भगत ——- बाबा प्रणाम। बाबा——- बेटा प्रणाम क्या हाल है। जिले में क्या चल रहा है। भगत ——— बाबा अभी तो कालापीपल चल रहा है। बाबा—– हां बेटा पहले देवास में कावड़ यात्रा के चर्चे थे अब तो महाराज की रोज काला पीपल की यात्रा के चर्चे जिले में सबसे ज्यादा है। राजनीति में कालापीपल और देवास एक हो गए हैं ।देवास भारतीय जनता पार्टी विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र महाराज विक्रम सिंह पवार को केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद वे लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय है ।अब वहां के स्थानीय उम्मीदवार का टिकट खतरे में पड़ गया है अचानक एक ही परिवार को दो जगह से टिकट मिलने की बात की चर्चा पूरे प्रदेश में है ।महाराज विक्रम सिंह इस संगठन का आदेश मानकर वहां पर सक्रिय हो रहे हैं। वह पहले लोकसभा में और विधानसभा उपचुनाव में गांव-गांव संगठन के आदेश पर इसी तरह सक्रिय होकर कार्य कर रहे थे और परिणाम भी अच्छा आया तो अब काला पीपल में सक्रिय है ।और इसका लाभ निश्चित मिलना है टिकट मिलता है तो ठीक है नहीं भी तो उनके संबंधों का लाभ पार्टी को मिलना ही हे ।और अभी तो सबसे बड़ी बात की देवास में विरोधी के हाल में बड़े आयोजन को भी जनता भूलकर केवल कालापीपल की चर्चा में व्यस्त है। राजनीति मैं शतरंज की चाल की तरह यह भी कई लंबी चाल तो नहीं केवल समझदार ही समझ सकते हैं इस कालापीपल के रहस्य को।
भगत—– कलेक्टर अलग नहीं मान रहे हैं। बाबा —- सही बात है बेटा कलेक्टर ऋषव गुप्ता लगातार व्यवस्था में सुधार के लिए जिले के विकास कार्य के लिए सक्रिय है ।बिना थके बिना रुके एक ही मिशन उनकी लोकप्रियता बढ़ा रहा है ।वरना होता यह है। कि कोई भी जिलाधिकारी या नवागत अधिकारी एक दो महीने तो अच्छा कार्यकर्ता है फिर वही पुरानी शैली में लौट आता है वही सब चलता है जो चलता है लेकिन देवास जिला कलेक्टर गुप्ता ने अपनी शैली नहीं बदली है ।अभी भी लगातार दूरस्थ गांव जहां पर सही तरीके से तहसीलदार पटवारी तक नहीं पहुंच पाते हैं वहां तक कलेक्टर जाकर आमजनकी समस्या से रूबरू होने के साथ उसका निराकरण भी कर रहे हैं ।और आज भी कर्मचारियों में अधिकारियों में डर तो है कि कलेक्टर कभी भी कहीं भी पहुंच सकते हैं । अधिकारी वर्ग में कुछ अधिकारी उनकी शैली से परिचित होने के बाद अपने आप को बदल चुके हैं और वह भी खुश है कि चलो अच्छे अधिकारी के साथ कुछ तो अच्छा होगा बस कलेक्टर की एक छोटी सी आदत की वह किसी विभाग में छोटे से छोटे कार्य के लिए भी स्वयं बारीकी के साथ भीड़ जाते हैं ।कुछ तो अधिकारियों पर ही छोड़ देना चाहिए ।
भगत — पुलिस विभाग में बहुत बदल रहा है। बाबा—- अच्छा है अब कलेक्टर एस पीके जोड़ी जमेगी पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय नेभी पहले पूरे जिले को समझा और अब अपनी नई टीम बनाकर प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं। लग रहा है कि पुलिस भी जिले मैं कुछ अच्छा कर रही है। नवागत एडिशनल एसपी भदोरिया सी एसपी अग्रवाल डीएसपी हरिनारायण बाथम सूबेदार पवन बागड़ी और शहर के पांचो थानेदारों की एक अच्छी टीम बन गई है और परिणाम भी आने लगे हैं ।
