Category: विशेष

  • हम मिलकर शहर विकास में बनेंगे सहभागी-
एक बहू के रूप में, बेटी के रूप में मुझे जो आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है, उससे मैं अभिभुत हूं- महापौर प्रत्याशी गीता अग्रवाल
भाजपा प्रत्याशी ने किया सघन जनसंपर्क, जगह-जगह हुआ स्वागत, बालिकाओं ने लगाया तिलक, महिलाओं ने की पुष्पवर्षा

    हम मिलकर शहर विकास में बनेंगे सहभागी- एक बहू के रूप में, बेटी के रूप में मुझे जो आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है, उससे मैं अभिभुत हूं- महापौर प्रत्याशी गीता अग्रवाल भाजपा प्रत्याशी ने किया सघन जनसंपर्क, जगह-जगह हुआ स्वागत, बालिकाओं ने लगाया तिलक, महिलाओं ने की पुष्पवर्षा

    देवास। एक बहू के रूप में, एक बेटी के रूप में मुझे आपका जो आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है, उससे मैं अभिभूत हूं। जहां भी हम जा रहे हैं, वहां उत्साह का माहौल देखकर मैं कह सकती हूं कि निश्चित तौर पर शहरवासी अब तेजी से शहर का विकास चाहते हैं। अाप इसी प्रकार से आशीर्वाद बनाएं रखें। हम सभी मिलकर शहर विकास में बनेंगे सहभागी। यह बात भाजपा की महापौर प्रत्याशी गीता दुर्गेश अग्रवाल ने रविवार को जन संपर्क के दौरान वरिष्ठ मतदाताओं के समक्ष कहीं। भाजपा प्रत्याशी श्रीमती अग्रवाल ने कहा कि हमारे लिए शहर के सभी मतदाता परिवार के सदस्य के समान है। आप भाजपा के पक्ष में मतदान करें और मैं विश्वास दिलाती हूं कि शहर विकास में किसी भी तरह की कोई कसर नहीं रहेगी। रविवार को भाजपा प्रत्याशी श्रीमती अग्रवाल ने महाराज विक्रमसिंह पवार के साथ वार्ड क्रमांक 4, 5 एवं 6 में सघन जनसंपर्क किया। भाजपा प्रत्याशी व महाराज विक्रमसिंह पवार को अपने बीच देखकर वार्ड के कुछ वरिष्ठ भावुक हो उठे। उन्होंने पुष्पहार पहनाकर स्वागत करते हुए खूब आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर महाराज विक्रमसिंह पवार ने कहा कि हमें अब पीछे मुड़कर नहीं देखना है। शहर विकास की गति को बनाए रखना है। आप अपना अमूल्य वोट भाजपा को दें। हम विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता दुर्गेश अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल, मंडल अध्यक्ष विशाल रघुवंशी, सचिन जोशी, रमेश दायमा, वार्ड क्रमांक 4 से पार्षद प्रत्याशी अखिलेश धूरिया, 5 से पिंकी संजय दायमा, 6 से रेहाना असलम शेख सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता साथ थे। वृद्ध महिलाओं ने कहा विजयी भव: – वार्ड में जनसंपर्क के दौरान छोटी-छोटी बालिकाओं ने महाराज विक्रमसिंह एवं भाजपा प्रत्याशी श्रीमती अग्रवाल की आरती उतारी और तिलक लगाया। वार्ड की वृद्ध महिलाओं ने विजयी भव: कहते हुए उत्साह के साथ पुष्पों की बारिश की। जहां भी भाजपा प्रत्याशी का जनसंपर्क हुआ, वहां रहवासियों में उत्साह देखते ही बनता था। छोटे बच्चे जो मतदाता नहीं है, वे भी भाजपा के झंडे लेकर उत्साह के साथ दौड़ते हुए नारे लगा रहे थे।

  • अग्रवाल के चलते कांग्रेसी प्रवेश अग्रवाल भाजपा प्रत्याशी के आयोजन में आने से चर्चा में, जिला पंचायत ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा का सूपड़ा साफ

