राजनीति में कब क्या हो जाए कहां नहीं जा सकता कौन किधर चले जाए कौन किधर से आ जाए अब सब संभव होने लगा है। बात करें कांग्रेस में सत्ता के सिरमौर रहे और संगठन में भी हमेशा नंबर वन पायदान पर प्रदेश में रहे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की तो इनके भारतीय जनता पार्टी में आने के पीछे बहुत से कारण है ।जो सामने दिख रहे हैं परंतु अंदर की बात है जो केवल भारतीय जनता पार्टी के उच्च नेता और स्वयं कमलनाथ समझते हैं। प्रदेश में कमल नाथ के आने से भाजपा को लाभ तो होगा ही कांग्रेस को करारा झटका लगेगा। किसी की अचानक इतनी उपेक्षा और अचानक पार्टी छोड़ने का निर्णय समझ से परे है। आगामी लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी सबसे मजबूत छिंदवाड़ा की सीट कांग्रेस के पास एकमात्र बची है ।उसे पर भी आसानी से जीत हासिल करने के लिए और बहुत कुछ राज है। कमलनाथ के भाजपा में आने के पीछे लोकसभा में मात्र एक सीट पर आसान पड़ेगा और कई प्रत्याशी को लीड बढ़ाने में मदद मिलेगी। तो विधानसभा में भी इसका असर होगा यह प्रदेश की बात।
देवास जिले की राजनीति अब हम हमारे देवास जिले की बात करें यहां पर पिछले तीन दशक से पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा जो कमलनाथ जी के कट्टर समर्थक है। कांग्रेस की राजनीति में दबदबा रहा है और पिछले एक दशक से तो उनकी एक तरफ चल रही है। कांग्रेस में देवास जिले में तीन दशक से स्वर्गीय पूर्व विधायक ठाकुर राजेंद्र सिंह बघेल और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का ही वर्चस्व रहा है। लेकिन स्वर्गीय ठाकुर राजेंद्र सिंह बघेल के निधन के बाद उनके पुत्र ठाकुर राजवीर सिंह बघेल सज्जन वर्मा गुट में आ गए और कांग्रेस से एक गुट का समापन होकर केवल पूरे जिले में सज्जन सिंह वर्मा गुट का वर्चस्व हो गया। अब प्रदेश में कांग्रेस तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में बहुत ही बुरी तरह हमने के बाद कमलनाथ को पद छोड़ना पड़ा वैसे कमलनाथ पर कांग्रेस बहुत मेहरबान थी उनको मुख्यमंत्री के पहले भी प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बनने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखा यहां तक की मुख्यमंत्री से हटने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष का पद उनके पास ही रहा और इस चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद बदल गया। शायद पहले मध्य प्रदेश में ऐसे नेता होंगे जिन पर कांग्रेस इतनी मेहरबान रही और अब वह भाजपा पर मेहरबान हो गए हैं। चलो अब बात करें हमारे देवास की तो यहां भी कमलनाथ की खास पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा अच्छे मतों से हारने के बाद उनका देवास से मोहभंग हो गया और यह माना जा रहा था कि आप देवास की राजनीति में सज्जन वर्मा कम ही भाग लेंगे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष….. प्रदेश में कमलनाथ के हटने के बाद उनके खास समर्थक मनोज राजानी और अशोक कप्तान को जिले से नहीं हटाया गया यहां भी कांग्रेस मेहरबान रही। परंतु कमल नाथ के भारतीय जनता पार्टी में जाने के बाद अब सज्जन वर्मा के साथ मनोज राजानी और अशोक कप्तान का भी जाना भी तय माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस में शहर और जिला दोनों अध्यक्ष तुरंत बदले जाएंगे उनके इस्तीफा देते से ही कांग्रेस में नए दावेदार खड़े हो जाएंगे और अब मात्र प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और अरुण यादव और अभी नया निर्मित जीतू पटवारी गुट का ही वर्चस्व रहेगा तो जिला अध्यक्ष शहर अध्यक्ष भी इनका समर्थक ही होगा। जिसके लिए नाम भी चलने अभी से शुरू हो गए हैं और दमदार नाम ठाकुर राजवीर सिंह बघेल पूर्व महापौर जय सिंह ठाकुर, प्रदीप चौधरी और कई नाम है।
