सुपारी कांड प्रदेश तक गुंजा, अचानक धूमकेतु की तरह उभरे हिंदूवादी नेता शैलेंद्र सिंह पवार

देखिए चंद 24 घंटे में एक आह्वान पर सैकड़ो हिंदू नेता, कार्यकर्ता व पार्षदगण सड़क पर आ गए। देवास में कुछ समय पहले आए,एक हिंदू नेता शैलेंद्र सिंह पवार अपने पुरुषार्थ के बल पर हिंदू समाज के सभी ज्वलनशील मुद्दों पर अपनी संस्था राम राम और देवास के युवाओं को साथ लेकर खासा कार्य किया है। उनको जान से मारने की सुपारी देने के मुद्दे को लेकर सैकड़ो हिंदू कार्यकर्ता रोड पर आकर केवल सुपारी देने वाले नेता पर कड़ी कार्रवाई चाहते हैं। युवा तो रोड पर आए ही इनको बड़े पैमाने पर वरिष्ठ और घर-घर में भी समर्थन है।यह भी आने वाले दिनों में देखने को मिल जाएगा शासन प्रशासन को। आमतौर पर देखा जाता हे की बड़ी पार्टी बड़े संगठन, ज्ञापन के लिए दो-तीन दिन पहले बैठक करते है और माहौल बनाते रहते हैं फिर भी मुश्किल से 100, 200 लोग इकट्ठे नहीं हो पाते हैं इसी के विपरीत छोटे संगठन के आह्वान पर सैकड़ो लोग रोड पर आ जाते हैं। तो इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है वह है शैलेंद्र सिंह पवार और उनकी टीम का पिछले 1 वर्ष में हिंदू समाज के लिए हर छोटे से बड़े कार्य में सम्मिलित होने के साथ किसी भी आपदा में खुलकर साथ देना और खासकर जब धर्म विरोधी बात हो तो सामने वाले को दांतो चने चबा दिए इस युवा और टीम ने। देवास के हिन्दू युवाओं ने अपने विचार और अपने दिशा बताती है कई छोटे पुरुषार्थ वान कार्यकर्ता अपने छोटे-छोटे संगठन बनाकर हिंदुत्व का कार्य कर रहे हैं बड़े-बड़े संगठनों के बड़े-बड़े पदाधिकारी उनके पीछे खड़े होकर अपने आपको को साबित करने में लगे हैं । ऐसे में संस्था राम-राम ने देवास में युवाओं में जोश भरने के साथ एकता का प्रयास किया और उसमें सफल भी हुए आज देवास में अगर हिंदुत्व के लिए नाम लिया जाता है तो उसमें एक नाम संस्था राम-राम और शैलेंद्र सिंह पवार और उनकी टीम का भी है। देवास में वर्षों सेसंघ और हिंदू संगठन अपना कार्य कर ही रहे हैं । और उनका कार्य भी सराहनीय है । कई बार ऐसे मुद्दे भी आए जिसमें संघ और हिंदूवादी नेताओं ने दबंगता के साथ लड़ाई लड़ाई लेकिन कुछ नेताओं के कारण कई जगह हिंदुत्व के मुद्दे पर नरम वादी रुख अपनाना पड़ा। कई बार तो कई मुद्दे ही दबा दिए गए । और कई बार ऐसा लगने लगा कि देवास में भी कोई दबंग अलग हटकर हिंदुत्व वादी नेता प्रतिनिधित्व करें। और फिर मिला अभी बात उसे शख्स की चल रही है।संस्था राम-राम के अचानक धूमकेतु की तरह उभरे शैलेंद्र सिंह पवार और टीम ने दबंगता की शैली अपनाकर हिंदुत्व विरोधियों को समय-समय पर जिस तरह सड़क पर आकर जवाब दिया है और समस्या का निराकरण किया है उसके बाद से युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ ।और वह संस्था राम से राम से जुड़ते गए। अचानक इतना बढ़ता नाम देखकर राजनीति में हड़कंप मच गया है और खास कर धर्म विरोधियों में भी तो परिणाम तो आएंगे ही। पहला परिणाम जो पीछे से कायरता से वार करने वाला है । वह है सुपारी देना वह भी उसे शख्स की जिसका नाम सुनते से सुपारी लेने वाले भी 10 चक्कर सोच मैं पढ़ने के साथ खुद डर  कर सच उगल देता है ।