कमिश्नर का हथकंडा काम आया, नहीं चला नेताओं का रुआब , पार्षद प्रतिनिधियो द्वारा एलईडी निगम मे वापस जमा की

देवास/ पहले चलती थी निगम में नेताजी की दादागिरी चाहे जो घर ले जाओ और लगा दो अब नगर निगम में कमिश्नर विशाल सिंह ने एक छोटे से मामले जिसमें जनता के लिए दादागिरी से नगर निगम कर्मचारी से एलईडी ले गए पार्षद प्रतिनिधियों को मुंह की खाना पड़ी हुआ यह कि नगर निगम के प्रकाश विभाग मे आगामी दिवसो मे संभावित क्रय की जाने वाली एलईडी लाईट संबंधित कान्ट्रेक्टर द्वारा प्रदाय किये जाने के एलईडी लाईट सेंपल के रूप मेे निगम प्रकाश विभाग के स्टोर मे दी गई थी। जो सेंपल चेक के पश्चात संभावित क्रय की जानी थी। गुरूवार को वार्ड क्रमांक वार्ड क्रमांक 22 के पार्षद प्रतिनिधि रूपेश वर्मा,वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद प्रतिनिधि प्यारे मियां पठान, वार्ड क्रमांक 11 के निगम प्रतिपक्ष नेता व पार्षद प्रतिनिधि राहूल पवार के द्वारा शहर मे लगने वाली एलईडी को अनाधिकृत रूप से उठाकर ले जाने पर नगर निगम आयुक्त विशालसिह चौहान के द्वारा एलईडी को 24 घंटे मे निगम मे जमा कराने का सूचना पत्र दिया गया था। जिसकी सूचना महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल को दी गई थी जिसमे विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल द्वारा पार्षद प्रतिनिधियो से दूरभाष पर चर्चा की गई,चर्चा के दौरान श्री अग्रवाल ने बताया कि तीनो पार्षद प्रतिनिधियो का इस प्रकार से एलईडी लाईट उठाकर ले जाना उचित नही था। हम पूरी कोशिश कर रहे है। एलईडी क्लस्टर को शासन द्वारा शिथिल करने तथा नई एलईडी लाईट क्रय करने के स्वीकृति शासन से ली जा रही है स्वीकृति मिलते ही नई एलईडी लाईट क्रय की जाकर सभी वार्डो मे प्रदाय की जावेगी। प्रतिनिधियो द्वारा श्री अग्रवाल से चर्चा कर पुन: 15 नग एलईडी लाईट शुक्रवार को निगम प्रकाश विभाग स्टोर मे जमा कराई गई। अब इस घटना के बाद शायद कोई पार्षद प्रतिनिधि नगर निगम कर्मचारियों पर अपना रोब् जमाने के लिए राजनीति का यह हथकंडा नहीं अपनाएगा।

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