नगर निगम प्रतिपक्ष नेता भी बदलेंगे.. जिले में कई जगह बदलाव होगा तो हमारे देवास सबसे बड़ी नगर निगम जिले की है जहां पर अभी पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा की खास समर्थक अहिल्या पवार प्रतिपक्ष नेता है जिनके पुत्र राहुल पवार कट्टर हिंदूवादी नेता है उनकी तो वैसे बन आई है वह एक उदाहरण से कांग्रेस में जो कट्टर संघ के वार्ड से कांग्रेस की सीट निकाल कर लाते थे विचारधारा अलग होने के बाद भी मात्र सज्जन वर्मा और मनोज राजानी से व्यक्तिगत संबंधों के कारण कांग्रेस से जुड़े थे अब वार्ड में ज्यादा मेहनत नहीं करना पड़ेगी और विचारधारा के अनुरूप खुलकर काम करेंगे। बस नुकसान होगा तो प्रतिपक्ष नेता का जहां पर उनके कट्टर विरोधी दीपेश कानूनगो जो पहले से ही इस पद के प्रबल दावेदार थे लेकिन मनोज राजानी के कारण इनका अंतिम समय में इस पद से दूर रहना पड़ा परंतु किस्मत अगर अच्छी रही तो देर सही दीपेश कानूनगो प्रतिपक्ष नेता बन ही जाएंगे। वैसे आप नगर निगम में प्रतिपक्ष नाम के नाम पर बस चंद नाम रह जाएंगे जिसे औपचारिकता ही कहेंगे।
जनपद और नगर पंचायत….. भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा के पहले जिला पंचायत कांग्रेस के पास से भाजपा के पहले में लाने में सफल रही है। और इसका लाभ दो विधानसभा सोनकच्छ और हाटपिपलिया में उनको मिला है। कांग्रेस के पास अब मात्र उपाध्यक्ष का पद रह गया यहां पर। अब जनपद और नगर पंचायत में भी जिसमें अधिकांश सज्जन वर्मा समर्थक है कम से कम भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा के साथ नगर पंचायत और जनपद में सज्जन वर्मा का लाभ मिलेगा जिले में हो सकता है भारतीय जनता पार्टी के पास पूरी जिला पंचायत और सभी नगर पंचायत और जनपद हो जाए।
फूल छाप कांग्रेसी हुए फूल कमल…. देवास में वैसे भी कई विरोधी नेताओं द्वारा मनोज राजानी को और उनके समर्थकों को फूल छाप कांग्रेसी कहा जाता था। अब फूल छाप नहीं लगेगा केवल फुल कमलनाथ के कमल ही ही कहना ठीक होगा यानी सज्जन वर्मा के कई समर्थकों पर बार-बार फूल छाप कांग्रेसी का आरोप लगता था अब उस आरोप से फूल मुक्ति हो गई है। अब इस जगह पर दूसरे अन्य कांग्रेसी अपना नाम दर्ज कराएंगे। कई समर्थक नहीं छोड़ेंगे कांग्रेस देवास में जब तीन दशक से ज्यादा पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा का वर्चस्व रहा है तो उनके समर्थक भी बहुत ज्यादा है लेकिन कई समर्थक केवल कांग्रेस के कारण उनसे जुड़े थे ।