दिव्यांग से दो साल तक काम करवाया, पैसे मांगे तो कहा जान से मार दूंगा क्षेत्रीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रानी सिंह की मदद से जनसुनवाई में लगाई गुहार  

देवास। मेहनतकश मजदूर के पैसे खाना आम बात हो गई है लेकिन मेहनतकश दिव्यांग के पैसे भी अगर रसूखदार लोग खाने लगे तो वह मजबूर कहां जाए ऐसे ही तोल सिंह भील पिता नारू सिंह भील वर्तमान निवासी अनवटपूरा देवास ने क्षेत्रीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रानी सिंह की मदद से जनसुनवाई में जिलाधीश को आवेदन दिया जिसमें बताया गया कि भोपाल बाईपास पर बने ढाबे जिसका पुराना नाम हिंदुस्तान ढाबा वर्तमान नाम में 5 स्टार ढाबा के नाम से संचालित है। ढाबे के मालिक हारून अली द्वारा मुझे यह बोल कर काम पर रखा गया की मेरे ढाबे पर बर्तन धोने तथा छोटे मोटे काम जो मुझ से हो जाए वह कर देना जिसके बदले मुझे खाना खिलाने के साथ साथ 4000 रु महीना देंगे पर जब भी मैं उनसे अपने पगार के रू मांगता था तो वो मुझे यह बोल कर टाल देते की अगले महीने ले लेना ऐसे बोलते बोलते उन्होंने 2 साल तक मुझे कोई रुपए नहीं दिए और मजबूरन मुझे वहां से काम छोड़ना पड़ा। मेरी मेहनत, मजदुरी के रूपये खाना का खर्च काट कर 36,000 रू. बाकी है जो ढाबा संचालक हारून अली ने आज दिनांक तक नहीं दिए हैं। मैं अपनी मजदूरी मांगता हूं तो कहता हैं कि ढाबे के आसपास भी मत दिख जाना नहीं तो ट्रक के नीचे फेंक कर तुझे जान से खत्म कर दूंगा। मैं तथा मेरी पत्नी दोनो ही दिव्यांग है तथा वर्तमान में 1 माह पूर्व मुझे एक पुत्र भी हुआ है जिसके भविष्य को ध्यान में रखते हुवे उसके पालन पोषण हेतु मुझे मेरी मेहनत के 36,000 रू. जो की मेरी दो वर्ष के मेहनत के है मुझे दिलवाने की कृपा करे। साथ ही मुझे तथा मेरे परिवार को हारून अली से सुरक्षा प्रदान करें क्योंकि मुझे और मेरे परिवार की जान को हारून अली से खतरा है। ऐसे में इनको न्याय दिलाने के लिए आंगनवाडी कार्यकर्ता रानीसिंह आगे आई और रानी सिंह ने ने जिलाधीश से दिव्यांग पति पत्नी का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर उन्हें दिव्यांगों को मिलने वाली सहायता दिलाने का आग्रह किया।

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