    कांग्रेसमें प्रबल दावेदार रहे प्रवेश अग्रवाल का भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी गीता अग्रवाल के साथ एक सामाजिक आयोजन में शामिल होने कई भाजपा कांग्रेसी नेताओं में चर्चा का विषय बन गया है ।यहां तक कहा जा रहा है कि प्रवेश अग्रवाल का भाजपा में प्रवेश हो सकता है। हालांकि यह आयोजन एक सामाजिक आयोजन था जिसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का समाज के लोगों मैं प्रचार प्रसार करना था ।उसमें अचानक शामिल होकर प्रवेश अग्रवाल फिर चर्चा में आ गए इसके पहले वह महापौर के प्रबल दावेदार थे उनकी पत्नी का नाम तो पहली सूची में आ ही गया था ।यानी वह पहले बार में ही राजनीतिक मोर्चे में टिकट लाने में सफल हो ही गए थे परंतु अंतिम समय में टिकट काटकर विनोदिनी व्यास को टिकट दे दिया। इसके बाद प्रवेश का नाम शहर में नहीं आया था एक दो भजन संध्या में जरूर नाम आया था ।प्रवेश का देवास में प्रवेश कांग्रेसी नेता शिवा चौधरी पहलवान के साथ हुआ था बाद में वह स्वयं दावेदार हो गए और शिवा पहलवान ने को बगावत कर अपनी बहू को लड़ा दिया। प्रवेश भारतीय जनता पार्टी के आयोजन में प्रवेश कर फिर चर्चा में आ गए हैं। जिला पंचायत के प्रथम चरण में भारतीय जनता पार्टी का सुपड़ा साफ हो गया है।

    भारतीय जनता पार्टी के कई वार्ड में स्वतंत्र करने के कारण उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को स्वतंत्र कर दिया भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष के ऊपर यह सब आरोप आना ही है अभी अधिकृत घोषणा नहीं हुई परंतु अंदर की बात सभी को मालूम है अब अंतिम चरण की 30 जून को है और भारतीय जनता पार्टी के लिए अगर वह परिणाम भी विपरीत रहे तो जिलाध्यक्ष पर खतरे के बादल मंडरा रहे है।

  • तिरंगा लेकर रवाना हुआ अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था, आतंकी खतरे के बावजूद यात्रियों में उत्साह, बीजारोपण भी करेंगे यात्री

    – भोले की फौज करेगी मौज का नारा लिए रवाना हुआ जत्था देवास। जम्मू कश्मीर की अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी का बड़ा आकार प्रकट हो गया है। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 30 जून से प्रारंभ हो रही है। अमरनाथ यात्रा 2022 पर आतंकवादी खतरा भी मंडरा रहा है। जम्मू कश्मीर में अलगाववादी पत्थरबाजों एवं पाक परस्त आतंकवादियों द्वारा लगातार हिंसा के बावजूद अमरनाथ दर्शनार्थियों के उत्साह में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है। 25 वर्षो से लगातार बाबा बर्फानी के सर्वप्रथम दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने वाले शिव शक्ति सेवा मंडल के युवा शैलेन्द्र सिंह गौड़ (डॉ. नानू) के नेतृत्व में 25 जून, शनिवार को दो वाहनों से 15 यात्रियों का पहला जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ। यात्रियों का जत्था भोले की फौज करेगी मौज का नारा लिए रवाना हुए। प्रतिवर्ष अमरनाथ यात्रियों को फार्म, पंजीयन, मेडिकल फिटनेस एवं अन्य जानकारियां उपलब्ध करवाकर श्रद्धालुओं को प्रेरित करने वाले श्री गौड़ ने बताया कि देवास जिले में लगभग 2000 एवं सम्पूर्ण देश में अभी तक 4 लाख दर्शनार्थियों का पंजीयन हो चुका है। अमरनाथ यात्रा पर जा रहे शैलेन्द्र सिंह गौड़ सहित जत्थे में शामिल विष्णु तिलवनकर, जीतु माली, उदय बंसल, अंकुश जाधव, राजेन्द्र कुमावत, सांई राठौर, लखन राठौर, मयंक पडिय़ार, हिमांशु ठाकुर, तिलक दवे, पंकज पडिय़ार, संतोष डोडिया आदि यात्रियों का स्वागत सुभाष चौक पर शिवशक्ति नवदुर्गा उत्सव समिति, विजय गेहलोत मित्रमण्डल, शिवशक्ति सेवा मंडल विनोद जैन, आनंदसिंह ठाकुर, शेखर कौशल, राजपूत युवा संगठन, संदीप मार्केटिंग एवं जनसेवा कार्यालय द्वारा भोपाल चौराहे धर्मेंद्र सिंह बेस विजय जी गहलोत पुष्पमालाएॅ पहनाते हुए सकुशल यात्रा की शुभकामनाए देते हुए विदाई दी। अमरनाथ यात्रियो को रवानगी के पूर्व नीम, गुलमोहर, बिपत्र पौधों के बीज उपहार स्वरूप भेंट किए गए, पूरी यात्रा के दौरान यात्री जहां-जहां विश्राम करेंगे उस स्थान पर बीजों का रोपण किया जाएगा, जिससे पर्यावरण की रक्षा व वातावरण स्वच्छ रहे। कोरोना काल एवं धारा 370 हटने के बाद पहली यात्रा शैलेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया कि विगत दो वर्षो से कोरोना काल के कारण यात्रा नही हो पा रही थी, जिससे भक्तों में निराशा थी। इस वर्ष कोरोना का भय कम हुआ है और प्रशासन द्वारा अमरनाथ यात्रा शुरू की गई, जिससे देशभर सहित स्थानीय भक्तों में काफी उत्साह है। जिससे हर वर्ष की भांति इस वर्ष ज्यादा भक्त अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे है। साथ ही बढ़-चढक़र अमरनाथ यात्रा के लिए शैलेन्द्र सिंह गौड़ से सम्पर्क कर पंजीयन करा रहे है और यात्रा की जानकारी ले रहे है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के बाद भक्तों में खासा उत्साह है। धारा हटने के बाद कश्मीर का माहौल एवं कश्मीरी लोगों का व्यवहार देखने के लिए भक्तजनों में काफी उत्साह है।

