‘‘पैसे डबल करने का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को हुई सजा

पैसे डबल करने का प्रलोभन देने वाली कंपनी का जाल पूरे प्रदेश में फैला हुआ है आज एक ऐसे ही मामले में आरोपियों को न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई है देवास जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीराजेन्द्र सिंह भदौरिया ने इस प्रकरण की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि अभियोजन प्रकरण इस प्रकार है । कि आरोपीगण द्वारा कार्पोरेट कार्य मंत्रालय ग्वालियर में बीएनपी इंष्योरेन्स एण्ड इंवेस्टमेंट सर्विस इंडिया लिमिटेड एवं बीएनपी इंडिया डेव्लोपर्स एण्ड इफ्राइस्ट्रक्चर प्रायवेट लिमिटेड कंपनियों के नाम से रजिस्ट्रेषन प्राप्त किये थे। उक्त कंपनियों के लिए धन प्राप्ति हेतु आरोपीगण ने एजेन्ट नियुक्त किये थे । जिनके द्वारा फरियादियों एवं अन्य लोगों से धन एकत्रित कर, लोगों को बदले में पांच वर्ष में धन डबल करने का लालच देकर पालिसियां दी गई व फरियादी संतोष चौहान से रूपये प्राप्त किये तथा एजेन्टों को कमिषन व वेतन देकर आराेिपयों द्वारा पालिसियों की अवधि पूर्ण होने पर भी उन्हें रूपये वापस नही किये एवं पैसे इकट्ठा कर कंपनियों का उज्जैन स्थित ऑफिस बंद कर कंपनी के संचालक एवं एजेन्ट ने फरियादी व अन्य लोगों के साथ धोखधड़ी की। फरियादी द्वारा थाने पर षिकायत दर्ज करायी गई। पुलिस थाना सिविल लाईन द्वारा प्रकरण में अनुसंधान पूर्ण कर अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीष महोदय, जिला देवास (समक्षः-श्री मनीष सिंह ठाकुर साहब) द्वारा निर्णय पारित कर आरोपीगण राघवेन्द्र पिता गौरीचरण नरवरिया एवं दयानंद पिता करण सिंह को दोषी पाते हुये धारा 420,120-बी भा.द.स. में 04-04 वर्ष का सश्रम कारावास व 25000-25000/- रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। उक्त प्रकरण में शासन की और से कुषल पैरवी श्री जगजीवनराम सवासिया, एडीपीओ जिला देवास द्वारा की गई तथा कोर्ट मोहर्रिर प्रधान आरक्षक श्याम आंजना का विषेष सहयोग रहा।                                                                                                                                        

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