सोने की चैन लूटने वाले आरोपियों को 3 वर्ष सश्रम कारावास व अर्थदण्ड
सोने की चैन लूटने वाले आरोपियों को 3 वर्ष सश्रम कारावास व अर्थदण्ड देवास। पुलिस थाना सिविल लाईन अन्तर्गत गंगा निकेतन कालोनी में रहने वाली प्रिया व मोनिका सगी बहने स्कूटी से 9/8/2022 को रात्रि 8.15 बजे अपने घर जा रही थी। दोनो बहन स्कुटी से जैसे ही कबीर गार्डन के गेट के सामने पहुंची। स्कुटी के पीछे बैठी मोनिका के पास मोटर साईकिल पर दो लडक़े आये व झपटटा मारकर गले में पहनी सोने की पॉच ग्राम चेन लूटकर भाग गये। फरियादी व उसकी बहन ने उन्हे देख लिया था। पुलिस थाना सिविल लाईन देवास ने घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान व सोनकच्छ आरक्षी केन्द्र में अभियुक्त नीलेश व विकास से पूछताछ व अन्य अपराध में हरदा जेल में बंद आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी कर देवास न्यायालय से प्रोडक्शन वांरट जारी करवाया गया व पूछताछ की गई। अभियुक्त निलेश की निशादेही परउसके मकान पिथमपुर धार से 5 ग्राम सोने की चेन जप्त की गई। अनुसधान पूर्ण कर आरोपीगण के विरुद्व धारा 392, 34 में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। विचारण न्यायालय द्वारा धारा 392 सहपठीत धारा 34 भादस में तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास व पाँच-पाँच हजार रूपए अर्थ दण्ड से आरोपीगण निलेश व विकास को दंडित किया। विचारण न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध आरोपी निलेश राठौर निवासी पीथमपुर एव विकास पिता अजय अवस्थी निवासी पीथमपुर जिला धार ने जिला न्यायालय के समक्ष अपील प्रस्तुत की। जिस पर न्यायालय तृतीय सत्र न्यायालय देवास के विद्वान न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार पाटीदार के न्यायालय ने दिनांक 14/5/2024 को दिये निर्णय में आरोपियों की अपील को निरस्त किया। अपने निर्णय में अपर लोक अभियोजक मनोज श्रीवास द्वारा अपील में अंतिम बहस (तर्क) के दौरान साक्षीगण की साक्ष्य से अभियुक्तगण द्वारा घटना कारित करना प्रमाणित होने व अपील सारहीन होने का तर्क रखते हुऐ विचारण न्यायालय द्वारा दिये दण्ड की पुष्टी का निवेदन करते हुऐ आरोपियों की अपील निरस्त करने का निवेदन किया था। न्यायालय के समक्ष अपर लोक अभियोजक ने सोने की चेन लूटने की बढती घटनाओ व दर्ज अपराध का तर्क न्यायालय के समक्ष रखा था। साथ आरोपियों द्वारा चेन लूटने के अन्य आरक्षी केन्द्र में अपराध पंजीबद्ध होने का तथ्य तर्क के दौरान माननीय न्यायालय के समक्ष रखा। अपील न्यायालय द्वारा आरोपीगण की प्रतिभुति बंधन पत्र निरस्त कर अभियुक्त गण को सजा भुगताये जाने हेतु सजा वारंट के साथ जिला जेल देवास भेजा शासन की ओर से अपील न्यायालय में मनोज श्रीवास अतिरिक्त लोक अभियोजक ने पैरवी की पक्ष रखा।