  • निगम कर्मचारी के कांग्रेस प्रत्याशी का प्रचार करने पर शिकायत निगमायुक्त ने तुरंत हटाया

    वार्ड क्रमांक 30 के दरोगा( स्वच्छता निरीक्षक) द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी का वार्ड में प्रचार प्रसार किया जा रहा था और लोगों को गुमराह किया जा रहा था आज निर्वाचन आयोग और नगर निगम आयुक्त को शिकायत की जिस पर प्रशासन ने एक्शन लेते हुए तुरंत दरोगा को यहां से हटा दिया है। इस तरह इस चुनाव में कर्मचारी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वह किसी भी प्रत्याशी का प्रचार प्रसार ना करें और आचार संहिता का उल्लंघन ना करें। प्रत्याशी शीतल गहलोत की शिकायत पर दरोगा प्रदीप सांगते को तत्काल हटाया गया ।

  • निगम चुनाव में कई राजनीतिक परिवार बाहर ,कुछ कर रहे संघर्ष ,कलेक्टर एसपी के 2 वर्ष पूर्ण, घरेलू महिला प्रत्याशी डबल इंजन पार्षद पति मुफ्त,(बाबा भगत)☺️

    निगम चुनाव में कई राजनीतिक परिवार बाहर ,कुछ कर रहे संघर्ष ,कलेक्टर एसपी के 2 वर्ष पूर्ण, घरेलू महिला प्रत्याशी डबल इंजन पार्षद पति मुफ्त,(बाबा भगत)☺️

    भगत ————-बाबा प्रणाम चुनाव चरम पर है।

    बाबा ———-भगत प्रणाम अब माहौल रोमांचक होते जा रहा है महापौर से ज्यादा पार्षद ने कई वार्डों में रोमांचक मुकाबले हो रहे हैं।

    भगत ————पहली बार बाबा राजनीति कई परिवार जिनको डॉक्टर ने कहा है वह चुनाव से बाहर है ।

    बाबा ———-हां बेटा इस बार कई परिवार जो 2 दशक से अधिक समय से नगर निगम में चुनाव लड़े हैं कई चुनाव जीते के हारे हैं ।

    सबसे पहले बात करें हम पूर्व महापौर सुभाष शर्मा की तो वह सबसे पहले पार्षद का निर्दलीय चुनाव लड़े दो पत्ती से पार्षद बने प्रतिपक्ष नेता बने दूसरी बार के पार्षद में सभापति तीसरी बार में भी सभापति और चौथी बार में महापौर बनने के बाद इस बार अपनी बहू रीता शर्मा को महापौर बनाना चाहते थे ।टिकट नहीं मिलने पर अपने पुत्र विमल शर्मा को पार्षद के टिकट के लिए भी प्रयास करा ,निर्दलीय फॉर्म भरा परंतु महाराज और राजे ने आम वापस करवा लिया।