और यही सब कुछ हुआ है इस प्रकरण में की सुपारी लेने वाला ही घबरा गया और अब होगा भी यही की बयान बदले जाएंगे जो नेता है वह तो हाशिए पर आ गए हैं पुलिस प्रशासन अपना काम कर रहा है आगे पीछे पता लगा ही लगा सच क्या है। परंतु सबसे बड़ी बात यह है कि एक हिंदूवादी नेता अगर अपने ही धर्म के लिए समर्पित होकर कुछ करता है तो कितने कम समय में उसके पीछे सभी हाथ धोकर पड़ जाते हैं। समर्थन न सही विरोध तो ना करें। और फिर हिंदू विरोधी सुपारी देंगे तो यह कोई नई बड़ी बात नहीं कहीं महानगरों और बड़े शहरों में हिंदूवादी नेताओं के साथ यही हुआ है परंतु यहां पर शैलेंद्र सिंह पवार के साथ एक बड़ी टीम है और स्वयं वह और परिवार इतने सक्षम है की सुपारी लेने वाले और देने वाले से साम दाम दंड भेद सभी तरीके से निपट सकते हैं। इस पूरे प्रकरण में सुपारी देने वाले से लेकर सुपारी लेने वाले और उनसे जुड़े पूरे चैनल की अगर जांच के साथ इनकी बेशुमार अवैध रूप से कमाई गई दौलत की भी जांच अब होना ही है सबसे बड़ी बात की यह अब शासन प्रशासन की निगाह में आ गए हैं करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित करने के बाद अपराधों के रिकॉर्ड वापस खुल जाएंगे और आने वाले परिणाम इनके लिए खुद के लिए घातक होंगे। या यू कहे कि उन्होंने खुद आ बैल मुझे मार वाली कहावत साबित कर दी है उल्टी गाजर खाने सामान एक ऐसे व्यक्ति की सुपारी दी है। जिन्होंने बहुत ही कम समय में अपनी अलग पहचान हिंदूवादी के रूप में युवाओं में नहीं घर-घर में बना ली है। यह सुपारी देने वाले ने भी नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी बात हो जाएगी और मामला उल्टा हो जाएगा वह शैलेंद्र सिंह पवार को एक केवल एक विशेष क्षेत्र का व्यक्ति समझ कर केवल अपना खेल खेल रहे थे और हो गया बिल्कुल उल्टा पुल्टा अब सारी आफत आने के साथ अपने पैर पर कुल्हाड़ी स्वयं मार ली है। देवास मे हिंदुत्व के लिए उभर कर सामने आए शैलेंद्र सिंह पवार और उनकी टीम को जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है । पूरा मामला प्रदेश मुख्यमंत्री से लेकर गृहमंत्री तक पहुंच गया है देवास में हिंदूवादी नेताओं ने खुलकर शैलेंद्र सिंह पवार का समर्थन किया है और अब मामला भीषण गर्मी में गरमा गया है । अब जिला प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर जल्द कार्रवाई करना चाहिए । अगर देवास के नेता इसमें शामिल नहीं है। तो वह भी जांच में सामने आ जाएगा और अगर शामिल है तो फिर बुलडोजर से लेकर सारी कार्रवाई दबंगता के साथ करना चाहिए। अभी तो इतना ही कहेंगे कि इस सुपारी कांड ने बहुत ही कम समय में हिंदूवादी लोकप्रिय चेहरे के रूप में उभर कर सामने आए शैलेंद्र सिंह पवार को और पावरफुल बनने के साथ अब हिंदूवादी नेता के रूप में मालवा में चर्चित कर दिया है।

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