दो बच्ची की मौत के बाद देवास से भोपाल तक स्वास्थ्य विभाग आया हरकत में, इंदौर भोपाल जांच दल द्वारा गांव माधवपुर खेड़ा में की जांच, देवास जिले में अब डर की कोई बात नहीं…….
जिले की टोंकखुर्द तहसील के ग्राम माधवपुर खेड़ा गांव में फैली बीमारी पर सरकार ने संज्ञान लिया। मंगलवार रात को प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने अज्ञात बीमारी का हवाला देते हुए सीएम मोहन यादव को ट्वीट किया था। जिसके बाद देवास से लेकर भोपाल तक स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आई। सीएम को ट्वीट के बाद तुरंत एक्शन लेते हुए इंदौर और भोपाल से जांच दल देवास पहुँचा और जांच शुरू की गई। दरअसल जिले की टोंकखुर्द तहसील के ग्राम माधवपुर खेड़ा में डेंगू या कोई नई गंभीर बीमारी फैलने की सूचना बीते दिनों जिला स्वास्थ्य की टीम को मिली थी, जिसके बाद शिविर लगाकर ग्रमीणों की जांच की जा रही थी, लेकिन दो बच्चियों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया, जिसके बाद स्वास्थ्य टीमें राज्य और सम्भाग स्तर से रवाना की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर जिन बच्चों की मौत हुई है उन्हें पहले बुखार आया था इसके बाद उन्हें सरकारी और निजी अस्पतालो उपचार के लिए भर्ती कराया गया। इसी तरह गांव के कुछ अन्य बच्चे, महिलाएं भी बुखार और सर दर्द से पीड़ित थे जिनकी शिविर में जांच कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को पहुँची एमजीएम कॉलेज इंदौर की टीम के हेड वीपी गोस्वामी ने बताया कि दो बच्चियों की मौत के बाद में लगातार गांव में निरीक्षण किया जा रहा है और यहां पर कम्युनिटी सर्वे किए जा रहे हैं। जांच दल ने अलग अलग सर्वे किए जिसमे कम्युनिटी सर्वे और लार्वा सर्वे किए गए। बीते 20 अप्रैल से बीमारी की आहट गांव में हुई थी। शुरुआत में 100 से ऊपर मरीजो की प्रतिदिन जाँच की गई। डॉ. गोस्वामी ने बताया कि कम्युनिटी सर्वे में डेंगू का होना पाया गया हैं डेंगू के कई तरह के लक्षण होते है लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता हैं कि दोनो बच्चियों की मौत डेंगू से हुई है। वही सम्भाग एंटोमोलॉजिस्ट इंदौर और भोपाल से स्टेट की टीम के एपडमोलॉजिस्ट डॉ सरवैया और डॉ शैलेन्द्र सिंह ने 100 से अधिक घरों में जाकर लार्वा के सेम्पल कलेक्ट किए। जिसमे कई जगह लार्वा के सेम्पल पॉजिटिव पाए गए। डॉ.एसी शर्मा ने बताया की पानी मे एडीज का लार्वा मिला है, और उनको नष्ट करने के तरीके ग्रामीणों को बताए जा रहे हैं। औऱ हमारा मुख्य उद्देश्य हैं कि बीमारी आगे बढे न जन जागरूकता की जा रही हैं। 10 से 12 घरों के सेम्पल में 4 घरों में लार्वा पाया गया हैं। लार्वा सर्वे अभी सतत जारी रहेगा। इस संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा शिवेंद्र मिश्रा ने बताया कि हम इसको लेकर सतर्क है , जांच दल द्वारा जांच के बाद अभी तक डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है केवल एक गर्भवती महिला जिला चिकित्सालय में पॉजिटिव है बाकी जिले में अभी स्थिति सामान्य है और स्वास्थ्य विभाग सतर्क रहने के साथ हर स्थिति में कार्य कर हर पहलू पर जांच करने के साथ कार्य कर रहा है। और अब कोई चिंता की बात नहीं है।
