देवास में लंबे समय बाद शहरी क्षेत्र बद्री धाम नगर में पुलिस ने पकड़ा क्रिकेट का सट्टा, युवा पीढ़ी को कर रहा बर्बाद

देवास में बहुत लंबे समय से क्रिकेट का सट्टा चल रहा है लेकिन पुलिस द्वारा आम सट्टा तो पकड़ा जाता है लेकिन क्रिकेट में यह खेल पुलिस नहीं पड़ रही थी और नतीजा यह था कि दिन पर दिन इस और युवा और सटोरियों की टीम बढ़ती जा रही हैं। देवास औद्योगिक क्षेत्र और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से दबिश देकर बद्री धाम नगर से खुले रूप से क्रिकेट का सट्टा खाते शुभम पिता राजकुमार सोनी उम्र 29 वर्ष को गिरफ्तार किया। पुलिस औद्योगिक क्षेत्र टी आई शशिकांत चौरसिया और शहर कोतवाल दीपक यादव द्वारा अपने टीम के साथ जब बद्री धाम नगर में छापा मारा तो वहां पर शुभम ऑनलाइन गुजरात टाइटन और राजस्थान रॉयल के बीच सट्टा खाते हुए पाया गया और उसे सभी तकनीकी उपकरण के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शुभम द्वारा दो ₹2000 की आईडी देकर देकर राजा,सेलू ,हेमंत, बिट्टू फैजान और अन्य लोगों से सट्टा खाया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदोरिया और सी एसपी दिशेष अग्रवाल द्वारा इस हेतु विशेष टीम बनाई गई थी जो सफल हुई चलो लंबे समय बाद क्रिकेट का सट्टा पकड़ा गया। अब बात करें क्रिकेट की सट्टे की तो यह युवाओं में एक लत बन गया है या यू कहे कि नशा और पूरे देश में 10% युवा और बाकी अन्य इस अवैध कारोबार में जुड़े हुए हैं देवास में तो कई सटोरियों ने भारी मात्रा में पैसा कमाने के बाद सफेद पोश बन गए है। उनकी अपार संपत्ति अवैध संपत्ति की जांच की जाए तो कई चेहरे उजागर होंगे। पुलिस द्वारा आसानी से नहीं पकड़े जाने के कारण यह सट्टा सबसे ज्यादा खेला जा रहा है फिर अभी तो इसका मौसम चल रहा है आईपीएल इसका खास मौसम है सटोरियों ने भी शायद एमबीए किया है जो युवाओं की नब्ज पकड़ ली है वैसे युवा सट्टे की चपेट में नहीं आते उन्हें क्या मालूम रतन खत्री और कल्याण क्या है लेकिन पहले सटोरियों ने युवाओं की नब्ज पकड़ी की सबसे ज्यादा उनकी रुचि किस में है और इस खेल में सट्टा ले आए और अब खूब फल फूल रहा है। इसके कारण कई युवा बर्बाद होने के साथ कई परिवार देवास से पलायन कर चुके हैं और देश में तो कई बर्बाद होने के बाद आत्महत्या तक का कदम उठा रहे हैं। रातों-रात एक और खाईवाल रोड पति से करोड़पति बन जाता है और करोड़पति सड़क पर आ जाता है। लंबे समय बाद पुलिस ने क्रिकेट के सट्टे में हाथ डाला है तो अब लगातार कार्रवाई चलती रहेगी तो कम से कम हमें हमारे देवास के युवाओं को तो इससे मुक्ति मिलेगी। देवास में सट्टे का यह आलम है कि दूर-दूर से प्रदेश के लोग यहां पर आने लगे थे । ग्रामीण क्षेत्र में चौकी तो सट्टे के कारण ही प्रभारी की पसंद रही है। और सटोरियों की भी शहरी क्षेत्र में अभी 2024 में कम से कम दबे छुपे चल रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी सट्टा शबाब पर है। जहां पर कार्रवाई की अति आवश्यकता है अभी तो पुलिस को छोटी सी कार्रवाई पर भी बधाई की कम से कम इस और ध्यान तो दिया यह युवाओं को बर्बाद करने वाला खेल है।

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