वार्ड 40 में दूषित पेयजल को लेकर रहवासियों का आक्रोश, पार्षद और निगम पर लगाए गंभीर आरोप

देवास। शहर के वार्ड क्रमांक 40 स्थित शांतिपुरा की गली नंबर 4 के रहवासियों ने नगर निगम और क्षेत्रीय पार्षद पर गंभीर आरोप लगाते हुए दूषित पेयजल की समस्या को लेकर नाराजगी जताई है। रहवासियों का कहना है कि पिछले करीब ढाई महीने से नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे क्षेत्र के कई परिवार प्रभावित हुए हैं।
रहवासियों के अनुसार गली नंबर 4 के लगभग 10 परिवारों के बच्चे और अन्य सदस्य बीमार हो चुके हैं। किसी को पेट दर्द की शिकायत है तो किसी को दस्त की समस्या हुई है, वहीं कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूषित पानी की शिकायत कई बार नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन पर की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि नलों से आने वाला पानी इतना गंदा है कि वह पीने योग्य तो दूर, नहाने योग्य भी नहीं है। मजबूरी में लोग पीने के लिए पानी के जार मंगवा रहे हैं, लेकिन दैनिक उपयोग के लिए उन्हें इसी दूषित पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
रहवासियों ने क्षेत्रीय पार्षद धर्मेंद्र सिंह बेस पर भी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद से उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया और गली में आकर स्थिति का जायजा तक नहीं लिया। लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से पानी का बिल जमा करते हैं, लेकिन पर्याप्त और स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो दूषित पानी के कारण किसी बड़े हादसे या जनस्वास्थ्य संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से तत्काल पेयजल की जांच कर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रहवासियों की मांग है कि नगर निगम जल्द से जल्द पाइपलाइन और जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कर क्षेत्र में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराए, ताकि लोगों को बीमारी और परेशानी से राहत मिल सके।

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