पिछले छह महीने से मध्यप्रदेश में भाजपा सत्ता- संगठन में बदलाव की चर्चाएं चल रहीं हैं। राजनीतिक-प्रशासनिक गलियारों में सिर्फ एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि सत्ता-संगठन में बदलाव कब हो रहा? बदलाव की चर्चाओं से संगठन के पदाधिकारी, नेता, कार्यकर्ता से लेकर राज्य मंत्रालय में बैठे ब्यूरोक्रेटस तक असमंजस में हैं। इस बीच जो खबरें दिल्ली हाईकमान के सूत्रों से नारदजी को मिल रही हैं और मप्र भाजपा की कुंडली में ग्रह-नक्षत्र बता रहे हैं, उनके अनुसार मध्यप्रदेश भाजपा में बदलाव के पोखरण विस्फोट कभी भी हो सकते हैं। बदलाव का पहला विस्फोट अप्रैल में और दूसरा विस्फोट नवंबर-2023 में संभावित विधानसभा चुनाव के पांच महीने पहले जून में संभावित माना जा रहा है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि मध्यप्रदेश में पार्टी की जमीनी हकीकत सामने आने के बाद बदलाव भले न हो, लेकिन विधानसभा चुनाव तक सूबा मोदी-शाह के रिमोट से चलने वाला है इतना तय है। मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ दल के एक नेताजी को, जो कि एक संवैधानिक संस्था के मुखिया भी हैं, को सरकारी उड़न खटोले (हेलीकाप्टर) का ऐसा शौक चढ़ा हुआ है कि, जब भी उन्हें अपने गृहनगर से भोपाल आना होता है, तो किसी न किसी बहाने से सीएम सचिवालय से हेलीकाप्टर के लिए गुहार करने लगते हैं। हालांकि, नियमानुसार नेताजी को सरकारी हेलीकाप्टर में यात्रा की पात्रता नहीं है। लेकिन नेताजी हैं कि मानते नहीं और दरियादिल सीएम साहब को किसी का दिल दुखाने की आदत नहीं है। बताते हैं कि, इन नेताजी को पार्टी से यह संकेत साफतौर पर मिल गया है कि, विधानसभा चुनाव होने तक सरकारी सुविधाओं का जितना भी सुख भोगना है भोग लो, वर्ना टिकट कट जाए तो फिर यह न कहना कि, इस सरकारी सुविधा का सुख भोगने से तो वंचित ही रह गया। नारदजी बताते हैं कि, ये वो नेताजी हैं जिन पर स्वेच्छानुदान की राशि में भाई-भतीजावाद के आरोप क्षेत्र के भाजपा के शुभ चिंतक वोटर लगाते रहे हैं। —- भाजपा में शिला का ‘खेल’ बदलाव नियति का खेल है । नियति का यह खेल मध्यप्रदेश भाजपा में 27 मार्च को होने जा रहा है। दरअसल, इस दिन मप्र भाजपा के नए मुख्यालय भवन का शिलान्यास कार्यक्रम होने वाला है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भोपाल आ रहे हैं, जो भाजपा के नए मुख्यालय भवन का शिलालेख रखेंगे। इस शिलालेख पर जेपी नड्डा, सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नाम लिखे जाएंगे। नियति देखिए कि, इसी के साथ पुराने भाजपा मुख्यालय भवन निर्माण के दौरान लगाया गया वो शिलालेख, जिस पर कि भाजपा के पुरोधा स्वर्गीय राजमाता सिंधिया, कुशाभाऊ ठाकरे और सुंदरलाल पटवा का नाम लिखा हुआ था, हमेशा के लिए भाजपाई इतिहास के पन्नों में खो जाएगा। नारदजी कहते हैं यह भी नियति का ही एक खेल है। — एक्ट्रेस से मंत्रीजी की रागात्मकता के चर्चे मध्यप्रदेश में इन दिनों सरकार के एक मंत्रीजी एक बालीवुड एक्ट्रेस को लेकर अत्यन्त रागात्मक हो रहे हैं। हालांकि मंत्रीजी की रागात्मकता के किस्से राजनीतिक-प्रशासनिक गलियारों में हमेशा से सुने-सुनाए जाते रहे हैं। अपनी इस रागात्मक वृति की वजह से मंत्रीजी कई बार विवादों में भी आ चुके हैं। इसके लिए उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी है। मंत्रीजी की रागात्मकता के किस्सों की फेहरिस्त में बालीवुड एक्ट्रेस का यह किस्सा और जुड़ गया। किस्सा यह कि, बालीवुड एक्ट्रेस ने अपनी बेटी का भोपाल के एक बड़े होटल में बर्थ डे सेलीब्रेट किया। इसमें रागी मंत्रीजी के साथ दो अन्य रागी राज परिवारों के सदस्य भी शामिल हुए। बताते हैं कि इसके पहले जब यह बालीवुड एक्ट्रेस जंगल सफारी के लुत्फ के लिए सतपुड़ा रिजर्व (नर्मदापुरम, मप्र) पहुंची थी, तब भी उनकी मेहमान नवाजी का सारा इंतजाम मंत्रीजी की ज़र्रा नवाजी में हुआ था। नारदजी कहते हैं कि कुछ तो है, वर्ना मंत्रीजी इतने रागात्मक क्यों होते? — मंत्रीजी के प्रिय चलाएंगे पब- बार! भाजपा में चाल, चरित्र और चेहरे के मायने बदल रहे हैं। जो भाईसाब लोग राजनीति में ‘पब-बार’ संस्कृति को वर्जना मानते थे, पब-बार अब उनके संस्कारों में उतरते जा रहे हैं। बताते हैं कि प्रदेश में जितने भी पब-बार चल रहे हैं, उनमें से ज्यादातर भाईसाबों की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष साझेदारी में चल रहे हैं। हाल ही में भोपाल के सबसे बड़े माल में स्थित जिन ‘एजेंट जैकस’ और ‘ड्रिंक्स एक्सचेंज’ पब-बार को एक आईएएस का बेटा चला रहा था, उन्हें अब मप्र सरकार के एक मंत्रीजी के ‘प्रिय’ ने खरीद लिया है। नारदजी बता दें कि, एक भाईसाब भोपाल में पहले से ही दर्जनभर पब-बार और रेस्टोरेंट चला रहे हैं। ये भाईसाब श्रीमंत के खास दरबारियों में शुमार होने के साथ भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी हैं। – —