तरह देवास से सीएमएचओ कार्यालय भी ऐसे ही घोटाले के कारण सील कर दिया गया यहां पर उज्जैन संभाग की टीम जांच कर रही है पहले भी विवादों में सीएमएचओ कार्यालय रहा है इस बार तो और बहुत ज्यादा विवाद में आ गया है देवास जिला स्वास्थ्य विभाग में जिला प्रशासन जितने सुधार के प्रयास करता है उतने ही वहां के कुछ अधिकारी कर्मचारी वर्ष में एक बार अपने कारनामे से बराबर कर देते हैं।
भगत…… नकल गैंग का कारोबार चौपट हो गया। बाबा………. देवास जिले में कुछ सेंटर नकल के कारण पहचाने जाने जाते हैं जहां पर बाहर से आकर कुछ नकल गिरोह यह फर्जीवाड़ा करते हैं लेकिन इस बार जिला कलेक्टर की सख्ती के कारण यह पूरा गिरोह फ्लॉप रहा और यही हाल रहा तो आगे इसे दूसरे जिले देखने पड़ेंगे। सबसे बड़ी गलती छात्रों और उनके अभिभावकों की है जो इनके चक्कर में आते हैं और लाखों रुपए देने के बाद अपने बच्चों को पास करवाकर भविष्य के सपने देखते हैं लेकिन झूठ तो आखिर झूठ होता है बच्चों का एक वर्ष भी गया और पैसा अलग से कुछ मिला और कुछ जो भी मध्यस्थ है वहां चला गया। इससे तो अच्छा की तैयारी करवा और पैसा बचाने के साथ बच्चों का भविष्य भी उज्जवल बनाएं अगले बरस भी अगर यही कलेक्टर रहे तो क्या होगा। और इसी शैली के कलेक्टर आगे तो भी आगे भी या धंधा चलना ही नहीं है इसलिए और कोई व्यापार देख लो।
भगत ……….आबकारी विभाग में भी महिला नारी शक्ति का बोलबाला।
बाबा …..देवास जिले में इस समय महिला नारी शक्ति अधिकारी ज्यादा है और जिला आबकारी विभाग की कमान भी नारी शक्ति के हाथ में ही होगी यह बात अलग है कि यह बात बहुत ही अलग है। यहां पर वर्तमान जिला अधिकारी प्रवीण सोनी का निर्विवाद अच्छा कार्यकाल रहा। अब मैडम की बारी है फिर आबकारी और खनिज विभाग में सबसे ज्यादा ठेकेदार और संचालक तो नेताजी ही रहते हैं चाहे वह भाजपा के हो या कांग्रेस के। यहां पर अधिकारी कर्मचारी चाह कर भी कुछ बड़ा नहीं कर सकता लेकिन बड़े वाले नेताजी जरूर यहां पर बड़े छोटे हो जाते हैं।
भगत ……नगर निगम में एक दिन के सभापति।
बाबा ……इस समय नगर निगम में महापौर दुर्गेश के खास जितेंद्र मकवाना और पार्षद तो है ही लेकिन वरिष्ठ होने के नाते सत्ता पक्ष नेता मनीष सेन को कई बार मौका मिल रहा है वर्तमान सभापति रवि जैन का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण एक दिन के सभापति मनीष सेन ने ईमानदारी से जिम्मेदारी उठाने के साथ बहुत ही कम समय में परिषद निपटा दी या यू कहे कि कुछ मामले उठने से पहले ही निपटा दिए खैर नगर निगम में अभी बहुत निपटने का खेल चल रहा है फिलहाल अब आचार संहिता के बाद।
भगत ….भारतीय जनता पार्टी नगर मंडल में नए पदाधिकारी को मौका मिला।
बाबा….. देना भी चाहिए पुराने के पास बहुत कुछ है पहले से ही पार्षद की जिम्मेदारी और जमाने भर के काम उन्होंने ले लिए फिर जनता की जिम्मेदारी भी और संगठन की भी अब देवास विधायक राजे समर्थक नए पदाधिकारी को मौका मिला है हालांकि संगठन में कार्यकाल पूरा होने जा रहा है लेकिन फिर भी मौका तो मौका है कम समय में भी नए पदाधिकारी ज्यादा काम करके आम जनता के बीच रहकर एक अलग पहचान बना सकते हैं नहीं तो पुराने भी थे और नए भी वही पुराने हो जाएंगे अगर आए हो तो कुछ अच्छा करके जाओ और आगे जिले में प्रदेश में नहीं तो जनता के दिल में तो जगह मिली जाती है। पुराने पार्षद को तो जानता ही याद कर रही है कि चलो अच्छा है संगठन के पद से मुक्त हुए अब क्षेत्र में तो सक्रिय होंगे।
भगत …….महापौर जनसुनवाई में महिला ने पेट्रोल डाल कर विरोध जताया।
बाबा…. देवास नगर निगम में एक अच्छी पहल महापौर जनसुनवाई की हुई है वरना कौन आ बैल मुझे मार करें मिल तो रोगी रहे हैं एक दिन अलग से पूरी जनता दरबार लगाकर कौन जनसुनवाई करें। अब मामला रहा महिला स्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार द्वारा पेमेंट नहीं मिलने के बाद पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास कर अपनी मांग मनवाने का प्रयास किया। अब कोई महिला किसी सार्वजनिक स्थल पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास करेगी तो खबर बड़ी बनेगी की हर किसी की नजर उसे और दौड़ जाएगी क्या यह प्रदर्शन ठीक है और भी तरीके हैं अपनी बात रखने के इस तरह से आम जनता की समस्या अधिकारी जनप्रतिनिधि किस तरह सुन पाएंगे। महिला परेशान थी क्योंकि रोजी-रोटी का संकट सबसे बड़ा संकट है और फिर इतने महीने से वेतन नहीं मिलने पर लापरवाह ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई तो होना ही चाहिए। संबंधित विभाग के कर्मचारी अधिकारी पर भी कार्रवाई हो इसके बाद भी यही कहूंगा कि इस तरह का आत्महत्या का प्रयास और अन्य प्रयास के बजाय अपनी बात रखने के बहुत तरीके हैं खेर श्रमिक वर्ग की महिला थी जिसने जैसा समझाया वह कर दिखाया। अब आचार संहिता में जनसुनवाई चुनाव के बाद ही होगी।
