निगम चुनाव 2022— देवास में महापौर के लिए विधायक राजे के नाम की चर्चा

देवास में सामान्य महिला महापौर पद आरक्षित होने के बाद चर्चा का विषय यह बना हुआ है कि कौन बनेगा महापौर किसको मिलेगा महापौर का टिकट । कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में कई नाम उभरकर सामने आए हैं जिसकी चर्चा कल करेंगे। आज सबसे बड़ी आमजन के बीच बस यही बात चल रही है तो वह है विधायक गायत्री राजे पवार को टिकट मिलने की चर्चा आम है। जहां प्रदेश में कई जगह विपक्ष कांग्रेस विधायक को प्रत्याशी बनाने जा रही है तो भारतीय जनता पार्टी में देवास में विधायक राजे के बनने के पीछे यह कारण भी सामने आ रहा है कि सामने विधानसभा चुनाव है और संगठन सबसे सशक्त उम्मीदवार के रूप में राजे को टिकट देकर गुटबाजी का अंत कर दे भारतीय जनता पार्टी सत्ता में होने के कारण दावेदार दर्जन से ज्यादा है और एक को टिकट मिलता है तो कई नाराज होना स्वाभाविक है और यदि राजे को टिकट मिलता है तो थोड़े समय के लिए नाराज कुछ लोग हो सकते हैं परंतु वह यह सोचकर भी संगठन के लिए काम करेंगे कि उनके कट्टर विरोधी को नहीं ।मिला यह राजनीति मैं अक्सर देखने में आता है। दूसरा बिंदु यह भी हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है केंद्र राज्य सांसद और विधायक निधि के साथ प्रशासनिक क्षेत्र को साथ लेकर चलने की क्षमता विधायक राजे मे है तो उसका लाभ भी शहरवासी को और संगठन को मिलना स्वाभाविक है। तीसरा कारण विधायक राजे महापौर का चुनाव लड़ने के बाद अपनी पुत्र महाराज विक्रम सिंह पवार को विधायक की तैयारी करवाएं क्योंकि 1 वर्ष बाद ही विधानसभा है और यह नगर निगम का चुनाव सेमीफाइनल है इस सेमी फाइनल मैं जीत हार का परिणाम महत्वपूर्ण होगा। राजे का चुनाव लड़ने की चर्चा इसलिए भी बाजार में ज्यादा गर्म है की वे लगातार वार्ड वार्ड में सक्रिय है और अभी तो दिन रात एक कर दिया है यह कारण सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है जबकि विधायक समर्थकों का कहना है कि राजे लोकसभा के चुनाव में भी भीषण गर्मी में भी गांव गांव में प्रचार करके पूरी मेहनत से सांसद को जिताने में मदद की है देवास विधानसभा सोनकच्छ और हाटपिपलिया के गांव-गांव तक पहुंची है तो अभी उपचुनाव हाटपिपलिया में भी मनोज चौधरी के लिए इतनी ही मेहनत की है तो वह नगर निगम और जिला पंचायत में अपने समर्थकों को जिताने के लिए इतनी मेहनत कर रही है । यह आमजन की चर्चा है वैसे राज परिवार के लिए विधायक पद ही महत्वपूर्ण रहा है उन्होंने जिला पंचायत जनपद और देवास नगर निगम में तो अपने समर्थकों को ही जितवा कर अपने हिसाब से कार्य करवाया है और अगर समर्थक नहीं जीता तो अपनी पसंद के अधिकारी की पोस्टिंग करा कर अपना वर्चस्व कायम रखा है नगर निगम में महापौर में जरूर राज परिवार के पास केवल एक ही बार अवसर आया है वरना विरोधी के पास ही महापौर का पद गया है जबकि सभापति में और पार्षद की संख्या मैं राज परिवार का वर्चस्व रहा है अब आमजन में देवास विधायक राजे के चुनाव लड़ने की चर्चा आम है हकीकत क्या है क्या होगा इधर तो आने वाला समय ही बताएगा आज के लिए बस इतना ही ।

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