देवास शाजापुर संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने आखिर अपना पूर्ण विश्वास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी पर जताते हुए एक बार फिर उनको देवास सांसद का टिकट देकर जताया है। आखिर भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने महेंद्र सिंह सोलंकी को ही क्यों मौका दिया ।जबकि इस बार देवास जिले में सबसे ज्यादा दावेदार थे सांसद टिकट के। भारतीय जनता पार्टी में पहली बार 50 से अधिक दावेदार थे तो कई इतनी मजबूत दावेदार थे कि लग रहा था कि इनका ही टिकट फाइनल है इस बार महेंद्र सिंह सोलंकी का टिकट कट सकता है। विरोधी तो अपनी शिकायतों के आधार पर यह मानकर बैठे थे कि इस बार हमारी पसंद के के नेता को ही टिकट मिलेगा और सांसद पर भी हमारे अपने समर्थक नेता को ही टिकट मिलेगा। परंतु पार्टी संगठन ने सभी शिकायत को दरकिनार करते हुए एक तरफा सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की कार्यप्रणाली पर विश्वास जताते हुए पहली सूची में ही उनका नाम देकर यह संकेत दिया है कि आगे और कुछ इनको अच्छा केंद्र में दिया जा सकता है। अब बात करें शिकायत की तो पहली बार किसी सांसद की अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता और विधायक स्तर पर लगभग 2000 शिकायत केंद्रीय नेतृत्व को पहुंचाई थी और एक नहीं लगभग पांच विधानसभा से सर्वाधिक शिकायतें पोस्ट की गई थी। भाजपा नेताओं की अपनी नाराजगी थी और विरोधी गुट किसी भी हालत में इनका टिकट नहीं चाहता था। अब विरोधियों के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने झटका दिया है क्योंकि पहली सूची में नाम होना अपने आप में बड़ी बात है। और वह भी जब-जब अच्छे-अच्छे के टिकट कट गए हो। सबसे ज्यादा दुखी तो दावेदार है कहीं दावेदार तो वर्षों से सांसद के लिए प्रयासरत है पहले हुए विधानसभा के टिकट के लिए प्रबल दावेदार रहते हैं और लगता है कि इनका टिकट हो ही जाएगा उनका स्वयं को और उनके समर्थकों को। लेकिन भैया जी का टिकट ना तो विधानसभा में ना लोकसभा में और ना कोई उनको संगठन ने बड़ा पद दिया ऐसे में अब दुखी होने के अलावा कर भी क्या सकते हैं जिले में ऐसे कई नेता है तो कई बाहरी नेता है। इंदौर उज्जैन तक के दावेदार देवास में सांसद और विधायक की दावेदारी करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और होता भी है कि इंदौर या उज्जैन या आसपास के नेता को संसद या विधायक का टिकट मिला भी है और जीते भी है लेकिन 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने स्थानीय व्यक्ति महेंद्र सिंह सोलंकी जो की महत्वपूर्ण पद न्यायाधीश की नौकरी छोड़कर राजनीति में सेवा के लिए आए थे और सेवा के हिसाब से ही उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया प्रारंभ में तो ऐसा लग रहा था कि महेंद्र सिंह सोलंकी अपना जज का प्रभाव नहीं छोड़ना चाहते लेकिन धीरे-धीरे जब वह गरीब जरूरतमंद के बीच और आम जनता से घूमने मिलने लगे तो उनकी छवि अलग बन गई। अपने सिद्धांत और विचार पर ही अपनी राजनीति की कार्य शैली निर्धारित कर आगे बढ़ाने वाले खासकर हिंदुत्व के लिए पूर्ण समर्पित महेंद्र सिंह सोलंकी की छवि हिंदू वीर के रूप में बन गई। वर्षों बाद इतनी बड़े पद पर किसी व्यक्ति ने हिंदुत्व के लिए खुले रूप से आवाज उठाई और छोटी से लेकर बड़ी बात पर अपनी बात दबंगता के साथ रखना और उसे हल भी करवाना। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी को जुझारू पंगे लेने वाला नेता भी कहा जाता है इन्होंने कांग्रेस सरकार में तत्कालीन मंत्री से पंगा लिया और एक देवास में सुभाष चौक की गुमटी पुलिस अधीक्षक द्वारा लगाई गई थी उसे न्यायालय द्वारा आदेश पारित करवा कर हटा ही दिया ऐसे कहीं प्रकरण थे जिसमें विपक्ष में भी सोलंकी खुलकर लड़े तो सत्ता में आने के बाद सीधे आम जनता से संपर्क में रहे और खासकर युवाओं में हिंदुत्व के लिए उनकी एक अलग छवि बन गई और यही छवि धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में इनको अलग पहचान मिली। जब पूरे प्रदेश में पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व के मुद्द पर चुनाव लड़ रही है और इस मुद्दे पर आगे बढ़ रही है तब देवास के सांसद ने भी पूरे 5 वर्ष देवास में विकास कार्य के साथ हिंदुत्व का मुद्दा मुख्य रूप से रखा है इस कारण वह कहीं नेताओं से दूर भी हो गए लेकिन अपने सिद्धांत और विचारधारा पर अड़े रहे। देवास में अभी सबसे अच्छी शुरुआत इनके द्वारा मां चामुंडा टेकरी पर प्रति शनिवार रविवार को आरती और भंडारे का आयोजन रखकर संस्था देववासिनी के माध्यम से की है वह भी एक ऐसी शुरुआत है जो भक्तों को सीधे-सीधे मां चामुंडा टेकरी से जोड़ रही है खासकर दूर दराज कॉलोनी मोहल्ले वाले जब एक साथ भजन करते हुए मां चामुंडा टेकरी पर मां के दर्शन करते हैं और साथ में भंडारे में भोजन का आनंद लेते हैं तो वार्ड और समूह मां चामुंडा टेकरी पर महा आरती कर संसद के इस कार्य की सराहना करता है अब देवास में शनिवार और रविवार धर्म के क्षेत्र में एक साथ मिलने का स्थान मां चामुंडा की टेकरी पर हो गया है । सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के बारे में चर्चा बाद में अभी तो बस इतनी सी बात है कि वह इतने विरोध के बाद भी केंद्रीय नेतृत्व ने सबको झटका देते हुए इन पर विश्वास जताया है। विरोधियों खेमे में और जिनको टिकट नहीं मिला उनको भले ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का फैसला पसंद ना हो लेकिन देवास की जनता और खासकर युवा वर्ग में बड़ी संख्या में खुशी की लहर है। भारतीय जनता पार्टी में इस टिकट से कई समीकरण बिगड़ने के बाद बदल गए हैं। अब महेंद्र सिंह सोलंकी के पास दूसरी पारी है और समर्थक खुले रूप से साथ है तो विरोधी इस अंदाज में कार्य करेंगे खैर इस बार मोदी लहर के कारण चुनाव थोड़ा आसान जरूर है लेकिन सांसद की अपने व्यवहार के कारण कुछ कमियां जरूर है जिसे इस पारी में उन्हें दूर कर लेना चाहिए क्योंकि प्रदेश और देश स्तर पर पहचान बनाने के साथ अपने अपने संगठन और अपने साथियों में भी एक अलग पहचान व्यवहार से भी होती है कड़क और रूडी व्यवहार के कारण कई समर्थक पास आने के बाद भी दूर हो गए हैं अब चुनाव के बाद या पहले इनको अपने व्यवहार में भी बदलाव लाना होगा । अभी तो युवाओं में लहर चल रही है बस जीत हार का अंतर बढ़ता है या कम होता है इस बार यह काउंट होगा। क्योंकि इनकी लीड विधानसभा में जीतने वाले की लीड के ऊपर जाती है तो उस पर भी प्रभाव होगा वैसे इस बार ऐतिहासिक मतों से जीतने के लिए पार्टी और समर्थक पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रहे हैं।
भारी विरोध के बाद भी केंद्रीय नेतृत्व ने महेंद्र सिंह सोलंकी पर जताया भरोसा, कहीं खुशी कहीं गम का माहौल
