भगत -बाबा प्रणाम।
बाबा – प्रणाम बेटा ।
भगत – बाबा प्राधिकरण में नियुक्ति होगी या नहीं। बाबा- बेटा देवास विकास प्राधिकरण में नियुक्ति तो कब की हो जाती परंतु एक कारण कलेक्टर और कमिश्नर भी है।
भगत – भला ये कैसे कुछ बात समझ में नहीं आई। बाबा -बेटा एक तो देवास विकास प्राधिकरण में पहली बार किसी अधिकारी ने अपने अध्यक्ष कार्यकाल में इतनी सारी योजनाएं बनाकर उस पर काम करना भी शुरू कर दिया है कॉरिडोर और कई योजनाएं बहुत जल्दी मूर्त रूप ले सकती है देवास विकास प्राधिकरण चामुंडा कांप्लेक्स का पहली बार कायाकल्प हुआ है वरना यह बिल्डिंग किसी सरकारी बिल्डिंग सी अपने हाल पर आंसू बहा रही थी ।फिर सबसे बड़ा कारण अभी देवास जिला कलेक्टर कार्यालय भवन तोड़कर नया बनाया जाना है। और उसका विकल्प फिलहाल चामुंडा कांप्लेक्स स्थित प्राधिकरण का कार्यालय ही है जहां पर कलेक्टर कमिश्नर कक्ष नई आधुनिक लिफ्ट को देखकर ही पता लगाया जा सकता है कि यहां पर आने की पूरी तैयारी कर ली गई है और यदि इसका विकल्प कहीं और कहीं मिल जाता है तो देवास के नेताओं के लिए प्राधिकरण अध्यक्ष नियुक्ति का रास्ता खुल सकता है।
भगत -अब तो दावेदार भी बढ़ गए होंगे। बाबा – हां देवास में मत दावेदारों की ही कमी नहीं है कोई सा भी पद हो कई नेता तो स्वयं शंभू दावेदार हो जाते हैं। ऐसे तो कई दावेदार है परंतु देवास विधायक राजे की ओर से वही पुराने समर्थक दुर्गेश अग्रवाल का नाम है तो दूसरा संगठन की ओर से दिलीप जाधव और बहादुर मुकाती ओम जोशी ज्यादा खींचतान में अध्यक्ष पद ला सकते हैं।
भगत – बाबा दुर्गेश अग्रवाल तो उपाध्यक्ष रह चुके हैं। बाबा- बेटा दुर्गेश अग्रवाल के समय प्राधिकरण अध्यक्ष शरद पाचुनकर इतने दमदार नेता थे कि उनको पर्दे के पीछे से अध्यक्ष पद नहीं चलाने दिया जिस तरह सभापति रहते हुए सुभाष शर्मा ने महापौर को पीछे छोड़ कमिश्नर के सहारे पूरी नगर निगम पर एक तरफा राज किया दुर्गेश अग्रवाल ने प्रयास बहुत की है परंतु पाचुनकर के सामने सब फेल होना ही था जबकि उस समय स्वयं स्वर्गीय महाराज का हाथ दुर्गेश अग्रवाल पर था यूं कहे की आधी सत्ता ही अग्रवाल चलाते थे।
भगत – अब वह बात नहीं रही क्या।
बाबा – अब राजे ने पूरी बागडोर अपने हाथ में ले ली है अब सीधे जनता से संपर्क है अधिकारी से लेकर सभी वर्ग में सीधे संपर्क रखने से पुराने दोनों कि अब वह बात नहीं रही हां राजे ने पूरा उनका सम्मान बनाए रखने के लिए उनको अपने साथ जरूर रखा है और संगठन सत्ता में अभी भी पद दिलाने के लिए प्रयासरत है ।
भगत – दुर्गेश अग्रवाल अपने क्षेत्र का एक पार्षद तक नहीं जीता सके।
बाबा -सही बात है जितने भी टिकट मिले सब हार गए हैं और अपने गृह क्षेत्र का पार्षद भी नहीं जीता सके उल्टा जीता पार्षद जी पार्टी छोड़ दूसरी पार्टी में चले गया परंतु राज परिवार के लिए वफादार रहना ही इनके लिए पुरस्कार है और राजे पुराने वचन निभा रही है।
भगत – मुख्यमंत्री के आगमन पर सांसद ने 2 महिला अधिकारी की शिकायत की। बाबा – यह झूठी खबर कुछ दिन राजनीतिक प्रशासनिक गलियारों में चली परंतु एक छोटी सी बात की सांसद को यदि महिला अधिकारी को हटाना ही होता तो वे सीधे भोपाल से तबादला करवा सकते है बस यह खबर कुछ दिन मात्र चर्चा में ही बनी रही जबकि बात कुछ ऐसी कुछ थी ही नहीं।
भगत – मेंडकी ओवर ब्रिज निर्माण ने कछुए चाल का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया बाबा – हां बेटा देवास के पश्चिम क्षेत्र मेंड की रेलवे और ब्रिज में निर्माण कार्य के सारे रिकॉर्ड टूट गए कभी कछुआ चाल किसी धीमे निर्माण को कहा जाता था परंतु यहां तो चींटी चाल भी नहीं कह सकते पास में ही सांसद का निवास है जनता परेशान है ।अब 5 वर्ष की यातनाओ के बाद शुभारंभ के दिन गिन रही है यहां पर अधिकारी ठेकेदार के साथ जनप्रतिनिधि की निष्क्रियता पर भी कोई संदेह नहीं ।यह हमारा देवास ही है जो सब सहन कर सकता है सांसद जी इसके लिए तो कुछ करें अंडर ब्रिज की बात ही राहत दे रही है परंतु यह सब जनता को आसानी से मिल पाएगा भगवान जाने।
