वर्षों से मांग क्षिप्रा नदी के तट पर सुरक्षा ओर श्रद्धालुओं को माँ क्षिप्रा के दर्शन लाभ ओर परिक्रमा हेतु मांग की जा रही कई बार माँ बार माँ क्षिप्रा नदी बचाओ समिति की ओर से इसके लिए प्रयास किये जा रहे थे उसी कड़ी में हाल ही में कुछ माह पूर्व क्षिप्रा सुकल्या पंचायत के सरपंच विश्वास उपाध्याय के प्रयास से वही क्षिप्रा सुकल्या के निवास दिलीप कहार के द्वारा विगत तीन सालो के प्रयास से स्वयं के व्यय से आज बोट क्षिप्रा नदी में देखी जा रही है। वे नदी पर अपनी दिन रात सेवा इसी कार्य में देकर भक्तो ओर पर्यटको को दे रहे। क्षिप्रा नदी की परिक्रमा का लाभ अब सभी को मील रहा है। साथ ही कई लोग जो डूब कर मर गये है। ओर कई दुर्घटनाये अभी तक हो चुकी है। पर अब आगे से उनका ये भी प्रयास रहेगा की बोट के जरिये वो पुल से कुदने वालों के भी प्राण बचाने का प्रयास करेंगे माँ क्षिप्रा नदी बचाओ समिति के सदस्यों ओर।खेलजगत की टीम के साथ माँ क्षिपा की परिक्रमा का सौभाग्य मिला जिसमे देखने में आया की पानी में जगह जगह ,कचरा व पूजा सामग्री ,देखने को मिली।। माँ क्षिप्रा नदी बचाओ समिति के अध्यक्ष राजेश बराना प्रजापति ने बताया कि कई वर्षो से पुल के दोनो ओर जाली की मांग करती आ रही है। ताकि लोग आत्महत्या का प्रयास न करे। ओर नही नदी में कचरा डालकर जाये ,पूजा सामग्री के लिए एक अलग से क्षिप्रा कुंड बनाकर उसमे विसर्जित करे ताकि पवित्र नदी माँ क्षिप्रा का पानी निर्मल ओर स्वच्छ रहें। सभी का प्रयास वातावरण को स्वच्छ ओर खुशनामा बनयेगा जिला प्रशासन देवास इस ओर अतिशीघ्र ध्यान दें । ताकि आने वाली शनिचरी अमावस्या पर श्रद्धालु जन स्वच्छ निर्मल पानी से स्नान नदी घाट पर कर सकें