भगत —ग्रामीण में भी सुधार होना चाहिए। बाबा— ग्रामीण में सबसे ज्यादा चौकिया की हालत खराब है। कुछ चौकिया पर तो वर्षों से पदस्थ इधर से उधर होने वाले उपनिरीक्षक ने शुभ लाभ के चक्कर में हालत खराब कर दी है ।पुलिस अधीक्षक को शहर की तरह ग्रामीण क्षेत्र पर भी ध्यान देना चाहिए शहर में अपराध और अपराधी ज्यादा है लेकिन ग्रामीण आज भी अपराध इस तरह नहीं बड़े हैं ।लेकिन राजनीति संरक्षण के कारण अवैध माफिया ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय है।
भगत ——कांग्रेस में प्रवेश भी भारी पड़ रहे हैं। बाबा —–बेटा आर्थिक आधार पर आया यह प्रवेश धीरे-धीरे देवास की राजनीति में प्रवेश कर गया है ।फिर ऊपर से टिकट बांटने वाले आका का ही खास है ।और धार्मिक आयोजनों से धीरे-धीरे आम जनता में पकड़ बनाने का प्रयास लगातार कर तो रहे हैं सबसे बड़ा प्लस पॉइंट प्रवेश अग्रवाल का कि वह निर्विवाद ऐसे कांग्रेसी नेता है जो किसी गुटबाजी में नहीं है ।बाकी सारे नेता के पीछे एक नेता नहीं अनेक नेता जीतने से ज्यादा हरवाने के लिए लग ही जाएंगे। बस अभी तो प्रवेश का यही पॉइंट भारी पड़ रहा है ।क्योंकि देवास में कांग्रेस का कभी गढ़ रहा है और यहां पर जब भी कांग्रेस एक हो गई है तब कांग्रेस को जीत ही मिली है चंद्रप्रभाष् शेखर के बाद सांसद सज्जन सिंह वर्मा महापौर चुनाव में जय सिंह ठाकुर ,रेखा वर्मा ने सीट जीती है । बस कांग्रेस के एक होने का मामला है और वह किसी एक के नाम पर एक नहीं होगी लेकिन किसी एक व्यक्ति के नाम पर एक जरूर हो जाएगी जो निर्विवाद है।
भगत —-कन्नौद दीपक जोशी और बंडावाला मैं अभी संघर्ष है। बाबा——- नर्मदे हर भारतीय जनता पार्टी विधायक आशीष शर्मा तो मां नर्मदा से यही मांग रहे हैं कि सामने टिकट दीपक जोशी को ही मिल जाए। बस लक्ष्मी नारायण बंडावाला को ना मिले। बंडावाला पिछले दो दशक से क्षेत्र में सक्रिय है और अभी सबसे दमदार उम्मीदवार है ।और सबसे बड़ी बात की प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा के खास हे। कलोता समाज का जिले में अच्छा वर्चस्व है लेकिन अभी तक किसी पार्टी ने जिले में टिकट नहीं दिया है। दूसरा स्थानी बंटू गुर्जर भी दावेदार है जो सचिन पायलट के खास हे वर्तमान पीसी सी सदस्य है और स्थानीय ओम जाट जो पिछले चुनाव में बहुत ही कम मत से हारने के बाद लगातार सक्रिय है ।जब पूरे प्रदेश में स्थानीय उम्मीदवार की बात उठ रही है तो वहां पर दो बाहरी उम्मीदवार पूर्व मंत्री दीपक जोशी तो क्षेत्र में अब लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और ऐसे ही एक वर्ष पूर्व देवास से खातेगांव कन्नौद क्षेत्र में युवा नेता मनीष चौधरी सक्रिय है। इनके बहुत से प्लस पॉइंट होने के साथ माइनस पॉइंट यह है कि 1 वर्ष पहले दावेदारी करने के साथ बाहरी प्रत्याशी है और ऐसे में सारे स्थानीय विरोधी होना स्वाभाविक है ।बस कांग्रेस में दो के नाम सबसे ऊपर है पहले बंडावाला, और दूसरा दीपक जोशी का तीसरा एक और उम्मीदवार है पूर्व विधायक श्याम होलानी के पुत्र मनोज होलानी का जो बड़ी भागवत कथा के साथ धार्मिक आयोजनों में सक्रिय है। भारतीय जनता पार्टी से आशीष शर्मा का टिकट फाइनल है। दूसरे दावेदार नारायण व्यास गो संवर्धन और तीसरा केवल चुनाव के समय दावेदार के रूप में संतोष मीणा का नाम आता है ।जो चुनावी मौसम में प्रबल दावेदार माने जाते हैं। आशीष शर्मा की अभी हाल ही में तिरंगा यात्रा और शिवराज सिंह चौहान के आगमन पर निकली यात्रा में जन समर्थन देख संगठन दूसरी गलती नहीं करेगा नर्मदे हर।