    दूसरा इसी वार्ड से गोस्वामी परिवार से इस बार कांग्रेस से अनिल गोस्वामी ने टिकट मांगा था। अंतिम समय में अलका शर्मा को मिल गया इसके पूर्व इसी वार्ड से इनके पिता कैलाश गोस्वामी भाजपा सेपार्षद रह चुके हैं दूसरे वार्ड से पार्षद रहने के साथ इनकी माताजी कमला कैलाश गोस्वामी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है इनके भाई जुगनू गोस्वामी भी पार्षद रह चुके हैं अभी भाजपा में प्रमुख पद पर है तो इनके परिवार से ही मामू गोस्वामी की पत्नी गुणवंती गोस्वामी भी पार्षद का टिकट लाकर चुनाव लड़ चुकी है। पूरे परिवार में कोई भी मैदान में नहीं है।

    तीसरा परिवार है पूर्व महापौर शरद पाचुनकर वार्ड से पहले भाजपा से पार्षद प्रतिपक्ष नेता के बाद महापौर का चुनाव लड़े हार गए दूसरी बार निर्दलीय लड़े जीत गए ।तीसरी बार निर्दलीय लड़े हार गए इनके परिवार से इनके भतीजे धर्मेंद्र पाचुनकर को भी दो बार पार्षद का मौका मिल चुका है। इस बार इनके परिवार से कोई नहीं है लेकिन नए रिश्ते में कहे तो एक परिवार जरूर मुख्य पद के लिए लड़ रहा है।

    चौथा परिवार के दिलीप बांगर का हे जो लगातार पार्षद रहे कभी वह स्वयं और कभी पत्नी आशा बांगर पार्षद रही है पार्षद का चुनाव वे केवल एक बार हारे उसके बाद कभी नहीं हारे इसके बाद परिवार तो नहीं कुछ और नेता राम प्रसाद सूर्यवंशी भी मैदान से बाहर है। देवलिया परिवार भी बाहर है पूर्व में स्वर्गीय कैलाश देवलिया पार्षद रह चुके हैं उसके बाद वे निर्दलीय महापौर का चुनाव लड़े हार गए उनके भतीजे पंकज देवलिया भी टिकट लाकर चुनाव हार चुके हैं इस बार सिंधिया खेमे से एक ही नाम था हरीश देवलिया का जो अंतिम समय में कट गया और यह परिवार भी चुनाव से बाहर हो गया। एक और परिवार है सौभाग सिंह गौड़ परिवार जिसमें सबसे पहले देवास से सूरज सिंह गौड पार्षद रह चुके हैं भगवान सिंह गौड़ हार गए उनके पिता श्री और उसके बाद कांग्रेस से उमेश गौड़ पार्षद का चुनाव जीते इस बार गौड़ परिवार नगर निगम की क्षेत्र से तो बाहर है परंतु गांव में जरूर चुनाव लड़ रहा है जनपद में सुरेंद्र गौड़ और पंचायत में उनकी पत्नी सरपंच का चुनाव लड़ रही है।

    भगत ————–कई परिवार को भी लड़ रहे हैं मैदान में है।

    बाबा————— हां बेटा जैसे भारतीय जनता पार्टी में दायमा परिवार संजय दायमा की पत्नी पिंकी दायमा वार्ड क्रमांक 5 से भारतीय जनता पार्टी की ओर से लड़ रही है तो दूसरा टिकट भी भारतीय जनता पार्टी ने दायमा परिवार को वार्ड क्रमांक 18 से रामेश्वर दायमा के पुत्र को दिया है रामेश्वर दायमा लगातार चुनाव हारने के बाद पहली बार उनकी पत्नी चुनाव जीती वार्ड क्रमांक 18 से वहीं से उनके पुत्र को मौका मिला है तो संजय दायमा पूर्व में वार्ड पांच में पार्षद रह चुके हैं इस कारण उनको भी पार्टी ने दूसरी बार मौका दिया है। कांग्रेस में ऐसे ही दो दशक से भी अधिक समय से हारून शेख का परिवार है जिसमें सबसे पहले शकीला हारून जो महापौर बनी फिर उनके पुत्र और बहू के बाद हारून शेख पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं हारून शेख प्रतिपक्ष नेता रहने के साथ विधानसभा का टिकट मिला चुके हैं इतने सबके बाद भी इस बार सभापति की दौड़ में शामिल होने के लिए उनके पुत्र और बहू को ना लगाते हुए स्वयं मैदान में है। दूसरा बेस परिवार धर्मेंद्र सिंह बेस इस बार चुनाव भारतीय जनता पार्टी से 40 नंबर से लड़ रहे हैं ।उसके पहले उनकी पत्नी पार्षद रह चुकी है एक बार चुनाव हार चुके हैं इनके भाई राजेंद्र बेस लगातार जनपद का चुनाव जीत रहे हैं। एक और कहार परिवार है जिनमें सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी की ओर से मदन कहार की पत्नी पार्षद उसके बाद अशोक कहार और फिर उनके भाई पार्षद रहे हैं इस बार निर्दलीय भाजपा से बगावत कर मैदान में है जबकि यह परिवार भाजपा के लिए पूर्ण समर्पित रहा है ।

