नगर निगम 2022/ कांग्रेस से कविता राजानी की अधिक संभावना या तय टिकट महापौर का

आम जनता में अभी सबसे बड़ा चर्चा का विषय है तो वह है कौन बनेगा महापौर ।

कांग्रेस से वैसे तो कई नाम उभर कर आए है उनकी चर्चा बाद में करेंगे अभी जो सर्वाधिक संभावना वाला नाम सामने आ रहा है वह है कविता राजानी का नाम।

आप राजानी सरनेम से ही समझ गए होंगे कि कांग्रेस में इनका दावा इतना मजबूत क्यों है क्योंकि श्रीमान शहर कांग्रेस अध्यक्ष है मनोज राजानी। अगर वह स्वयं टिकट नहीं लेना चाहते हो या कोई मजबूरी हो तो ही दूसरा नाम देवास में संभव है ।

मजबूत दावे के पीछे का कारण भी स्पष्ट है प्रदेश मुखिया कमलनाथ और फिर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी इनके और शहर कांग्रेस अध्यक्ष तो स्वयं है ही। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी लगातार एक दशक से भी अधिक समय से पक्ष विपक्ष में सक्रिय है सत्ता में सत्ता के सिरमोर रहे तब कई दोस्त बने कई दुश्मन तो अब लगातार विपक्ष में विपक्ष की भूमिका ईमानदारी से निभा रहे हैं ।इनके द्वारा पूर्व में भी टिकट बांटे गए हैं टिकट बंटवारे में नाराजगी के कारण ही महापौर की हाथ आई थाली हाथ से निकल गई थी जब चुनाव महापौर का वे स्वयं लड़े थे। विधानसभा चुनाव का भी अच्छा अनुभव होने के साथ अब इनकी टीम भी शहरी क्षेत्र में हर वार्ड में स्थापित हो गई है । फिर भारतीय जनता पार्टी में सामने टिकट में भी इस बार दावेदारों की संख्या अधिक है और यदि राजे विरोधी गुट को टिकट मिलता है तो पिछले दो महापौर चुनाव का नतीजा सबके सामने है वही देख कर कांग्रेस के दावेदार देवास से टिकट चाहते हैं कविता राजानी शिक्षित होने के साथ पति का साथ निभाते निभाते राजनीति मैं तो कुछ सीखना नहीं वह सामाजिक धार्मिक क्षेत्र में भी सक्रिय है। कांग्रेस में जहां दो गुट पूरे जिले में वर्चस्व रखते थे पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट के कारण सज्जन वर्मा कंपनी मजबूत हो गई है और इस बार विरोधी ज्यादा विरोध भी नहीं कर पाएंगे पहले कहते थे गंगा से टिकट बट ते है अब गंगा शहर कांग्रेस अध्यक्ष कार्यालय से बहेगी परंतु पूरे जिले में टिकट बांटने वाले के सामने धर्म संकट यह भी आ गया है कि वह चुनाव लड़े कि पूरे जिले में अपने समर्थकों को जिताने में मदद करें और विधानसभा की तैयारी करें मनोज राजानी पूर्व में हार का स्वाद चख चुके हैं और इस बार जिले के सारे टिकट उनके हाथ में है और पुराना राजनीति हिसाब भी पूरा कर सकते हैं क्या मनोज अपनी श्रीमती कविता राजानी को टिकट जो आसानी से आ सकता है दिलाएंगे या जिले में अपनी टीम बनाकर जिले में अपना वर्चस्व बनाएंगे और आने वाले विधानसभा की तैयारी करेंगे । वैसे अभी तक तो पहले नंबर पर कविता मनोज राजानी का ही नाम चल रहा है।

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