भगत – सरपंच साहब की लॉटरी लग गयी । बाबा -हा किस्मत लिखा कर लाये है सरपंच ,कहा चुनाव भी हो जाते और बिल्ली के भाग से छीका पुराने सरपंचों की लग बैठी है काश ऐसा नगर निगम में पार्षदों के लिए भी हो जाता जबकि पार्षद के दावेदार और पूर्व पार्षद अभी भी जनता के बीच लगातार सक्रिय है और दाम भी दे रहे हैं कई तो परेशान हो गए हैं सरकार दो तरह का व्यवहार कैसे कर सकती है एक तरफ ग्रामीण नेताओं को सौगात और दूसरी ओर लगातार कार्य करने वाले पार्षद के साथ भेदभाव जबकि भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा विधानसभा मैं बहुमत शहरी क्षेत्र से मिला है और शहरी क्षेत्र के मतदाता का झुकाव भाजपा की ओर है परंतु सरकार बनते ही सरकार का झुकाव ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा शहरी क्षेत्र के लोग को अंधभक्ति के कारण यह सब भुगतना ही है।
भगत इंदौरी भाजपा नेताओं के बीच देवास का नेता छा गया। बाबा – समझ गया राजनीति में लंबे समय बाद उल्टी गंगा बह रही है मतलब अब इंदौरी नेताओं पर देवास का एक नेता भारी पड़ा है। भगत सारे दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर गया बाबा – प्रतिभा किसी गांव शहर की मोहताज नहीं होती ऐसे ही राजनेता भी किसी शहर गांव का मोहताज नहीं होता और फिर जयपाल सिंह चावड़ा तो केवल संगठन के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं इनके लिए संगठन ही सर्वोपरि रहा है इंदौर में अब हमारे देवास के नेताओं के पास इंदौरी यो के काम के लिए फोन आते हैं अच्छी बात है।
भगत – पुलिस अधीक्षक ने सटोरियों जुआरी की वाट लगा दी वाट लगा दी। बाबा – पुलिस ने पहले तो ढील दी जिसमें देवास के कई सटोरियों ने खुलेआम अपने चेहरे ओपन कर दिए और बाद में अप पुलिस जब एक्शन में आ गई है तो सटोरिए इधर उधर भाग रहे हैं नेता जी भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं क्या करें नाम से ज्यादा बदनाम हो गए और सटोरियो को जिला बदर करने के साथ उनकी संपत्ति पर भी सीधा अटैक करने से सटोरियों मैं हड़कंप मच गया है।
भगत – पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस मैं एक और विधानसभा दावेदार का प्रवेश करवा गए। बाबा – कांग्रेस में जो वर्षों से निष्ठा के साथ सेवा दे रहे हैं अब वे इतने कमजोर नहीं कि उनकी विधानसभा में कोई बाहरी प्रवेश कर जाए और वह चुप रहे विपक्ष में सशक्त भूमिका निभाने वाले कई नेता तो प्रदेश में अपना अलग स्थान बना चुके हैं और किसी धन्ना सेठ को प्रवेश देने से पहले जो बाहरी नेता इनको प्रवेश दे रहे हैं वहीं बाहरी ना हो जाए देवास विधानसभा जहां पहले इंदौर और उज्जैन के विधायक की घर वापसी हो चुकी है तो अब देवास के कांग्रेस के नेता को झेलने वाले नहीं एक अच्छे बड़े आयोजन को बाहरी नेता के प्रवेश ने फीका बना दिया यही बाहरी नेता के प्रवेश की विफलता का श्रीगणेश है। भगत – भैया ने भी एक मुद्दे का सफलता के साथ अंत कर दिया। बाबा – भैया चतुर नेता है और उनके खास समर्थक जो विपक्ष में लगातार कई मुद्दों पर सीधे मोर्चा खोल लेते हैं वह भला अचानक किसी को कैसे लकीर बड़ी करने देते बड़े वालों से ही लकीर छोटी करवा कर मुद्दे को घर घर का कर दिया।
भगत -नकली मावा पुलिस ने पकड़ा । बाबा – जिस विभाग का काम है वह मात्र बंदी तक ही सीमित है शिकायत होने पर एसडीएम या तहसीलदार सीधी कार्रवाई करते हैं खाऊ विभाग पर किसी का नियंत्रण नही नकली मावा ही नहीं देवास में हल्दी मिर्च से लेकर लगभग 90 फीस दी खाद्य पदार्थ मैं मिलावट हो रही है आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अधिकारी पर ठोस कार्रवाई की जाना चाहिए।
भगत -मीडिया में एस के आई चल गया। बाबा – पत्रकार दिलीप मिश्रा और अरविंद त्रिवेदी और कैलाश तारानी की मेहनत रंग ला रही है देवास की प्रतिभाओं को एक अच्छा मंच मिल गया है। भगत – लकड़बग्घा पकड़ा गया। बाबा – पहले नागदा के जंगल में पूरे साल भर से शेर ने छकाया जो आज तक हाथ नही आया अब लकड़बग्घा तो पकडाना ही था । मां चामुंडा की टेकरी पर दर्शनार्थियों के साथ सुबह सुबह से करने वाले भी लकड़बग्घे से डर रहे थे अब राहत मिली। और मीडिया सोशल मीडिया पर भी रोज लकड़बग्घा लकड़बग्घा आया से राहत मिली।