    भगत————- बाबा घरेलू महिला मामला भी जोर पकड़ रहा है कहीं पर विरोध हो रहा है तो कहीं पर समर्थन।

    बाबा ——————–बेटा पहली बात तो पढ़ी लिखी महिलाएं राजनीति में कम आती है और आती भी है तो कुछ समय रह कर चली जाती है क्योंकि राजनीति में धैर्य तपस्या और निस्वार्थ काम करना होता है कई बार विपक्ष में लंबे समय तक धीरज रखकर समय का इंतजार करना पड़ता है वह वह कर नहीं सकती और जो जिन्होंने किया वे प्रदेश में और राष्ट्र में अपना नाम चमका रही है अब छोटी सी बात घरेलू महिला का विरोध करने वाले को यह समझ लेना चाहिए कि कहीं अपनी माता बहन दादी नानी बुआ कम पढ़ी होने के बाद भी पूरा परिवार चलाने के साथ देश में आजादी से लेकर आज तक उनका प्रमुख योगदान रहा है। आज कई परिवार का नाम चल आ गई शिक्षित मतलब केवल डिग्री लेने से ही नहीं हो जाता है उसके लिए कई बार जमीनी व्यक्ति गुणवान होने के साथ भी केवल डिग्री नहीं लेने के कारण शिक्षित की डिग्री से तो वंचित रह जाता है। लेकिन जमीन पर वह सफल कामयाब हो जाता है क्योंकि वह आमजन के बीच रहकर जीवन जीने की कला और जिंदगी को पाठ की तरह पड़ता है सफलता के लिए यह जिंदगी का जमीन का हकीकत पाठ मेहनत भी उतनी ही जरूरी है खैर बात घरेलू महिला को राजनीति में लाने की है महिला आरक्षण के बाद कई बार उनके पति अपनी पत्नी को ससुर बहू को भाई-बहन को या बेटा माता को चुनाव मैं खड़ा करता है तो जीत भी इन्हीं की होती है। आमजन सब समझता है हमारे दिन रात कौन काम आता है कौन अधिकारी से लड़कर विकास कार्य करवा सकता है हमारे संगठन के लिए वर्षों तक किसने कार्य किया विपक्ष में भी साथ खड़े रहने वाले अगर कभी अपनी पत्नी बहू बेटी माताजी को खड़ी कर देते हैं ।तो आमजन को उसमें उनका ही रूप दिखाई देता है, और फिर हम घरेलू महिलाओं को बढ़ाने की बात कहते हैं ।तो वह भी तो बाहर मैदान में आ जाती है और धीरे-धीरे राजनीति परिपक्वता भी उनमें आ जाती है कुछ जरूर है जो केवल मोहर बन कर रह जाती है लेकिन अधिकांश महिलाएं सफल रही है इंदौर में मालिनी गौड़ देवास में विधायक गायत्री राजे पवार और भोपाल में कृष्णा गौर घरेलू महिला से ही राजनीति में आई थी आज अपने दम पर खड़ी है ऐसी देश में कई घरेलू महिला के जो विपरीत परिस्थिति में घर छोड़कर राजनीति में आई आज सफल है । आम जनता को तो पार्षद के साथ पार्षद पति भी सेवा के लिए मुफ्त मिल रहा है और महापौर में महापौर के साथ महापौर पति भी मुफ्त ही तो मिल रहा है । पीपल तुलसी की पूजा और सारे संस्कार की रक्षा करने वाली घरेलू महिला यदि राजनीति में आ रही है भले ही उनके परिजन के सहारे तो आने दो यहां भी संस्कार संस्कृति और कुछ अच्छा ही होगा बजाय हाउ डू यू डू अंग्रेजी संस्कृति की डिग्री धारी की अपेक्षा। समय बदलेगा तब शिक्षित सीधे महिला भी राजनीति में आएगी तब तक तो विकल्प यदि घरेलू महिला है उनका आधार अच्छा है तो जनता स्वतंत्र है ।

