यूरिया संकट पर कलेक्टर मैदान में, देवास और ग्रामीण में किया निरीक्षण, अनियमित पाई जाने पर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई, मुक्तिधाम में कंडे का संकट गहराया , खाद्य विभाग की औपचारिक कार्रवाई कलेक्टर महोदय एक नज़र इधर भी

———— देवास में समस्या आने के बाद तुरंत उसके समाधान के लिए यदि कोई त्वरित कार्यवाही करने वाले अधिकारी है तो वह है जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता । अब देखिए जिले में हर वर्ष वर्ष इस माह में यूरिया संकट गहराता है। जब सभी को मालूम है कि इस महीने यह दिक्कत आती है तब जिला प्रशासन शासन इसकी पहले से क्यों नहीं व्यवस्था कर लेता और लापरवाही का करनी है कि बढ़ते बढ़ते यहा समस्या विकराल रूप ले लेती है और मीडिया और विपक्ष का मुद्दा बन जाती है। देवास जिले में इस वर्ष शायद यह समस्या मुद्दा नहीं बन पाएगी क्योंकि छोटी सी चिंगारी सुलगने पर ही पर ही कलेक्टर ने संज्ञान में लेने के बाद जमीनी तौर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

देवास जिले में उर्वरकों का पर्याप्‍त भण्‍डार कर किसानों को खाद विक्रय केन्‍द्रों से लगातार खाद उपलब्‍ध कराया जा रहा है। कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता ने देवास और हाटपीपल्‍या में खाद विक्रय केन्‍द्रों पर जाकर खाद विक्रय कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद विक्रय केन्‍द्रों पर कमियां पाई जाने पर उपायुक्त सहकारिता श्री परमानंद गोडरिया और महाप्रबंधक सीसीबी श्री परमजीत सिंह पुरी का 05-05 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने किसानों से चर्चा की उनकी समस्‍याओं को जाना और संबंधित अधिकारियों को खाद वितरण के संबंध में आवश्‍यक दिशा-निर्देश दिये।

कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा देवास मण्‍डी में किसानों को खाद संबंधित जानकारी देने के लिए माईक उपयोग करें। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्‍टर श्री प्रवीण फुलपगारे, एसडीएम देवास श्री बिहारी सिंह, उप संचालक कृषि श्री आर.पी. कनेरिया सहित अन्‍य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने कहा कि खाद विक्रय केन्‍द्रों पर पानी, टेंट और बैठक व्‍यवस्‍था अनिवार्य रूप से करें। किसानों को आने वाले दिनों के लिए टोकन अग्रिम रूप से वितरित कर दें, जिससे किसानों को परेशानी नहीं हो। किसान निश्चित दिनांक पर ही खाद लेने खाद विक्रय केन्‍द्रों पर पहुंचे। अधिकारी खाद विक्रय केन्‍द्रों पर प्रतिदिन जाकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी करें। कलेक्‍टर श्री गुप्‍ता ने निरीक्षण के दौरान किसानों से कहा कि जिले में उर्वरकों का पर्याप्‍त भण्‍डार है। किसान अनावश्‍यक रूप से परेशान न हो और यूरिया का अनावश्यक भण्डारण न करें। जिले में प्राप्त होने वाले उर्वरकों का अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर उर्वरकों का वितरण कार्य किया जा रहा है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर उर्वरक अधिक दर पर विक्रय किया जाता है तो उसकी सूचना संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या संबंधित तहसीलदार को देवें। किसान यूरिया के उठाव के लिए अपनी भूमि की मूल ऋण पुस्तिका एवं आधारकार्ड साथ लेकर जावे। किसान यूरिया निर्धारित मूल्‍य 266.50 रूपये में ही ही उर्वरक क्रय करे। जिले में डबललॉक केन्द्र सभी सहकारी समितियों में यूरिया की आपूर्ति की जा रही है, जो किसान समिति के सदस्य हैं वे अपनी-अपनी समितियों से उर्वरक क्रय करें तथा शेष किसान जिले के डबललॉक केन्द्रों, विपणन सहकारी समिति एम.पी. एग्रो एवं निजी विक्रेताओं के यहां से उर्वरक क्रय कर सकते हैं।

देवास शमशान घाट में कंडो का संकट देवास शमशान मुक्तिधाम में लकड़ी कंडे की समस्या पूरे वर्ष भर रहती है लेकिन कभी यह स्थिति नहीं आई की शमशान घाट में कंडे ही समाप्त हो गए हो। आज यही स्थिति रही पूरे दिन भर तो सब ठीक चलता रहा लेकिन अंतिम समय शाम को यह समस्या आने पर मुक्तिधाम में अपने परिजन का अंतिम संस्कार करने वाले परिजनों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जब सोशल मीडिया पर यह मामला उठा तो महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल और सभापति रवि जैन ने तत्काल मौका स्थल पर कंडे पहुंचने की व्यवस्था करने की बात कही फिर उसे समय तक शाम हो चुकी थी। परेशान लोग पहले ही परेशान हो चुके थे पर यह रहा थे कि अगले दिन यह दिक्कत नहीं आएगी अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले परिजन को भी अगर बहुत सारी दिक्कत होगा सामना करना पड़े तो यह व्यवस्था कोसने के लायक ही रहेगी। और भी तब जब सामने चुनाव के कुछ दिन शेष रह गए हैं मतदान के।

खाद विभाग की औपचारिक कार्रवाई जिले में खाद्य विभाग इस समय कागजी आंकड़े पूरे कर रहा है देवास में मिलावट का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा हल्दी मिर्च से लेकर रोजमर्रा की खाने वाली चीजों में इस कदर मिलावट की जा रही है कि आदमी धीमे जहर का शिकार हो रहा है। शहर में हल्दी मिर्च मसाले की छोटी दुकान तो है ही लेकिन बड़ी दुकान उद्योग जहां पर मिलावट के साथ कई अनियमितता पाई जाती है। वहां पर खाद्य विभाग के अधिकारी नहीं जाते हैं वहां पर सीधे या तो एसडीएम या कलेक्टर को ही कार्रवाई करना पड़ती है नहीं तो उनका कारोबार बेखौफ चल रहा है

वर्षों से पदस्थ खाद्य और औषधि विभाग में अधिकारी का अपना राज है। यहां पर चुनाव के नियम भी लागू नहीं होते अधिकारी ज्यादा हो तो अदला-बदली कर लेते हैं ।और फिर औद्योगिक क्षेत्र में मासिक आर्थिक सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। क्या कलेक्टर महोदय इस और एक बार ध्यान देंगे क्योंकि मिलावट खोर धीमा जहर दे रहे हैं आम जनता को।

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