निगम में वर्षो से डटे अधिकारियों का हो स्थानांतरण- पार्षद बिंदेश्वरी राज वर्मा

देवास। नगर निगम जनसुनवाई के दौरान पार्षद पति राज वर्मा व निगम स्वास्थ्य अधिकारी जितेन्द्र सिसोदिया के बीच हुए विवाद के दो दिन पूर्व वार्ड क्रं. 03 पार्षद बिंदेश्वरी राज वर्मा ने आयुक्त रजनीश कसेरा एवं सभापति रवि जैन और 7 फरवरी को महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल को निगम में वर्षो से डटे अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर आवेदन दिया था। पार्षद श्रीमती वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नगर निगम परिसर में महापौर जनसुनवाई चल रही थी। जनसुनवाई में उपस्थित महापौर गीता अग्रवाल, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल एवं निगम के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया भी वहा मौजूद थे। महापौर जनसुनवाई तकरीबन समाप्त होने वाली थी। इस बीच पार्षद बिंदेश्वरी राज वर्मा ने स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया से कहा कि मेरे वार्ड में स्वास्थ्य कर्मचारी पहले से ही कम है, उसके बावजूद भी आपके द्वारा एक सफाई कर्मी को मेरे बिना संज्ञान में लाए स्थानांतरण कर दिया गया। वहीं एक ओर कर्मचारी को निगम में लगा दिया गया। जिस कारण वार्ड में सफाई की समस्या उत्पन्न हो रही है। पिछली तीन परिषद की बैठको में मेरे द्वारा लगातार इस प्रश्न को उठाया जा रहा है। उसके बावजूद समस्या का स्थाई निराकरण नही हो पाया। स्वास्थ्य अधिकारी सिसोदिया द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर जितेन्द्र सिसोदिया उत्तेजित होकर मुझ महिला पार्षद के साथ अमर्यादित भाषा में ऊंची आवाज में बात करने लगे। इस बीच जनसुनवाई में मेरे पति आम नागरिक की हैसियत से वार्ड की किसी समस्या को लेकर आए थे। मेरी एवं स्वास्थ्य अधिकारी की बहस सुनकर वह भी उठ खडे हुए और देखा की स्वास्थ्य अधिकारी श्री सिसोदिया एक महिला पार्षद अमर्यादित भाषा में बात कर रहे है। जबकि देवास की प्रथम नागरिक भी एक महिला है। पार्षद श्रीमती वर्मा ने कहा कि मैं स्वयं वार्ड की प्रथम नागरिक होकर महिला पार्षद हूँ। घटनाक्रम के दौरान कुछ महिला अधिकारी भी वहां उपस्थित थी।  इन सभी महिला अधिकारियों के बीच श्री सिसोदिया द्वारा इस तरह की अमर्यादित भाषा का उपयोग किया गया। पार्षद श्रीमती वर्मा ने कहा कि मैं मतदाताओं द्वारा चुनी गई एक जनप्रतिनिधि हूं। उसके बावजूद निगम में वर्षों से जमे स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इस तरीके की भाषा का उपयोग किया जाना कहा तक उचित है। पार्षद बिंदेश्वरी वर्मा ने मांग की है कि है कि निगम में स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया, सहायक यंत्री सौरभ त्रिपाठी एवं सहायक यंत्री उद्यान प्रभारी निगम विजय जाधव वर्षो से निगम में डटे हुए है। जिनका स्थानांतरण अन्यत्र जगह पर होना चाहिए। साथ ही इन तीनों अधिकारी के कार्यकाल में हुए कार्यों की सूक्ष्म जांच होना चाहिए। जनसुनवाई के दो दिन पूर्व वार्ड की समस्या को लेकर आयुक्त व सभापति को आवेदन देकर शिकायत की थी। जिससे विचलित होकर जनसुनवाई के दिन इन अधिकारियों ने घटनाक्रम को अंजाम दिया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानांतरण एवं जांच से बचने के लिए अधिकारियों द्वारा षडयंत्र पूर्वक इस तरीके की हरकत की गई और मेरी व मेरे पति की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया।

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