    भगत ———-कलेक्टर और एसपी के 2 वर्ष कब पूरे हो गए पता ही नहीं चला।

    बाबा ——— जिले में कई अधिकारी आते हैं चले जाते हैं कुछ है जो अपने कार्य से अपनी पहचान आमजन में और एक इतिहास के रूप में लिख जाते हैं जब भी इतिहास पढ़ा जाएगा तो उनका नाम किसी पन्नों पर तो आएगा ।कोरोना आपदा में ही कलेक्टर और एसपी की आमद हुई और उस आपदा में कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉक्टर शिव दयाल ने अपनी पारी की शुरुआत आमजन से सीधा संपर्क बनाकर की कलेक्टर ने जहां विकास कार्य और कहीं विभागों में सुधार कर कुछ अलग करना चाहा तो पुलिस अधीक्षक ने भी दबंग ता के साथ कई फैसले लिए अपराधियों को सीधे सीधा करने की शैली और जनता से सीधा संपर्क कोरोना आपदा के बाद उपचुनाव और त्यौहार निपटाने के बाद अब पंचायत और निगम चुनाव सामने है दोनों का ही कार्यकाल सफल ही कहलाएगा अभी चुनाव मैं इतना ही चुनाव बाद उनके कार्यकाल के बारे में बात करेंगे ।

  • ग्रीष्म कालीन पेंचक सिलेट शिविर का हुआ समापन

    ग्रीष्म कालीन पेंचक सिलेट शिविर का हुआ समापन

    देवास : उत्कृष्ठ विद्यालय में युनिवर्सल मार्शल आर्ट अकादमी, देवास जिला पेंचक सिलेट एसोसिएशन व खेल एवम् युवा कल्याण विभाग के सानिध्य में 1 मई से 31 मई तक मार्शल आर्ट,आई कीड़ों,वेपन ,ब्रेकिंग आर्ट व आत्मा रक्षा का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। अभय श्रीवास ने बताया कि इस शिविर में उत्कृष्ठ विद्यालय के साथ साथ देवास के अनेक शासकीय व अशासकीय विद्यालयों के खिलाडियों ने भाग लिया व आत्मा रक्षा के गुर सीखे। इस शिविर के समापन अवसर पर अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयं संघ के विभागीय संघ चालक श्री कैलाश चंद्रावत, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुधीर सोमानी जी, जिला खेल अधिकारी हेमंत सुवीर जी,शासकीय अधिवक्ता श्री मनोज श्रीवास और अबरार अहमद शेख जी ने उपस्थित होकर खिलाडियों का मनोबल बढ़ाया ओर साथ में शिविर के उत्कृष्ट खिलाड़ी विनीत कुमावत,रोहित गोयला,शालू केथरिया,झलक शर्मा को (बेस्ट केंपर), बोर्ड परीक्षा में टॉप करने पर जैनब खान ,ओवर आल बेस्ट अचीवर अंशु पटेल व वैष्णवी गोर्डे जिन्होंने एन डी ए में प्रथम महिलाओं की परीक्षा में पूरे भारत वर्ष में अंडर पांच में अपनी जगह बनाई सभी खिलाडियों को प्रतीक चिन्ह व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया । शिविर में भाग लेने वाले खिलाडियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र दिए गए ओर साथ में जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने वाली 19 वी वर्ल्ड पेंचक सिलेट चैंपियनशिप जो मलेशिया में आयोजित हो रही है उसमे देवास के 2 खिलाड़ी लक्ष्मी मालवीया व दिशा रेड्डी का पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया ओर ओर दोनों खिलाडियों को शुभकामनाए दी गई। शिविर में भूमिका जैन,लक्ष्मी मालवीया,दिशा रेड्डी,नैना सांगते,प्रांजल बुडानिया, हर्ष जायसवाल,वृद्धि खट्टर, ऋषभ जायसवाल का सहयोग रहा। अंत में आभार रोहित श्रीवास ने माना।