सार्थक पोर्टल/एप से उपस्थिति दर्ज कराने का विरोध कर मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ ने सौंपा ज्ञापन

देवास। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सार्थक पोर्टल/एप से उपस्थिति दर्ज कराने हेतु आदेशित किया गया है। इस आदेश का मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ ने विरोध करते हुए सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।           एसो. मीडिया प्रभारी डॉ. शरद विरपरा ने बताया कि जिला चिकित्सालय देवास एवं जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में पदस्थ चिकित्सक एवं कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी संपादित करते हैं और इमरजेंसी सेवाओं के अंतंगत 24*7 की ड्यूटी संपादित करते है। इमरजेंसी ड्यूटी में चिकित्सा अधिकारी एवं कर्मचारी शिफ्ट के अनुसार ड्यूटी संपादित करते है। चिकित्सकों को समय-समय पर वीआईपी, वीवीआईपी कैम्प, ट्रेनिंग मिटिंग तथा जेल में कैदियों के उपचार, चिकित्सकों को साक्ष्य हेतु न्यायालय में उपस्थित होना, शव परीक्षण के लिये अन्यत्र स्थान पर भी जाना पड़ता है। साथ ही चिकित्सकों को सामान्य डयूटी सामूहिक दुर्घटना ग्रस्त मरीजों के उपचार के लिये तत्काल अस्पताल आना पड़ता है और उपचार पूर्ण होने पर कई घंटों रूकना पड़ता है। जिला मुख्यालय एवं ब्लॉक स्तर पर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं हो पाता है। कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं कर्मचारी साधारण फोन का उपयोग करते है। जब विभाग द्वारा पूर्व से ही बायोमेट्रिक मशीन से फेस रीडिंग द्वारा चिकित्सकों की उपस्थिति दर्ज करवाने की व्यवस्था है। ऐसी स्थिति में सार्थक पोर्टल/एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करवाने का कोई औचित्य नही है। चिकित्सको एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करवाने के लिये संबंधित संस्था प्रमुख अधिकृत है। ऐसी स्थिति में लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारियों चिकित्सको एवं कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करवाने तक कोई औचित्य प्रतीत नही होता है। सार्थक पोर्टल/एप के माध्यम से चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की जीपीएस के माध्यम से ट्रेकिंग करना, उनकी व्यक्तिगत निजता/प्राइवेसी के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है। इसलिये सार्थक पोर्टल/एप का पुरजोर विरोध करते है। इस दौरान मप्र चिकित्सा अधिकारी संघ के अधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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