भगत — आबकारी विभाग मैडम फिर चर्चा में है। बाबा—- बड़ी वाली मैडम तबादला होते-होते बड़े काम का निपटा गई शुभ लाभ का गणित बड़ी मैडम का ठेकेदार समझ नहीं पाए और दूसरी छोटी वाली मैडम एक विवाद में शिकायत होने पर फिर चर्चा में आ गई है। पहले भी एक प्रकरण में बहुत चर्चा में रही है और ऐसे समय में जब जिलाधिकारी एक सुलझे हुए व्यक्ति राजाराम सोनी ने परी की शुरुआत ही धमाकेदार की है। पथराव के बीच विभाग कार्रवाई करता रहा तो शहर के अंदर जेसीबी से अवैध ठिकाने शराब के ध्वस्त किए किए पुलिस और आबकारी विभाग में तालमेल बिठाकर बड़ी कार्रवाई की जा रही है तब इंस्पेक्टर मैडम शिकायत के कारण चर्चा में आ गई है।
भगत—बाबा देवास नगर निगम कागज पर और दिखावे का ज्यादा काम करता है। बाबा —-सबसे ज्यादा खर्चा फ्लेक्स और प्रचार प्रसार का और धरातल पर सब कुछ उल्टा-पुल्टा कभी जमीन पर मैदान मे आकर देखो कमिश्नर फिर तुमको हकीकत दिखेगी। केवल कुछ चिन्हित कॉलोनी में ही स्वच्छता मिशन के लिए सारी तैयारी कर बाकी वार्ड को अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है। हर नागरिक चाहता है कि हमारा शहर भी नंबर वन है लेकिन हमारे यहां के नंबर दो शैली के अधिकारी जमीन पर जिस दिन कार्य करेंगे उसे दिन हमारा देवास नंबर वन आ जाएगा। सबसे बड़ी आश्चर्य की बात है कि इंदौर से देवास आते समय शिप्रा भले ही ग्रामीण क्षेत्र में आता है से लेकर देवास स्टेशन रोड तक कोई सुविधा घर नहीं है अगर हे भी तो वह डिवाइडर कूद कर दाहिने और आना होगा। वह भी मात्र एक या दो है कितनी बड़ी चूक है स्वच्छता मिशन की जहां हर 100 200 मीटर पर एक सुविधा घर होना चाहिए वहां 10 किलोमीटर तक आम जनता के लिए कोई सुविधा घर नहीं है सबसे ज्यादा दिक्कत इंदौर से देवास मां चामुंडा के दर्शन करने वाले भक्तों के लिए आती है। खासकर महिला भक्त के लिए तो और ज्यादा समस्या आ जाती है। एक बार कलेक्टर कमिश्नर इस क्षेत्र का दौरा करें और इस विशेष समस्या पर जरूर ध्यान दें बाकी तो लीपा पोती चली रही है और सरकारी बजट के साथ स्वच्छता में नंबर लाने के लिए सारे प्रयास निगम के जादूगर इंजीनियर के चल ही रहे हैं। कमिश्नर बदले हैं ।लेकिन व्यवस्था नहीं बदली है ।
भगत— सोनकच्छ में तो प्रचार शुरू हो गया आज से। बाबा ——-पिछली बार कांग्रेस ने झटका दिया था इस बार भारतीय जनता पार्टी ने 3 माह पहले ही सोनकच्छ का टिकट घोषित कर कांग्रेस को झटका दिया है वैसे यहां से कांग्रेस में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का टिकट 5 वर्ष से पहले ही फाइनल था और वह आसपास के टिकट भी फाइनल करेंगे लेकिन इस बार मुकाबला टक्कर का हो गया है भैया के 5 वर्ष में कुछ महीने सत्ता के भी थे उसका भी कई लाभ तो कहीं पर बहुत ज्यादा नुकसान देखने को मिलेगा और फिर विधायक कार्यकाल में कुछ विरोधी तो बन ही जाते हैं फिर भैया ने तो पूरे जिले में सभी से पंगा ले रखा है ।अब भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी राजेश सोनकर की बात करें तो भले ही अभी पूर्व विधायक और कुछ नेता विरोध कर रहे हो लेकिन धीरे-धीरे वरिष्ठ पदाधिकारी समझा लेंगे बीजेपी में यह कार्य अच्छे से कर लेते हैं। नेताजी। सोनकर को दूसरा लाभ की नया चेहरा है विरोधी कम रहेंगे कुल मिलाकर यहां मामला टक्कर का है ।पूरे प्रदेश में इस सीट पर भी सबकी नजर रहेगी क्योंकि यहां से प्रदेश की जाने-माने नेता सज्जन वर्मा का मुकाबला राजेश सोनकर से हो रहा है। ।
