एसपी के निर्देश के बाद थाना प्रभारियों ने अपराधियों के खिलाफ कसा शिकंजा, ट्रैफिक वसूली के खिलाफ भी कार्रवाई का इंतजार

लॉकडाउन खुलने के बाद जिले में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध को देखते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय देवास द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे विगत 1 सप्ताह में जिले के सभी थानों में लगातार असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई कार्यवाही के दौरान लगभग 88 प्रकरण अवैध शराब के बनाए गए व 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा कर 850 लीटर अवैध शराब जप्त की गई इसी प्रकार विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्यवाही करते हुए लगभग 11 देसी कट्टे व तीन चाकू बरामद किए गए अवैध खनिज उत्खनन के मामले में वाहन जप्त कर के लगभग 11 लाख रुपए कीमत का अवैध रेत उत्खनन पकड़ा गया इसी प्रकार 500 ग्राम गांजा भी देवास शहर से जप्त किया गया है व एक इनामी बदमाश को भी पकड़ा गया है देवास पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी है और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रतिदिन सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा दिए जा रहे हैं प्रतिदिन की कार्यवाही की जानकारी पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं ली जाती है व सख्त कार्यवाही के निर्देश भी दिए जाते हैं।
1 सप्ताह पुलिस के लिए सिरदर्द बना तो 1 सप्ताह पुलिस ने कई अपराधियों को जेल की हवा खिला दी और प्रकरण दर्ज कर अपराध नियंत्रण की कोशिश की । पुलिस अधीक्षक का यह प्रयास ठीक है परंतु एक बात जो सामने आ रही है शहर के कुछ खास चौराहे जिसमें मधुमिलन चौराहा औद्योगिक क्षेत्र में जो पॉइंट बना है वहां पर वसूली का अपना रिकॉर्ड रहा है कोरोना आपदा में भी यह पॉइंट बंद नहीं हुआ है इस तरह शहर के कई चौराहों पर और बाहरी क्षेत्रों में वसूली आए दिन देखी जा सकती है पुलिस विभाग की छवि अभी आम जनता में एक कर्तव्यनिष्ठ और सेवा के रूप में बनी है परंतु कुछ चंद लोगों के कारण पूरा पुलिस विभाग बदनाम हो रहा है दिन रात ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी और पुलिस अधिकारी चाह कर भी इनका कुछ नहीं कर पाते यदि इन पर राजनीति दबाव है को राजनेताओं ने भी कम से कम कोरोना आपदा में तो वसूली बंद करा देनी चाहिए इसके पहले पुलिस अधीक्षक संजीव शमी राजेंद्र मिश्र साजिद फरीद सापु अंशुमन यादव ने यातायात वसूली पर रोक लगा दी थी सारे प्वाइंट बंद करा दिए थे जब सभी थानेदार अपने क्षेत्र में ईमानदारी से चेकिंग अभियान चलाते हैं तब यातायात विभाग के यह जवान कुछ खास चौराहे पर यह हमेशा क्यों दिखाई देते हैं इसके पूर्व आईजी पवन जैन, संजीव चौधरी ने भी यातायात वसूली में करने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे और वर्तमान आई जी योगेश देशमुख और पुलिस अधीक्षक डॉक्टर शिवदयाल से यही उम्मीद है कि वह खुले रूप से चौराहे पर चेकिंग के नाम पर वसूली पर रोक लगाएं वर्तमान विधायक और सांसद को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वर्तमान सरकार भी होती तो बदनाम है। पुलिस अधीक्षक के लिए तो सरल उपाय है कि वह चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में देख कर इन पर कार्रवाई कर सकते हैं आम जनता को सब दिखता है हम तो पुलिस विभाग को सचेत ही कर सकते हैं वीडियो और फोटो भी लेकर वायरल करने की आदत नहीं सीधी सरल भाषा में कलम के माध्यम से पुलिस अधीक्षक और आईजी सांसद विधायक से उम्मीद करते हैं कि कम से कम आमजन से इतनी आपदा के बाद वसूली बंद हो।

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