देवास में अवैध कॉलोनी के खिलाफ मीडिया द्वारा मामला उठाए जाने के बाद देवास महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल द्वारा ऐसे कॉलोनी नजर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे जिसके बाद नगर निगम प्रशासन जांच करने के बाद पहले चरण में कुछ अवैध कॉलोनी नाइजर के खिलाफ कार्रवाई की है।नगर निगम देवास द्वारा निगम सीमा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से जिन कालोनाईजर द्वारा विकास कार्य किये जा रहे है, उनके विरूद्ध सख्ती से निगम द्वारा कार्यवाही प्रारंभ की गई है। इस संबंध मे आयुक्त रजनीश कसेरा ने बताया कि निगम सीमा क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से जिन कालोनाईजर द्वारा अनाधिकृत कालोनी में विकास कार्य किये जा रहे है नियमों के अंतर्गत ऐसी अनाधिकृत कालोनी के कालोनाईजरों को पूर्व में भी सूचना पत्र जारी किये गये है एवं जो वर्तमान में ऐसी कालोनी जो संज्ञान में आयी है क्रमशः कालोनाईजर श्री सदनसिंह ग्राम बिलावली, श्री जीवनसिंह ग्राम बिलावली, श्री शकील शाह ग्राम ब्राहम्णखेडा, श्री दशरथ रंजीत बारोड ब्राम्हणखेडा जिनके द्वारा बिना अनुमति के विकास कार्य प्रारंभ किये गये है उनके विरूद्ध नियमानुसार सूचना पत्र जारी किये गये है तथा श्री इमरान ग्राम ईटावा, श्रीमती कलाबाई ग्राम ईटावा, श्री प्रहलाद ग्राम ईटावा, श्री असरार ग्राम ईटावा, श्री अब्दुल हमीद ग्राम ईटावा , श्री मनोहर ग्राम ब्राहम्णखेडा, श्री पंुजराज ग्राम जेतपुरा की कालोनीयों के भूखण्ड धारकों को सूचना पत्र जारी किये जाकर क्रय विक्रय के संबंध में समाचार भी प्रकाशित किये गये है तथा राजिस्टार उपपंजीयक को भी इस संबंध में इन कालोनी में किसी भी प्रकार का उक्त अनाधिकृत कालोनी की भूमि में किसी भी तरह के कोई भी व्यक्ति संस्था को भूखण्ड आदि अंतरण न करे सर्वसाधारण को सूचित भी किया गया है। उक्त कार्यवाही निरंतर चलेगी इस संबंध में सतत् निगरानी के लिये वार्ड उपयंत्रीयो को आदेश जारी कर इस कार्य हेतु विशेष रूप से पाबंद किया गया है एवं नियमों के अनुरूप त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है एवं शीघ्र ही नियमों के अनुरूप अवैध कालोनीयों के विकास कार्य को हटाया जावेगा एवं संबंधित कालोनाईजरों के विरूद्ध पुलिस थानों में पुलिस प्राथमिकी भी दर्ज की जावेगी।
नगर निगम द्वारा भी केवल इन क्षेत्र में कार्रवाई की है क्या पूरे देवास क्षेत्र में नगर निगम कार्रवाई कर पाएगा या राजनीति हस्तक्षेप या अन्य कारण से मामला यहीं पर समाप्त हो जाएगा।
अवैध रूप से काटी गई कॉलोनी में सबसे ज्यादा दिक्कत आती है आम जनता को तो उतनी ही जनप्रतिनिधि को भी खासकर क्षेत्र के पार्षद को । कॉलोनाइजर अगर पूरी विकसित कॉलोनी कर प्लाट काटे तो आम जनता को और स्वयं काली नजर को भी कभी दिक्कत नहीं आएगी लेकिन थोड़े से लाभ और जल्दबाजी के कारण यह सब हो रहा है।
