देवास। कई बार विवादों में बने रहे सिविल लाइन रोड वाला ब्रिज फिर से चर्चा में आया है। अब इस बार चर्चा अलग है कि जिस प्रकार से ब्रिज का निर्माण किया गया है। वह एक संदेह के गहरे में नजर आ रहा है। उस ब्रिज पर जिस प्रकार से कार्य किया गया है उस पर कहीं सवालिया निशान पैदा हो रहे। अभी कुछ दिन पूर्व ही कांग्रेसी नेता राहुल पवार ने इस समस्याओं को उठाया था और जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं देने के बाद अब स्थिति वही की वही है अब इस मुद्दे को लेकर इस बार शिवसेना के जिला अध्यक्ष सुनील वर्मा ने सवाल खड़े किए हैं व जिम्मेदारों को ध्यान देने की बात कही गई है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता ठाकुर श्रावण सिंह बैंस ने जानकारी देते हुए बताया कि मेंढकी चक रोड सिविल लाइन ब्रिज पर कहीं दिनों से लाइट बंद होने की जानकारियां संगठन को प्राप्त हो रही थी। वही शहर में आए दिन कई हादसे हो रहे हैं शहर में लूटपाट गाड़ी चोरी अन्य घटना घटित हो रही है। जिसे देखते हुवे, संवेदनशील रूप से नए बने सिविल लाइन ब्रिज पर कहीं लाइट बंद होने ब्रिज पर निकलने वाले कहीं राहगीरों को कहीं परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और रात्रि में अंधेरा होने से कहीं महिलाओं को भी डर सा बना रहता है। इस विषय की जब सूचना संगठन को मिली तब तत्काल मौके पर पहुंचकर शिवसेना जिलाध्यक्ष सुनील वर्मा और संजय भाटी अपने साथियों के साथ ब्रिज पर पहुंचकर रात्रि 11:00 बजे स्थिति को देखा ब्रिज के ऊपर लगी कई लाइट बंद पड़ी थी, व कुछ लाइट चालू थी, लेकिन जहां आवश्यकता है वहां की लाइट बंद पड़ी हुई है। ब्रिज निर्माण करने वाला ठेकेदार नहीं दे रहा ध्यान यह विषय गंभीर है ब्रिज निर्माण करने वाली संस्था ठेकेदार को जब ब्रिज का निर्माण कार्य किया जा रहा था तभी लाइट की समुचित व्यवस्था करने की जिम्मेदारी टेंडर में दी गई थी, लेकिन ब्रिज का निर्माण हुए कहीं महीने हो गए आज भी टेंट के पाईप को किराए पर ली गई लाइट लगाई जा रही है। इस प्रकार की व्यवस्था ऐसे स्थान पर हो रही है। जहां पर एसपी कलेक्टर और जिम्मेदार अधिकारियों के निवास स्थान है, वीआईपी एरिया है इस प्रकार से इतने बड़े अधिकारियों के होने के बावजूद भी वहां पर इस प्रकार की लापरवाही हो रही है तो यह जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही है। उनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। श्री वर्मा ने निगमायुक्त से मांग की है कि इस विषय को गंभीरता से लेकर ब्रिज पर लगी अस्थाई लाइट को स्थाई रूप से लगवा कर सभी लाइटें चालू करवाए जाएं। अगर कार्य नहीं हुवा तो शिवसेना द्वारा आसपास के रहवासियों के साथ में ब्रिज पर ही धरना आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की ही होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां शिवरात्रि पर्व पर भी अंधेरा छाया रहा। एक तरफ विकास की बातें की जा रही है तो दूसरी तरफ शहर का प्रमुख ब्रिज अंधेरे में अपनी कहानी अलग कह रहा है।
सिविल लाइन मेंढकी रोड पर बने ब्रिज पर अस्थाई रूप से टेंट के पाईप पर लगी कहीं लाइटे पड़ी है बंद , त्यौहार पर भी छाया अंधेरा, कांग्रेस के बाद अब शिवसेना मैदान में