जो अपनी विचारधारा के कारण अपनी पार्टी नहीं बदलेंगे ऐसे पूरे जिले में कई वरिष्ठ नेता है तो कई युवा और नए नेता भी है जो अपने विचारधारा के साथ ही चलेंगे व्यक्तिवाद के साथ नही। जिले में कई कांग्रेसी इसे बहुत गलत बढ़ रहे हैं और पार्टी को बहुत बड़ा नुकसान मांग रहे हैं तो कई कांग्रेसी जो पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा विरोधी थे वह पहले ही इनके हारने से खुश थे तो अब उनके जाने के बाद और अंदर ही अंदर खुश है क्योंकि वर्चस्व पूरे जिले में उनका होगा विधानसभा टिकट से लेकर पार्षद तक और संगठन में भी उनका ही वर्चस्व उनके लिए तो यह बिना मेहनत के ही किस्मत बदलने वाला काम हो गया इधर भारतीय जनता पार्टी में बढ़ती हुई संख्या और नेता को देखकर कई नेता जरूर अंदर से खुश नहीं है लेकिन कई भारतीय जनता पार्टी नेता को इसका लाभ मिलेगा और लोकसभा के साथ विधानसभा में भी। अब बात करें उनके गृह क्षेत्र सोनकच्छ की तो वहां पर नए विधायक राजेश सोनकर ने दो माह में ही अपनी अच्छी पकड़ बना ली है और लग रहा है कि धीरे-धीरे यहां पर वह अपना वर्चस्व बढ़कर इस क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी के गढ़ में बदल देंगे तो दूसरा हाटपिपलिया में भी मनोज चौधरी को इसका लाभ मिलेगा सज्जन वर्मा के कई समर्थक हाटपिपलिया क्षेत्र में अपना वर्चस्व रखते हैं अभी वर्मा बघेल समझौते में मनोज चौधरी को भारी नुकसान हुआ था अब वह नुकसान कम हो सकता है। खातेगांव में भी बंडावाला और कई समर्थक का लाभ आशीष शर्मा को मिलेगा तो बागली में कम ही सही वर्मा के समर्थक मुरली देवड़ा के साथ होंगे और देवास में तो फिर सज्जन वर्मा का सबसे ज्यादा वर्चस्व हो रहा है और समर्थक भी ज्यादा है ।और विधानसभा में वैसे भी राजे को पर्दे के पीछे से समर्थन मिला ही है।
पूर्व मंत्री दीपक जोशी…. अब प्रदेश के सबसे बड़े नेता के भारतीय जनता पार्टी में आने की बात पर प्रदेश में पूर्व मंत्री और देवास जिले के पूर्व विधायक दीपक जोशी की बात भी चल रही थी वह क्या करेंगे तो उनकी भारतीय जनता पार्टी में आने की इसलिए ज्यादा संभावना है कि उनके पुत्र जयवर्धन ने अपने पिता के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से पिता को टिकट मिलने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी नहीं छोड़ी अपने सिद्धांत विचारधारा पर डटे रहे और जब प्रदेश के नामी नेता कमलनाथ पुत्र मोह के कारण भाजपा में जा रहे तो अपने पुत्र के त्याग के लिए दीपक जोशी घर वापसी कर सकते हैं वैसे भी उनको कांग्रेस में अभी तक कोई बड़ा पद या लाभ नहीं मिला है एक विधानसभा टिकट वह भी कन्नौद खातेगांव से मिला वर्षों से जिस पार्टी में रहे हैं उसमें वापसी का अच्छा समय और बहाना है।
कई समर्थक नहीं छोड़ेंगे पार्टी इस तरह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भारतीय जनता पार्टी में आने के बाद पूरे प्रदेश में कई विधानसभा लोकसभा में कई बदलाव होंगे तो देवास जिले में भी बहुत कुछ बदल जाएगा राजनीति में। अब बात करें पार्टी बदलने की तो अचानक इतने बड़े पद पर इतने लाभ मिलने के बाद व्यक्ति क्यों अपनी विचारों धारा बदल लेते हैं। तुम्हारे विचारधारा बदलने के कारण तुम्हारे समर्थन की भी विचारधारा एक रोबोट की तरह बदलना होती है जैसे चिप बदल दी हो मोबाइल के अंदर सिम बदल दी हो विचारधारा अपनी बदली लेकिन अपने साथ सभी समर्थकों की भी बदल दे यह भी अपने आप में व्यक्तिगत बड़ी बात है अब जो जा रहे हैं वह जाए लेकिन जो रुके हैं वह भी अपने आप पर महत्वपूर्ण है वह व्यक्तिवादी नहीं विचारधारा पर अडिग हैं आज नहीं तो कल समय बदलता है। जो रुके हैं उनका भविष्य भी आने वाले समय में अच्छा ही होगा पक्ष में ना सही विपक्ष में ही सही अपनी अलग पहचान तो होगी।
