चर्चा का विषय बनी शहर कांग्रेस अध्यक्ष की चाय की चर्चा

देवास शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी वैसे तो विपक्ष में दमदार भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं ।लेकिन कुछ समय की सत्ता में ही इन्होंने कई लोगों को सरकार चलाना सिखा दिया। कभी साइकिल से कोरोना आपदा में घर-घर दवाई बांटने से लेकर कई चर्चित आंदोलन कर चर्चा में रहे हैं ।तो इस बार यह माना जा रहा था कि मनोज राजानी विधानसभा 2023 देवास का चुनाव नहीं लड़ेंगे। लेकिन इनकी घर-घर चाय की चर्चा से अलग चर्चा चल पड़ी है कि राजानी इस बार मिशन 2023 में खुलकर सामने आ गए हैं ।और इनके कई जगह भाषण सुनकर यही लग रहा है कि ऊपर से हरी झंडी मिल गई है ।वैसे भी इनके लिए नीचे से ऊपर तक लाइन क्लियर है। और आखिरी दिग्गी राजा के आगमन पर इनको जो राजा ने संकेत दिए। उससे फेवीकोल का जोड़ मजबूत हो गया है। वैसे पहले शहर कांग्रेस अध्यक्ष है जो खुले रूप से शहर कांग्रेस कार्यालय पर जनता दरबार लगाते हैं। अब बात करें शहर कांग्रेस के चाय के आयोजन की तो जमीनी स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने उतरे देवास शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री मनोज राजानी। मप्र में पहली बार कोई अध्यक्ष मंडलम सेक्टर और पोलिंग कार्यकर्ताओं से यू रूबरू हो रहा है। संगठन की कसावट और उसे मजबूती देने के लिए आज ब्लॉक क्रमांक 01 के मंडलम क्रमांक 03 और 04 से इस पहल की शुरुआत की गई। ना कोई इवेंट ना कोई रैली ना कोई प्रदर्शन केवल जमीनी स्तर के कांग्रेस कार्यकताओं से सीधे संवाद करने के लिए शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री मनोज राजानी ने कमर कस ली। श्री राजानी संगठन मंत्री प्रतीक शास्त्री, ब्लॉक क्रमांक 01 के अध्यक्ष प्रमोद सुमन के साथ मंडलम 03, 04 के अध्यक्ष प्यारे मियां पठान और सुनील शुक्ला के घर चाय पर चर्चा करने पहुंचे। जहां श्री राजानी ने सेक्टर 06 के अध्यक्ष वसीम पठान और सेक्टर 07 के अध्यक्ष अरुण मालवीय से पोलिंग बूथ पर आ रही परेशानी और उसके हल के लिए सार्थक चर्चा की। साथ ही नारी सम्मान योजना की प्रगति और निष्क्रिय पोलिंग एजेंट को बदलने और नए कार्यकर्ता को मौका देने की बात कही। अनुशासन और कसावट ही संगठन की मजबूती और पार्टी की जीत का आधार है। हम सभी मिलकर पार्टी हित में मेहनत करे। इस अवसर पर राजू दरबार, मुकेश झारेवाल, रियाज़ नागौरी, इरफान मंसूरी, सलमान सदर सहित कार्यकर्ता गण मौजूद रहे। आज के समय में कोई भी पार्टी हो हर जगह गुटबाजी चरम पर है कार्यकर्ताओं की पूछ परख हर जगह कम हो गई है यदि यह आंदोलन सफल होता है तो पूरे प्रदेश में भी शायद घर घर जाकर चाय पर चर्चा हो सकती है ।

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