अभियोजन प्रकरण इस प्रकार है कि आरोपी जो कि पीडिता का सौतेला पिता है उसके द्वारा पीडिता जोकि 16 वर्ष से कम उम्र की है के साथ बलात्कार किया। जिसके परिणाम स्वरूप पीडिता गर्भवती हो गई एवं उसके द्वारा एक बच्ची को जन्म दिया गया एवं पीडिता द्वारा घटना की देहाती नालसी रिपोर्ट एम.जी.एच देवास में भर्ती रहते समय लेख करायी गई जिसमें उसके द्वारा स्पष्ट रूप से बताया गया की उसके सौतेले पिता ने उसके साथ जोर जबरदस्ती कर गलत काम किया और उससे बोला की किसी को कुछ बताया तो जान से खत्म कर दूंगा। इसलिए पीडिता ने डर के मारे किसी को कुछ नही बताया एवं दिनांक 18.12.2020 को जब पीडिता के पेट में दर्द हुआ तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब डॉक्टर ने उसकी डिलेवरी की, जहां मरी हुयी बच्ची पैदा हुई। पीडिता ने जब इस बारे में बताया की उसके पिता ने उसके साथ गलत काम किया है। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर अन्य आवश्यक अनुसंधान उपरान्त अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। प्रभारी जिला लोक अभियोजन अधिकारी/प्रभारी उप संचालक अभियोजन अधिकारी श्रीमती आशा शाक्यवार द्वारा बताया गया कि उक्त प्रकरण गंभीर जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में चिन्हित होकर न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायालय के समक्ष साक्षीगण ने घटना का समर्थन किया तथा प्रकरण में डीएनए रिपोर्ट भी पॉजिटीव थी। माननीय विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), जिला देवास द्वारा आरोपी सौतेले पिता को आज दिनांक 04-06-2022 को निर्णय पारित कर धारा 376(3) भादवि में शेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावास एवं ३०००/- अर्थदण्ड एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6, 5(एन)/6 एवं 5(जे)(॥) आरोपी को सभी धाराओं में अलग-अलग शेष प्राकृतक जीवन तक आजीवन कारावास एवं सभी धाराओं में एक-एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन का सफल संचालन श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला लोक अभियोजन अधिकारी, श्रीमती आशा शाक्यवार, अति0 जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं श्री ऊदल सिंह मौर्य सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी जिला देवास द्वारा किया गया तथा कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक हर्षवर्धन चौहान एवं श्री धमेन्द्र शर्मा सहायक ग्रेड-3 का विशेष सहयोग रहा। उक्त जानकारी जिला मीडिया सेल प्रभारी, जिला देवास श्री ऊदल सिंह मौर्य द्वारा दी गई।
“नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने वाले सौतेले पिता को न्यायालय ने दिया जीवन पर्यन्त आजीवन कारावास“
