कलेक्टर श्री गुप्ता ने देवास जिले में सोशल मीडिया के संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश किये जारी, जिले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व उद्वेलित करने वाली फोटो/चित्र, मैसेज, साम्प्रदायिक मैसेज एवं उनकी फॉरवर्डिंग पर होगी कार्यवाही, देवास जिले में संदिग्ध गतिविधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर निगाह रखने के प्रतिबंधात्मक आदेश किये जारी
———- देवास कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने देवास जिले में कानून व्यवस्था को कायम रखने/जन सामान्य के हित/जानमाल एवं लोक शांति को बनाए रखने के लिए जिले की राजस्व सीमा में सोशल मीडिया के संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। देवास जिले की राजस्व सीमा में किसी भी आपत्तिजनक व उद्वेलित करने वाली फोटो/चित्र, मैसेज करने पर साम्प्रदायिक मैसेज एवं उनकी फॉरवर्डिंग ट्वीटर, फेसबुक, व्हाट्सएप्प इत्यादि सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिक मैसेज आदि करने एवं इसी प्रकार की पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने की गतिविधियों को प्रतिबंधित किया है। आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश जन सामान्य के जानमाल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोकशांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है तथा इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य व इससे संबंधित सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामिली की जा सकें। अतः यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के अंतर्गत यह आदेश एक पक्षीय पारित किया है। चूंकि यह आदेश जन सामान्य से संबंधित है एवं परिस्थितिवश इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य या समूह को इस संबंध में सूचना दी जाकर सुनवाई की जा सके। अतः दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(1) के अंतर्गत यह आदेश एक पक्षीय पारित किया जा रहा है। कोई भी हितबद्ध दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144(5) के अंतर्गत इस आदेश के विरुद्ध अपनी आपत्ति या आवेदन इस न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है। आदेश में उल्लेख है कि मीडिया एवं जन सामान्य द्वारा यह तथ्य ध्यान में लाया गया कि देवास जिले में सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप्प, ट्वीटर आदि के माध्यम से असामाजिक तत्वों के कई समूहों द्वारा सामाजिक तानेबाने को तोडने दो समुदायों के मध्य संघर्ष वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने हेतु तरह-तरह के आपत्तिजनक संदेश एवं चित्रों व वीडियों एवं आडियो मैसेज का प्रसारण किया जा रहा है तथा प्रसारण के माध्यम से एक स्थान पर एकत्रित होने एवं एक समुदाय के विरुद्ध वातावरण निर्मित करने जैसे संदशों का प्रसारण हो रहा है। इससे देवास की सामुदायिक सदभाव एवं शांति व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थितियां निर्मित हो रही है। इसके अतिरिक्त धार्मिक भावनाओं को उभारने एवं साम्प्रदायिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने देवास जिले में संदिग्ध गतिविधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर निगाह रखने के प्रतिबंधात्मक आदेश किये जारी ———— मकान/दुकान मालिक थाने में जानकारी देने के बाद ही किरायेदारों को रखे ———– होटल, लॉज, रेनबसेरा, धर्मशाला आदि में रूकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लिया जाये ———– ऑनलाइन शॉपिंग/होम डिलेवरी/कोरियर का कार्य करने वाली कंपनीयों के व्यक्ति जो घर-घर जाकर पार्सल वितरित करते है, उनकी जानकारी थाने पर दी जाये ————– कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने देवास जिले में वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों तथा विध्वंस गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए मकान मालिकों को अपने किरायेदारों तथा किरायेदारों को मकान किराये से लेते समय अपनी पहचान प्रमाण उपलब्ध कराये जाने के लिए संपूर्ण देवास जिले में दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गुप्ता ने आदेश दिये है कि जिले में किरायेदारों की सूचना मकान/दुकान मालिक द्वारा संबंधित थाने में संलग्न विहित प्रारूप में दिये जाने के पश्चात् ही किरायेदारों को रहने की अनुमति दी जाये इसके पूर्व मकान/ दुकान किराये से न दी जाये। साथ ही आई. डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। घरेलू कामगारो एवं व्यावसायिक कर्मचारियों की सूचना संबंधित मालिक द्वारा थाने पर विहित प्रारूप में देने के उपरांत ही उन्हें रखा जाये साथ ही आई.डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। छात्रावासों में रह रहे छात्र एवं छात्राओं की सूचना विहित प्रारूप में संबंधित थाने में दी जाये। साथ ही आई. डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। होटल, लॉज, रेनबसेरा, धर्मशाला आदि में रूकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लिया जाये एवं ठहरने वाले व्यक्तियों कि सूची विहित प्रारूप उसी दिन अनिवार्य रूप से दी जाये। साथ ही आई. डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों/कारीगरों की सूचना ठकेदार द्वारा विहित प्रारूप में थाने पर देने के उपरांत ही उन्हे काम पर रखा जाए। साथ ही आई.डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये, इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा अतिथि पोर्टल प्रारंभ किया है, इस पोर्टल पर भी रुकने वालों कि जानकारी अवश्य दर्ज की जाये। पेईंग गेस्ट की सूचना संबंधित मकान मालिक द्वारा विहित प्रारूप में थाने पर दी जाए। इसके उपरांत ही पेइंग गेस्ट रखा जाये साथ ही आई. डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। ऐसे व्यक्तियों की सूचना 15 दिवस से अधिक समय तक निवास कर रहे हो तत्काल संबंधित थाने पर विहित प्रारूप में मकान/दुकान मालिक/धर्मशाला/होटल प्रबंधक द्वारा दी जावे। साथ ही आई. डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। ऑनलाइन शॉपिंग/होम डिलेवरी/कोरियर का कार्य करने वाली कंपनीयों के व्यक्ति जो घर-घर जाकर पार्सल वितरित करते है कि जानकारी विहित प्रारूप में थाने पर दी जावे साथ ही आई. डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। स्पा सेंटर, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर पर कार्य करने वाले व्यक्तियों की जानकारी विहित प्रारूप में थाने में दी जायें साथ ही आई.डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। प्राईवेट सुरक्षा एजेंसी के लिए नियुक्त किए गए गार्ड की जानकारी विहित प्रारूप में थाने पर दी जायें साथ ही आई. डी. प्रूफ आवश्यक रूप से लिया जाये। होटल, लॉज, धर्मशाला आदि में रूकने वाले व्यक्तियों एवं किराये से मकान लेने वाले व्यक्तियों के संबंध में आईसीजेएस साफ्टवेयर तथा मोबाइल फेस फोरेसिंक एप से जानकारी सर्व कि जावे। विदेशी व्यक्तियों के संबंध में तत्काल सुचना एफ.आर.आर.ओ शाखा को दी जाये। आदेश को जनसाधारण कि सुविधा तथा होटल/लॉज/प्रतिष्ठान संचालको/मकान/ दुकान मालिको/ठेकेदारों/ऑनलाईन शॉपिंग/स्पा सेंटर/प्राईवेट सुरक्षा एजेंसी आदि के सुनिश्चित पालन के लिए तत्काल प्रभावशील किया जाना आवश्यक है। समय अभाव के कारण यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के अंतर्गत यह आदेश एक पक्षीय पारित किया जा रहा है। फिर भी यदि कोई भी व्यक्ति , संस्था या पक्ष इस आदेश में काई छुट या शिथिलता चाहे तो उसे अधोहस्ताक्षकर्ता के समक्ष आवेदन करने का अधिकार होगा जिसमें सम्यक सुनवाई एवं विचारोपरांत समुचित आदेश पारित किये जायेंगे। आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है।
